नो-मैपिंग मतदाताओं की सुनवाई को लेकर अफसरों का गहन प्रशिक्षण पब्लिक की लहर शाहजहांपुर। विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के तहत नो-मैपिंग मतदाताओं की सुनवाई को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मंगलवार को भारत रत्न श्री अटल बिहारी बाजपेयी ऑडिटोरियम में जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं सुपरवाइजर्स का गहन प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के अंतर्गत उन मतदाताओं की जांच की जा रही है, जिनकी वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हो सकी है। ऐसे मतदाताओं को भारत निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन्स के अनुसार नोटिस जारी किए गए हैं। इन नो-मैपिंग मतदाताओं की सुनवाई के लिए जनपद की सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में 170 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की तैनाती की गई है, जबकि 81 सुनवाई स्थल निर्धारित किए गए हैं। प्रशिक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी जलालाबाद प्रभात कुमार राय ने पीपीटी के माध्यम से विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण की अवधारणा, उद्देश्य एवं प्रक्रियाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नो-मैपिंग मतदाता वे हैं, जो न तो वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज थे और न ही उस सूची में दर्ज मतदाताओं की संतान (प्रोजेनी) हैं। वर्ष 2003 की मतदाता सूची को अंतिम विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण का आधार मानते हुए उसमें दर्ज मतदाताओं एवं उनकी संतानों को प्रमाणिक माना गया है, इसलिए उनकी पुनः जांच की आवश्यकता नहीं है। दस्तावेजों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि घोषणा के समर्थन में मतदाता को स्वयं, पिता एवं माता के स्व-प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इनमें केंद्र/राज्य सरकार अथवा सार्वजनिक उपक्रम के कर्मचारी या पेंशनभोगी का पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल, भूमि या आवास आवंटन प्रमाण पत्र सहित निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य अन्य दस्तावेज शामिल हैं। आधार से संबंधित आयोग के निर्देश भी लागू होंगे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि दस्तावेजों की संख्या मतदाता की जन्म तिथि के अनुसार तय की गई है। 30 जून 1987 तक जन्मे मतदाताओं को स्वयं का एक मान्य दस्तावेज, 01 जुलाई 1987 से 02 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाताओं को स्वयं का एक दस्तावेज एवं माता-पिता में से किसी एक का दस्तावेज, जबकि 03 दिसंबर 2004 या उसके बाद जन्मे मतदाताओं को स्वयं का एक दस्तावेज तथा माता-पिता दोनों के दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। सुनवाई के दौरान मतदाता की स्वयं उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में नगर आयुक्त डॉ. विपिन कुमार मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अपराजिता सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन रजनीश कुमार मिश्र, नगर मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी ऋषिपाल सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
नो-मैपिंग मतदाताओं की सुनवाई को लेकर अफसरों का गहन प्रशिक्षण पब्लिक की लहर शाहजहांपुर। विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के तहत नो-मैपिंग मतदाताओं की सुनवाई को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मंगलवार को भारत रत्न श्री अटल बिहारी बाजपेयी ऑडिटोरियम में जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं सुपरवाइजर्स का गहन प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के अंतर्गत उन मतदाताओं की जांच की जा रही है, जिनकी वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हो सकी है। ऐसे मतदाताओं को भारत निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन्स के अनुसार नोटिस जारी किए गए हैं। इन नो-मैपिंग मतदाताओं की सुनवाई के लिए जनपद की सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में 170 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की तैनाती की गई है, जबकि 81 सुनवाई स्थल निर्धारित किए गए हैं। प्रशिक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी जलालाबाद प्रभात कुमार राय ने पीपीटी के माध्यम से विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण की अवधारणा, उद्देश्य एवं प्रक्रियाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नो-मैपिंग मतदाता वे हैं, जो न तो वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज थे और न ही उस सूची में दर्ज मतदाताओं की संतान (प्रोजेनी) हैं। वर्ष 2003 की मतदाता सूची को अंतिम विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण का आधार मानते
