देवभूमि हिमाचल में बाहर से शूटर बुलाकर सुपारी किलिंग की शुरुआत करने के साथ ही बिलासपुर में चिट्टे जैसे घातक नशे के जन्मदाता पूर्व विधायक बंबर ठाकुर अपना मानसिक संतुलन खोया, विधायक त्रिलोक जंबाल देवभूमि हिमाचल में बाहर से शूटर बुलाकर सुपारी किलिंग की शुरुआत करने के साथ ही बिलासपुर में चिट्टे जैसे घातक नशे के जन्मदाता पूर्व विधायक बंबर ठाकुर अपना मानसिक संतुलन पूरी तरह से खो बैठे हैं। खुद को नेता कहने वाले यह एक ऐसे पेशेवर ठेकेदार हैं, जो गुंडागर्दी के दम पर वन, खनन व जमीन से लेकर हर तरह के माफिया के सरगना हैं। उनके खिलाफ लगभग 30 केस दर्ज हैं। बिलासपुर के एक पूर्व डीसी के साथ ही वर्तमान में एएसपी पद पर कार्यरत पुलिस अधिकारी भी उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा चुके हैं। कांग्रेस के पिछले कार्यकाल में इसी पार्टी के पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर जी भी उन पर फोरलेन में लगभग 200 करोड़ रुपये के घोटाले का गंभीर आरोप लगा चुके हैं। उनकी रग-रग को पहचान चुकी सदर विधानसभा क्षेत्र की प्रबुद्ध जनता ने वर्ष 2022 के चुनाव में उन्हें नकार दिया था। उसी समय से उनकी दिमागी हालत ठीक नहीं है। रही-सही कसर कांग्रेस सरकार में उन्हें हाशिये पर धकेले जाने से पूरी हो गई है। पहले उन्होंने सरकार में कोई ओहदा मिलने की उम्मीद लगा रखी थी। जब वह उम्मीद पूरी नहीं हुई तो वह खुद को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद का सबसे बड़ा दावेदार बताने लगे, लेकिन उनकी यह हसरत भी पूरी नहीं हो पाई। उनकी हालत कुछ ऐसी है कि ‘चौबे जी चले थे छब्बे जी बनने, दूबे जी बनकर रह गए।’ ड्रामेबाजी में माहिर यही नौटंकीबाज पूर्व विधायक अब एक बार फिर से विधानसभा के बाहर धरना देने पहंुच गए। प्रदेश में कांगे्रस की सरकार है। जिन तथ्यहीन आरोपों का सहारा लेकर वह सुर्खियां बटोरने का असफल प्रयास कर रहे हैं, उनकी जांच किसी भी एजेंसी से करवाने से उन्हें कौन रोक रहा है। ईश्वर से यही प्रार्थना है कि उन्हें स्वस्थ रखने के साथ सद्बुद्धि भी दें।
देवभूमि हिमाचल में बाहर से शूटर बुलाकर सुपारी किलिंग की शुरुआत करने के साथ ही बिलासपुर में चिट्टे जैसे घातक नशे के जन्मदाता पूर्व विधायक बंबर ठाकुर अपना मानसिक संतुलन खोया, विधायक त्रिलोक जंबाल देवभूमि हिमाचल में बाहर से शूटर बुलाकर सुपारी किलिंग की शुरुआत करने के साथ ही बिलासपुर में चिट्टे जैसे घातक नशे के जन्मदाता पूर्व विधायक बंबर ठाकुर अपना मानसिक संतुलन पूरी तरह से खो बैठे हैं। खुद को नेता कहने वाले यह एक ऐसे पेशेवर ठेकेदार हैं, जो गुंडागर्दी के दम पर वन, खनन व जमीन से लेकर हर तरह के माफिया के सरगना हैं। उनके खिलाफ लगभग 30 केस दर्ज हैं। बिलासपुर के एक पूर्व डीसी के साथ ही वर्तमान में एएसपी पद पर कार्यरत पुलिस अधिकारी भी उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा चुके हैं। कांग्रेस के पिछले कार्यकाल में इसी पार्टी के पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर जी भी उन पर फोरलेन में लगभग 200 करोड़ रुपये के घोटाले का गंभीर आरोप लगा चुके हैं। उनकी रग-रग को पहचान चुकी सदर विधानसभा क्षेत्र की प्रबुद्ध जनता ने वर्ष 2022 के चुनाव में उन्हें नकार दिया था। उसी समय से उनकी दिमागी हालत ठीक नहीं है। रही-सही कसर कांग्रेस सरकार में उन्हें हाशिये पर धकेले जाने से पूरी हो गई है। पहले उन्होंने सरकार में कोई ओहदा मिलने की उम्मीद लगा रखी थी। जब वह उम्मीद पूरी नहीं हुई तो वह खुद को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद का सबसे बड़ा दावेदार बताने लगे, लेकिन उनकी यह हसरत भी पूरी नहीं हो पाई। उनकी हालत कुछ ऐसी है कि ‘चौबे जी चले थे छब्बे जी बनने, दूबे जी बनकर रह गए।’ ड्रामेबाजी में माहिर यही नौटंकीबाज पूर्व विधायक अब एक बार फिर से विधानसभा के बाहर धरना देने पहंुच गए। प्रदेश में कांगे्रस की सरकार है। जिन तथ्यहीन आरोपों का सहारा लेकर वह सुर्खियां बटोरने का असफल प्रयास कर रहे हैं, उनकी जांच किसी भी एजेंसी से करवाने से उन्हें कौन रोक रहा है। ईश्वर से यही प्रार्थना है कि उन्हें स्वस्थ रखने के साथ सद्बुद्धि भी दें।
