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उत्तर प्रदेश के बरेली में बिजली विभाग की नीतियों के विरोध में उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के जिला अध्यक्ष अकरम खान के नेतृत्व में व्यापारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने बिजली की बढ़ती दरों, नए नियमों और उपभोक्ताओं पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर मुख्य अभियंता को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा और इसमें तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। प्रदर्शन के दौरान जिला अध्यक्ष अकरम खान ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग लगातार नए नियम लागू करके व्यापारियों, उद्योगों और आम उपभोक्ताओं का आर्थिक उत्पीड़न कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि महंगी बिजली के कारण प्रदेश के उद्योग और व्यापार पड़ोसी राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे भविष्य में उत्तर प्रदेश को राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। ज्ञापन में व्यापारियों ने कई प्रमुख मांगें उठाई हैं। इनमें दो किलोवाट तक के बिजली मीटर की कीमत 750 रुपये से बढ़ाकर 5300 रुपये करने के निर्णय को वापस लेने, बिना सूचना करीब 47 लाख उपभोक्ताओं का बढ़ाया गया बिजली लोड निरस्त कर पुराने स्तर पर बहाल करने, और अतिरिक्त सिक्योरिटी मनी की वसूली पर रोक लगाने की मांग की गई है। इसके साथ ही, बिजली बिलों में लगाए जा रहे 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार को समाप्त करने और प्रदेश में हो रही अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाकर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग भी शामिल है। व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली विभाग का कथित दमनकारी रवैया जारी रहा, तो प्रदेश का औद्योगिक विकास बुरी तरह प्रभावित होगा। संगठन ने मुख्यमंत्री से जनहित और व्यापार हित में इन सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। इस ज्ञापन सौंपने के दौरान जावेद आलम, परवेज आलम, राजेश कुमार दिवाकर, प्रवीन गोयल, गौरव गर्ग और डॉ मुदित प्रताप सिंह सहित कई अन्य व्यापारी मौजूद रहे।

1 hr ago
user_ASHOK GUPTA
ASHOK GUPTA
बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

उत्तर प्रदेश के बरेली में बिजली विभाग की नीतियों के विरोध में उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के जिला अध्यक्ष अकरम खान के नेतृत्व में व्यापारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने बिजली की बढ़ती दरों, नए नियमों और उपभोक्ताओं पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर मुख्य अभियंता को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा और इसमें तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। प्रदर्शन के दौरान जिला अध्यक्ष अकरम खान ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग लगातार नए नियम लागू करके व्यापारियों, उद्योगों और आम उपभोक्ताओं का आर्थिक उत्पीड़न कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि महंगी बिजली के कारण प्रदेश के उद्योग और व्यापार पड़ोसी राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे भविष्य में उत्तर प्रदेश को राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। ज्ञापन में व्यापारियों ने कई प्रमुख मांगें उठाई हैं। इनमें दो किलोवाट तक के बिजली मीटर की कीमत 750 रुपये से बढ़ाकर 5300 रुपये करने के निर्णय को वापस लेने, बिना सूचना करीब 47 लाख उपभोक्ताओं का बढ़ाया गया बिजली लोड निरस्त कर पुराने स्तर पर बहाल करने, और अतिरिक्त सिक्योरिटी मनी की वसूली पर रोक लगाने की मांग की गई है। इसके साथ ही, बिजली बिलों में लगाए जा रहे 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार को समाप्त करने और प्रदेश में हो रही अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाकर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग भी शामिल है। व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली विभाग का कथित दमनकारी रवैया जारी रहा, तो प्रदेश का औद्योगिक विकास बुरी तरह प्रभावित होगा। संगठन ने मुख्यमंत्री से जनहित और व्यापार हित में इन सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। इस ज्ञापन सौंपने के दौरान जावेद आलम, परवेज आलम, राजेश कुमार दिवाकर, प्रवीन गोयल, गौरव गर्ग और डॉ मुदित प्रताप सिंह सहित कई अन्य व्यापारी मौजूद रहे।