हुए उसमें दर्ज मतदाताओं एवं उनकी संतानों को प्रमाणिक माना गया है, इसलिए उनकी पुनः जांच की आवश्यकता नहीं है। दस्तावेजों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि घोषणा के समर्थन में मतदाता को स्वयं, पिता एवं माता के स्व-प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इनमें केंद्र/राज्य सरकार अथवा सार्वजनिक उपक्रम के कर्मचारी या पेंशनभोगी का पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल, भूमि या आवास आवंटन प्रमाण पत्र सहित निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य अन्य दस्तावेज शामिल हैं। आधार से संबंधित आयोग के निर्देश भी लागू होंगे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि दस्तावेजों की संख्या मतदाता की जन्म तिथि के अनुसार तय की गई है। 30 जून 1987 तक जन्मे मतदाताओं को स्वयं का एक मान्य दस्तावेज, 01 जुलाई 1987 से 02 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाताओं को स्वयं का एक दस्तावेज एवं माता-पिता में से किसी एक का दस्तावेज, जबकि 03 दिसंबर 2004 या उसके बाद जन्मे मतदाताओं को स्वयं का एक दस्तावेज तथा माता-पिता दोनों के दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। सुनवाई के दौरान मतदाता की स्वयं उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में नगर आयुक्त डॉ. विपिन कुमार मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अपराजिता सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन रजनीश कुमार मिश्र, नगर मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी ऋषिपाल सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
- नो-मैपिंग मतदाताओं की सुनवाई को लेकर अफसरों का गहन प्रशिक्षण पब्लिक की लहर शाहजहांपुर। विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के तहत नो-मैपिंग मतदाताओं की सुनवाई को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मंगलवार को भारत रत्न श्री अटल बिहारी बाजपेयी ऑडिटोरियम में जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं सुपरवाइजर्स का गहन प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के अंतर्गत उन मतदाताओं की जांच की जा रही है, जिनकी वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हो सकी है। ऐसे मतदाताओं को भारत निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन्स के अनुसार नोटिस जारी किए गए हैं। इन नो-मैपिंग मतदाताओं की सुनवाई के लिए जनपद की सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में 170 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की तैनाती की गई है, जबकि 81 सुनवाई स्थल निर्धारित किए गए हैं। प्रशिक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी जलालाबाद प्रभात कुमार राय ने पीपीटी के माध्यम से विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण की अवधारणा, उद्देश्य एवं प्रक्रियाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नो-मैपिंग मतदाता वे हैं, जो न तो वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज थे और न ही उस सूची में दर्ज मतदाताओं की संतान (प्रोजेनी) हैं। वर्ष 2003 की मतदाता सूची को अंतिम विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण का आधार मानते हुए उसमें दर्ज मतदाताओं एवं उनकी संतानों को प्रमाणिक माना गया है, इसलिए उनकी पुनः जांच की आवश्यकता नहीं है। दस्तावेजों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि घोषणा के समर्थन में मतदाता को स्वयं, पिता एवं माता के स्व-प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इनमें केंद्र/राज्य सरकार अथवा सार्वजनिक उपक्रम के कर्मचारी या पेंशनभोगी का पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल, भूमि या आवास आवंटन प्रमाण पत्र सहित निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य अन्य दस्तावेज शामिल हैं। आधार से संबंधित आयोग के निर्देश भी लागू होंगे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि दस्तावेजों की संख्या मतदाता की जन्म तिथि के अनुसार तय की गई है। 