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ग्राम पंचायत गोरईया कला में विकास कार्यों की राशि के दुरुपयोग का आरोप, सरपंच-सचिव की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल,, ग्रामीणों ने लगाया लाखों रुपये की राशि के आहरण के बाद बंदरबांट का आरोप, जांच कर कार्रवाई की मांग,, मैहर। जनपद पंचायत मैहर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत गोरईया कला में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव पर विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये की राशि आहरित करने और राशि का उचित उपयोग नहीं किए जाने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में विकास कार्यों के लिए स्वीकृत राशि के खर्च को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं,ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम पंचायत में विभिन्न विकास कार्यों के नाम पर राशि निकाली गई, लेकिन खर्च की गई राशि और धरातल पर हुए कार्यों के बीच पारदर्शिता को लेकर संदेह है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरपंच एवं सचिव की मिलीभगत से सरकारी धन का बंदरबांट किया गया है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। विकास कार्यों की जांच की मांग ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर खर्च की गई राशि का वास्तविक हिसाब सामने लाने की मांग तेज हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में स्वीकृत कार्यों, जारी राशि, भुगतान संबंधी दस्तावेजों और मौके पर हुए निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। अधिकारियों की भूमिका पर भी नजर मामले में जनपद पंचायत मैहर के संबंधित अधिकारियों से मांग की जा रही है कि ग्राम पंचायत गोरईया कला में पिछले वर्षों के विकास कार्यों का रिकॉर्ड खंगाला जाए। इसमें निर्माण कार्यों की स्वीकृति, माप पुस्तिका, बिल-वाउचर, भुगतान विवरण और स्थल निरीक्षण के आधार पर जांच कराई जाए। यदि जांच में अनियमितता प्रमाणित होती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अब जांच और जवाब का इंतजार ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों के बीच अब संबंधित अधिकारियों की भूमिका और जांच की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। सरपंच एवं सचिव का पक्ष तथा संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी सवाल यह है कि यदि विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए हैं, तो उन कार्यों की वास्तविक स्थिति और खर्च का पूरा हिसाब सार्वजनिक क्यों नहीं किया जाता? अब ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच और जवाबदेही का इंतजार है। नोट: यह समाचार ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित प्रारूप है।

54 min ago
user_पत्रकार सुधाकर त्रिपाठी सतना
पत्रकार सुधाकर त्रिपाठी सतना
रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
54 min ago

ग्राम पंचायत गोरईया कला में विकास कार्यों की राशि के दुरुपयोग का आरोप, सरपंच-सचिव की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल,, ग्रामीणों ने लगाया लाखों रुपये की राशि के आहरण के बाद बंदरबांट का आरोप, जांच कर कार्रवाई की मांग,, मैहर। जनपद पंचायत मैहर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत गोरईया कला में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव पर विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये की राशि आहरित करने और राशि का उचित उपयोग नहीं किए जाने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में विकास कार्यों के लिए स्वीकृत राशि के खर्च को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं,ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम पंचायत में विभिन्न विकास कार्यों के नाम पर राशि निकाली गई, लेकिन खर्च की गई राशि और धरातल पर हुए कार्यों के बीच पारदर्शिता को लेकर संदेह है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरपंच एवं सचिव की मिलीभगत से सरकारी धन का बंदरबांट किया गया है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। विकास कार्यों की जांच की मांग ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर खर्च की गई राशि का वास्तविक हिसाब सामने लाने की मांग तेज हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में स्वीकृत कार्यों, जारी राशि, भुगतान संबंधी दस्तावेजों और मौके पर हुए निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। अधिकारियों की भूमिका पर भी नजर मामले में जनपद पंचायत मैहर