शिवपुरी जिले के बदरवास में अवैध रेत उत्खनन रोकने पहुंची राजस्व टीम के साथ अभद्रता करने और तहसीलदार को गोली मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस और प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। इस घटना के संबंध में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले में शामिल एक तीसरे आरोपी की तलाश अभी भी जारी है। पुलिस की कार्रवाई के साथ ही प्रशासन ने एक कदम आगे बढ़ते हुए आरोपियों के एक मकान पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की। यह पूरी कार्रवाई पुलिस और प्रशासन की संयुक्त मौजूदगी में की गई, जिसके बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को भी काफी कड़ा कर दिया गया है। यह उल्लेखनीय है कि आरोपियों ने राजस्व टीम के साथ गाली-गलौज की थी, शासकीय कार्य में बाधा डाली थी और तहसीलदार को जान से मारने की धमकी दी थी। इस घटना के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
शिवपुरी जिले के बदरवास में अवैध रेत उत्खनन रोकने पहुंची राजस्व टीम के साथ अभद्रता करने और तहसीलदार को गोली मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस और प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। इस घटना के संबंध में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले में शामिल एक तीसरे आरोपी की तलाश अभी भी जारी है। पुलिस की कार्रवाई के साथ ही प्रशासन ने एक कदम आगे बढ़ते हुए आरोपियों के एक मकान पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की। यह पूरी कार्रवाई पुलिस और प्रशासन की संयुक्त मौजूदगी में की गई, जिसके बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को भी काफी कड़ा कर दिया गया है। यह उल्लेखनीय है कि आरोपियों ने राजस्व टीम के साथ गाली-गलौज की थी, शासकीय कार्य में बाधा डाली थी और तहसीलदार को जान से मारने की धमकी दी थी। इस घटना के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
- शिवपुरी जिले में अवैध उत्खनन के खिलाफ प्रशासन का विशेष अभियान जारी है, जिसके तहत 26 जून 2026 को बैराड़ क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की गई। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देश पर प्रशासन और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने एक शासकीय नाले में अवैध उत्खनन करते हुए एक जेसीबी मशीन को जब्त किया है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जे.पी. गुप्ता के मार्गदर्शन में खनिज अधिकारी रामसिंह उइके, तहसीलदार बैराड़ द्रगपाल सिंह बैश और पुलिस बल ने गुरुवार-शुक्रवार की मध्यरात्रि करीब 2 बजे ग्राम जरिया (आनंदपुर) में छापा मारा। मौके पर पाया गया कि शासकीय नाले में लगभग 100 फीट लंबा, 10 फीट चौड़ा और 10 फीट गहरा गड्ढा खोदकर अवैध रूप से उत्खनन किया जा रहा था। जांच के दौरान जेसीबी चालक उत्खनन से संबंधित कोई वैध अनुमति या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद, खनिज विभाग और तहसील प्रशासन ने जेसीबी मशीन को जब्त कर बैराड़ थाना पुलिस की अभिरक्षा में सौंप दिया। मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई जारी है।1
- करैरा पुलिस ने देहरेटा सानी घाट पर अवैध रेत उत्खनन में लिप्त एक जेसीबी मशीन को जब्त किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया द्वारा जिले में अवैध मादक पदार्थ, जुआ, सट्टा, अवैध हथियार, अवैध खनन परिवहन और अवैध शराब पर शून्य सहिष्णुता (जीरो टॉलरेंस) अपनाने के निर्देशों के तहत की गई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले के निर्देशन और एसडीओपी प्रशांत शर्मा के मार्गदर्शन में, करैरा पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली कि देहरेटा सानी घाट पर एक जेसीबी मशीन द्वारा अवैध रूप से रेत निकाली जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम बताए गए स्थान पर पहुंची, जहां अवैध उत्खनन होता पाया गया। पुलिस को आता देख जेसीबी मशीन का चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मौके से जेसीबी मशीन को विधिवत जब्त कर लिया। वाहन मालिक के खिलाफ खनिज अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है और यह मामला खनिज विभाग शिवपुरी को भेज दिया गया है। पुलिस आरोपीगणों की तलाश में जुटी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी करैरा निरीक्षक विनोद छावई, चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक चेतन शर्मा, आरक्षक हरेंद्र गुर्जर और आरक्षक लवकेश यादव की प्रमुख भूमिका रही।1
