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बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र के बलिया गांव में हुए डबल मर्डर केस के मुख्य आरोपी सचिन सिंह के हाफ एनकाउंटर को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस जहाँ इस कार्रवाई को आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग बता रही है, वहीं आरोपी के पिता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यह पूरा मामला 5 जुलाई को बलिया गांव के पास धर्मराय गांव निवासी सिट्टू सिंह और गुंजन सिंह की गोली मारकर की गई हत्या से जुड़ा हुआ है। पुलिस का दावा है कि विशेष पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी सचिन सिंह को रांची के एक होटल से गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान सचिन ने हत्या में इस्तेमाल हथियार बलिया के जंगल में छिपाने की जानकारी दी। जब पुलिस उसे हथियार बरामद करने के लिए जंगल लेकर पहुंची, तो उसने छिपाए गए हथियार से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिससे सचिन सिंह के पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे इलाज के लिए भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पुलिस हिरासत में उसका इलाज चल रहा है। इस पूरे मामले में नया मोड़ तब आया जब घायल सचिन सिंह के पिता संजय कुमार ने पुलिस की कहानी पर सवाल खड़े कर दिए। संजय कुमार का आरोप है कि पुलिस ने उनके बेटे को रांची के होटल से गिरफ्तार करने के बाद किसी दूसरे स्थान पर ले जाकर उसके पैर में गोली मारी। उनका कहना है कि पुलिस द्वारा बताई जा रही हथियार बरामदगी और मुठभेड़ की कहानी सही नहीं है। हालांकि, पुलिस अपने दावे पर कायम है और उसका कहना है कि आरोपी ने हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके बाद आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई।

1 hr ago
user_Pankaj Kumar Thakur
Pankaj Kumar Thakur
पत्रकार चानन, बांका, बिहार•
1 hr ago

बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र के बलिया गांव में हुए डबल मर्डर केस के मुख्य आरोपी सचिन सिंह के हाफ एनकाउंटर को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस जहाँ इस कार्रवाई को आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग बता रही है, वहीं आरोपी के पिता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यह पूरा मामला 5 जुलाई को बलिया गांव के पास धर्मराय गांव निवासी सिट्टू सिंह और गुंजन सिंह की गोली मारकर की गई हत्या से जुड़ा हुआ है। पुलिस का दावा है कि विशेष पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी सचिन सिंह को रांची के एक होटल से गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान सचिन ने हत्या में इस्तेमाल हथियार बलिया के जंगल में छिपाने की जानकारी दी। जब पुलिस उसे हथियार बरामद करने के लिए जंगल लेकर पहुंची, तो उसने छिपाए गए हथियार से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिससे सचिन सिंह के पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे इलाज के लिए भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पुलिस हिरासत में उसका इलाज चल रहा है। इस पूरे मामले में नया मोड़ तब आया जब घायल सचिन सिंह के पिता संजय कुमार ने पुलिस की कहानी पर सवाल खड़े कर दिए। संजय कुमार का आरोप है कि पुलिस ने उनके बेटे को रांची के होटल से गिरफ्तार करने के बाद किसी दूसरे स्थान पर ले जाकर उसके पैर में गोली मारी। उनका कहना है कि पुलिस द्वारा बताई जा रही हथियार बरामदगी और मुठभेड़ की कहानी सही नहीं है। हालांकि, पुलिस अपने दावे पर कायम है और उसका कहना है कि आरोपी ने हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके बाद आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई।

