बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की प्रशिक्षित हथिनी गायत्री की मौत से मचा हड़कंप-पार्क प्रबंधन पर सवाल। 💥 *गायत्री की मौत से हड़कंप,एन्थ्रेक्स की आशंका ने बढ़ाई चिंता* विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व से एक चिंताजनक खबर सामने आई है,जहां 28 अप्रैल 2026 को साढ़े चार वर्षीय मादा कैंप हाथी “गायत्री” की अचानक मृत्यु हो गई। इस घटना ने वन महकमे के साथ-साथ वन्यजीव प्रेमियों में भी हलचल मचा दी है।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मौत से पहले हाथी में दस्त (डायरिया) के लक्षण देखे गए थे, जो बाद में गंभीर रूप लेते हुए मल द्वार से रक्तस्राव तक पहुंच गए।हालात को देखते हुए जबलपुर से विशेष वन्यजीव चिकित्सकीय दल को तत्काल बुलाया गया।चिकित्सकों की प्रारंभिक रिपोर्ट में इस मौत के पीछे एन्थ्रेक्स जैसी खतरनाक बीमारी की आशंका जताई गई है।स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए प्रबंधन ने बिना देर किए केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट एलीफेंट प्रभाग द्वारा निर्धारित एसओपी लागू कर दी।संक्रमण के खतरे को रोकने के लिए मादा हाथी के शव का वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित दहन किया गया,ताकि बीमारी के संभावित प्रसार पर रोक लगाई जा सके।इस पूरी प्रक्रिया के दौरान क्षेत्र संचालक महेंद्र प्रताप सिंह,एनटीसीए के प्रतिनिधि डॉ. ज्ञानेंद्र प्रजापति, सरपंच सालेहा खान,डॉ. काजल जाधव सहित अन्य अधिकृत प्रतिनिधि मौजूद रहे।वहीं जिला चिकित्सा एवं पशु चिकित्सा अधिकारियों को अलर्ट करते हुए संबंधित लोगों के टीकाकरण और आवश्यक गाइडलाइन के पालन के निर्देश भी जारी किए गए हैं।वन विभाग अब पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाते हुए हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए है।गायत्री’ की असमय मौत ने जहां एक खालीपन छोड़ा है, वहीं एन्थ्रेक्स की आशंका ने सुरक्षा व्यवस्था को और ज्यादा सख्त कर दिया है।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की प्रशिक्षित हथिनी गायत्री की मौत से मचा हड़कंप-पार्क प्रबंधन पर सवाल। 💥 *गायत्री की मौत से हड़कंप,एन्थ्रेक्स की आशंका ने बढ़ाई चिंता* विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व से एक चिंताजनक खबर सामने आई है,जहां 28 अप्रैल 2026 को साढ़े चार वर्षीय मादा कैंप हाथी “गायत्री” की अचानक मृत्यु हो गई। इस घटना ने वन महकमे के साथ-साथ वन्यजीव प्रेमियों में भी हलचल मचा दी है।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मौत से पहले हाथी में दस्त (डायरिया) के लक्षण देखे गए थे, जो बाद में गंभीर रूप लेते
हुए मल द्वार से रक्तस्राव तक पहुंच गए।हालात को देखते हुए जबलपुर से विशेष वन्यजीव चिकित्सकीय दल को तत्काल बुलाया गया।चिकित्सकों की प्रारंभिक रिपोर्ट में इस मौत के पीछे एन्थ्रेक्स जैसी खतरनाक बीमारी की आशंका जताई गई है।स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए प्रबंधन ने बिना देर किए केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट एलीफेंट प्रभाग द्वारा निर्धारित एसओपी लागू कर दी।संक्रमण के खतरे को रोकने के लिए मादा हाथी के शव का वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित दहन किया गया,ताकि बीमारी के संभावित प्रसार पर रोक लगाई जा सके।इस पूरी
प्रक्रिया के दौरान क्षेत्र संचालक महेंद्र प्रताप सिंह,एनटीसीए के प्रतिनिधि डॉ. ज्ञानेंद्र प्रजापति, सरपंच सालेहा खान,डॉ. काजल जाधव सहित अन्य अधिकृत प्रतिनिधि मौजूद रहे।वहीं जिला चिकित्सा एवं पशु चिकित्सा अधिकारियों को अलर्ट करते हुए संबंधित लोगों के टीकाकरण और आवश्यक गाइडलाइन के पालन के निर्देश भी जारी किए गए हैं।वन विभाग अब पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाते हुए हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए है।गायत्री’ की असमय मौत ने जहां एक खालीपन छोड़ा है, वहीं एन्थ्रेक्स की आशंका ने सुरक्षा व्यवस्था को और ज्यादा सख्त कर दिया है।