- शिवपुरी जिले के करैरा विधानसभा क्षेत्र के सिरसौद गांव में झा समाज द्वारा सामूहिक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन की तैयारियों को लेकर हाल ही में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें समाज के वरिष्ठजनों और करौथिया परिवार के सदस्यों ने भाग लिया। इस बैठक में सर्वसम्मति से राजकुमार झा और उनकी धर्मपत्नी रीना झा को आगामी सामूहिक श्रीमद्भागवत कथा का मुख्य याजमान नियुक्त किया गया। साथ ही, कथा आयोजन से पूर्व निकाली जाने वाली भव्य कलश यात्रा की तिथि 30 जून निर्धारित की गई है। जानकारी के अनुसार, 30 जून को सिरसौद गांव के रामराजा मंदिर से श्रद्धा और उत्साह के साथ कलश यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए प्राचीन सापाई बाबा स्थल पहुंचेगी, जहां इसका समापन होगा और वहीं से विधिवत रूप से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया जाएगा। बैठक के उपरांत, झा समाज द्वारा कथा वाचन की जिम्मेदारी संभालने वाले कथावाचक रामकुमार पुजारी को संकल्प दिलाकर आयोजन को धार्मिक रूप से प्रारंभ किया गया। समाज के लोगों ने कथा को सफल बनाने और अधिक से अधिक श्रद्धालुओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प भी लिया। बताया गया है कि झा समाज का करौथिया परिवार अपने पूर्वजों की स्मृति में प्रत्येक दो से तीन वर्ष के अंतराल में सामूहिक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन कराता है। यह परंपरा समाज में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक एकता को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनी हुई है। इस बैठक में करौथिया परिवार के रामकुमार झा, ओमप्रकाश झा, कैलाश झा, महेश झा, मोहन झा, राजेन्द्र झा, करन झा, कौशल झा, रामजीलाल झा, रामसेवक झा, रामलखन झा, गोवर्धन झा, रामनिवास झा, तुलसी झा, विजय झा, अजय झा, रामाकिशन झा, कंधई झा, हंसराज झा सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे। समाज के लोगों ने इस आयोजन को केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, सामाजिक एकजुटता और आध्यात्मिक चेतना का एक महापर्व बताया है।1
- ग्वालियर जिले के भितरवार में मोहर्रम की दसवीं तारीख, शुक्रवार को, मुस्लिम समुदाय द्वारा हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की कर्बला में हुई शहादत की याद में ताजियों का एक गमगीन जुलूस निकाला गया। यह जुलूस नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए भितरवार की पार्वती नदी के दियादाह घाट स्थित कर्बला तक पहुँचा। भीषण उमस भरी गर्मी के बावजूद, मुस्लिम समुदाय के नौजवान युवा पूरे जोश और उत्साह के साथ जगह-जगह करतब दिखाते हुए चल रहे थे, साथ ही “या हुसैन या हुसैन” के नारे लगा रहे थे। इस दौरान नगर में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के बीच भाईचारा भी देखने को मिला। जगह-जगह लोगों ने मातमी धुनों के बीच ताजियों के जुलूस को नमन करते हुए देश में अमन और शांति की दुआ करते हुए उनका स्वागत किया। जुलूस को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर भारी संख्या में लोग मौजूद थे, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोग भी शामिल थे। मोहर्रम का महीना मुस्लिम समुदाय के लिए गम और शोक का प्रतीक है, जिसकी दसवीं तारीख को इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहीदी को याद किया जाता है। इन्होंने कर्बला में धर्म, न्याय और सत्य के पक्ष में लड़ाई लड़ते हुए अत्याचारों