- देवभूमि हिमाचल में बाहर से शूटर बुलाकर सुपारी किलिंग की शुरुआत करने के साथ ही बिलासपुर में चिट्टे जैसे घातक नशे के जन्मदाता पूर्व विधायक बंबर ठाकुर अपना मानसिक संतुलन पूरी तरह से खो बैठे हैं। खुद को नेता कहने वाले यह एक ऐसे पेशेवर ठेकेदार हैं, जो गुंडागर्दी के दम पर वन, खनन व जमीन से लेकर हर तरह के माफिया के सरगना हैं। उनके खिलाफ लगभग 30 केस दर्ज हैं। बिलासपुर के एक पूर्व डीसी के साथ ही वर्तमान में एएसपी पद पर कार्यरत पुलिस अधिकारी भी उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा चुके हैं। कांग्रेस के पिछले कार्यकाल में इसी पार्टी के पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर जी भी उन पर फोरलेन में लगभग 200 करोड़ रुपये के घोटाले का गंभीर आरोप लगा चुके हैं। उनकी रग-रग को पहचान चुकी सदर विधानसभा क्षेत्र की प्रबुद्ध जनता ने वर्ष 2022 के चुनाव में उन्हें नकार दिया था। उसी समय से उनकी दिमागी हालत ठीक नहीं है। रही-सही कसर कांग्रेस सरकार में उन्हें हाशिये पर धकेले जाने से पूरी हो गई है। पहले उन्होंने सरकार में कोई ओहदा मिलने की उम्मीद लगा रखी थी। जब वह उम्मीद पूरी नहीं हुई तो वह खुद को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद का सबसे बड़ा दावेदार बताने लगे, लेकिन उनकी यह हसरत भी पूरी नहीं हो पाई। उनकी हालत कुछ ऐसी है कि ‘चौबे जी चले थे छब्बे जी बनने, दूबे जी बनकर रह गए।’ ड्रामेबाजी में माहिर यही नौटंकीबाज पूर्व विधायक अब एक बार फिर से विधानसभा के बाहर धरना देने पहंुच गए। प्रदेश में कांगे्रस की सरकार है। जिन तथ्यहीन आरोपों का सहारा लेकर वह सुर्खियां बटोरने का असफल प्रयास कर रहे हैं, उनकी जांच किसी भी एजेंसी से करवाने से उन्हें कौन रोक रहा है। ईश्वर से यही प्रार्थना है कि उन्हें स्वस्थ रखने के साथ सद्बुद्धि भी दें।1
- *जिला बिलासपुर में ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान शुरू* *क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर से उपायुक्त राहुल कुमार ने किया अभियान का शुभारंभ* *14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की 2735 किशोरियों का 30 स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से होगा टीकाकरण* *बिलासपुर, 29 मार्च:* उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने आज क्षेत्रीय अस्पताल परिसर से ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान आगामी 5 अप्रैल तथा 12 अप्रैल को भी जारी रहेगा। इस विशेष टीकाकरण अभियान का उद्देश्य 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित करना है। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. शशि दत्त शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी (टीकाकरण) डाॅ. दीपक सहित स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (एचपीवी) एक सामान्य वायरस है, जो आगे चलकर महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। समय पर टीकाकरण इस बीमारी की रोकथाम का सबसे प्रभावी उपाय है और यह अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि यह विशेष टीकाकरण अभियान आगामी 5 अप्रैल तथा 12 अप्रैल को भी संचालित किया जाएगा, ताकि जिले की सभी पात्र किशोरियों को इसका लाभ सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि जिले के चार चिकित्सा खंडों के अंतर्गत कुल 30 स्वास्थ्य संस्थानों को इस अभियान के लिए चिन्हित किया गया है, जिसके माध्यम से 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की 2735 किशोरियों का टीकाकरण किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि यह टीका पूर्णतः सुरक्षित, प्रभावी एवं वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है, जिससे भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यह टीका सरकार द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे समाज के प्रत्येक वर्ग की किशोरियां इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने जिले के अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वह अपनी 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बेटियों को एचपीवी टीकाकरण के लिए चिन्हित अपने नजदीकी सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा क्षेत्रीय अस्पताल में ले जाकर यह टीका अनिवार्य रूप से लगवाएं और अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें। उन्होंने एचपीवी टीकाकरण को लेकर लोगों से किसी भी प्रकार की अफवाहों या भ्रांतियों पर ध्यान न देने तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा दी जा रही जानकारी पर ही विश्वास करने का आह्वान किया। *जिला के इन 30 स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध है एचपीवी टीकाकरण सुविधा* जिला बिलासपुर में एचपीवी टीकाकरण की सुविधा 30 स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध है। घुमारवीं चिकित्सा खंड के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भराड़ी, सिविल अस्पताल (सीएच) घुमारवीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हरलोग तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कुठेड़ा जबकि झंडुता चिकित्सा खंड के तहत सिविल अस्पताल (सीएच), बरठीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) तलाई तथा झंडुता, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) भेहड़ी, गेहड़वीं, कलोल, मरोतन, पनौल तथा ऋषिकेश शामिल हैं। इसी तरह चिकित्सा खंड मारकंड के अंतर्गत क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर स्थित एमसीएच, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीएचसी पंजगाई, सिविल अस्पताल मारकंड, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पीएचसी बागी सुंगल, भजून, छडोल, मलोखर, नम्होल, राजपुरा, मंडी मानवा तथा श्री नैना देवी जी चिकित्सा खंड के अंतर्गत सिविल अस्पताल घवांडल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्वारघाट, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्वाहण, तरसूह, टोबा, भाखड़ा तथा बैहल में यह सुविधा उपलब्ध है। किसी कारणवश अभियान के दौरान जो किशोरियां छूट जाएंगी उनका टीकाकरण आगामी 19 अप्रैल, 10 मई और 24 मई तथा 21 जून 2026 को किया जाएगा।1
- Post by Dinesh Kumar1
- Post by हमीरपुरी पत्रकार1
- हमीरपुर हमीरपुर में बीएसएनएल कार्यालय में विशेष बैठक का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता बीएसएनएल के प्रबंधक अजीत कुमार ने की बैठक के दौरान मोबाइल सेवाओं के बिस्तर पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई है इस बैठक में हमीरपुर जिला के अलावा उन बिलासपुर के अधिकारी भी इस बैठक में मौजूद रहे। वही इस मौके पर बीएसएनएल के प्रबंधक अजीत कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि हमीरपुर जिला में अभी भी पांच ऐसे गांव है, जहां पर मोबाइल सेवाएं उपलब्ध नहीं हो पाई है। इसके लिए बीएसएनएल पूरी तरह से प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की डिजिटल निधि योजना के तहत इन पांचो गाँवों में टावर स्थापित किए जाएंगे। जिसमें हर टावर पर एक करोड रुपए की राशि खर्च की जाएगी। उन्होंने बताया कि बीएसएनल का मुख्य उद्देश्य हर गांव तक मोबाइल सेवाएं उपलब्ध करवाना है। जिसके तहत इस कार्य को जल्दी ही बीएसएनएल द्वारा किया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को मोबाइल सेवाओं का लाभ मिल सके। वही इस मौके पर बीएसएनएल के प्रबंधक अजीत कुमार ने बताया कि बीएसएनएल की सेवाओं का विस्तार करने के लिए बीएसएनएल 100 से अधिक टावर लगाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार को इसका प्रपोजल स्वीकृति के लिए भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही 100 टावर लगाने का काम बीएसएनएल द्वारा किया जाएगा। जिससे हमीरपुर जिला में बीएसएनएल की 4G सेवाओं का विस्तार होगा।2