- 💥 *गायत्री की मौत से हड़कंप,एन्थ्रेक्स की आशंका ने बढ़ाई चिंता* विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व से एक चिंताजनक खबर सामने आई है,जहां 28 अप्रैल 2026 को साढ़े चार वर्षीय मादा कैंप हाथी “गायत्री” की अचानक मृत्यु हो गई। इस घटना ने वन महकमे के साथ-साथ वन्यजीव प्रेमियों में भी हलचल मचा दी है।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मौत से पहले हाथी में दस्त (डायरिया) के लक्षण देखे गए थे, जो बाद में गंभीर रूप लेते हुए मल द्वार से रक्तस्राव तक पहुंच गए।हालात को देखते हुए जबलपुर से विशेष वन्यजीव चिकित्सकीय दल को तत्काल बुलाया गया।चिकित्सकों की प्रारंभिक रिपोर्ट में इस मौत के पीछे एन्थ्रेक्स जैसी खतरनाक बीमारी की आशंका जताई गई है।स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए प्रबंधन ने बिना देर किए केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट एलीफेंट प्रभाग द्वारा निर्धारित एसओपी लागू कर दी।संक्रमण के खतरे को रोकने के लिए मादा हाथी के शव का वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित दहन किया गया,ताकि बीमारी के संभावित प्रसार पर रोक लगाई जा सके।इस पूरी प्रक्रिया के दौरान क्षेत्र संचालक महेंद्र प्रताप सिंह,एनटीसीए के प्रतिनिधि डॉ. ज्ञानेंद्र प्रजापति, सरपंच सालेहा खान,डॉ. काजल जाधव सहित अन्य अधिकृत प्रतिनिधि मौजूद रहे।वहीं जिला चिकित्सा एवं पशु चिकित्सा अधिकारियों को अलर्ट करते हुए संबंधित लोगों के टीकाकरण और आवश्यक गाइडलाइन के पालन के निर्देश भी जारी किए गए हैं।वन विभाग अब पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाते हुए हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए है।गायत्री’ की असमय मौत ने जहां एक खालीपन छोड़ा है, वहीं एन्थ्रेक्स की आशंका ने सुरक्षा व्यवस्था को और ज्यादा सख्त कर दिया है।3
- 💥 *गायत्री की मौत से हड़कंप,एन्थ्रेक्स की आशंका ने बढ़ाई चिंता* विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व से एक चिंताजनक खबर सामने आई है,जहां 28 अप्रैल 2026 को साढ़े चार वर्षीय मादा कैंप हाथी “गायत्री” की अचानक मृत्यु हो गई। इस घटना ने वन महकमे के साथ-साथ वन्यजीव प्रेमियों में भी हलचल मचा दी है।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मौत से पहले हाथी में दस्त (डायरिया) के लक्षण देखे गए थे, जो बाद में गंभीर रूप लेते हुए मल द्वार से रक्तस्राव तक पहुंच गए।हालात को देखते हुए जबलपुर से विशेष वन्यजीव चिकित्सकीय दल को तत्काल बुलाया गया।चिकित्सकों की प्रारंभिक रिपोर्ट में इस मौत के पीछे एन्थ्रेक्स जैसी खतरनाक बीमारी की आशंका जताई गई है।स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए प्रबंधन ने बिना देर किए केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट एलीफेंट प्रभाग द्वारा निर्धारित एसओपी लागू कर दी।संक्रमण के खतरे को रोकने के लिए मादा हाथी के शव का वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित दहन किया गया,ताकि बीमारी के संभावित प्रसार पर रोक लगाई जा सके।इस पूरी प्रक्रिया के दौरान क्षेत्र संचालक महेंद्र प्रताप सिंह,एनटीसीए के प्रतिनिधि डॉ. ज्ञानेंद्र प्रजापति, सरपंच सालेहा खान,डॉ. काजल जाधव सहित अन्य अधिकृत प्रतिनिधि मौजूद रहे।वहीं जिला चिकित्सा एवं पशु चिकित्सा अधिकारियों को अलर्ट करते हुए संबंधित लोगों के टीकाकरण और आवश्यक गाइडलाइन के पालन के निर्देश भी जारी किए गए हैं।वन विभाग अब पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाते हुए हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए है।गायत्री’ की असमय मौत ने जहां एक खालीपन छोड़ा है, वहीं एन्थ्रेक्स की आशंका ने सुरक्षा व्यवस्था को और ज्यादा सख्त कर दिया है।1
- मध्यप्रदेश के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। कान्हा टाइगर रिजर्व में विलुप्त हो चुके जंगली भैंसों की वापसी हुई है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के साथ मध्यप्रदेश और असम के बीच वन्यजीव आदान-प्रदान का नया अध्याय जुड़ रहा है। - मुख्यमंत्री Dr Mohan Yadav CM Madhya Pradesh Kaziranga National Park & Tiger Reserve1