के संबंधित अधिकारियों से मांग की जा रही है कि ग्राम पंचायत गोरईया कला में पिछले वर्षों के विकास कार्यों का रिकॉर्ड खंगाला जाए। इसमें निर्माण कार्यों की स्वीकृति, माप पुस्तिका, बिल-वाउचर, भुगतान विवरण और स्थल निरीक्षण के आधार पर जांच कराई जाए। यदि जांच में अनियमितता प्रमाणित होती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अब जांच और जवाब का इंतजार ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों के बीच अब संबंधित अधिकारियों की भूमिका और जांच की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। सरपंच एवं सचिव का पक्ष तथा संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी सवाल यह है कि यदि विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए हैं, तो उन कार्यों की वास्तविक स्थिति और खर्च का पूरा हिसाब सार्वजनिक क्यों नहीं किया जाता? अब ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच और जवाबदेही का इंतजार है। नोट: यह समाचार ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित प्रारूप है।

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  • इंदौर में प्रधान आरक्षक के 15 ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा, 6.26 करोड़ की अकूत संपत्ति का खुलासा,, इंदौर में पदस्थ प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के खिलाफ लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार सुबह 6 बजे से इंदौर-देवास समेत 15 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। जांच में करीब 6.26 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति मिलने का दावा किया गया है। यह संपत्ति उसकी ज्ञात आय से 223 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है। लोकायुक्त टीम दस्तावेजों की जांच में जुटी है।
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    इंदौर में प्रधान आरक्षक के 15 ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा, 6.26 करोड़ की अकूत संपत्ति का खुलासा,,
इंदौर में पदस्थ प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के खिलाफ लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार सुबह 6 बजे से इंदौर-देवास समेत 15 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। जांच में करीब 6.26 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति मिलने का दावा किया गया है। यह संपत्ति उसकी ज्ञात आय से 223 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है। लोकायुक्त टीम दस्तावेजों की जांच में जुटी है।
    user_पत्रकार सुधाकर त्रिपाठी सतना
    पत्रकार सुधाकर त्रिपाठी सतना
    रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    20 min ago
  • *पैसों की भूख ने कायदे कानून को गिरवी बना दिया* केजेएस सीमेंट उद्योग और पैसों के भूखे ठेकेदार रेल्वे साइडिंग में नाबालिको से काम करा रहे। इन 13 वर्ष के लड़कों से रेलवे लाइन की सफाई कराई जा रही है। इन नाबालिको के साथ अगर ट्रैक में कोई घटना हुई तो कौन जिम्मेवार होगा। मतलब रेल्वे की संचालित इस साइडिंग में कानून का राज नहीं चलता यहां केजेएस सीमेंट उद्योग और उसके ठेकेदार की मनमानी चलती है। नाबालिको से काम आखिर रेल्वे के जिम्मेवार क्या करते है बाल संरक्षण विभाग कहा है। कोई तो जागो हो रहे विधि विरुद्ध कार्यों को तत्काल प्रभाव से बंद करा आम जन को राहत पहुंचाई जानी चाहिए साथ जिम्मेवारो पर कठोर कार्यवाही सुनिश्चित किया जाना चाहिए। *पैसों की भूख ने कायदे कानून को गिरवी बना दिया* केजेएस सीमेंट उद्योग और पैसों के भूखे ठेकेदार रेल्वे साइडिंग में नाबालिको से काम करा रहे। इन 13 वर्ष के लड़कों से रेलवे लाइन की सफाई कराई जा रही है। इन नाबालिको के साथ अगर ट्रैक में कोई घटना हुई तो कौन जिम्मेवार होगा। मतलब रेल्वे की संचालित इस साइडिंग में कानून का राज नहीं चलता यहां केजेएस सीमेंट उद्योग और उसके ठेकेदार की मनमानी चलती है। नाबालिको से काम आखिर रेल्वे के जिम्मेवार क्या करते है बाल संरक्षण विभाग कहा है। कोई तो जागो हो रहे विधि विरुद्ध कार्यों को तत्काल प्रभाव से बंद करा आम जन को राहत पहुंचाई जानी चाहिए साथ जिम्मेवारो पर कठोर कार्यवाही सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
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    *पैसों की भूख ने कायदे कानून को गिरवी बना दिया*
