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बिहार के नवादा में एक नई नवेली दुल्हन का “हाई वोल्टेज ड्रामा” सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। सात फेरे लेकर ससुराल पहुंची इस दुल्हन का शादी के कुछ ही दिन बाद गाली-गलौज और हंगामे का एक वीडियो सामने आया है, जो इंटरनेट पर छाया हुआ है। इस वायरल वीडियो को देखकर लोग हैरान हैं और यह सवाल पूछ रहे हैं कि “इतना गुस्सा आखिर किस बात का?” दुल्हन के इस नाटकीय हंगामे ने सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोरी है।
RRP न्यूज़
बिहार के नवादा में एक नई नवेली दुल्हन का “हाई वोल्टेज ड्रामा” सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। सात फेरे लेकर ससुराल पहुंची इस दुल्हन का शादी के कुछ ही दिन बाद गाली-गलौज और हंगामे का एक वीडियो सामने आया है, जो इंटरनेट पर छाया हुआ है। इस वायरल वीडियो को देखकर लोग हैरान हैं और यह सवाल पूछ रहे हैं कि “इतना गुस्सा आखिर किस बात का?” दुल्हन के इस नाटकीय हंगामे ने सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोरी है।
More news from बिहार and nearby areas
- सामने आए एक मामले में, पुलिसकर्मी अभिषेक कुमार पर एक दुकान से मुफ्त में सामान लेने का प्रयास करने का आरोप लगा है। इस घटना को 'गुंडागर्दी' करार दिया गया है, जो पुलिस बल के भीतर कथित दुर्व्यवहार को उजागर करती है। अभिषेक कुमार को 'eMedia' से जुड़ा बताया गया है।1
- बुधवार शाम रफीगंज शहर की पोस्ट ऑफिस गली में अपने परिजनों से बिछड़ी एक 5 वर्षीय बच्ची को स्थानीय लोगों और पुलिस के प्रयासों से सुरक्षित उसके परिवार से मिला दिया गया। बच्ची को रोते-बिलखते देख स्थानीय लोगों ने मानवीयता दिखाते हुए उसे रफीगंज थाने पहुंचाया। थाने पहुंचने पर पुलिस ने बच्ची से जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन डरी-सहमी होने के कारण वह कुछ स्पष्ट बता नहीं पा रही थी। इसके बाद पुलिस ने सोशल मीडिया का उपयोग करते हुए बच्ची के परिजनों की तलाश शुरू की। बुधवार रात करीब 8:30 बजे अरवल जिले के कलेर थाना क्षेत्र अंतर्गत अग्नूर गांव निवासी पिंकू कुमार और उनकी पत्नी खुशबू कुमारी रफीगंज थाने पहुंचे। उन्होंने बच्ची की पहचान अपनी बेटी मानसी कुमारी उर्फ आकांक्षा के रूप में की, जिसके बाद आवश्यक जांच-पड़ताल पूरी कर पुलिस ने बच्ची को सकुशल उनके परिजनों को सौंप दिया। मिली जानकारी के अनुसार, बच्ची की मां खुशबू कुमारी अपनी बहन के घर जन्मदिन समारोह में शामिल होने के लिए रफीगंज आई हुई थीं। इसी दौरान बच्ची रास्ता भटक गई और अपने परिवार से अलग हो गई थी। बच्ची को सकुशल परिजनों से मिलाने पर परिवार ने रफीगंज पुलिस और स्थानीय लोगों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।1
- भोजपुर जिले में बढ़ते अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस प्रशासन अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। भोजपुर पुलिस अधीक्षक राज ने पीरो अनुमंडल के सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए हैं, जिसमें कहा गया है कि उनके क्षेत्र में अपराध नियंत्रण सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इस संबंध में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बुधवार की शाम करीब 6:00 बजे, एसपी राज ने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि सभी लंबित मामलों (पेंडिंग केस) का जल्द से जल्द निष्पादन किया जाए। साथ ही, अनुसंधान कार्यों में तेजी लाने और दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने इस बात पर जोर दिया कि, "क्राइम कंट्रोल हमारी पहली प्राथमिकता है। पेंडिंग मामलों को तेजी से निपटाते हुए अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार लाना जरूरी है, ताकि अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई हो सके।" पुलिस अधीक्षक के इस सख्त रुख के बाद, पीरो क्षेत्र में पुलिसिंग गतिविधियों में और भी तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।1
- बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा का जहानाबाद बाईपास पर भव्य और उत्साहपूर्ण स्वागत किया गया। मंत्री पटना से गया जाने के क्रम में यहां पहुंचे, जहां भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने फूल-मालाओं के साथ उनका अभिनंदन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समर्थक मौजूद रहे, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया। कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए मंत्री के प्रति अपना सम्मान और विश्वास व्यक्त किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने उपस्थित कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया और उनके उत्साह की प्रशंसा की। उन्होंने संगठन की मजबूती और जनता की सेवा के लिए सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। मंत्री ने किसानों के हित में चल रही योजनाओं और कृषि विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी दोहराया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनसमस्याओं के समाधान के लिए लोगों के बीच लगातार सक्रिय रहने और सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आग्रह किया। उनके संबोधन के दौरान कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखा गया। कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मंत्री को शुभकामनाएं दीं और उनके नेतृत्व में कृषि क्षेत्र के और अधिक विकास की उम्मीद जताई। यह स्वागत समारोह शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जो संगठन की एकजुटता और जनसंपर्क का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ। स्वागत कार्यक्रम समाप्त होने के बाद कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गया के लिए रवाना हो गए।1
- पटना स्थित खान सर के कोचिंग सेंटर पर हुए हमले के मामले में रोशन आनंद को गिरफ्तार किया गया है। इस घटना से जुड़ा पूरा मामला क्या है, इस बारे में अभी अधिक जानकारी सामने नहीं आई है।1
- एक वीडियो में नरेंद्र मोदी को गिफ्ट देते हुए चॉकलेट का एक पैकेट देखते हुए दिखाया गया है। यह वीडियो जहानाबाद से साझा किया गया है, और इसे देखने के बाद दर्शकों से अपनी प्रतिक्रिया कमेंट्स में देने का आग्रह किया गया है।1
- बिहार के वैशाली में भांजे और मौसी के रिश्ते ने सभी मर्यादाओं को तोड़ दिया है। यहाँ लड़की के पिता ने दोनों को आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया, जिसके बाद गांववालों ने तुरंत उनकी शादी करवा दी। इस पूरी घटना का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।1
- ईमीडिया के अभिषेक कुमार ने एक गंभीर सवाल उठाया है, जिसमें उन्होंने उल्लेख किया है कि वर्दी पर डबल स्टार पहने हुए एक व्यक्ति नशे की हालत में मिला। इस घटना पर प्रश्न उठाया गया है कि क्या इस तरह की स्थिति में देश की व्यवस्था को संभाला जा सकता है।1
- बिहार के चरपोखरी थाना क्षेत्र के ढेड़ा गांव से एक मामला सामने आया है, जहाँ बुधवार शाम करीब 4:00 बजे एक पशु चिकित्सक की घोर लापरवाही के कारण एक मवेशी की हालत बेहद गंभीर हो गई है। यह घटना सरकार द्वारा पशुपालकों की सुविधा के लिए प्रखंड से पंचायत स्तर तक पशु अस्पताल और डॉक्टरों की व्यवस्था के दावों की जमीनी हकीकत को उजागर करती है। पशुपालक राम अयोध्या सिंह ने बताया कि उनकी भैंस कई दिनों से बीमार थी। उन्होंने ढेड़ा में पदस्थापित पशु चिकित्सक डॉ. अंशु कुमार को इलाज के लिए कई बार फोन किया, लेकिन डॉक्टर ने हर बार टालमटोल जवाब दिए और मौके पर नहीं पहुंचे। आरोप है कि डॉ. अंशु कुमार ने स्वयं आने के बजाय अस्पताल के चपरासी को मवेशी देखने भेज दिया, जिससे स्थिति और भी बिगड़ गई। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर पंचायत स्तर पर पशु अस्पताल तो बनवा रही है, लेकिन डॉक्टर केवल औपचारिकता निभाते हैं, जैसे झंडा फहराना, और नियमित रूप से अस्पताल नहीं पहुंचते। इस लापरवाही के कारण पशुपालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टर के लगातार कॉल के बावजूद मौके पर न पहुंचने से मवेशी की हालत इतनी गंभीर हो चुकी है कि उसे बचाना मुश्किल लग रहा है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से लापरवाह डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है और यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी कब जागेंगे।1