More news from बिहार and nearby areas
  • बांका जिले के कटोरिया प्रखंड में स्थित राजवाड़ा ओवरब्रिज का निर्माण कार्य कई वर्षों से अधूरा पड़ा है। इस परियोजना की धीमी गति और लंबे समय से निर्माण कार्य ठप रहने के कारण स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि इस अधूरे निर्माण के कारण उन्हें आवागमन में न केवल भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि क्षेत्र में हर समय दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि जनता को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए, U.K.Y News द्वारा जीपीएस लोकेशन के साथ मौके की वीडियो रिकॉर्डिंग कर जमीनी स्थिति को सामने लाया जाएगा। समाचार के माध्यम से जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से यह सवाल पूछा जाएगा कि निर्माण में देरी का वास्तविक कारण क्या है और इसे कब तक पूरा किया जाएगा। फिलहाल, इस मुद्दे पर विभाग या किसी अधिकारी का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से साझा किया जाएगा।
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    बांका जिले के कटोरिया प्रखंड में स्थित राजवाड़ा ओवरब्रिज का निर्माण कार्य कई वर्षों से अधूरा पड़ा है। इस परियोजना की धीमी गति और लंबे समय से निर्माण कार्य ठप रहने के कारण स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि इस अधूरे निर्माण के कारण उन्हें आवागमन में न केवल भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि क्षेत्र में हर समय दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि जनता को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए, U.K.Y News द्वारा जीपीएस लोकेशन के साथ मौके की वीडियो रिकॉर्डिंग कर जमीनी स्थिति को सामने लाया जाएगा। समाचार के माध्यम से जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से यह सवाल पूछा जाएगा कि निर्माण में देरी का वास्तविक कारण क्या है और इसे कब तक पूरा किया जाएगा। फिलहाल, इस मुद्दे पर विभाग या किसी अधिकारी का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से साझा किया जाएगा।
    user_U.K.Y, News UpendraYadav
    U.K.Y, News UpendraYadav
    Farmer चानन, बांका, बिहार•
    17 hrs ago
  • देवघर में पूर्व बीजेपी कैंडिडेट के पिता सीधे कैमरे के सामने आए हैं और उन्होंने एक बड़ी बात कह दी है।
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    देवघर में पूर्व बीजेपी कैंडिडेट के पिता सीधे कैमरे के सामने आए हैं और उन्होंने एक बड़ी बात कह दी है।
    user_Objectionnews
    Objectionnews
    Media company देवघर, देवघर, झारखंड•
    2 hrs ago
  • झारखंड के देवघर जिले के मोहनपुर में सड़क की स्थिति अत्यंत खराब है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में सड़क ही नहीं है, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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    झारखंड के देवघर जिले के मोहनपुर में सड़क की स्थिति अत्यंत खराब है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में सड़क ही नहीं है, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
    user_Sunil Kumar
    Sunil Kumar
    मोहनपुर, देवघर, झारखंड•
    15 hrs ago
  • श्रावणी मेला 2026 को लेकर बिहार के बांका जिले का प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। सावन से पहले एक बड़ा एक्शन लेते हुए बांका के जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से कांवरिया पथ का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जमीनी जायजा लिया। निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पूरी सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त और चाक-चौबंद बनाए रखने की कड़ी हिदायत दी है।
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    श्रावणी मेला 2026 को लेकर बिहार के बांका जिले का प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। सावन से पहले एक बड़ा एक्शन लेते हुए बांका के जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से कांवरिया पथ का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जमीनी जायजा लिया।

निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पूरी सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त और चाक-चौबंद बनाए रखने की कड़ी हिदायत दी है।
    user_Banka Today News
    Banka Today News
    Local News Reporter बांका, बांका, बिहार•
    4 hrs ago
  • जनता दल (यूनाइटेड) के प्रदेश उपाध्यक्ष बनने के बाद पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक सुमित कुमार सिंह पहली बार जमुई जिले के सोनो पहुंचे। इस अवसर पर सोनो चौक स्थित दुर्गा मंदिर के समीप जदयू कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया और उन्हें इस नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में सुमित कुमार सिंह ने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने दायित्व को निभाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना, कार्यकर्ताओं का सम्मान सुनिश्चित करना और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। इस कार्यक्रम में जदयू सोनो प्रखंड अध्यक्ष प्रकाश मंडल, संतोष कुमार दास, चंद्रशेखर सिंह, प्रभु राम, मनोहर विश्वकर्मा, संतोष भगत, राजेंद्र दास, बैजन्ती देवी सहित बड़ी संख्या में पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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    जनता दल (यूनाइटेड) के प्रदेश उपाध्यक्ष बनने के बाद पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक सुमित कुमार सिंह पहली बार जमुई जिले के सोनो पहुंचे। इस अवसर पर सोनो चौक स्थित दुर्गा मंदिर के समीप जदयू कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया और उन्हें इस नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।

अपने संबोधन में सुमित कुमार सिंह ने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने दायित्व को निभाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना, कार्यकर्ताओं का सम्मान सुनिश्चित करना और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

इस कार्यक्रम में जदयू सोनो प्रखंड अध्यक्ष प्रकाश मंडल, संतोष कुमार दास, चंद्रशेखर सिंह, प्रभु राम, मनोहर विश्वकर्मा, संतोष भगत, राजेंद्र दास, बैजन्ती देवी सहित बड़ी संख्या में पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
    user_Ankita Priya Sinha
    Ankita Priya Sinha
    Local News Reporter जमुई, जमुई, बिहार•
    44 min ago
  • जमुई में गाय चराने गई एक 40 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म का आरोप लगा है। घटना का विरोध करने पर पीड़ित महिला घायल हो गई है। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है।
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    जमुई में गाय चराने गई एक 40 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म का आरोप लगा है। घटना का विरोध करने पर पीड़ित महिला घायल हो गई है। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है।
    user_Times Now Bihar
    Times Now Bihar
    Local News Reporter जमुई, जमुई, बिहार•
    1 hr ago
  • झारखंड के गिरिडीह से बुनियादी सुविधाओं की पोल खोलती एक बेहद गंभीर तस्वीर सामने आई है। यहाँ सड़क न होने के कारण एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर 4 किलोमीटर तक खाट पर ढोकर ले जाना पड़ा। महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद परिजनों ने एंबुलेंस को तो फोन किया था, लेकिन गांव तक रास्ता न होने के कारण एंबुलेंस गांव के भीतर नहीं पहुंच सकी। इस बेबसी में ग्रामीणों और परिजनों ने खुद ही मोर्चा संभाला और महिला को खाट पर लिटाकर किसी तरह अस्पताल पहुँचाया। ग्रामीणों का साफ कहना है कि उनके गांव में ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, बल्कि आए दिन उन्हें ऐसी ही विकट परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। आजादी के इतने सालों बाद भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव की ये तस्वीरें सीधे तौर पर सोचने को मजबूर करती हैं कि आखिर असली विकास कहाँ है?
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    झारखंड के गिरिडीह से बुनियादी सुविधाओं की पोल खोलती एक बेहद गंभीर तस्वीर सामने आई है। यहाँ सड़क न होने के कारण एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर 4 किलोमीटर तक खाट पर ढोकर ले जाना पड़ा। महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद परिजनों ने एंबुलेंस को तो फोन किया था, लेकिन गांव तक रास्ता न होने के कारण एंबुलेंस गांव के भीतर नहीं पहुंच सकी। इस बेबसी में ग्रामीणों और परिजनों ने खुद ही मोर्चा संभाला और महिला को खाट पर लिटाकर किसी तरह अस्पताल पहुँचाया।