               केजेएस सीमेंट उद्योग और पैसों के भूखे ठेकेदार रेल्वे साइडिंग में नाबालिको से काम करा रहे। इन 13 वर्ष के लड़कों से रेलवे लाइन की सफाई कराई जा रही है। इन नाबालिको के साथ अगर ट्रैक में कोई घटना हुई तो कौन जिम्मेवार होगा। मतलब रेल्वे की संचालित इस साइडिंग में कानून का राज नहीं चलता यहां केजेएस सीमेंट उद्योग और उसके ठेकेदार की मनमानी चलती है। नाबालिको से काम आखिर रेल्वे के जिम्मेवार क्या करते है बाल संरक्षण विभाग कहा है। कोई तो जागो हो रहे विधि विरुद्ध कार्यों को तत्काल प्रभाव से बंद करा आम जन को राहत पहुंचाई जानी चाहिए साथ जिम्मेवारो पर कठोर कार्यवाही सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
*पैसों की भूख ने कायदे कानून को गिरवी बना दिया*
केजेएस सीमेंट उद्योग और पैसों के भूखे ठेकेदार रेल्वे साइडिंग में नाबालिको से काम करा रहे। इन 13 वर्ष के लड़कों से रेलवे लाइन की सफाई कराई जा रही है। इन नाबालिको के साथ अगर ट्रैक में कोई घटना हुई तो कौन जिम्मेवार होगा। मतलब रेल्वे की संचालित इस साइडिंग में कानून का राज नहीं चलता यहां केजेएस सीमेंट उद्योग और उसके ठेकेदार की मनमानी चलती है। नाबालिको से काम आखिर रेल्वे के जिम्मेवार क्या करते है बाल संरक्षण विभाग कहा है। कोई तो जागो हो रहे विधि विरुद्ध कार्यों को तत्काल प्रभाव से बंद करा आम जन को राहत पहुंचाई जानी चाहिए साथ जिम्मेवारो पर कठोर कार्यवाही सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
    user_रामदत्त दाहिया
    रामदत्त दाहिया
    Firefighter रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • *अमहिया पुलिस की ताबड़तोड़ कार्यवाही* *रीवा अमहिया पुलिस ने 24 घंटे के अंदर ब्यूटी पार्लर से सामान चोरी करने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार , सामान बरामद,* पुलिस अधीक्षक रीवा श्री डॉक्टर गुरकरन सिंह ,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रीवा श्रीमती भावना मरावी के निर्देशन में तथा नगर पुलिस अधीक्षक रीवा श्री आलोक वर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी अमहिया निरीक्षक मनोज कुमार गौतम ने चोर को पकड़ने के लिए थाना स्टाफ के साथ मिलकर सिरमौर चौराहा स्थित ब्यूटी पार्लर से सामान चोरी करने वाले आरोपी इरफान अंसारी पिता रफीक अंसारी उम्र 18 वर्ष निवासी तरहटी थाना सिटी कोतवाली रीवा को गिरफ्तार कर सामान बरामद किया। *जप्त मशरूका* १. ब्यूटी पार्लर का सामान कीमती:-150000/- २. ⁠ मोटर पम्प कीमती:- 5000/- रुपये *कुल कीमती :- 155000/- रुपये* *महत्वपूर्ण भूमिकाः*- *थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार गौतम,मप्रआर शबाना बेगम, प्रआर केमला प्रसाद, आर विकाश तिवारी,आर शंकरदत्त, आर अनुज सिंह, आर आकाश मिश्रा, योगेश सिंह* *अमहिया पुलिस की ताबड़तोड़ कार्यवाही* *रीवा अमहिया पुलिस ने 24 घंटे के अंदर ब्यूटी पार्लर से सामान चोरी करने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार , सामान बरामद,* पुलिस अधीक्षक रीवा श्री डॉक्टर गुरकरन सिंह ,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रीवा श्रीमती भावना मरावी के निर्देशन में तथा नगर पुलिस अधीक्षक रीवा श्री आलोक वर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी अमहिया निरीक्षक मनोज कुमार गौतम ने चोर को पकड़ने के लिए थाना स्टाफ के साथ मिलकर सिरमौर चौराहा स्थित ब्यूटी पार्लर से सामान चोरी करने वाले आरोपी इरफान अंसारी पिता रफीक अंसारी उम्र 18 वर्ष निवासी तरहटी थाना सिटी कोतवाली रीवा को गिरफ्तार कर सामान बरामद किया। *जप्त मशरूका* १. ब्यूटी पार्लर का सामान कीमती:-150000/- २. ⁠ मोटर पम्प कीमती:- 5000/- रुपये *कुल कीमती :- 155000/- रुपये* *महत्वपूर्ण भूमिकाः*- *थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार गौतम,मप्रआर शबाना बेगम, प्रआर केमला प्रसाद, आर विकाश तिवारी,आर शंकरदत्त, आर अनुज सिंह, आर आकाश मिश्रा, योगेश सिंह*
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    *अमहिया पुलिस की ताबड़तोड़ कार्यवाही*

*रीवा अमहिया पुलिस ने 24 घंटे के अंदर ब्यूटी पार्लर से सामान चोरी करने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार , सामान बरामद,*

पुलिस अधीक्षक रीवा श्री डॉक्टर गुरकरन सिंह ,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रीवा श्रीमती भावना मरावी के निर्देशन में तथा नगर पुलिस अधीक्षक रीवा श्री आलोक वर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी अमहिया निरीक्षक मनोज कुमार गौतम ने चोर को पकड़ने के लिए थाना स्टाफ के साथ मिलकर सिरमौर चौराहा स्थित ब्यूटी पार्लर से सामान चोरी करने वाले आरोपी इरफान अंसारी पिता रफीक अंसारी उम्र 18 वर्ष निवासी तरहटी थाना सिटी कोतवाली रीवा को गिरफ्तार कर सामान बरामद किया।

*जप्त मशरूका*