- टिकरी इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक तेज रफ्तार बलकर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे के तुरंत बाद वाहन में भीषण आग भड़क उठी, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। आग की लपटों में चालक फंस गया, जिसे बचाने के लिए मौके पर मौजूद लोग जान जोखिम में डालकर जुट गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और मड़वास तहसीलदार को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम और तहसीलदार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य तेज कर दिया गया। ड्राइवर को सुरक्षित निकालने की कोशिश लगातार जारी है। 👉 हादसे की वजह तेज रफ्तार और वाहन का नियंत्रण खोना बताया जा रहा है। 👉 आग इतनी भीषण थी कि दूर से ही धुएं का गुबार दिखाई देने लगा। 📌 फिलहाल स्थिति गंभीर, प्रशासन अलर्ट—हर पल की अपडेट पर नजर1
- उमरिया में किराए के लाइसेंस पर चल रहे मेडिकल स्टोर, नियमों की खुली अनदेखी मध्यप्रदेश के उमरिया जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही की खबर सामने आई है। यहां मेडिकल स्टोरों के संचालन में नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। आरोप है कि जिले में कई मेडिकल स्टोर किराए के फार्मासिस्ट लाइसेंस पर चल रहे हैं, जहां न तो पंजीकृत फार्मासिस्ट मौजूद रहते हैं और न ही दवा वितरण के नियमों का पालन किया जा रहा है। उमरिया जिले के बिलासपुर बस स्टैंड क्षेत्र में एक मेडिकल स्टोर शासकीय भूमि पर संचालित बताया जा रहा है, जहां फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दवाइयों का खुलेआम वितरण किया जा रहा है। वहीं निगहरी स्थित शिव मेडिकल भी कथित रूप से किराए के लाइसेंस पर संचालित हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इन मेडिकल स्टोरों में सिर्फ दवाइयों की बिक्री ही नहीं, बल्कि इंजेक्शन और ड्रिप लगाकर मरीजों का इलाज भी किया जा रहा है, जो कि नियमों के विरुद्ध है। सबसे गंभीर बात यह है कि बिना डॉक्टर की पर्ची के ही लोगों को दवाइयां दी जा रही हैं, जिससे स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ सकता है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से इन अवैध रूप से संचालित मेडिकल स्टोरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह लापरवाही किसी बड़ी घटना का कारण बन सकती है। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेता है और कब तक कार्रवाई करता है।4
- ♦️इंदिरा नगर बारात कांड♦️ 🔴 आखिर और कितना बारात पीड़ितों को न्याय पाने के लिए सड़कों पर उतरना होगा धरना प्रदर्शन करना होगा तब जाकर यह सरकार सुनेगी । 🔴1
- *स्वास्थ्य विभाग में बड़ी प्रशासनिक उथल-पुथल*** -नरसिंहपुर जिला अस्पताल के स्वास्थ्य महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. रिचा मिश्रा को अचानक उनके पद से मुक्त कर दिया गया। एक तरफ जहाँ मध्य प्रदेश सरकार **महिला सशक्तिकरण** *का नारा बुलंद कर रही है, वहीं नरसिंहपुर में* **महिलाओं को पदों से हटाने का सिलसिला सवाल खड़े कर रहा है* *बीते एक वर्ष से निष्ठापूर्वक सेवाएं दे रहीं डॉ. रिचा मिश्रा को हटाकर अब **डॉ. गणेश भनारिया** *को नया BMO नियुक्त* *किया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि डॉ. भनारिया* *पूर्व में कई बार* **भ्रष्टाचार और गंभीर अनियमितताओं** *के आरोपों से* *घिरे रहे हैं। ऐसे में एक बेदाग* *महिला अधिकारी को* *हटाकर विवादित छवि वाले व्यक्ति को* *कमान सौंपना, जिला** *चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्णय और अस्पताल की *आंतरिक राजनीति* *को कठघरे में खड़ा* *करता है। बिना किसी पूर्व सूचना या ठोस कारण के हुई इस कार्रवाई* *से विभाग में भारी* *आक्रोश है।* **[ *बाईट - डॉ. रिचा मिश्रा, दंत चिकित्सक]*** > *"यह निर्णय मेरे लिए अत्यंत आश्चर्यजनक है। पिछले एक* *साल से मैं अपनी सेवाएं दे रही थी, लेकिन बिना किसी गलती के* *अचानक हटा दिया जाना समझ से परे हैं* > *अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इस "विवादास्पद* *फेरबदल" पर कोई स्पष्टीकरण देता है या भ्रष्टाचार के आरोपों को दरकिनार कर यह नियुक्ति बरकरार रहेगी।*3
- उमरिया बांधवगढ़ से रवि कश्यप की रिपोर्ट उमरिया जिले भर के आय आवेदनों का जिला कलेक्टर उमरिया राखी सहाय ने जनसुनवाई में सभी की समस्या का निराकरण किया गया, एवं कार्य वही करने के आदेश दिया1