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  • उत्तर प्रदेश के बरेली में बिजली विभाग की नीतियों के विरोध में उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के जिला अध्यक्ष अकरम खान के नेतृत्व में व्यापारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने बिजली की बढ़ती दरों, नए नियमों और उपभोक्ताओं पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर मुख्य अभियंता को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा और इसमें तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। प्रदर्शन के दौरान जिला अध्यक्ष अकरम खान ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग लगातार नए नियम लागू करके व्यापारियों, उद्योगों और आम उपभोक्ताओं का आर्थिक उत्पीड़न कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि महंगी बिजली के कारण प्रदेश के उद्योग और व्यापार पड़ोसी राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे भविष्य में उत्तर प्रदेश को राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। ज्ञापन में व्यापारियों ने कई प्रमुख मांगें उठाई हैं। इनमें दो किलोवाट तक के बिजली मीटर की कीमत 750 रुपये से बढ़ाकर 5300 रुपये करने के निर्णय को वापस लेने, बिना सूचना करीब 47 लाख उपभोक्ताओं का बढ़ाया गया बिजली लोड निरस्त कर पुराने स्तर पर बहाल करने, और अतिरिक्त सिक्योरिटी मनी की वसूली पर रोक लगाने की मांग की गई है। इसके साथ ही, बिजली बिलों में लगाए जा रहे 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार को समाप्त करने और प्रदेश में हो रही अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाकर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग भी शामिल है। व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली विभाग का कथित दमनकारी रवैया जारी रहा, तो प्रदेश का औद्योगिक विकास बुरी तरह प्रभावित होगा। संगठन ने मुख्यमंत्री से जनहित और व्यापार हित में इन सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। इस ज्ञापन सौंपने के दौरान जावेद आलम, परवेज आलम, राजेश कुमार दिवाकर, प्रवीन गोयल, गौरव गर्ग और डॉ मुदित प्रताप सिंह सहित कई अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
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    उत्तर प्रदेश के बरेली में बिजली विभाग की नीतियों के विरोध में उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के जिला अध्यक्ष अकरम खान के नेतृत्व में व्यापारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने बिजली की बढ़ती दरों, नए नियमों और उपभोक्ताओं पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर मुख्य अभियंता को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा और इसमें तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान जिला अध्यक्ष अकरम खान ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग लगातार नए नियम लागू करके व्यापारियों, उद्योगों और आम उपभोक्ताओं का आर्थिक उत्पीड़न कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि महंगी बिजली के कारण प्रदेश के उद्योग और व्यापार पड़ोसी राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे भविष्य में उत्तर प्रदेश को राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

ज्ञापन में व्यापारियों ने कई प्रमुख मांगें उठाई हैं। इनमें दो किलोवाट तक के बिजली मीटर की कीमत 750 रुपये से बढ़ाकर 5300 रुपये करने के निर्णय को वापस लेने, बिना सूचना करीब 47 लाख उपभोक्ताओं का बढ़ाया गया बिजली लोड निरस्त कर पुराने स्तर पर बहाल करने, और अतिरिक्त सिक्योरिटी मनी की वसूली पर रोक लगाने की मांग की गई है। इसके साथ ही, बिजली बिलों में लगाए जा रहे 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार को समाप्त करने और प्रदेश में हो रही अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाकर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग भी शामिल है।

व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली विभाग का कथित दमनकारी रवैया जारी रहा, तो प्रदेश का औद्योगिक विकास बुरी तरह प्रभावित होगा। संगठन ने मुख्यमंत्री से जनहित और व्यापार हित में इन सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। इस ज्ञापन सौंपने के दौरान जावेद आलम, परवेज आलम, राजेश कुमार दिवाकर, प्रवीन गोयल, गौरव गर्ग और डॉ मुदित प्रताप सिंह सहित कई अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
    user_ASHOK GUPTA
    ASHOK GUPTA
    बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • उत्तर प्रदेश के बरेली में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां फेसबुक पर खुद को आईएएस अधिकारी बताने वाली एक महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी महिला ने फर्जी पहचान के सहारे पहले एक युवक से शादी की और फिर उससे 40 लाख रुपये की मांग करते हुए धमकाने लगी। पुलिस की जांच में महिला का आईएएस अधिकारी होने का दावा पूरी तरह से झूठा और फर्जी पाया गया है। यह पूरी घटना बरेली के फरीदपुर थाना क्षेत्र की है। पीड़ित अभिषेक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि करीब एक महीने पहले उसकी शादी साधना नाम की महिला से हुई थी। शादी से पहले साधना ने खुद को आईएएस अधिकारी बताया था और दावा किया था कि उसका एक मामला कोर्ट में विचाराधीन है। अभिषेक उसकी बातों पर विश्वास कर शादी के लिए तैयार हो गया। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
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    उत्तर प्रदेश के बरेली में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां फेसबुक पर खुद को आईएएस अधिकारी बताने वाली एक महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी महिला ने फर्जी पहचान के सहारे पहले एक युवक से शादी की और फिर उससे 40 लाख रुपये की मांग करते हुए धमकाने लगी। पुलिस की जांच में महिला का आईएएस अधिकारी होने का दावा पूरी तरह से झूठा और फर्जी पाया गया है।

