हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय दैहर में रविवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन बड़े ही अनुशासित और संस्कारपूर्ण वातावरण में किया गया। प्रातः बेला से ही विद्यालय परिसर में इस आयोजन को लेकर उत्साह का माहौल देखा गया, जहाँ योग के माध्यम से अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को योग और सांस्कृतिक संस्कारों का ज्ञान दिया गया। इसे शिक्षा के मंदिर में 'संस्कार क्रांति' का एक अनूठा संगम बताया गया, जो शिक्षकों और छात्रों के बीच देखने को मिला। इस आयोजन में न केवल योग पद्धति को सकारात्मक जीवन में उतारने की बात कही गई, बल्कि शिक्षकों के सम्मान और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला को भी मजबूती प्रदान की गई। विद्यालय प्रांगण में प्रधानाध्यापक सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यालय परिधान में सुसज्जित छात्र-छात्राएं एक साथ बलासन, हलासन, पद्मासन, और प्राणायाम की विभिन्न विधाओं का अभ्यास कर रहे थे, जो शिक्षक और छात्रों के बीच के अनूठे समन्वय को जीवंत रूप दे रहा था। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक उपेंद्र वर्मा ने किया। इस अवसर पर समाजसेवी सह मुखिया प्रतिनिधि नागेंद्र कुमार कुशवाहा ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे दैनिक जीवन में अपनाने से मन और शरीर स्वस्थ रहते हैं तथा अच्छे विचार आते हैं। प्रधानाध्यापक ने अपने संबोधन में बच्चों को केवल अंक पाने वाली मशीन बनने के बजाय अच्छे इंसान बनने के लिए प्रेरित किया, साथ ही गुरु के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि गुरु के बिना ज्ञान और सत्य की प्राप्ति संभव नहीं है, और यहीं से नए भारत की नींव तैयार होगी। कार्यक्रम का समापन 'ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्॥ ॐ शान्तिः॥' मंत्र के उद्घोष के साथ हुआ। दैहर का यह विद्यालय अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक पाठशाला के साथ-साथ 'संस्कारशाला' के रूप में दिखाई दिया, जिसने समर्पित शिक्षकों के सम्मान को उजागर किया जो चुपचाप देश का भविष्य गढ़ रहे हैं और छात्रों के अंदर शिक्षा, ज्ञान, और संस्कार का समन्वय स्थापित करते हुए एक सजग राष्ट्र के भविष्य का नवनिर्माण कर रहे हैं।
हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय दैहर में रविवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन बड़े ही अनुशासित और संस्कारपूर्ण वातावरण में किया गया। प्रातः बेला से ही विद्यालय परिसर में इस आयोजन को लेकर उत्साह का माहौल देखा गया, जहाँ योग के माध्यम से अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को योग और सांस्कृतिक संस्कारों का ज्ञान दिया गया। इसे शिक्षा के मंदिर में 'संस्कार क्रांति' का एक अनूठा संगम बताया गया, जो शिक्षकों और छात्रों के बीच देखने को मिला। इस आयोजन में न केवल
योग पद्धति को सकारात्मक जीवन में उतारने की बात कही गई, बल्कि शिक्षकों के सम्मान और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला को भी मजबूती प्रदान की गई। विद्यालय प्रांगण में प्रधानाध्यापक सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यालय परिधान में सुसज्जित छात्र-छात्राएं एक साथ बलासन, हलासन, पद्मासन, और प्राणायाम की विभिन्न विधाओं का अभ्यास कर रहे थे, जो शिक्षक और छात्रों के बीच के अनूठे समन्वय को जीवंत रूप दे रहा था। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक उपेंद्र वर्मा ने किया। इस अवसर पर समाजसेवी
सह मुखिया प्रतिनिधि नागेंद्र कुमार कुशवाहा ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे दैनिक जीवन में अपनाने से मन और शरीर स्वस्थ रहते हैं तथा अच्छे विचार आते हैं। प्रधानाध्यापक ने अपने संबोधन में बच्चों को केवल अंक पाने वाली मशीन बनने के बजाय अच्छे इंसान बनने के लिए प्रेरित किया, साथ ही गुरु के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि गुरु के बिना ज्ञान और सत्य की प्राप्ति संभव नहीं है, और यहीं से नए भारत की नींव तैयार
