कर्तव्य निभाते-निभाते थम गई धड़कन: एएसआई हितेंद्र तोमर पंचतत्व में विलीन, पुलिस सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई शहडोल। जिले के सोहागपुर क्षेत्र के निवासी एवं मध्यप्रदेश पुलिस के सहायक उपनिरीक्षक (ए.एस.आई.) हितेंद्र तोमर का ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुकने से आकस्मिक निधन हो गया। इस दुखद घटना से पुलिस विभाग सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। कर्तव्यनिष्ठ और ईमानदार पुलिसकर्मी के रूप में पहचाने जाने वाले हितेंद्र तोमर के निधन की खबर मिलते ही सहकर्मियों और क्षेत्रवासियों में गहरा दुख व्याप्त हो गया। बताया गया है कि एएसआई हितेंद्र तोमर वर्तमान में अनूपपुर पुलिस लाइन में पदस्थ थे। ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और हृदय गति रुक जाने से उनका निधन हो गया। वे अपने कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान ही अंतिम सांस लेकर हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह गए। उनके निधन की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, सहकर्मियों और क्षेत्र के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। विभाग द्वारा उन्हें मरणोपरांत शहीद का दर्जा देते हुए पूरे पुलिस सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान पुलिस गारद द्वारा सैनिक सलामी दी गई और उपस्थित अधिकारियों व जवानों ने नम आंखों से अपने साथी को श्रद्धांजलि अर्पित की।अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी, कर्मचारी, परिजन और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। स्वर्गीय हितेंद्र तोमर अपने सरल स्वभाव, कर्तव्यनिष्ठा और मिलनसार व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। उनके अचानक निधन से न केवल पुलिस विभाग बल्कि पूरे क्षेत्र ने एक समर्पित और जिम्मेदार अधिकारी को खो दिया है।
कर्तव्य निभाते-निभाते थम गई धड़कन: एएसआई हितेंद्र तोमर पंचतत्व में विलीन, पुलिस सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई शहडोल। जिले के सोहागपुर क्षेत्र के निवासी एवं मध्यप्रदेश पुलिस के सहायक उपनिरीक्षक (ए.एस.आई.) हितेंद्र तोमर का ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुकने से आकस्मिक निधन हो गया। इस दुखद घटना से पुलिस विभाग सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। कर्तव्यनिष्ठ और ईमानदार पुलिसकर्मी के रूप में पहचाने जाने वाले हितेंद्र तोमर के निधन की खबर मिलते ही सहकर्मियों और क्षेत्रवासियों में गहरा दुख व्याप्त हो गया। बताया गया है कि एएसआई हितेंद्र तोमर वर्तमान में अनूपपुर पुलिस लाइन में पदस्थ थे। ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और हृदय गति रुक जाने से उनका निधन हो गया। वे अपने कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान ही अंतिम सांस लेकर हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह गए। उनके निधन की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, सहकर्मियों और क्षेत्र के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। विभाग द्वारा उन्हें मरणोपरांत शहीद का दर्जा देते हुए पूरे पुलिस सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान पुलिस गारद द्वारा सैनिक सलामी दी गई और उपस्थित अधिकारियों व जवानों ने नम आंखों से अपने साथी को श्रद्धांजलि अर्पित की।अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी, कर्मचारी, परिजन और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। स्वर्गीय हितेंद्र तोमर अपने सरल स्वभाव, कर्तव्यनिष्ठा और मिलनसार व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। उनके अचानक निधन से न केवल पुलिस विभाग बल्कि पूरे क्षेत्र ने एक समर्पित और जिम्मेदार अधिकारी को खो दिया है।