- बंगाणा, कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत घड़ों गांव में सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा के तहत आयोजित स्वास्थ्य जांच शिविर ग्रामीणों के लिए बेहद लाभकारी साबित हुआ। स्वास्थ्य सेवाओं को सीधे गांव तक पहुंचाने की इस पहल ने जहां लोगों को राहत प्रदान की, वहीं उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी किया। शिविर में कुल 40 ग्रामीणों का निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस दौरान ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल, यूरिक एसिड और हीमोग्लोबिन जैसी महत्वपूर्ण जांचें भी मुफ्त में उपलब्ध करवाई गईं। इन सुविधाओं के कारण ग्रामीणों को अपने ही गांव में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकीं और उन्हें अस्पतालों के चक्कर लगाने से भी राहत मिली। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. अंशु शर्मा ने मरीजों की विस्तृत जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श दिया। जरूरतमंद लोगों को मौके पर ही निशुल्क दवाइयां भी वितरित की गईं। शिविर के सफल आयोजन में फार्मासिस्ट रितु राणा, लैब टेक्नीशियन सेजल तथा पायलट शेखर ठाकुर का विशेष योगदान रहा। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर गांव स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बना रहे हैं। इससे समय और धन दोनों की बचत हो रही है और लोगों को समय पर उपचार मिल रहा है। उन्होंने टीम कुटलैहड़ सदर का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे शिविरों के नियमित आयोजन की मांग की।1
- *शारीरिक शिक्षकों की भर्ती (PET 870) प्रक्रिया में ढिलाई पर उठे सवाल,,बेरोजगारों में रोष* शिमला। प्रदेश में PET 870 (शारीरिक शिक्षा शिक्षक) भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर सुस्ती का शिकार होती नजर आ रही है। बेरोजगार शारीरिक कल्याण संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रमेश राजपूत ने सचिवालय और शिक्षा विभाग शिमला में जानकारी लेने के बाद बताया कि जिलों से अब तक जरूरी रिकॉर्ड नहीं पहुंच पाया है। उन्होंने बताया कि 19 मार्च को शिक्षा विभाग द्वारा सभी जिलों के डिप्टी डायरेक्टर को 5 दिन के भीतर आवश्यक दस्तावेज और आंकड़े भेजने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन समयसीमा खत्म होने के बावजूद विभाग इस दिशा में गंभीरता नहीं दिखा रहा है। रमेश राजपूत ने कहा कि लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं में निराशा बढ़ रही है। 8-9 साल से अभ्यर्थी नौकरी की आस लगाए बैठे हैं, वहीं दूसरी ओर स्कूलों में खेल गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं, जिससे छात्रों के समग्र विकास पर असर पड़ रहा है। उन्होंने सभी जिलों के अधिकारियों से अपील की कि जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी कर काउंसलिंग तिथि घोषित की जाए। साथ ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से भी आग्रह किया कि अपने वादे के अनुसार पंचायत चुनाव से पहले भर्ती पूरी कर युवाओं को राहत दी जाए। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो भर्ती प्रक्रिया और लटक सकती है, जिसका असर न केवल युवाओं बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र पर पड़ सकता है।1
- घुमारवीं,29 मार्च (राकेश): उपतहसील भराड़ी के अंतर्गत आने वाले युवक मंडल मिहाड़ा द्वारा स्वच्छता अभियान के तहत एक बावड़ी की साफ-सफाई की गई। यह अभियान युवक मंडल के प्रधान मनीष शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। अभियान के दौरान युवाओं ने बावड़ी के साथ-साथ उसके आसपास के क्षेत्र और नालियों की भी सफाई की। पतझड़ के चलते नालियां पत्तों और मिट्टी से पूरी तरह भर चुकी थीं, जिससे जल स्रोत प्रभावित हो रहा था। युवक मंडल के सदस्यों ने पूरी मेहनत और ईमानदारी से सफाई कार्य को अंजाम दिया। युवाओं का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य जल स्रोत को स्वच्छ बनाए रखना है, ताकि आने वाली गर्मियों में लोगों को साफ पानी उपलब्ध हो सके। इस स्वच्छता अभियान में युवा मंडल प्रधान मनीष शर्मा, वरुण शर्मा, सुरेश शर्मा, सागर लाल शर्मा, जनक राज शर्मा सहित अन्य सदस्यों ने सक्रिय सहयोग दिया।1