१. ब्यूटी पार्लर का सामान कीमती:-150000/-
२. ⁠ मोटर पम्प कीमती:- 5000/- रुपये 
*कुल कीमती :- 155000/- रुपये*

*महत्वपूर्ण भूमिकाः*-
*थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार गौतम,मप्रआर शबाना बेगम, प्रआर केमला प्रसाद, आर विकाश तिवारी,आर शंकरदत्त, आर अनुज सिंह, आर आकाश मिश्रा, योगेश सिंह*
*अमहिया पुलिस की ताबड़तोड़ कार्यवाही*
*रीवा अमहिया पुलिस ने 24 घंटे के अंदर ब्यूटी पार्लर से सामान चोरी करने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार , सामान बरामद,*
पुलिस अधीक्षक रीवा श्री डॉक्टर गुरकरन सिंह ,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रीवा श्रीमती भावना मरावी के निर्देशन में तथा नगर पुलिस अधीक्षक रीवा श्री आलोक वर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी अमहिया निरीक्षक मनोज कुमार गौतम ने चोर को पकड़ने के लिए थाना स्टाफ के साथ मिलकर सिरमौर चौराहा स्थित ब्यूटी पार्लर से सामान चोरी करने वाले आरोपी इरफान अंसारी पिता रफीक अंसारी उम्र 18 वर्ष निवासी तरहटी थाना सिटी कोतवाली रीवा को गिरफ्तार कर सामान बरामद किया।
*जप्त मशरूका*
१. ब्यूटी पार्लर का सामान कीमती:-150000/-
२. ⁠ मोटर पम्प कीमती:- 5000/- रुपये 
*कुल कीमती :- 155000/- रुपये*
*महत्वपूर्ण भूमिकाः*-
*थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार गौतम,मप्रआर शबाना बेगम, प्रआर केमला प्रसाद, आर विकाश तिवारी,आर शंकरदत्त, आर अनुज सिंह, आर आकाश मिश्रा, योगेश सिंह*
    user_सोशल मीडिया पंडित विकास पत्रका
    सोशल मीडिया पंडित विकास पत्रका
    हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    39 min ago
  • रामनगर मैहर - बैंक एक विश्वास का आधार है। जहां हर कोई अपनी भविष्य निधि सुरक्षित बैंक पर रखता है। बैंक प्रबंधन द्वारा केसीसी खाताधारक प्रनत पाल सिंह से फ्राड पर खाताधारक अब किस पर भरोसा करेगा। समस्या निदान के लिए बैंक मैनेजर द्वारा अपशब्द का प्रयोग किया जाना कहा तक जायज है। भारत सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक मजबूती प्रदान करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड केसीसी लोन किसानों को कम व्याजदर पर उपलब्ध कराया जाता है। जहां निर्धारित समय सीमा से पूर्व खाताधारक द्वारा पैसे जमा करने पर व्याजदर पर छूट का भी प्रावधान है। अन्नदाता किसानो को खेती-किसानी की जरूरतों को पूरा करने के किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना पर ऋण दिया जाता है। लेकिन जब इसी केसीसी लोन खाते में गड़बड़ी फ्राडपन की शिकायत सामने आए और अपनी समस्या लेकर बैंक पहुंचने वाले खाताधारक को अपमानित और अभद्रता का सामना करना पड़े, तो बैंकिंग व्यवस्था सवालो के घेरे पर होती है। रामनगर विकासखंड के मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक गोरहाई शाखा से जुड़ा है मामला। खाताधारक ने अपने केसीसी लोन खाते में गड़बड़ी होने का आरोप कथित और लिखित दोनों रूपो पर किया है। खाताधारक के मुताबिक, खाते से संबंधित समस्या *मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक गोरहाई मे केसीसी लोन खाताधारक से फ्राड, बैंक प्रबंधन पर सबाल, मैनेजर द्वारा अभद्रता भाषा का प्रयोग।* रामनगर मैहर - बैंक एक विश्वास का आधार है। जहां हर कोई अपनी भविष्य निधि सुरक्षित बैंक पर रखता है। बैंक प्रबंधन द्वारा केसीसी खाताधारक प्रनत पाल सिंह से फ्राड पर खाताधारक अब किस पर भरोसा करेगा। समस्या निदान के लिए बैंक मैनेजर द्वारा अपशब्द का प्रयोग किया जाना कहा तक जायज है। भारत सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक मजबूती प्रदान करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड केसीसी लोन किसानों को कम व्याजदर पर उपलब्ध कराया जाता है। जहां निर्धारित समय सीमा से पूर्व खाताधारक द्वारा पैसे जमा करने पर व्याजदर पर छूट का भी प्रावधान है। अन्नदाता किसानो को खेती-किसानी की जरूरतों को पूरा करने के किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना पर ऋण दिया जाता है। लेकिन जब इसी केसीसी लोन खाते में गड़बड़ी फ्राडपन की शिकायत सामने आए और अपनी समस्या लेकर बैंक पहुंचने वाले खाताधारक को अपमानित और अभद्रता का सामना करना पड़े, तो बैंकिंग व्यवस्था सवालो के घेरे पर होती है। रामनगर विकासखंड के मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक गोरहाई शाखा से जुड़ा है मामला। खाताधारक ने अपने केसीसी लोन खाते में गड़बड़ी होने का आरोप कथित और लिखित दोनों रूपो पर किया है। खाताधारक के मुताबिक, खाते से संबंधित समस्या को लेकर जब बैंक मैनेजर के समक्ष अपनी