श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों की समीक्षा के क्रम में बांका के जिला पदाधिकारी श्री अंशुल अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से दुम्मा बॉर्डर से लेकर जिला नियंत्रण कक्ष, कटोरिया तक कच्ची कांवरिया पथ और विभिन्न संरचनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। दुम्मा बॉर्डर के निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने प्रवेश द्वार को आकर्षक स्वरूप देने और अस्थायी थाना भवन परिसर में सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि शौचालय और स्नानागारों के रंग-रोगन का कार्य प्रगति पर है और सभी कार्य 22 जुलाई तक पूर्ण कर लिए जाएंगे। जिला पदाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास अधिकारियों को अपने क्षेत्रों का प्रतिदिन निरीक्षण कर प्रगति प्रतिवेदन उपलब्ध कराने तथा महत्वपूर्ण स्थलों पर साइनेज की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, पर्यटन शाखा के प्रभारी पदाधिकारी को कांवरिया मार्ग पर सभी बेंचों और कांवर स्टैंडों का रंग-रोगन, सजावट और नंबरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया ताकि श्रद्धालुओं को सरकारी सुविधाओं की जानकारी आसानी से मिल सके। गोरियारी सरकारी धर्मशाला के निरीक्षण के दौरान वहां रंग-रोगन का कार्य पूर्ण पाया गया, जहां जिला पदाधिकारी ने साफ-सफाई सुनिश्चित करने और मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए दंडाधिकारी व सुरक्षा बलों की प्रतिनियुक्ति के निर्देश दिए। पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को वहां एक कनीय अभियंता और एक सहायक अभियंता प्रतिनियुक्त करने को कहा गया। नदी क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक ने पुलिस उपाधीक्षक को निरंतर निगरानी रखने व दुर्घटनाओं को रोकने के निर्देश दिए, जबकि जिला पदाधिकारी ने नदी क्षेत्रों में पुल के पास एसडीआरएफ की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस उपाधीक्षक (ट्रैफिक) को जिला परिवहन पदाधिकारी से समन्वय कर नो-पार्किंग जोन चिह्नित करने और पार्किंग साइनेज लगाने के निर्देश दिए गए। सरकारी धर्मशाला हरखार सहित अन्य धर्मशालाओं में जीविका दीदी की रसोई, साफ-सफाई और हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। गोरियारी नदी के पास टेंट सिटी में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा भूल-भुलैया के समीप पुलिया के नीचे जलजमाव को तीन दिनों के भीतर साफ करने का निर्देश दिया गया, जिसकी रिपोर्ट थानाध्यक्ष तीन दिन बाद उपलब्ध कराएंगे। इसके अतिरिक्त, कांवरिया पथ के सुनसान स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने और चांदन अंचल अधिकारी व थानाध्यक्ष को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए। इनारावरण सरकारी धर्मशाला के पास ही पार्किंग के लिए भूमि चिह्नित करने के निर्देश मिले। अंत में, जिला नियंत्रण कक्ष, कटोरिया के निरीक्षण के दौरान नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी को प्रवेश द्वार को आकर्षक बनाने, आवश्यक सुविधाएं देने और एक आकर्षक सेल्फी प्वाइंट का निर्माण कराने का निर्देश दिया गया।
श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों की समीक्षा के क्रम में बांका के जिला पदाधिकारी श्री अंशुल अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से दुम्मा बॉर्डर से लेकर जिला नियंत्रण कक्ष, कटोरिया तक कच्ची कांवरिया पथ और विभिन्न संरचनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। दुम्मा बॉर्डर के निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने प्रवेश द्वार को आकर्षक स्वरूप देने और अस्थायी थाना भवन परिसर में सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि शौचालय और स्नानागारों के रंग-रोगन का कार्य प्रगति पर है और सभी कार्य 22 जुलाई तक पूर्ण कर लिए जाएंगे। जिला पदाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास अधिकारियों को अपने क्षेत्रों का प्रतिदिन निरीक्षण कर प्रगति प्रतिवेदन उपलब्ध कराने तथा महत्वपूर्ण