होगी। कार्यक्रम का समापन 'ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्॥ ॐ शान्तिः॥' मंत्र के उद्घोष के साथ हुआ। दैहर का यह विद्यालय अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक पाठशाला के साथ-साथ 'संस्कारशाला' के रूप में दिखाई दिया, जिसने समर्पित शिक्षकों के सम्मान को उजागर किया जो चुपचाप देश का भविष्य गढ़ रहे हैं और छात्रों के अंदर शिक्षा, ज्ञान, और संस्कार का समन्वय स्थापित करते हुए एक सजग राष्ट्र के भविष्य का नवनिर्माण कर रहे हैं।
- हजारीबाग पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर, पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी सदर ने शहर थाना के शहरी क्षेत्र में स्थित विभिन्न चौक-चौराहों पर माइक से जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान के माध्यम से आम जनता को आगाह किया गया कि वे सोने और चांदी के आभूषणों को 'चमकाने' या 'झार फूंक' करने के बहाने किसी भी अनजान व्यक्ति के हवाले न करें।1
- मोहर्रम पर्व के मद्देनजर कोडरमा थाना परिसर में शांति समिति की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान, सभी लोगों से पर्व को शांतिपूर्ण और सद्भावपूर्ण तरीके से मनाने की अपील की गई। इसके अतिरिक्त, अखाड़ा धारियों को विशेष रूप से वीडियोग्राफी कराने का निर्देश भी दिया गया है।1
- एक पति की पत्नी करीब एक महीने से घर से लापता थी। पति ने उसकी तलाश में दो-तीन लोगों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज करवाई थी, लेकिन इसके बावजूद उसका कोई पता नहीं चल सका। लगभग एक महीने बाद, पति को अचानक यह सूचना मिली कि उसकी पत्नी किसी के साथ घूम रही है। यह जानकारी मिलते ही पति और उसके परिवार के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पत्नी को पकड़ लिया।1
- हजारीबाग में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विधायक प्रदीप प्रसाद ने अपने जनसेवा कार्यालय में स्थानीय निवासियों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक प्रदीप प्रसाद द्वारा दीप प्रज्वलित करके किया गया और इसका समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सक्रिय रूप से भाग लेकर योग के महत्व को आत्मसात किया। इस अवसर पर विधायक प्रदीप प्रसाद ने योग को भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताया, जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक जीवन में संतुलन स्थापित कर स्वस्थ, सुखी और श्रेष्ठ जीवन का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने यह भी कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि समग्र स्वास्थ्य, मानसिक शांति और आत्मिक उन्नति का एक प्रभावी माध्यम है, और इसका नियमित अभ्यास व्यक्ति को तनावमुक्त, ऊर्जावान एवं सकारात्मक बनाता है। विधायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणादायी पहल और सतत प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्हीं के परिणामस्वरूप आज योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान और प्रतिष्ठा प्राप्त हुई है। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रतिदिन योग करने का संकल्प लेने का आह्वान किया, इस बात पर जोर देते हुए कि एक स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाकर हम सभी स्वस्थ, सशक्त एवं समृद्ध भारत के निर्माण में योगदान दे सकते हैं। इस कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष अशोक यादव, सुदेश चंद्रवंशी, हरिश श्रीवास्तव, भाजपा जिला उपाध्यक्ष एवं सांसद प्रतिनिधि रेणुका साहू, मंजू नंदिनी, आनंद देव, सुनील मेहता, प्रकाश झा, नरेंद्र प्रसाद, विवेक सिंह, भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष साक्षी राणा, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष राजकरण पांडेय, मनमीत अकेला, राजेश