ग्वालियर जिले के भितरवार में मोहर्रम की दसवीं तारीख, शुक्रवार को, मुस्लिम समुदाय द्वारा हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की कर्बला में हुई शहादत की याद में ताजियों का एक गमगीन जुलूस निकाला गया। यह जुलूस नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए भितरवार की पार्वती नदी के दियादाह घाट स्थित कर्बला तक पहुँचा। भीषण उमस भरी गर्मी के बावजूद, मुस्लिम समुदाय के नौजवान युवा पूरे जोश और उत्साह के साथ जगह-जगह करतब दिखाते हुए चल रहे थे, साथ ही “या हुसैन या हुसैन” के नारे लगा रहे थे। इस दौरान नगर में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के बीच भाईचारा भी देखने को मिला। जगह-जगह लोगों ने मातमी धुनों के बीच ताजियों के जुलूस को नमन करते हुए देश में अमन और शांति की दुआ करते हुए उनका स्वागत किया। जुलूस को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर भारी संख्या में लोग मौजूद थे, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोग भी शामिल थे। मोहर्रम का महीना मुस्लिम समुदाय के लिए गम और शोक का प्रतीक है, जिसकी दसवीं तारीख को इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहीदी को याद किया जाता है। इन्होंने कर्बला में धर्म, न्याय और सत्य के पक्ष में लड़ाई लड़ते हुए अत्याचारों के खिलाफ अपने प्राणों की आहुति दी थी। मुस्लिम समुदाय इस दिन को विशेष रूप से शोक और श्रद्धा के रूप में मनाते हुए अपने पूर्वजों के बलिदान को याद करते हैं और पूरे श्रद्धा भाव के साथ ताजिया निकालकर अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं। भितरवार में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कर्बला के शहीदों की याद में दूर-दराज के शहरों से आकर्षक साज-सज्जा के ताजिये बनवाए थे, जिनका मातमी जुलूस नगर के भितरवार-डबरा रोड से निकाला गया। इस दौरान बैंड पर चल रही मातमी धुनों के बीच मुस्लिम समुदाय के युवा जगह-जगह सड़क पर करतब दिखा रहे थे। लोगों ने ताजियों की सेहरा बंदी कर पूजा अर्चना भी की। नगर के मेन तिराहे पर मुख्य अखाड़े का आयोजन किया गया था, जहाँ एक से बढ़कर एक करतब देखने के लिए भारी भीड़ जमा थी। देर रात्रि तक ताजियों का यह जुलूस नगर के मुख्य मार्ग से होते हुए नगर के वार्ड क्रमांक 13 स्थित पार्वती नदी के दियादाह घाट पर मौजूद कर्बला पहुंचा। वहाँ मुस्लिम समुदाय की उपस्थिति में महिला-पुरुषों और नौजवान युवाओं ने नम आँखों से ताजियों को दफन किया, जिससे पूरे माहौल में और अधिक गमगीनी छा गई।
ग्वालियर जिले के भितरवार में मोहर्रम की दसवीं तारीख, शुक्रवार को, मुस्लिम समुदाय द्वारा हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की कर्बला में हुई शहादत की याद में ताजियों का एक गमगीन जुलूस निकाला गया। यह जुलूस नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए भितरवार की पार्वती नदी के दियादाह घाट स्थित कर्बला तक पहुँचा। भीषण उमस भरी गर्मी के बावजूद, मुस्लिम समुदाय के नौजवान युवा पूरे जोश और उत्साह के साथ जगह-जगह करतब दिखाते हुए चल रहे थे, साथ ही “या हुसैन या हुसैन” के नारे लगा रहे थे। इस दौरान नगर में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के बीच भाईचारा भी देखने को मिला। जगह-जगह लोगों ने मातमी धुनों के बीच ताजियों के जुलूस को नमन करते हुए देश में अमन और शांति की दुआ करते हुए उनका स्वागत किया। जुलूस को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर भारी संख्या में लोग मौजूद थे, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोग भी शामिल थे। मोहर्रम का महीना मुस्लिम समुदाय के लिए गम और शोक का प्रतीक है, जिसकी दसवीं तारीख को इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहीदी को याद किया जाता है। इन्होंने कर्बला में धर्म, न्याय और सत्य के पक्ष में