ग्रामीणों का साफ कहना है कि उनके गांव में ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, बल्कि आए दिन उन्हें ऐसी ही विकट परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। आजादी के इतने सालों बाद भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव की ये तस्वीरें सीधे तौर पर सोचने को मजबूर करती हैं कि आखिर असली विकास कहाँ है?
    user_Objectionnews
    Objectionnews
    Media company देवघर, देवघर, झारखंड•
    3 hrs ago
  • बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र के बलिया गांव में हुए डबल मर्डर केस के मुख्य आरोपी सचिन सिंह के हाफ एनकाउंटर को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस जहाँ इस कार्रवाई को आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग बता रही है, वहीं आरोपी के पिता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यह पूरा मामला 5 जुलाई को बलिया गांव के पास धर्मराय गांव निवासी सिट्टू सिंह और गुंजन सिंह की गोली मारकर की गई हत्या से जुड़ा हुआ है। पुलिस का दावा है कि विशेष पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी सचिन सिंह को रांची के एक होटल से गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान सचिन ने हत्या में इस्तेमाल हथियार बलिया के जंगल में छिपाने की जानकारी दी। जब पुलिस उसे हथियार बरामद करने के लिए जंगल लेकर पहुंची, तो उसने छिपाए गए हथियार से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिससे सचिन सिंह के पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे इलाज के लिए भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पुलिस हिरासत में उसका इलाज चल रहा है। इस पूरे मामले में नया मोड़ तब आया जब घायल सचिन सिंह के पिता संजय कुमार ने पुलिस की कहानी पर सवाल खड़े कर दिए। संजय कुमार का आरोप है कि पुलिस ने उनके बेटे को रांची के होटल से गिरफ्तार करने के बाद किसी दूसरे स्थान पर ले जाकर उसके पैर में गोली मारी। उनका कहना है कि पुलिस द्वारा बताई जा रही हथियार बरामदगी और मुठभेड़ की कहानी सही नहीं है। हालांकि, पुलिस अपने दावे पर कायम है और उसका कहना है कि आरोपी ने हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके बाद आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई।
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    बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र के बलिया गांव में हुए डबल मर्डर केस के मुख्य आरोपी सचिन सिंह के हाफ एनकाउंटर को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस जहाँ इस कार्रवाई को आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग बता रही है, वहीं आरोपी के पिता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यह पूरा मामला 5 जुलाई को बलिया गांव के पास धर्मराय गांव निवासी सिट्टू सिंह और गुंजन सिंह की गोली मारकर की गई हत्या से जुड़ा हुआ है।

पुलिस का दावा है कि विशेष पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी सचिन सिंह को रांची के एक होटल से गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान सचिन ने हत्या में इस्तेमाल हथियार बलिया के जंगल में छिपाने की जानकारी दी। जब पुलिस उसे हथियार बरामद करने के लिए जंगल लेकर पहुंची, तो उसने छिपाए गए हथियार से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिससे सचिन सिंह के पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे इलाज के लिए भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पुलिस हिरासत में उसका इलाज चल रहा है।

इस पूरे मामले में नया मोड़ तब आया जब घायल सचिन सिंह के पिता संजय कुमार ने पुलिस की कहानी पर सवाल खड़े कर दिए। संजय कुमार का आरोप है कि पुलिस ने उनके बेटे को रांची के होटल से गिरफ्तार करने के बाद किसी दूसरे स्थान पर ले जाकर उसके पैर में गोली मारी। उनका कहना है कि पुलिस द्वारा बताई जा रही हथियार बरामदगी और मुठभेड़ की कहानी सही नहीं है। हालांकि, पुलिस अपने दावे पर कायम है और उसका कहना है कि आरोपी ने हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके बाद आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई।
    user_Pankaj Kumar Thakur
    Pankaj Kumar Thakur
    पत्रकार चानन, बांका, बिहार•
    1 hr ago
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