बात रखी गई, तो समाधान करने के बजह अपशब्दों का प्रयोग किया गया। केसीसी खाताधारक प्रनत पाल सिंह और उनके पिता अरूण सिंह द्वारा निर्धारित समय अवधि दौरान केसीसी का पैसा जमा कर दिया जाता था। एक लाख रूपए का केसीसी ऋण खाता को क्लोज के लिए जब प्रनत पाल सिंह के पिता अरुण सिंह जमा करने गये तो उन्हें एक लाख ॠण लोन पर दो लाख सत्रह हजार रुपए की राशि जमा करना बताया, सुनते ही उनके चेस्ट पर दर्द उठा जैसे तुरंत ही हार्टअटैक हृदयगति रूक जाएगी। उस स्थिति को बयान करना मतलब पैर के नीचे से जमीन खिसकने वाली स्थिति निर्मित थी। खाताधारक अपने धन वित्तीय लेन-देन जानकारी पाने का हकदार है। ख़ासतौर पर किसान केसीसी खाते में ऋण की राशि, ब्याज, भुगतान और बकाया राशि की जानकारियां उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण होती हैं। खाते मे विसंगति है तो बैंक प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि जांच कर तथ्यों मे स्थिति स्पष्ट करें। ना की अपशब्दों का प्रयोग करते हुए खाता बंद करने की धमकी, एफआईआर करने, बैंक से बाहर भागने शब्दों का प्रयोग बैंकिंग सेवा ग्राहक सम्मान के लिहाज में बेहद गंभीर विषय है। जहां विभागीय अमले को गहराई पर विचार-विमर्श कर कार्यवाही प्रस्तावित करना चाहिए।👇
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    रामनगर मैहर - बैंक एक विश्वास का आधार है। जहां हर कोई अपनी भविष्य निधि सुरक्षित बैंक पर रखता है। बैंक प्रबंधन द्वारा केसीसी खाताधारक प्रनत पाल सिंह से फ्राड पर खाताधारक अब किस पर भरोसा करेगा। समस्या निदान के लिए बैंक मैनेजर द्वारा अपशब्द का प्रयोग किया जाना कहा तक जायज है। 
        भारत सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक मजबूती प्रदान करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड केसीसी लोन किसानों को कम व्याजदर पर उपलब्ध कराया जाता है। जहां निर्धारित समय सीमा से पूर्व खाताधारक द्वारा पैसे जमा करने पर व्याजदर पर छूट का भी प्रावधान है। 
       अन्नदाता किसानो को खेती-किसानी की जरूरतों को पूरा करने के किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना पर ऋण दिया जाता है। लेकिन जब इसी केसीसी लोन खाते में गड़बड़ी फ्राडपन की शिकायत सामने आए और अपनी समस्या लेकर बैंक पहुंचने वाले खाताधारक को अपमानित और अभद्रता का सामना करना पड़े, तो बैंकिंग व्यवस्था सवालो के घेरे पर होती है।
              रामनगर विकासखंड के मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक गोरहाई शाखा से जुड़ा है मामला। खाताधारक ने अपने केसीसी लोन खाते में गड़बड़ी होने का आरोप कथित और लिखित दोनों रूपो पर किया है। खाताधारक के मुताबिक, खाते से संबंधित समस्या
*मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक गोरहाई   मे केसीसी लोन खाताधारक से फ्राड, बैंक प्रबंधन पर सबाल, मैनेजर द्वारा अभद्रता भाषा का प्रयोग।*
रामनगर मैहर - बैंक एक विश्वास का आधार है। जहां हर कोई अपनी भविष्य निधि सुरक्षित बैंक पर रखता है। बैंक प्रबंधन द्वारा केसीसी खाताधारक प्रनत पाल सिंह से फ्राड पर खाताधारक अब किस पर भरोसा करेगा। समस्या निदान के लिए बैंक मैनेजर द्वारा अपशब्द का प्रयोग किया जाना कहा तक जायज है। 
भारत सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक मजबूती प्रदान करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड केसीसी लोन किसानों को कम व्याजदर पर उपलब्ध कराया जाता है। जहां निर्धारित समय सीमा से पूर्व खाताधारक द्वारा पैसे जमा करने पर व्याजदर पर छूट का भी प्रावधान है। 
अन्नदाता किसानो को खेती-किसानी की जरूरतों को पूरा करने के किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना पर ऋण दिया जाता है। लेकिन जब इसी केसीसी लोन खाते में गड़बड़ी फ्राडपन की शिकायत सामने आए और अपनी समस्या लेकर बैंक पहुंचने वाले खाताधारक को अपमानित और अभद्रता का सामना करना पड़े, तो बैंकिंग व्यवस्था सवालो के घेरे पर होती है।
रामनगर विकासखंड के मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक गोरहाई शाखा से जुड़ा है मामला। खाताधारक ने अपने केसीसी लोन खाते में गड़बड़ी होने का आरोप कथित और लिखित दोनों रूपो पर किया है। खाताधारक के मुताबिक, खाते से संबंधित समस्या को लेकर जब बैंक मैनेजर के समक्ष अपनी बात रखी गई, तो समाधान करने के बजह अपशब्दों का प्रयोग किया गया।