लड़ाई लड़ते हुए अत्याचारों के खिलाफ अपने प्राणों की आहुति दी थी। मुस्लिम समुदाय इस दिन को विशेष रूप से शोक और श्रद्धा के रूप में मनाते हुए अपने पूर्वजों के बलिदान को याद करते हैं और पूरे श्रद्धा भाव के साथ ताजिया निकालकर अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं। भितरवार में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कर्बला के शहीदों की याद में दूर-दराज के शहरों से आकर्षक साज-सज्जा के ताजिये बनवाए थे, जिनका मातमी जुलूस नगर के भितरवार-डबरा रोड से निकाला गया। इस दौरान बैंड पर चल रही मातमी धुनों के बीच मुस्लिम समुदाय के युवा जगह-जगह सड़क पर करतब दिखा रहे थे। लोगों ने ताजियों की सेहरा बंदी कर पूजा अर्चना भी की। नगर के मेन तिराहे पर मुख्य अखाड़े का आयोजन किया गया था, जहाँ एक से बढ़कर एक करतब देखने के लिए भारी भीड़ जमा थी। देर रात्रि तक ताजियों का यह जुलूस नगर के मुख्य मार्ग से होते हुए नगर के वार्ड क्रमांक 13 स्थित पार्वती नदी के दियादाह घाट पर मौजूद कर्बला पहुंचा। वहाँ मुस्लिम समुदाय की उपस्थिति में महिला-पुरुषों और नौजवान युवाओं ने नम आँखों से ताजियों को दफन किया, जिससे पूरे माहौल में और अधिक गमगीनी छा गई।
- दतिया जिले के सेंवढ़ा में मोहर्रम पर्व पर सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन किया गया। शुक्रवार को सेंवढ़ा किला प्रांगण में विभिन्न इमामबाड़ों के ताजिए और बुर्राकें पारंपरिक रूप से एकत्रित हुईं। दतिया राज परिवार की वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार, पूर्व विधायक महाराज घनश्याम सिंह जूदेव ने ताजियों पर अगरबत्ती लगाकर तबर्रुक चढ़ाया और श्रद्धापूर्वक कंधा देकर उन्हें करबला के लिए रवाना किया। किला प्रांगण से निकले मातमी जुलूस में विभिन्न अखाड़ों के युवाओं ने मुख्य बाजार मार्ग पर लाठी, तलवार और अन्य पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर वरिष्ठ नेता अपरवल साहनी, राजेंद्र नोनेरिया, देशराज कुशवाहा, बादशाह खान, कमल किशोर शर्मा, रहीस खान, दिग्विजय सिंह सहित मुस्लिम समाज के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। मोहर्रम का यह जुलूस आपसी भाईचारे, सौहार्द और परंपराओं के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।1
- एक कार्य जो 2014 में शुरू किया गया था, उसे अब 2020 में पूरा किया जा रहा है। यह कार्य लक्ष्य यादव द्वारा पूरा किया जा रहा है, जिन्हें उनके पिता ने अपना लड़का बताया है। कार्य पूरा होने के इस अवसर पर, लक्ष्य के लिए सभी से आशीर्वाद की कामना की गई है।1
- भाण्डेर तहसील के ग्राम बड़ेरा सोपान में नालियां चोक होने के कारण सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जलभराव के चलते दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई है, वहीं पैदल चलने वाले लोगों को भी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। शुक्रवार शाम करीब 04 बजे ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लगातार पानी जमा रहने से आसपास गंदगी फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल नालियों की सफाई करवाकर जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि उन्हें जल्द राहत मिल सके और दैनिक आवागमन सुचारु हो सके।1