यह पूरी घटना बरेली के फरीदपुर थाना क्षेत्र की है। पीड़ित अभिषेक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि करीब एक महीने पहले उसकी शादी साधना नाम की महिला से हुई थी। शादी से पहले साधना ने खुद को आईएएस अधिकारी बताया था और दावा किया था कि उसका एक मामला कोर्ट में विचाराधीन है। अभिषेक उसकी बातों पर विश्वास कर शादी के लिए तैयार हो गया। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
    user_निर्मल कार्थी
    निर्मल कार्थी
    Bareilly, Uttar Pradesh•
    2 hrs ago
  • बरेली में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय के बाहर मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बहेड़ी थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने न्याय न मिलने का आरोप लगाते हुए आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों की सतर्कता, त्वरित सूझबूझ और तत्परता के चलते महिला को सुरक्षित बचा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। जानकारी के अनुसार, बहेड़ी निवासी मीना नाम की महिला अचानक एसएसपी कार्यालय के बाहर पहुंची और खुद पर डीजल उड़ेल लिया। इससे पहले कि वह आग लगा पाती, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने स्थिति को भांप लिया और उसे तुरंत पकड़कर सुरक्षित कर लिया। पीड़ित महिला का आरोप है कि उस पर और उसके बेटे पर जानलेवा हमला हुआ था, लेकिन कई बार शिकायत करने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे परेशान होकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश की। घटना के तुरंत बाद पुलिस महिला को एसपी साउथ अंशिका वर्मा के कार्यालय लेकर पहुंची, जहां अधिकारियों ने उसकी शिकायत को गंभीरता से सुना। इसके बाद उसे महिला थाना पुलिस की सुपुर्दगी में देकर स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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    बरेली में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय के बाहर मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बहेड़ी थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने न्याय न मिलने का आरोप लगाते हुए आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों की सतर्कता, त्वरित सूझबूझ और तत्परता के चलते महिला को सुरक्षित बचा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया।

जानकारी के अनुसार, बहेड़ी निवासी मीना नाम की महिला अचानक एसएसपी कार्यालय के बाहर पहुंची और खुद पर डीजल उड़ेल लिया। इससे पहले कि वह आग लगा पाती, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने स्थिति को भांप लिया और उसे तुरंत पकड़कर सुरक्षित कर लिया। पीड़ित महिला का आरोप है कि उस पर और उसके बेटे पर जानलेवा हमला हुआ था, लेकिन कई बार शिकायत करने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे परेशान होकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश की।

घटना के तुरंत बाद पुलिस महिला को एसपी साउथ अंशिका वर्मा के कार्यालय लेकर पहुंची, जहां अधिकारियों ने उसकी शिकायत को गंभीरता से सुना। इसके बाद उसे महिला थाना पुलिस की सुपुर्दगी में देकर स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
    user_भारत vision live news
    भारत vision live news
    Court reporter बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के बरेली में पुलिस ऑफिस के बाहर दिनांक 14.07.26 को एक महिला ने स्वयं के ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालने का प्रयास किया, जिसे वहां ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल रोक दिया। इस घटना के बाद पुलिस टीम द्वारा महिला की काउंसलिंग की जा रही है। सीओ सिटी प्रथम (CO City 1st) के अनुसार, वर्तमान में शांति व्यवस्था संबंधी कोई समस्या नहीं है।
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    उत्तर प्रदेश के बरेली में पुलिस ऑफिस के बाहर दिनांक 14.07.26 को एक महिला ने स्वयं के ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालने का प्रयास किया, जिसे वहां ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल रोक दिया।