स्थलों पर साइनेज की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, पर्यटन शाखा के प्रभारी पदाधिकारी को कांवरिया मार्ग पर सभी बेंचों और कांवर स्टैंडों का रंग-रोगन, सजावट और नंबरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया ताकि श्रद्धालुओं को सरकारी सुविधाओं की जानकारी आसानी से मिल सके। गोरियारी सरकारी धर्मशाला के निरीक्षण के दौरान वहां रंग-रोगन का कार्य पूर्ण पाया गया, जहां जिला पदाधिकारी ने साफ-सफाई सुनिश्चित करने और मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए दंडाधिकारी व सुरक्षा बलों की प्रतिनियुक्ति के निर्देश दिए। पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को वहां एक कनीय अभियंता और एक सहायक अभियंता प्रतिनियुक्त करने को कहा गया। नदी क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक ने पुलिस उपाधीक्षक को निरंतर निगरानी रखने व दुर्घटनाओं को रोकने के निर्देश दिए, जबकि जिला पदाधिकारी ने नदी क्षेत्रों में पुल के पास एसडीआरएफ की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस उपाधीक्षक (ट्रैफिक) को जिला परिवहन पदाधिकारी से समन्वय कर नो-पार्किंग जोन चिह्नित करने और पार्किंग साइनेज लगाने के निर्देश दिए गए। सरकारी धर्मशाला हरखार सहित अन्य धर्मशालाओं में जीविका दीदी की रसोई, साफ-सफाई और हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। गोरियारी नदी के पास टेंट सिटी में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा भूल-भुलैया के समीप पुलिया के नीचे जलजमाव को तीन दिनों के भीतर साफ करने का निर्देश दिया गया, जिसकी रिपोर्ट थानाध्यक्ष तीन दिन बाद उपलब्ध कराएंगे। इसके अतिरिक्त, कांवरिया पथ के सुनसान स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने और चांदन अंचल अधिकारी व थानाध्यक्ष को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए। इनारावरण सरकारी धर्मशाला के पास ही पार्किंग के लिए भूमि चिह्नित करने के निर्देश मिले। अंत में, जिला नियंत्रण कक्ष, कटोरिया के निरीक्षण के दौरान नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी को प्रवेश द्वार को आकर्षक बनाने, आवश्यक सुविधाएं देने और एक आकर्षक सेल्फी प्वाइंट का निर्माण कराने का निर्देश दिया गया।
- बांका जिले के कटोरिया प्रखंड में स्थित राजवाड़ा ओवरब्रिज का निर्माण कार्य कई वर्षों से अधूरा पड़ा है। इस परियोजना की धीमी गति और लंबे समय से निर्माण कार्य ठप रहने के कारण स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि इस अधूरे निर्माण के कारण उन्हें आवागमन में न केवल भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि क्षेत्र में हर समय दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि जनता को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए, U.K.Y News द्वारा जीपीएस लोकेशन के साथ मौके की वीडियो रिकॉर्डिंग कर जमीनी स्थिति को सामने लाया जाएगा। समाचार के माध्यम से जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से यह सवाल पूछा जाएगा कि निर्माण में देरी का वास्तविक कारण क्या है और इसे कब तक पूरा किया जाएगा। फिलहाल, इस मुद्दे पर विभाग या किसी अधिकारी का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से साझा किया जाएगा।1
- देवघर में पूर्व बीजेपी कैंडिडेट के पिता सीधे कैमरे के सामने आए हैं और उन्होंने एक बड़ी बात कह दी है।1
- झारखंड के देवघर जिले के मोहनपुर में सड़क की स्थिति अत्यंत खराब है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में सड़क ही नहीं है, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।4
- श्रावणी मेला 2026 को लेकर बिहार के बांका जिले का प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। सावन से पहले एक बड़ा एक्शन लेते हुए बांका के जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से कांवरिया पथ का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जमीनी जायजा लिया। निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पूरी सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त और चाक-चौबंद बनाए रखने की कड़ी हिदायत दी है।1
