सीतापुर के महोली कोतवाली क्षेत्र के पैलाकीसा गांव में शनिवार देर रात सरकारी स्ट्रीट लाइट जलाने को लेकर खूनी संघर्ष हो गया। दबंगों ने एक परिवार पर हमला बोलते हुए घर में घुसकर बेरहमी से मारपीट की। इस हमले में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि उनके दिव्यांग बेटे का हाथ टूट गया, जिससे पूरे गांव में तनाव का माहौल बन गया। पीड़ित ओमप्रकाश मौर्य के अनुसार, शनिवार रात करीब 10 बजे उन्होंने अपने घर के बाहर लगी सरकारी स्ट्रीट लाइट जलाई थी। इसी बात से नाराज होकर पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे और दावा करने लगे कि यह लाइट उनकी सिफारिश पर लगवाई गई है। आरोप है कि रामशंकर, अमित, सुप्रीत, दरबारी, इंद्रजीत, राजू, सूरज, रामहेत और शिशुपाल सहित कई लोगों ने पहले ओमप्रकाश की पिटाई की। जब उनकी पत्नी लज्जा देवी (45) और दिव्यांग पुत्र सुरजीत (21) बीच-बचाव के लिए आए, तो हमलावरों ने घर में घुसकर डंडों से उन पर हमला कर दिया और घर का घेराव कर पथराव भी किया। इस हमले में सिर पर गंभीर चोट लगने से लज्जा देवी बेहोश होकर गिर पड़ीं, जबकि सुरजीत का हाथ टूट गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची 112 पुलिस की गाड़ी से पुलिसकर्मी नीचे तक नहीं उतरे। इसके अलावा, हमलावरों ने घायलों को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस का रास्ता भी रोकने का प्रयास किया। बाद में कोतवाली से अतिरिक्त पुलिस बल के पहुंचने पर आरोपी वहां से फरार हो गए। घायल लज्जा देवी को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल और फिर गंभीर हालत में लखनऊ रेफर किया गया है, जबकि सुरजीत का इलाज जारी है। अपराध निरीक्षक धीरज शुक्ला ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और तहरीर के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सीतापुर के महोली कोतवाली क्षेत्र के पैलाकीसा गांव में शनिवार देर रात सरकारी स्ट्रीट लाइट जलाने को लेकर खूनी संघर्ष हो गया। दबंगों ने एक परिवार पर हमला बोलते हुए घर में घुसकर बेरहमी से मारपीट की। इस हमले में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि उनके दिव्यांग बेटे का हाथ टूट गया, जिससे पूरे गांव में तनाव का माहौल बन गया। पीड़ित ओमप्रकाश मौर्य के अनुसार, शनिवार रात करीब 10 बजे उन्होंने अपने घर के बाहर लगी सरकारी स्ट्रीट लाइट जलाई थी। इसी बात से नाराज होकर पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे और दावा करने लगे कि यह लाइट उनकी सिफारिश पर लगवाई गई है। आरोप है कि रामशंकर, अमित, सुप्रीत, दरबारी, इंद्रजीत, राजू, सूरज, रामहेत और शिशुपाल सहित कई लोगों ने पहले ओमप्रकाश की पिटाई की। जब उनकी पत्नी लज्जा देवी (45) और दिव्यांग पुत्र सुरजीत (21) बीच-बचाव के लिए आए, तो हमलावरों ने घर में घुसकर डंडों से उन पर हमला कर दिया और घर का घेराव कर पथराव भी किया। इस हमले में सिर पर गंभीर चोट लगने से लज्जा देवी बेहोश होकर गिर पड़ीं, जबकि सुरजीत का हाथ टूट गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची 112 पुलिस की गाड़ी से पुलिसकर्मी नीचे तक नहीं उतरे। इसके अलावा, हमलावरों ने घायलों को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस का रास्ता भी रोकने का प्रयास किया। बाद में कोतवाली से अतिरिक्त पुलिस बल के पहुंचने पर आरोपी वहां से फरार हो गए। घायल लज्जा देवी को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल और फिर गंभीर हालत में लखनऊ रेफर किया गया है, जबकि सुरजीत का इलाज जारी है। अपराध निरीक्षक धीरज शुक्ला ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और तहरीर के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
- सीतापुर की महमूदाबाद तहसील क्षेत्र में चलांकापुर से शिवरुख कलां को जोड़ने वाला मुख्य डामर मार्ग लगातार हो रही बारिश के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। सड़क पर गहरे गड्ढे होने और उनमें पानी भर जाने से यह मार्ग तालाब जैसी स्थिति में आ चुका है। इस बदहाली के कारण पहाड़ापुर, शिवरुख कलां, शिवरुख खुर्द, गौसपुर, जवाहरपुरवा, उलाहिया, सेमरा और तकिया समेत करीब आठ प्रमुख गांवों के हजारों लोगों का आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है। यह मार्ग ग्रामीणों को महमूदाबाद के मुख्य बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं से जोड़ता है। क्षेत्रीय नागरिक विनय शर्मा और अन्य ग्रामीणों