इस घटना के बाद पुलिस टीम द्वारा महिला की काउंसलिंग की जा रही है। सीओ सिटी प्रथम (CO City 1st) के अनुसार, वर्तमान में शांति व्यवस्था संबंधी कोई समस्या नहीं है।
    user_जितेन्द्र पाल
    जितेन्द्र पाल
    Local News Reporter बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • बरेली के बिशारतगंज थाना परिसर में पुलिस और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। संवाद कार्यक्रम के तहत आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी प्रदीप कुमार चतुर्वेदी ने की। बैठक के दौरान थाना प्रभारी ने लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और कहा कि पत्रकार समाज और प्रशासन के बीच एक मजबूत सेतु का काम करते हैं। उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि अफवाहों पर रोक लगाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किसी भी घटना की पुष्टि करने के बाद ही समाचार प्रकाशित या प्रसारित करें। आगामी कावड़ यात्रा को लेकर थाना प्रभारी प्रदीप कुमार चतुर्वेदी ने निर्देश दिए कि इस दौरान कोई भी नई परंपरा न डाली जाए। उन्होंने आश्वस्त किया कि पुलिस इस यात्रा में पूरा सहयोग करेगी। इसके साथ ही क्षेत्र में सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा और बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पीड़ितों की मदद करने का भरोसा दिलाया और साथ ही पत्रकारों को भी समाचार संकलन के दौरान पुलिस की तरफ से पूरा सहयोग मिलने का आश्वासन दिया। इस बैठक में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं की रोकथाम और संवेदनशील मामलों में जिम्मेदार रिपोर्टिंग पर विस्तार से चर्चा की गई। पत्रकारों ने भी पुलिस के साथ बेहतर तालमेल बनाए रखने और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की बात कही। इस बैठक में नरोत्तम साहू (अमर उजाला), बहार अहमद 'गुड्डू' (आज समाचार पत्र), राजकुमार मौर्य (ईएनआई समाचार पत्र), मुनेंद्र गौतम (हिंदुस्तान), मोहित साहू (अमृत विचार), बबलू सागर (दैनिक भास्कर ऐप), रवि साहू (दैनिक भास्कर ऐप एवं RBS 7 Live News), सद्दाम खान (दैनिक भास्कर ऐप हिट न्यूज़ 24, बुलंद संदेश) और सूरज सागर (सनसनी खबर न्यूज़ 24) सहित क्षेत्र के कई पत्रकार उपस्थित रहे।
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    बरेली के बिशारतगंज थाना परिसर में पुलिस और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। संवाद कार्यक्रम के तहत आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी प्रदीप कुमार चतुर्वेदी ने की। बैठक के दौरान थाना प्रभारी ने लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और कहा कि पत्रकार समाज और प्रशासन के बीच एक मजबूत सेतु का काम करते हैं। उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि अफवाहों पर रोक लगाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किसी भी घटना की पुष्टि करने के बाद ही समाचार प्रकाशित या प्रसारित करें।

आगामी कावड़ यात्रा को लेकर थाना प्रभारी प्रदीप कुमार चतुर्वेदी ने निर्देश दिए कि इस दौरान कोई भी नई परंपरा न डाली जाए। उन्होंने आश्वस्त किया कि पुलिस इस यात्रा में पूरा सहयोग करेगी। इसके साथ ही क्षेत्र में सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा और बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पीड़ितों की मदद करने का भरोसा दिलाया और साथ ही पत्रकारों को भी समाचार संकलन के दौरान पुलिस की तरफ से पूरा सहयोग मिलने का आश्वासन दिया।