- जनता दल (यूनाइटेड) के प्रदेश उपाध्यक्ष बनने के बाद पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक सुमित कुमार सिंह पहली बार जमुई जिले के सोनो पहुंचे। इस अवसर पर सोनो चौक स्थित दुर्गा मंदिर के समीप जदयू कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया और उन्हें इस नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में सुमित कुमार सिंह ने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने दायित्व को निभाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना, कार्यकर्ताओं का सम्मान सुनिश्चित करना और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। इस कार्यक्रम में जदयू सोनो प्रखंड अध्यक्ष प्रकाश मंडल, संतोष कुमार दास, चंद्रशेखर सिंह, प्रभु राम, मनोहर विश्वकर्मा, संतोष भगत, राजेंद्र दास, बैजन्ती देवी सहित बड़ी संख्या में पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- जमुई में गाय चराने गई एक 40 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म का आरोप लगा है। घटना का विरोध करने पर पीड़ित महिला घायल हो गई है। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है।1
- झारखंड के गिरिडीह से बुनियादी सुविधाओं की पोल खोलती एक बेहद गंभीर तस्वीर सामने आई है। यहाँ सड़क न होने के कारण एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर 4 किलोमीटर तक खाट पर ढोकर ले जाना पड़ा। महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद परिजनों ने एंबुलेंस को तो फोन किया था, लेकिन गांव तक रास्ता न होने के कारण एंबुलेंस गांव के भीतर नहीं पहुंच सकी। इस बेबसी में ग्रामीणों और परिजनों ने खुद ही मोर्चा संभाला और महिला को खाट पर लिटाकर किसी तरह अस्पताल पहुँचाया। ग्रामीणों का साफ कहना है कि उनके गांव में ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, बल्कि आए दिन उन्हें ऐसी ही विकट परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। आजादी के इतने सालों बाद भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव की ये तस्वीरें सीधे तौर पर सोचने को मजबूर करती हैं कि आखिर असली विकास कहाँ है?1
- बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र के बलिया गांव में हुए डबल मर्डर केस के मुख्य आरोपी सचिन सिंह के हाफ एनकाउंटर को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस जहाँ इस कार्रवाई को आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग बता रही है, वहीं आरोपी के पिता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यह पूरा मामला 5 जुलाई को बलिया गांव के पास धर्मराय गांव निवासी सिट्टू सिंह और गुंजन सिंह की गोली मारकर की गई हत्या से जुड़ा हुआ है। पुलिस का दावा है कि विशेष पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी सचिन सिंह को रांची के एक होटल से गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान सचिन ने हत्या में इस्तेमाल हथियार बलिया के जंगल में छिपाने की जानकारी दी। जब पुलिस उसे हथियार बरामद करने के लिए जंगल लेकर पहुंची, तो उसने छिपाए गए हथियार से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिससे सचिन सिंह के पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे इलाज के लिए भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पुलिस हिरासत में उसका इलाज चल रहा है। इस पूरे मामले में नया मोड़ तब आया जब घायल सचिन सिंह के पिता संजय कुमार ने पुलिस की कहानी पर सवाल खड़े कर दिए। संजय कुमार का आरोप है कि पुलिस ने उनके बेटे को रांची के होटल से गिरफ्तार करने के बाद किसी दूसरे स्थान पर ले जाकर उसके पैर में गोली मारी। उनका कहना है कि पुलिस द्वारा बताई जा रही हथियार बरामदगी और मुठभेड़ की कहानी सही नहीं है। हालांकि, पुलिस अपने दावे पर कायम है और उसका कहना है कि आरोपी ने हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके बाद आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई।1