30 जून 1987 तक जन्मे मतदाताओं को स्वयं का एक मान्य दस्तावेज, 01 जुलाई 1987 से 02 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाताओं को स्वयं का एक दस्तावेज एवं माता-पिता में से किसी एक का दस्तावेज, जबकि 03 दिसंबर 2004 या उसके बाद जन्मे मतदाताओं को स्वयं का एक दस्तावेज तथा माता-पिता दोनों के दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। सुनवाई के दौरान मतदाता की स्वयं उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में नगर आयुक्त डॉ. विपिन कुमार मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अपराजिता सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन रजनीश कुमार मिश्र, नगर मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी ऋषिपाल सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।2
- जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में तहसील पुवायां में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया।1
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- फर्रुखाबाद व्यूरो रिपोर्ट राजेपुर थाना क्षेत्र के कस्बा तिराहा पर एक तेज रफ्तार बाइक ने साइकिल सवार युवक को टक्कर मार दी युवक गंभीर रूप से घायल हो गया1
- लखीमपुर खीरी जिले की पलिया तहसील में कंबल चोरी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मामले को लेकर पलिया तहसील से वकील सीओ कार्यालय पहुंचे और लिखित तहरीर दी। इस दौरान वकीलों ने जोरदार नारेबाजी भी की। प्रदर्शन के दौरान “रिश्वतखोर तेरे बच्चे बनेंगे चोर” और “एसडीएम पलिया मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए गए। नारेबाजी और विरोध के चलते सीओ कार्यालय परिसर में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया।1
- लखीमपुर खीरी जिले की पलिया तहसील में कंबल चोरी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मामले को लेकर पलिया तहसील से वकील सीओ कार्यालय पहुंचे और लिखित तहरीर दी। इस दौरान वकीलों ने जोरदार नारेबाजी भी की। प्रदर्शन के दौरान “रिश्वतखोर तेरे बच्चे बनेंगे चोर” और “एसडीएम पलिया मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए गए। नारेबाजी और विरोध के चलते सीओ कार्यालय परिसर में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया।1
- यूपी स्थापना दिवस से गणतंत्र दिवस तक सजेगा जनपद, 👉विकसित यूपी–विकसित भारत थीम पर होंगे भव्य आयोजन! मुख्य विकास अधिकारी शाहजहांपुर, 20 जनवरी। विकसित उत्तर प्रदेश–विकसित भारत थीम के अंतर्गत उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस से लेकर 26 जनवरी गणतंत्र दिवस समारोह तक आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर विकास भवन में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अपराजिता सिंह ने की। बैठक में जानकारी दी गई कि उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस का मुख्य कार्यक्रम 24 जनवरी को अटल बिहारी वाजपेयी प्रेक्षागृह में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के गौरवशाली इतिहास के साथ-साथ जनपद के समग्र विकास को प्रदर्शित करने के लिए डिस्ट्रिक्ट गैलरी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न विभागों द्वारा किए गए विकास कार्यों, उपलब्धियों और नवाचारों की झलक प्रस्तुत की जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी लाभार्थीपरक योजनाओं से संबंधित विभाग अनिवार्य रूप से अपने-अपने स्टाल लगाकर योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाएं। उन्होंने यह भी कहा कि स्टैंडी, बैनर एवं अन्य प्रचार सामग्री में जनपद के विकास को दर्शाने वाले उच्च गुणवत्ता के चित्रों का उपयोग किया जाए, ताकि सकारात्मक संदेश प्रभावी रूप से जनसामान्य तक पहुंचे। बैठक में बताया गया कि 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती, 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस, 25 जनवरी को राष्ट्रीय पर्यटन दिवस एवं राष्ट्रीय मतदाता जागरूकता दिवस तथा 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह को भव्य और गरिमामय ढंग से मनाया जाएगा। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्यक्रमों को सफल बनाने के निर्देश दिए गए।1
- महिला से छेड़छाड़ का विरोध करने पर हमला, चार घायल शाहजहांपुर। थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत काशीराम कॉलोनी में रविवार रात महिला से छेड़छाड़ का विरोध करने पर मारपीट और धारदार हथियार से हमला करने का मामला सामने आया है। घटना में महिला सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।1
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