केसीसी खाताधारक प्रनत पाल सिंह और उनके पिता अरूण सिंह द्वारा निर्धारित समय अवधि दौरान केसीसी का पैसा जमा कर दिया जाता था। एक लाख रूपए का केसीसी ऋण खाता को क्लोज  के लिए जब प्रनत पाल सिंह के पिता अरुण सिंह जमा करने गये तो उन्हें एक लाख ॠण लोन पर दो लाख सत्रह हजार रुपए की राशि जमा करना बताया, सुनते ही उनके चेस्ट पर दर्द उठा जैसे तुरंत ही हार्टअटैक हृदयगति रूक जाएगी। उस स्थिति को बयान करना मतलब पैर के नीचे से जमीन खिसकने वाली स्थिति निर्मित थी।
खाताधारक अपने धन वित्तीय लेन-देन जानकारी पाने का हकदार है। ख़ासतौर पर किसान केसीसी खाते में ऋण की राशि, ब्याज, भुगतान और बकाया राशि की जानकारियां उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण होती हैं। खाते मे विसंगति है तो बैंक प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि जांच कर तथ्यों मे स्थिति स्पष्ट करें। ना की अपशब्दों का प्रयोग करते हुए खाता बंद करने की धमकी, एफआईआर करने, बैंक से बाहर भागने शब्दों का प्रयोग बैंकिंग सेवा ग्राहक सम्मान के लिहाज में बेहद गंभीर विषय है। जहां विभागीय अमले को गहराई पर विचार-विमर्श कर कार्यवाही प्रस्तावित करना चाहिए।👇
    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    41 min ago
  • अमहिया पुलिस की ताबड़तोड़ कार्यवाही रीवा अमहिया पुलिस ने 24 घंटे के अंदर ब्यूटी पार्लर से सामान चोरी करने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार , सामान बरामद, पुलिस अधीक्षक रीवा श्री डॉक्टर गुरकरन सिंह ,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रीवा श्रीमती भावना मरावी के निर्देशन में तथा नगर पुलिस अधीक्षक रीवा श्री आलोक वर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी अमहिया निरीक्षक मनोज कुमार गौतम ने चोर को पकड़ने के लिए थाना स्टाफ के साथ मिलकर सिरमौर चौराहा स्थित ब्यूटी पार्लर से सामान चोरी करने वाले आरोपी इरफान अंसारी पिता रफीक अंसारी उम्र 18 वर्ष निवासी तरहटी थाना सिटी कोतवाली रीवा को गिरफ्तार कर सामान बरामद किया। जप्त मशरूका १. ब्यूटी पार्लर का सामान कीमती:-150000/- २. ⁠ मोटर पम्प कीमती:- 5000/- रुपये *कुल कीमती :- 155000/- रुपये* महत्वपूर्ण भूमिकाः थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार गौतम,मप्रआर शबाना बेगम, प्रआर केमला प्रसाद, आर विकाश तिवारी,आर शंकरदत्त, आर अनुज सिंह, आर आकाश मिश्रा, योगेश सिंह ब्यूरो चीफ रीवा अभिषेक पांडे
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    अमहिया पुलिस की ताबड़तोड़ कार्यवाही

रीवा अमहिया पुलिस ने 24 घंटे के अंदर ब्यूटी पार्लर से सामान चोरी करने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार , सामान बरामद,

पुलिस अधीक्षक रीवा श्री डॉक्टर गुरकरन सिंह ,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रीवा श्रीमती भावना मरावी के निर्देशन में तथा नगर पुलिस अधीक्षक रीवा श्री आलोक वर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी अमहिया निरीक्षक मनोज कुमार गौतम ने चोर को पकड़ने के लिए थाना स्टाफ के साथ मिलकर सिरमौर चौराहा स्थित ब्यूटी पार्लर से सामान चोरी करने वाले आरोपी इरफान अंसारी पिता रफीक अंसारी उम्र 18 वर्ष निवासी तरहटी थाना सिटी कोतवाली रीवा को गिरफ्तार कर सामान बरामद किया।

जप्त मशरूका
१. ब्यूटी पार्लर का सामान कीमती:-150000/-
२. ⁠ मोटर पम्प कीमती:- 5000/- रुपये 
*कुल कीमती :- 155000/- रुपये*

महत्वपूर्ण भूमिकाः
थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार गौतम,मप्रआर शबाना बेगम, प्रआर केमला प्रसाद, आर विकाश तिवारी,आर शंकरदत्त, आर अनुज सिंह, आर आकाश मिश्रा, योगेश सिंह
ब्यूरो चीफ रीवा 
अभिषेक पांडे
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Artist हुजूर नगर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • *अमरपाटन सिविल अस्पताल में स्वच्छता व्यवस्था ध्वस्त, चारों ओर फैली गंदगी से मरीज परेशान* *दूसरी हेडलाइन - सिविल अस्पताल बना बदहाली का शिकार, गंदगी के ढेर में इलाज कराने को मजबूर मरीज *अमरपाटन सिविल अस्पताल में स्वच्छता व्यवस्था ध्वस्त, चारों ओर फैली गंदगी से मरीज परेशान* *दूसरी हेडलाइन - सिविल अस्पताल बना बदहाली का शिकार, गंदगी के ढेर में इलाज कराने को मजबूर मरीज* *अमरपाटन।