इस बैठक में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं की रोकथाम और संवेदनशील मामलों में जिम्मेदार रिपोर्टिंग पर विस्तार से चर्चा की गई। पत्रकारों ने भी पुलिस के साथ बेहतर तालमेल बनाए रखने और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की बात कही। इस बैठक में नरोत्तम साहू (अमर उजाला), बहार अहमद 'गुड्डू' (आज समाचार पत्र), राजकुमार मौर्य (ईएनआई समाचार पत्र), मुनेंद्र गौतम (हिंदुस्तान), मोहित साहू (अमृत विचार), बबलू सागर (दैनिक भास्कर ऐप), रवि साहू (दैनिक भास्कर ऐप एवं RBS 7 Live News), सद्दाम खान (दैनिक भास्कर ऐप हिट न्यूज़ 24, बुलंद संदेश) और सूरज सागर (सनसनी खबर न्यूज़ 24) सहित क्षेत्र के कई पत्रकार उपस्थित रहे।
    user_Ravi Sahu, (RBS 7 Live News)
    Ravi Sahu, (RBS 7 Live News)
    बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • भारत-अमेरिका डील में किसानों के हितों की रक्षा और स्थानीय समस्याओं के समाधान को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) हरपाल गुट ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। 'राष्ट्रीय देश बचाओ मोर्चा' के आह्वान पर आयोजित इस देशव्यापी आंदोलन के तहत संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री, रेल मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। किसान नेताओं ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 21 जुलाई को बड़ी संख्या में किसान दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंचकर रेल रोको आंदोलन और धरना प्रदर्शन करेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह के निर्देश पर जिला मुख्यालय पहुंचे किसान नेताओं ने अपनी प्रमुख मांगें उठाईं। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे किसान नेता महेंद्र पाल गंगवार ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में भारतीय किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लेखपालों की लापरवाही के कारण खतौनी में हिस्सों की भारी गड़बड़ी हुई है, जिसे लेखपालों को घर-घर जाकर दुरुस्त करना चाहिए। इसके साथ ही, नई 'फार्मर रजिस्ट्री/आईडी' व्यवस्था के तहत खाद वितरण में आ रही दिक्कतों पर रोष जताते हुए उन्होंने पुरानी व्यवस्था को बहाल करने की मांग की ताकि फसलों के इस सीजन में किसानों को खाद के लिए दर-दर न भटकना पड़े। साथ ही ओसवाल और बजाज चीनी मिलों पर बकाया गन्ना भुगतान को ब्याज सहित जल्द से जल्द दिलाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। प्रदर्शन में शामिल अन्य किसान नेता छेदालाल गंगवार ने शिक्षा व्यवस्था में निजी स्कूलों की मनमानी का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों में पढ़ाया जाए, जहां पोषाहार और खेलकूद की व्यवस्था है। इसके विपरीत, निजी स्कूल ढाई से तीन साल के बच्चों का दाखिला कर अभिभावकों से मनमानी फीस वसूल रहे हैं और महंगी किताबों के नाम पर कमीशनखोरी कर रहे हैं, जिससे गरीब और देहाती परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने ऐसे स्कूलों के खिलाफ कठोर जांच और कार्रवाई की मांग की है। किसानों ने साफ किया कि अगर इन सभी मुद्दों पर जल्द ही प्रशासन ने संज्ञान नहीं लिया, तो आगामी 21 जुलाई को दिल्ली में आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान छेदालाल, रामधुन, रामकिशोर दिवाकर, मोहम्मद इसरार, राम औतार, कुंवर सेन, नरेश चंद, रामचंद्र, चंद्रपाल, भगवानदास आदि मौजूद रहे।
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    भारत-अमेरिका डील में किसानों के हितों की रक्षा और स्थानीय समस्याओं के समाधान को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) हरपाल गुट ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। 'राष्ट्रीय देश बचाओ मोर्चा' के आह्वान पर आयोजित इस देशव्यापी आंदोलन के तहत संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री, रेल मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। किसान नेताओं ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 21 जुलाई को बड़ी संख्या में किसान दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंचकर रेल रोको आंदोलन और धरना प्रदर्शन करेंगे।

राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह के निर्देश पर जिला मुख्यालय पहुंचे किसान नेताओं ने अपनी प्रमुख मांगें उठाईं। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे किसान नेता महेंद्र पाल गंगवार ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में भारतीय किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लेखपालों की लापरवाही के कारण खतौनी में हिस्सों की भारी गड़बड़ी हुई है, जिसे लेखपालों को घर-घर जाकर दुरुस्त करना चाहिए। इसके साथ ही, नई 'फार्मर रजिस्ट्री/आईडी' व्यवस्था के तहत खाद वितरण में आ रही दिक्कतों पर रोष जताते हुए उन्होंने पुरानी व्यवस्था को बहाल करने की मांग की ताकि फसलों के इस सीजन में किसानों को खाद के लिए दर-दर न भटकना पड़े। साथ ही ओसवाल और बजाज चीनी मिलों पर बकाया गन्ना भुगतान को ब्याज सहित जल्द से जल्द दिलाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।

प्रदर्शन में शामिल अन्य किसान नेता छेदालाल गंगवार ने शिक्षा व्यवस्था में निजी स्कूलों की मनमानी का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों में पढ़ाया जाए, जहां पोषाहार और खेलकूद की व्यवस्था है। इसके विपरीत, निजी स्कूल ढाई से तीन साल के बच्चों का दाखिला कर अभिभावकों से मनमानी फीस वसूल रहे हैं और महंगी किताबों के नाम पर कमीशनखोरी कर रहे हैं, जिससे गरीब और देहाती परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने ऐसे स्कूलों के खिलाफ कठोर जांच और कार्रवाई की मांग की है। किसानों ने साफ किया कि अगर इन सभी मुद्दों पर जल्द ही प्रशासन ने संज्ञान नहीं लिया, तो आगामी 21 जुलाई को दिल्ली में आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान छेदालाल, रामधुन, रामकिशोर दिवाकर, मोहम्मद इसरार, राम औतार, कुंवर सेन, नरेश चंद, रामचंद्र, चंद्रपाल, भगवानदास आदि मौजूद रहे।
    user_ASHOK GUPTA
    ASHOK GUPTA
    बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के बीसलपुर में वर्तमान विधायक विवेक वर्मा के पिता और पूर्व मंत्री रामशरन वर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पूर्व मंत्री रामशरन वर्मा अपने विधायक बेटे की मौजूदगी में, आत्महत्या कर चुके पीड़ित उपेंद्र शर्मा के घर के बाहर सांत्वना देने पहुंचे उनके करीबी सत्यपाल कश्यप को "जड़ें थप्पड़ ही थप्पड़" मार रहे हैं। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और वे दुख की घड़ी में सांत्वना देने के बजाय इस तरह की दबंगई किए जाने को बेहद शर्मनाक बता रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है; इससे पहले भी चीनी मिल पर एक किसान और वाल्मीकि समाज के व्यक्ति के साथ अभद्रता करने के आरोप लग चुके हैं। इस घटना के बाद तीखे सवाल उठ रहे हैं कि क्या जनप्रतिनिधियों के परिवार कानून से ऊपर हैं और क्या पीड़ित परिवार को न्याय की जगह डराया जाएगा? लोगों द्वारा जिला प्रशासन और पुलिस से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की जा रही है।
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    उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के बीसलपुर में वर्तमान विधायक विवेक वर्मा के पिता और पूर्व मंत्री रामशरन वर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पूर्व मंत्री रामशरन वर्मा अपने विधायक बेटे की मौजूदगी में, आत्महत्या कर चुके पीड़ित उपेंद्र शर्मा के घर के बाहर सांत्वना देने पहुंचे उनके करीबी सत्यपाल कश्यप को "जड़ें थप्पड़ ही थप्पड़" मार रहे हैं। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और वे दुख की घड़ी में सांत्वना देने के बजाय इस तरह की दबंगई किए जाने को बेहद शर्मनाक बता रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है; इससे पहले भी चीनी मिल पर एक किसान और वाल्मीकि समाज के व्यक्ति के साथ अभद्रता करने के आरोप लग चुके हैं। इस घटना के बाद तीखे सवाल उठ रहे हैं कि क्या जनप्रतिनिधियों के परिवार कानून से ऊपर हैं और क्या पीड़ित परिवार को न्याय की जगह डराया जाएगा? लोगों द्वारा जिला प्रशासन और पुलिस से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की जा रही है।
    user_भूपेंद्र शर्मा
    भूपेंद्र शर्मा
    बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
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