गुप्ता, विधायक प्रतिनिधि सदर पूर्वी कोलेश्वर रजक, विधायक प्रतिनिधि सदर पश्चिमी चौधरी साहू, विधायक प्रतिनिधि दारू दिलीप साहू, विधायक प्रतिनिधि नगर निगम बलराम शर्मा, विधायक प्रतिनिधि कटकमसांडी पश्चिमी सुमन राय, विधायक प्रतिनिधि कटकमसांडी पूर्वी रामकुमार मेहता, विधायक प्रतिनिधि नगर पूर्वी पंडल यादव, विधायक प्रतिनिधि नगर पश्चिमी सौरभ सिन्हा, विधायक प्रतिनिधि पशुपालन एवं गव्य विकास विभाग विनोद सिंह, विधायक प्रतिनिधि भूमि संरक्षण विभाग अशोक राणा, विधायक प्रतिनिधि सोशल मीडिया प्रभारी मनदीप यादव, विधायक प्रतिनिधि संस्कृति कला सुबोध सिन्हा, विधायक प्रतिनिधि जिला परिषद राजेश गुप्ता, विधायक प्रतिनिधि लघु सिंचाई प्रीत गुप्ता, विधायक प्रतिनिधि वन एवं पर्यावरण विभाग कृष्णा साहू, विधायक सह प्रतिनिधि महिला बाल विकास विभाग हेमंती देवी, विधायक प्रतिनिधि महिला एवं बाल विकास विभाग फुलवा कच्छप, विधायक प्रतिनिधि खेलकूद दिलीप गोप, विधायक योजना प्रतिनिधि रामावतार शर्मा, विधायक सदर प्रखंड कार्यालय प्रभारी बिरजू रवि, विधायक कटकमसांडी कार्यालय प्रभारी मनीष चौधरी, विधायक प्रतिनिधि बिजली विभाग सुरेंद्र सिंह, विधायक प्रतिनिधि स्वास्थ्य विभाग राजेश यादव, कटकमदाग विधायक कार्यालय प्रभारी राजेश ठाकुर, कार्यालय प्रभारी विजय निषाद, निजी सहायक व मीडिया प्रतिनिधि चंदन सिहं, मंडल अध्यक्ष कटकमसांडी पूर्वी प्रकाश कुशवाहा, कटकमदाग मंडल अध्यक्ष विमल गुप्ता सहित कई गणमान्य नागरिक और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। योगाचार्य सोनू पाण्डेय और अंजू कुमारी ने उपस्थित प्रतिभागियों को विभिन्न योगाभ्यास करवाए। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने नियमित योगाभ्यास करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।1
- मोहर्रम पर्व के मद्देनजर हजारीबाग पुलिस पूरी तरह से अलर्ट पर है। इसी तैयारी के तहत, बरकट्ठा क्षेत्र में एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार सुबह हजारीबाग में सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने अपने जनसेवा कार्यालय में आम लोगों, युवाओं और कार्यकर्ताओं के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। यह कार्यक्रम राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ, जहाँ विधायक ने 'स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण करेगा' का संदेश दिया। विधायक प्रदीप प्रसाद ने वीआईपी प्रोटोकॉल और औपचारिकताओं को दरकिनार करते हुए ज़मीन पर चटाई बिछाकर आम जनता के बीच योगाभ्यास किया। योगाचार्य सोनू पाण्डेय और अंजू कुमारी के निर्देशन में हुए इस सत्र में अनुलोम-विलोम और कपालभाति जैसे अभ्यास शामिल थे, जिससे पूरा परिसर 'योगमय' हो गया। विधायक ने जोर देकर कहा कि भागदौड़ भरी जिंदगी और तनाव में योग ही दिमाग को शांत और शरीर को मजबूत रखने की एकमात्र कुंजी है, और यह केवल एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि सशक्त समाज के लिए हर नागरिक को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत होना आवश्यक है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक विजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने योग को वैश्विक प्रतिष्ठा दिलाई है, जिसे हजारीबाग के हर घर तक पहुँचाना उनका संकल्प है। कार्यक्रम दीप प्रज्वलन से शुरू हुआ और विधायक ने उपस्थित भारी भीड़ को गवाह बनाकर यह संकल्प दिलवाया कि रोज सुबह कम से कम आधा घंटा खुद को दें, ताकि हजारीबाग को बीमारियों से मुक्त बनाया जा सके। इस योग शिविर में भाजपा के संगठन के कई प्रमुख नेताओं और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। इनमें मुख्य रूप से भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष अशोक यादव, सुदेश चंद्रवंशी, हरिश श्रीवास्तव, जिला उपाध्यक्ष सह सांसद प्रतिनिधि रेणुका साहू, मंजू नंदिनी, आनंद देव, सुनील मेहता, प्रकाश झा, नरेंद्र प्रसाद, विवेक सिंह, महिला मोर्चा अध्यक्ष