* कहते हैं अस्पताल में सबसे ज्यादा साफ-सफाई की जरूरत होती है, लेकिन अमरपाटन के सिविल अस्पताल में ही स्वच्छता की धज्जियां उड़ रही हैं। अस्पताल परिसर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर का जायजा लेने पर देखा गया कि वार्डों के बाहर, शौचालयों के आसपास और अस्पताल के पीछे कचरा बिखरा पड़ा है। नालियां चोक हैं और उनसे बदबू आ रही है। पीने के पानी के आसपास भी गंदगी फैली हुई है। वार्डों के अंदर भी स्थिति कुछ ठीक नहीं है। बेडशीट गंदी हैं और फर्श पर भी कचरा पड़ा हुआ है। मरीजों का कहना है कि गंदगी के कारण अस्पताल में संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। मरीज इलाज कराने आते हैं, लेकिन यहां की गंदगी देखकर और बीमार होने का डर सताने लगता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में सफाई कर्मचारियों की लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी हुई है। नियमित साफ-सफाई नहीं होने से अस्पताल की हालत दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। इस संबंध में जब जिम्मेदारों से बात करने की कोशिश की गई तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अब देखना होगा कि खबर प्रकाशन के बाद स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी इस ओर ध्यान देते हैं या नहीं।
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    *अमरपाटन सिविल अस्पताल में स्वच्छता व्यवस्था ध्वस्त, चारों ओर फैली गंदगी से मरीज परेशान*
*दूसरी हेडलाइन - सिविल अस्पताल बना बदहाली का शिकार, गंदगी के ढेर में इलाज कराने को मजबूर मरीज
*अमरपाटन सिविल अस्पताल में स्वच्छता व्यवस्था ध्वस्त, चारों ओर फैली गंदगी से मरीज परेशान*
*दूसरी हेडलाइन - सिविल अस्पताल बना बदहाली का शिकार, गंदगी के ढेर में इलाज कराने को मजबूर मरीज*
*अमरपाटन।* कहते हैं अस्पताल में सबसे ज्यादा साफ-सफाई की जरूरत होती है, लेकिन अमरपाटन के सिविल अस्पताल में ही स्वच्छता की धज्जियां उड़ रही हैं। अस्पताल परिसर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल परिसर का जायजा लेने पर देखा गया कि वार्डों के बाहर, शौचालयों के आसपास और अस्पताल के पीछे कचरा बिखरा पड़ा है। नालियां चोक हैं और उनसे बदबू आ रही है। पीने के पानी के आसपास भी गंदगी फैली हुई है।
वार्डों के अंदर भी स्थिति कुछ ठीक नहीं है। बेडशीट गंदी हैं और फर्श पर भी कचरा पड़ा हुआ है। मरीजों का कहना है कि गंदगी के कारण अस्पताल में संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। मरीज इलाज कराने आते हैं, लेकिन यहां की गंदगी देखकर और बीमार होने का डर सताने लगता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में सफाई कर्मचारियों की लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी हुई है। नियमित साफ-सफाई नहीं होने से अस्पताल की हालत दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है।
इस संबंध में जब जिम्मेदारों से बात करने की कोशिश की गई तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
अब देखना होगा कि खबर प्रकाशन के बाद स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी इस ओर ध्यान देते हैं या नहीं।
    user_अनिल कुमार साहू
    अनिल कुमार साहू
    अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • *मां शारदा शक्तिपीठ मैहर 14 10 2026 बुधवार को काल भैरव के दिव्य अलौकिक दर्शन एवम आरती🚩* *मां शारदा शक्तिपीठ मैहर 14 10 2026 बुधवार को काल भैरव के दिव्य अलौकिक दर्शन एवम आरती🚩*
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    *मां शारदा शक्तिपीठ मैहर 14 10 2026 बुधवार  को काल भैरव  के दिव्य अलौकिक दर्शन एवम आरती🚩*
*मां शारदा शक्तिपीठ मैहर 14 10 2026 बुधवार  को काल भैरव  के दिव्य अलौकिक दर्शन एवम आरती🚩*
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक गोरहाई मे केसीसी लोन खाताधारक से फ्राड, बैंक प्रबंधन पर सबाल, मैनेजर द्वारा अभद्रता भाषा का प्रयोग,, रामनगर मैहर बैंक एक विश्वास का आधार है। जहां हर कोई अपनी भविष्य निधि सुरक्षित बैंक पर रखता है। बैंक प्रबंधन द्वारा केसीसी खाताधारक प्रनत पाल सिंह से फ्राड पर खाताधारक अब किस पर भरोसा करेगा। समस्या निदान के लिए बैंक मैनेजर द्वारा अपशब्द का प्रयोग किया जाना कहा तक जायज है। भारत सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक मजबूती प्रदान करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड केसीसी लोन किसानों को कम व्याजदर पर उपलब्ध कराया जाता है। जहां निर्धारित समय सीमा से पूर्व खाताधारक द्वारा पैसे जमा करने पर व्याजदर पर छूट का भी प्रावधान है। अन्नदाता किसानो को खेती-किसानी की जरूरतों को पूरा करने के किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना पर ऋण दिया जाता है। लेकिन जब इसी केसीसी लोन खाते में गड़बड़ी फ्राडपन की शिकायत सामने आए और अपनी समस्या लेकर बैंक पहुंचने वाले खाताधारक को अपमानित और अभद्रता का सामना करना पड़े, तो बैंकिंग व्यवस्था सवालो के घेरे पर होती है। रामनगर विकासखंड के मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक गोरहाई शाखा से जुड़ा है मामला। खाताधारक ने