के अनुसार, इस जर्जर सड़क से होकर प्रतिदिन स्कूली बच्चे, किसान, व्यापारी, महिलाएं और बुजुर्ग अपने दैनिक कार्यों के लिए निकलते हैं। सड़क पर बने गहरे गड्ढों में पानी भरने के कारण दोपहिया वाहन चालक आए दिन संतुलन खोकर गिर रहे हैं, जबकि पैदल चलने वालों को कीचड़ और फिसलन से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर डामर पूरी तरह उखड़ चुकी है, जिससे मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और स्कूली बच्चों को प्रतिदिन स्कूल जाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने सड़क की जर्जर स्थिति को उजागर करने के लिए जिया-टैग्ड (Geo-tagged) तस्वीरें जारी की हैं, जिससे मार्ग की दयनीय स्थिति स्पष्ट दिखाई दे रही है। क्षेत्रवासियों ने सीतापुर के जिलाधिकारी और लोक निर्माण विभाग (PWD) से मांग की है कि जनहित को देखते हुए इस महत्वपूर्ण मार्ग का तत्काल निरीक्षण किया जाए और सड़क की मरम्मत तथा पुनर्निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाए ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।4
- सीतापुर के महोली नगर स्थित मुरली मनोहर गेस्ट हाउस में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के आयोजन को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत में उपस्थित साधु-संतों ने 'राधे-राधे' का कीर्तन किया। इसके बाद, इस धार्मिक आयोजन को पूरी तरह सफल बनाने को लेकर व्यापक रूप से चर्चा की गई और तैयारियों पर विशेष बल दिया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से कुलदीप बाजपेई, महेश कुमार गुप्ता, दीपू अशोक कुमार सिंघल, राकेश कुमार शर्मा, सर्वेश मिश्रा, देवेंद्र कुमार मिश्रा, रामू रस्तोगी और शैलेंद्र मिश्रा बंटी सहित नगर के तमाम व्यापारी एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। बैठक में यह तय किया गया कि सीतापुर के महोली में पहली बार आगामी 18 जुलाई 2026 को भव्य जगन्नाथ यात्रा निकाली जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के कचनार ग्राम में पानी की टंकी का बोर्ड 14 नवंबर 2025 को फेल हो गया है। इसके कारण क्षेत्र में पानी की भारी किल्लत हो गई है और स्थानीय जनता बेहद परेशान है। कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद अब तक इस गंभीर समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला जा सका है। इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा 1076 पर कॉल करके शिकायत की गई, सांसद जी के पास भी गुहार लगाई गई, अधिशासी अभियंता के यहाँ मामला दर्ज कराया गया और डीएम साहब को भी पत्र दिया गया। लेकिन तमाम दरवाजों पर दस्तक देने के बावजूद अभी तक प्रशासन द्वारा इस पर कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है।3
- लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर अब बाइक नहीं चलाई जा सकेगी। देश के इस पहले बैरियर फ्री हाईवे पर हादसों पर अलर्ट देने के लिए एआई कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा, इस एक्सप्रेस-वे पर टोल भी 3 गुना ज्यादा होगा।1
- जंतर मंतर पर कोकरोच जनता पार्टी के मंच पर साउथ के एक मशहूर अभिनेता पहुंचे हैं।1
- बरेली-सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भमौरा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत रजऊपरसपुर स्थित नीलकंठ हॉस्पिटल के सामने एक सड़क दुर्घटना में गौ माता गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद वह करीब 24 घंटे तक सड़क किनारे दर्द से तड़पती रहीं, लेकिन स्थानीय प्रशासन, ग्राम पंचायत और संबंधित जिम्मेदारों ने समय रहते उनके इलाज या सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की। ग्रामीणों के मुताबिक, खुले में पड़ी घायल गौ माता को आवारा कुत्ते नोचते रहे और बार-बार गुहार लगाने के बाद भी कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। स्थानीय स्तर पर कोई सहायता न मिलने पर सीतापुर के बिसवां निवासी अशोक यादव ने इस मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने तुरंत एनएचएआई (NHAI) की हेल्पलाइन 1033 पर संपर्क कर इसकी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद संबंधित टीम सक्रिय हुई और घायल गौ माता का रेस्क्यू कर उनके उपचार की व्यवस्था कराई। इस संवेदनहीनता ने पशु संरक्षण व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान वीरेंद्र सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।4