के खिलाफ अपने प्राणों की आहुति दी थी। मुस्लिम समुदाय इस दिन को विशेष रूप से शोक और श्रद्धा के रूप में मनाते हुए अपने पूर्वजों के बलिदान को याद करते हैं और पूरे श्रद्धा भाव के साथ ताजिया निकालकर अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं। भितरवार में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कर्बला के शहीदों की याद में दूर-दराज के शहरों से आकर्षक साज-सज्जा के ताजिये बनवाए थे, जिनका मातमी जुलूस नगर के भितरवार-डबरा रोड से निकाला गया। इस दौरान बैंड पर चल रही मातमी धुनों के बीच मुस्लिम समुदाय के युवा जगह-जगह सड़क पर करतब दिखा रहे थे। लोगों ने ताजियों की सेहरा बंदी कर पूजा अर्चना भी की। नगर के मेन तिराहे पर मुख्य अखाड़े का आयोजन किया गया था, जहाँ एक से बढ़कर एक करतब देखने के लिए भारी भीड़ जमा थी। देर रात्रि तक ताजियों का यह जुलूस नगर के मुख्य मार्ग से होते हुए नगर के वार्ड क्रमांक 13 स्थित पार्वती नदी के दियादाह घाट पर मौजूद कर्बला पहुंचा। वहाँ मुस्लिम समुदाय की उपस्थिति में महिला-पुरुषों और नौजवान युवाओं ने नम आँखों से ताजियों को दफन किया, जिससे पूरे माहौल में और अधिक गमगीनी छा गई।2
- मध्य प्रदेश के नरवर में गंगा-जमुनी तहज़ीब और सामाजिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली है, जहाँ कुशवाह समाज (पिरियन वालों) ने मोहर्रम के अवसर पर ताजिया तैयार कराया। यह कदम समाज ने अपनी वर्षों पुरानी परंपरा को कायम रखते हुए उठाया है। समाज के लोगों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इस ताजिए के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाई। बताया गया है कि कुशवाह समाज द्वारा ताजिया बनवाने की यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है, जिसे आज भी पूरी निष्ठा और सम्मान के साथ निभाया जाता है। यह परंपरा क्षेत्र में आपसी भाईचारे, सामाजिक सद्भाव और सांप्रदायिक सौहार्द का एक महत्वपूर्ण प्रतीक मानी जाती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नरवर की यही पहचान रही है कि यहाँ सभी धर्मों और समाजों के लोग एक-दूसरे के पर्वों और परंपराओं का सम्मान करते हैं, और कुशवाह समाज द्वारा ताजिया बनवाना इसी साझा संस्कृति और भाईचारे का एक जीवंत उदाहरण है। मोहर्रम के दौरान इस ताजिए को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुँचे, और उन्होंने समाज की इस अनूठी परंपरा की जमकर सराहना की। स्थानीय नागरिकों ने इस पहल को सामाजिक एकता और सौहार्द को मजबूत करने वाला एक प्रेरणादायक कदम बताया।1
- शिवपुरी जिले के बदरवास में अवैध रेत उत्खनन रोकने पहुंची राजस्व टीम के साथ अभद्रता करने और तहसीलदार को गोली मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस और प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। इस घटना के संबंध में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले में शामिल एक तीसरे आरोपी की तलाश अभी भी जारी है। पुलिस की कार्रवाई के साथ ही प्रशासन ने एक कदम आगे बढ़ते हुए आरोपियों के एक मकान पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की। यह पूरी कार्रवाई पुलिस और प्रशासन की संयुक्त मौजूदगी में की गई, जिसके बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को भी काफी कड़ा कर दिया गया है। यह उल्लेखनीय है कि आरोपियों ने राजस्व टीम के साथ गाली-गलौज की थी, शासकीय कार्य में बाधा डाली थी और तहसीलदार को जान से मारने की धमकी दी थी। इस घटना के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।1
- शिवपुरी के नरवर में मोहर्रम के अवसर पर ताजिया विसर्जन के दौरान एक बड़ा हादसा होने से टल गया। विसर्जन के समय एक व्यक्ति सिंध नदी में उतर गया और गहराई में जाने के कारण डूबने लगा। इस घटना को देखते ही मौके पर मौजूद बचाव दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए नदी में छलांग लगाई और उस व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय पर किए गए बचाव कार्य से उसकी जान बच गई।1