अपने केसीसी लोन खाते में गड़बड़ी होने का आरोप कथित और लिखित दोनों रूपो पर किया है। खाताधारक के मुताबिक, खाते से संबंधित समस्या को लेकर जब बैंक मैनेजर के समक्ष अपनी बात रखी गई, तो समाधान करने के बजह अपशब्दों का प्रयोग किया गया। केसीसी खाताधारक प्रनत पाल सिंह और उनके पिता अरूण सिंह द्वारा निर्धारित समय अवधि दौरान केसीसी का पैसा जमा कर दिया जाता था। एक लाख रूपए का केसीसी ऋण खाता को क्लोज के लिए जब प्रनत पाल सिंह के पिता अरुण सिंह जमा करने गये तो उन्हें एक लाख ॠण लोन पर दो लाख सत्रह हजार रुपए की राशि जमा करना बताया, सुनते ही उनके चेस्ट पर दर्द उठा जैसे तुरंत ही हार्टअटैक हृदयगति रूक जाएगी। उस स्थिति को बयान करना मतलब पैर के नीचे से जमीन खिसकने वाली स्थिति निर्मित थी। खाताधारक अपने धन वित्तीय लेन-देन जानकारी पाने का हकदार है। ख़ासतौर पर किसान केसीसी खाते में ऋण की राशि, ब्याज, भुगतान और बकाया राशि की जानकारियां उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण होती हैं। खाते मे विसंगति है तो बैंक प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि जांच कर तथ्यों मे स्थिति स्पष्ट करें। ना की अपशब्दों का प्रयोग करते हुए खाता बंद करने की धमकी, एफआईआर करने, बैंक से बाहर भागने शब्दों का प्रयोग बैंकिंग सेवा ग्राहक सम्मान के लिहाज में बेहद गंभीर विषय है। जहां विभागीय अमले को गहराई पर विचार-विमर्श कर कार्यवाही प्रस्तावित करना चाहिए।
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    मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक गोरहाई   मे केसीसी लोन खाताधारक से फ्राड, बैंक प्रबंधन पर सबाल, मैनेजर द्वारा अभद्रता भाषा का प्रयोग,,
रामनगर मैहर बैंक एक विश्वास का आधार है। जहां हर कोई अपनी भविष्य निधि सुरक्षित बैंक पर रखता है। बैंक प्रबंधन द्वारा केसीसी खाताधारक प्रनत पाल सिंह से फ्राड पर खाताधारक अब किस पर भरोसा करेगा। समस्या निदान के लिए बैंक मैनेजर द्वारा अपशब्द का प्रयोग किया जाना कहा तक जायज है। 
भारत सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक मजबूती प्रदान करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड केसीसी लोन किसानों को कम व्याजदर पर उपलब्ध कराया जाता है। जहां निर्धारित समय सीमा से पूर्व खाताधारक द्वारा पैसे जमा करने पर व्याजदर पर छूट का भी प्रावधान है। 
अन्नदाता किसानो को खेती-किसानी की जरूरतों को पूरा करने के किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना पर ऋण दिया जाता है। लेकिन जब इसी केसीसी लोन खाते में गड़बड़ी फ्राडपन की शिकायत सामने आए और अपनी समस्या लेकर बैंक पहुंचने वाले खाताधारक को अपमानित और अभद्रता का सामना करना पड़े, तो बैंकिंग व्यवस्था सवालो के घेरे पर होती है।
रामनगर विकासखंड के मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक गोरहाई शाखा से जुड़ा है मामला। खाताधारक ने अपने केसीसी लोन खाते में गड़बड़ी होने का आरोप कथित और लिखित दोनों रूपो पर किया है। खाताधारक के मुताबिक, खाते से संबंधित समस्या को लेकर जब बैंक मैनेजर के समक्ष अपनी बात रखी गई, तो समाधान करने के बजह अपशब्दों का प्रयोग किया गया।
केसीसी खाताधारक प्रनत पाल सिंह और उनके पिता अरूण सिंह द्वारा निर्धारित समय अवधि दौरान केसीसी का पैसा जमा कर दिया जाता था। एक लाख रूपए का केसीसी ऋण खाता को क्लोज  के लिए जब प्रनत पाल सिंह के पिता अरुण सिंह जमा करने गये तो उन्हें एक लाख ॠण लोन पर दो लाख सत्रह हजार रुपए की राशि जमा करना बताया, सुनते ही उनके चेस्ट पर दर्द उठा जैसे तुरंत ही हार्टअटैक हृदयगति रूक जाएगी। उस स्थिति को बयान करना मतलब पैर के नीचे से जमीन खिसकने वाली स्थिति निर्मित थी।
खाताधारक अपने धन वित्तीय लेन-देन जानकारी पाने का हकदार है। ख़ासतौर पर किसान केसीसी खाते में ऋण की राशि, ब्याज, भुगतान और बकाया राशि की जानकारियां उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण होती हैं। खाते मे विसंगति है तो बैंक प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि जांच कर तथ्यों मे स्थिति स्पष्ट करें। ना की अपशब्दों का प्रयोग करते हुए खाता बंद करने की धमकी, एफआईआर करने, बैंक से बाहर भागने शब्दों का प्रयोग बैंकिंग सेवा ग्राहक सम्मान के लिहाज में बेहद गंभीर विषय है। जहां विभागीय अमले को गहराई पर विचार-विमर्श कर कार्यवाही प्रस्तावित करना चाहिए।
    user_पत्रकार सुधाकर त्रिपाठी सतना
    पत्रकार सुधाकर त्रिपाठी सतना
    रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    29 min ago
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