मध्य प्रदेश के नरवर में गंगा-जमुनी तहज़ीब और सामाजिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली है, जहाँ कुशवाह समाज (पिरियन वालों) ने मोहर्रम के अवसर पर ताजिया तैयार कराया। यह कदम समाज ने अपनी वर्षों पुरानी परंपरा को कायम रखते हुए उठाया है। समाज के लोगों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इस ताजिए के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाई। बताया गया है कि कुशवाह समाज द्वारा ताजिया बनवाने की यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है, जिसे आज भी पूरी निष्ठा और सम्मान के साथ निभाया जाता है। यह परंपरा क्षेत्र में आपसी भाईचारे, सामाजिक सद्भाव और सांप्रदायिक सौहार्द का एक महत्वपूर्ण प्रतीक मानी जाती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नरवर की यही पहचान रही है कि यहाँ सभी धर्मों और समाजों के लोग एक-दूसरे के पर्वों और परंपराओं का सम्मान करते हैं, और कुशवाह समाज द्वारा ताजिया बनवाना इसी साझा संस्कृति और भाईचारे का एक जीवंत उदाहरण है। मोहर्रम के दौरान इस ताजिए को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुँचे, और उन्होंने समाज की इस अनूठी परंपरा की जमकर सराहना की। स्थानीय नागरिकों ने इस पहल को सामाजिक एकता और सौहार्द को मजबूत करने वाला एक प्रेरणादायक कदम बताया।
मध्य प्रदेश के नरवर में गंगा-जमुनी तहज़ीब और सामाजिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली है, जहाँ कुशवाह समाज (पिरियन वालों) ने मोहर्रम के अवसर पर ताजिया तैयार कराया। यह कदम समाज ने अपनी वर्षों पुरानी परंपरा को कायम रखते हुए उठाया है। समाज के लोगों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इस ताजिए के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाई। बताया गया है कि कुशवाह समाज द्वारा ताजिया बनवाने की यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है, जिसे आज भी पूरी निष्ठा और सम्मान के साथ निभाया जाता है। यह परंपरा क्षेत्र में आपसी भाईचारे, सामाजिक सद्भाव और सांप्रदायिक सौहार्द का एक महत्वपूर्ण प्रतीक मानी जाती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नरवर की यही पहचान रही है कि यहाँ सभी धर्मों और समाजों के लोग एक-दूसरे के पर्वों और परंपराओं का सम्मान करते हैं, और कुशवाह समाज द्वारा ताजिया बनवाना इसी साझा संस्कृति और भाईचारे का एक जीवंत उदाहरण है। मोहर्रम के दौरान इस ताजिए को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुँचे, और उन्होंने समाज की इस अनूठी परंपरा की जमकर सराहना की। स्थानीय नागरिकों ने इस पहल को सामाजिक एकता और सौहार्द को मजबूत करने वाला एक प्रेरणादायक कदम बताया।
- मध्य प्रदेश के नरवर में गंगा-जमुनी तहज़ीब और सामाजिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली है, जहाँ कुशवाह समाज (पिरियन वालों) ने मोहर्रम के अवसर पर ताजिया तैयार कराया। यह कदम समाज ने अपनी वर्षों पुरानी परंपरा को कायम रखते हुए उठाया है। समाज के लोगों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इस ताजिए के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाई। बताया गया है कि कुशवाह समाज द्वारा ताजिया बनवाने की यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है, जिसे आज भी पूरी निष्ठा और सम्मान के साथ निभाया जाता है। यह परंपरा क्षेत्र में आपसी भाईचारे, सामाजिक सद्भाव और सांप्रदायिक सौहार्द का एक महत्वपूर्ण प्रतीक मानी जाती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नरवर की यही पहचान रही है कि यहाँ सभी धर्मों और समाजों के लोग एक-दूसरे के पर्वों और परंपराओं का सम्मान करते हैं, और कुशवाह समाज द्वारा ताजिया बनवाना इसी साझा संस्कृति और भाईचारे का एक जीवंत उदाहरण है। मोहर्रम के दौरान इस ताजिए को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुँचे, और उन्होंने समाज की इस अनूठी परंपरा की जमकर सराहना की। स्थानीय नागरिकों ने इस पहल को सामाजिक एकता और सौहार्द को मजबूत करने वाला एक प्रेरणादायक कदम बताया।1
- ग्वालियर जिले के भितरवार में मोहर्रम की दसवीं तारीख, शुक्रवार को, मुस्लिम समुदाय द्वारा हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की कर्बला में हुई शहादत की याद में ताजियों का एक गमगीन जुलूस निकाला गया। यह जुलूस नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए भितरवार की पार्वती नदी के दियादाह घाट स्थित कर्बला तक पहुँचा। भीषण उमस भरी गर्मी के बावजूद, मुस्लिम समुदाय के नौजवान युवा पूरे जोश और उत्साह के साथ जगह-जगह करतब दिखाते हुए चल रहे थे, साथ ही “या हुसैन या हुसैन” के नारे लगा रहे थे। इस दौरान नगर में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के बीच भाईचारा भी देखने को मिला। जगह-जगह लोगों ने मातमी धुनों के बीच ताजियों के जुलूस को नमन करते हुए देश में अमन और शांति की दुआ करते हुए उनका स्वागत किया। जुलूस को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर भारी संख्या में लोग मौजूद थे, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोग भी शामिल थे। मोहर्रम का महीना मुस्लिम समुदाय के लिए गम और शोक का प्रतीक है, जिसकी दसवीं तारीख को इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहीदी को याद किया जाता है। इन्होंने कर्बला में धर्म, न्याय और सत्य के पक्ष में लड़ाई लड़ते हुए अत्याचारों के खिलाफ अपने प्राणों की आहुति दी थी। मुस्लिम समुदाय इस दिन को विशेष रूप से शोक और श्रद्धा के रूप में मनाते हुए अपने पूर्वजों के बलिदान को याद करते हैं और पूरे श्रद्धा भाव के साथ ताजिया निकालकर अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं। भितरवार में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कर्बला के शहीदों की याद में दूर-दराज के शहरों से आकर्षक साज-सज्जा के ताजिये बनवाए थे, जिनका मातमी जुलूस नगर के भितरवार-डबरा रोड से निकाला गया। इस दौरान बैंड पर चल रही मातमी धुनों के बीच मुस्लिम समुदाय के युवा जगह-जगह सड़क पर करतब दिखा रहे थे। लोगों ने ताजियों की सेहरा बंदी कर पूजा अर्चना भी की। नगर के मेन तिराहे पर मुख्य अखाड़े का आयोजन किया गया था, जहाँ एक से बढ़कर एक करतब देखने के लिए भारी भीड़ जमा थी। देर रात्रि तक ताजियों का यह जुलूस नगर के मुख्य मार्ग से होते हुए नगर के वार्ड क्रमांक 13 स्थित पार्वती नदी के दियादाह घाट पर मौजूद कर्बला पहुंचा। वहाँ मुस्लिम समुदाय की उपस्थिति में महिला-पुरुषों और नौजवान युवाओं ने नम आँखों से ताजियों को दफन किया, जिससे पूरे माहौल में और अधिक गमगीनी छा गई।2
- शिवपुरी जिले के ग्राम रैय्यन में बैराड़ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान के तहत राजकुमार शर्मा की चोरी हुई केबिल को बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने इस मामले में मातादीन कुशवाह, धरमसिंह कुशवाह, हल्के कुशवाह और श्यामवरन रावत नामक चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।1
- आज करैरा में निकलने वाले मोहर्रम के जुलूस के लिए नगर परिषद CMO गोपाल गुप्ता और अकाउंटेंट राजीव यादव ने अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।1
- शिवपुरी जिले में अवैध उत्खनन के खिलाफ प्रशासन का विशेष अभियान जारी है, जिसके तहत 26 जून 2026 को बैराड़ क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की गई। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देश पर प्रशासन और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने एक शासकीय नाले में अवैध उत्खनन करते हुए एक जेसीबी मशीन को जब्त किया है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जे.पी. गुप्ता के मार्गदर्शन में खनिज अधिकारी रामसिंह उइके, तहसीलदार बैराड़ द्रगपाल सिंह बैश और पुलिस बल ने गुरुवार-शुक्रवार की मध्यरात्रि करीब 2 बजे ग्राम जरिया (आनंदपुर) में छापा मारा। मौके पर पाया गया कि शासकीय नाले में लगभग 100 फीट लंबा, 10 फीट चौड़ा और 10 फीट गहरा गड्ढा खोदकर अवैध रूप से उत्खनन किया जा रहा था। जांच के दौरान जेसीबी चालक उत्खनन से संबंधित कोई वैध अनुमति या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद, खनिज विभाग और तहसील प्रशासन ने जेसीबी मशीन को जब्त कर बैराड़ थाना पुलिस की अभिरक्षा में सौंप दिया। मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई जारी है।1
- मध्य प्रदेश के नरवर तहसील में आम आदमी पार्टी (आप) की एक विधानसभा स्तरीय संगठनात्मक बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन का विस्तार करना, बूथ स्तर पर गठन को मजबूत करना और सदस्यता अभियान को तेज करना था। प्रदेश प्रभारी जितेन्द्र सिंह तोमर के निर्देशन में आयोजित इस बैठक में सह प्रभारी सुरजीत सिंह पवार ने करैरा विधानसभा कमेटी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर संगठन को और अधिक सशक्त बनाने के तरीकों पर विस्तृत चर्चा की। इसमें बूथ स्तर पर संगठन के गठन, नए सदस्यों को जोड़ने के अभियान में तेजी लाने और आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान पार्टी की नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों को गांव-गांव और घर-घर तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया, जिससे संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाया जा सके। करैरा विधानसभा प्रभारी कल्लूराम कुशवाहा एवं हनुमंत कंसाना के नेतृत्व में हुई इस बैठक में विधानसभा क्षेत्र के बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- शिवपुरी के नरवर में मोहर्रम के अवसर पर ताजिया विसर्जन के दौरान एक बड़ा हादसा होने से टल गया। विसर्जन के समय एक व्यक्ति सिंध नदी में उतर गया और गहराई में जाने के कारण डूबने लगा। इस घटना को देखते ही मौके पर मौजूद बचाव दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए नदी में छलांग लगाई और उस व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय पर किए गए बचाव कार्य से उसकी जान बच गई।1