- शिवपुरी जिले के बदरवास में अवैध रेत उत्खनन रोकने पहुंची राजस्व टीम के साथ अभद्रता करने और तहसीलदार को गोली मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस और प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। इस घटना के संबंध में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले में शामिल एक तीसरे आरोपी की तलाश अभी भी जारी है। पुलिस की कार्रवाई के साथ ही प्रशासन ने एक कदम आगे बढ़ते हुए आरोपियों के एक मकान पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की। यह पूरी कार्रवाई पुलिस और प्रशासन की संयुक्त मौजूदगी में की गई, जिसके बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को भी काफी कड़ा कर दिया गया है। यह उल्लेखनीय है कि आरोपियों ने राजस्व टीम के साथ गाली-गलौज की थी, शासकीय कार्य में बाधा डाली थी और तहसीलदार को जान से मारने की धमकी दी थी। इस घटना के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।1
- मध्य प्रदेश के डबरा (ग्वालियर) में एक घटना सामने आई है, जहाँ दुकान बंद कर अपने घर जा रहे व्यापारियों पर नकाबपोश बदमाशों ने हमला कर दिया। यह वारदात ठाकुर बाबा रोड पर बताई जा रही है, जिसमें बदमाशों ने व्यापारियों के साथ मारपीट की और हवाई फायर भी किया। बदमाशों ने लूटपाट की नीयत से व्यापारियों को निशाना बनाया और उनसे लूटपाट करने की कोशिश की। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सिटी पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुट गई है।1
- दतिया में हुए विशाल हत्याकांड के संबंध में दामोदर यादव ने पुलिस प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने इस मामले पर पुलिस प्रशासन को अल्टीमेटम जारी किया है।1
- झाँसी रोड थाना क्षेत्र में ट्रैफिक पुलिस की गाड़ी को सड़क पर खड़ा करने के कारण यातायात बाधित हो रहा है। बताया गया है कि ट्रैफिक थाने की यह गाड़ी रोड पर ही खड़ी की जाती है, जिससे लगातार जाम की स्थिति बन रही है।1
- दतिया जिले की ग्राम पंचायत बड़ोंनकला में गुरुवार को मोहर्रम के अवसर पर आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस दौरान बीच वाली राउड से ताजिया उठाया गया, जिसे वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार शिवेंद्र बुंदेला, मुन्ना राजा, छोटे राजा, पग्गू राजा और समस्त बुंदेला परिवार ने कंधा देकर काजियों के चौक के लिए रवाना किया। काजियों के चौक पर पहुंचने के बाद पारंपरिक अखाड़े का आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने मौजूद रहकर विभिन्न करतब देखे। इस कार्यक्रम में काजी रफीक मोहम्मद, सूफी हसन बाबा, उप सरपंच दिनेश अहिरवार, समाजसेवी कमल किशोर पलया और राम मिलन गुर्जर सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। ग्रामीणों के अनुसार, ताजिया काजियों के चौक से लाल के चौक, हाथी वाली राउड और चूड़ी वाले मोहल्ले से होते हुए पुनः बीच वाली राउड पहुंचेगा। इसके बाद पारंपरिक रस्म 'ठंडा' को पूरा किया जाएगा, जिसके उपरांत ताजिये को करबला ले जाया जाएगा। मोहर्रम के इस अवसर पर पूरे गांव में आपसी भाईचारे, सौहार्द और धार्मिक सद्भाव का माहौल देखने को मिला। वहीं, पुलिस प्रशासन द्वारा किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा में भाजपा पार्षद किशन नायक ने अपना जन्मदिन एक नाले में खड़े होकर मनाया। उनका यह अनोखा विरोध प्रदर्शन नालों की अब तक सफाई न होने के कारण था, जबकि बारिश का मौसम सिर पर है। पार्षद नायक ने बताया कि उन्होंने स्वयं नालों की सफाई के लिए 12 बार शिकायतें दर्ज कराई थीं, लेकिन इन शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हुई।1