साक्षी राणा, युवा मोर्चा अध्यक्ष राजकरण पांडेय, मनमीत अकेला और राजेश गुप्ता अग्रिम पंक्ति में शामिल थे। वहीं, कोलेश्वर रजक, चौधरी साहू, दिलीप साहू, बलराम शर्मा, सुमन राय, रामकुमार मेहता, पंडल यादव, सौरभ सिन्हा, विनोद सिंह, अशोक राणा, मनदीप यादव, सुबोध सिन्हा, प्रीत गुप्ता, कृष्णा साहू, हेमंती देवी, फुलवा कच्छप, दिलीप गोप, रामावतार शर्मा, बिरजू रवि, मनीष चौधरी, सुरेंद्र सिंह, राजेश यादव, राजेश ठाकुर, विजय निषाद, चंदन सिंह, विमल गुप्ता और प्रकाश कुशवाहा सहित विधायक प्रतिनिधियों की एक बड़ी टीम भी इस कार्यक्रम में पूरी तरह सराबोर नजर आई।1
- हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय दैहर ने सरकारी स्कूलों की बदहाली के बीच एक नई मिसाल कायम की है। रविवार सुबह विद्यालय प्रांगण में गुरु और शिष्यों ने एक साथ योगाभ्यास किया, जिससे प्राचीन गुरुकुल की परंपरा पुनर्जीवित होती दिखी। इस आयोजन ने शिक्षकों के सम्मान और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखी, और एक पत्रकार को सकारात्मक खबर भी दी। विद्यालय के बरामदे और प्रांगण में बिछे हरे तिरपाल पर हरे-सफेद वर्दी में दर्जनों छात्र-छात्राएं योग कर रहे थे। एक ओर प्रधानाध्यापक सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं बालासन और पद्मासन में लीन थे, तो दूसरी ओर बच्चे भी पूर्ण अनुशासन से उनका अनुसरण कर रहे थे। 'ऊँच्च विद्यालय दैहर' का बोर्ड, दीवारों पर बने तिरंगा, उगते सूरज और रानी लक्ष्मी बाई के चित्र इस आयोजन को और गौरवशाली बना रहे थे। बारिश से भीगे मैदान और निर्माण सामग्री के बीच भी बच्चों का यह समर्पण सबको अभिभूत कर गया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक उपेंद्र वर्मा ने किया, जिन्होंने माइक के माध्यम से प्रत्येक योगासन की बारीकियां समझाईं और बच्चों का उत्साह बढ़ाया। एक शिक्षक की टी-शर्ट पर लिखा 'आयुष विभाग हजारीबाग, योग रहे निरोग' यह दर्शाता था कि यह पहल स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से हो रही है। इस अवसर पर मौजूद समाजसेवी सह मुखिया प्रतिनिधि नागेंद्र कुमार कुशवाहा ने बच्चों और शिक्षकों का हौसला बढ़ाते हुए योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर देते हुए कहा कि योगाभ्यास से मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हैं, जिससे अच्छे विचार आते हैं और अच्छे समाज तथा सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है। उन्होंने विद्यालय परिवार के इस प्रयास की जमकर प्रशंसा की। विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि आज के बच्चे मानसिक तनाव से घिरे हैं, और उनका लक्ष्य है कि बच्चे केवल अंक पाने वाली मशीन न बनकर अच्छे इंसान बनें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि योग से एकाग्रता, अनुशासन और आत्मबल बढ़ता है, और जब गुरु स्वयं मैदान में उतरकर झुकेंगे, तभी शिष्य भी सीखेगा, यहीं से नए भारत की नींव तैयार होगी। बच्चों की आंखों में दिखा आत्मविश्वास बता रहा था कि यह पहल उनके भविष्य को नई दिशा दे रही है। अक्सर सरकारी स्कूलों की नकारात्मक खबरें ही सुर्खियां बनती हैं, लेकिन दैहर का यह विद्यालय उन हजारों समर्पित शिक्षकों का सम्मान है जो बिना प्रचार के चुपचाप देश का भविष्य गढ़ रहे हैं। यह खबर समाज से अपील करती है कि अपने शिक्षकों पर भरोसा करें और सरकारी स्कूलों का मान बढ़ाएं, क्योंकि यहां भी हीरे तराशे जा रहे हैं। उत्क्रमित उच्च विद्यालय दैहर अब केवल एक स्कूल नहीं, बल्कि 'संस्कारशाला' बन गया है, जहाँ गुरु-शिष्य का रिश्ता, समाजसेवी का सहयोग और बच्चों का समर्पण मिलकर एक नया इतिहास रच रहे हैं। ऐसे गुरुओं को सलाम, नागेंद्र कुमार कुशवाहा जैसे मार्गदर्शकों का आभार, और उन बच्चों को नमन जो कल का नया भारत बनेंगे। 'ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्॥ ॐ शान्तिः शान्तिः॥' मंत्रोच्चारण के साथ यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।4