- डिंडोरी -- कस्बा शाहपुर में रंगों का पावन पर्व होली पूरे हर्षोल्लास और आपसी सौहार्द के साथ मनाया गया। सुबह से ही कस्बे की गलियां अबीर-गुलाल से रंगीन नजर आईं। बच्चों और युवाओं की टोलियां ढोलक की थाप पर फाग गीत गाते हुए घर-घर पहुंचीं और एक-दूसरे को रंग लगाकर शुभकामनाएं दीं। मुख्य चौराहे पर होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया, जहां नगर के गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। सभी ने गले मिलकर भाईचारे और एकता का संदेश दिया। महिलाओं ने पारंपरिक फाग और होली गीत प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। घरों में गुजिया, दही-बड़े और अन्य पकवानों की खुशबू से त्योहार की रौनक और बढ़ गई। त्योहार को देखते हुए पुलिस प्रशासन सतर्क रहा। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया था, जिससे होली शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। कस्बे में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। होली के अवसर पर कस्बा शाहपुर के सामाजिक संगठनों ने नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए प्रेम, सौहार्द और आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील की।3
- घुघरी मोहगांव थाना क्षेत्र के ग्राम इंद्रा से खबर- ग्राम इंद्रा के ग्रामीणों ने रोका भैंसों से भरा ट्रक- ट्रक में लगभग-30 नंग भैंस लोड- पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद-1
- चिरमिरी के गोदरीपारा स्थित चटर्जी कॉलोनी में पिछले करीब दस दिनों से पानी की सप्लाई बंद होने से कॉलोनी वासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। होली जैसे बड़े त्योहार के बीच लोगों को पानी की एक-एक बूंद के लिए भटकना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि कई घरों में न तो ठीक से खाना बन पा रहा है और न ही लोग नहा पा रहे हैं। पानी की समस्या से परेशान होकर कॉलोनी के लोगों ने फिल्टर प्लांट पहुंचकर जमकर हंगामा किया। दरअसल यह पूरा मामला एमसीबी जिले के चिरमिरी क्षेत्र के गोदरीपारा स्थित चटर्जी कॉलोनी का है। यहां एसईसीएल के माध्यम से पानी की सप्लाई की जाती है, लेकिन पिछले करीब 10 दिनों से पानी नहीं मिलने के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कॉलोनी के लोग दूर-दराज से पानी लाकर किसी तरह अपनी दिनचर्या चला रहे हैं। होली जैसे त्योहार के समय भी लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है। इसी से नाराज होकर कॉलोनी के महिला-पुरुष बड़ी संख्या में फिल्टर प्लांट पहुंचे और वहां जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताते हुए हंगामा किया। हालांकि मीडिया के पहुंचने के बाद फिल्टर प्लांट के जिम्मेदारों लोगों को आश्वासन दिया कि जल्द ही पानी की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद कॉलोनीवासी फिलहाल अपने घर लौट गए। “पिछले करीब दस दिनों से चटर्जी लाइन गोदरीपारा में पानी की सप्लाई बंद है। होली का त्योहार भी हमारे लिए बेरंग हो गया है। अधिकारियों द्वारा बी-टाइप कॉलोनी में तो पानी दिया जाता है, लेकिन मजदूरों की कॉलोनी की कोई सुनवाई नहीं होती। रात में भी मुश्किल से आधा घंटा पानी दिया जाता है, जिससे लोगों की परेशानी दूर नहीं हो पाती।” “करीब 10-15 दिनों से पानी नहीं आया है। खाना बनाने तक के लिए पानी नहीं है। दूर से पानी लाकर किसी तरह काम चला रहे हैं। त्योहार भी ठीक से नहीं मना पा रहे हैं। कई लोग दो-दो दिन तक नहा नहीं पा रहे। अधिकारी हर दिन बस यही कहते हैं कि आज पानी खोलेंगे, लेकिन अभी तक घरों तक पानी नहीं पहुचा। फिल्टर प्लांट इंचार्ज मेहतर राम का कहना है कि बिजली की समस्या और खदान में लगे पंप से पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण सप्लाई प्रभावित हुई थी। हालांकि उन्होंने आश्वासन दिया है कि दोपहर तक पानी की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारियों का यह आश्वासन कब तक हकीकत में बदलता है, क्योंकि होली के त्योहार के बीच पानी की समस्या से जूझ रहे कॉलोनीवासियों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।1
- *जागो जिला प्रशासन मैहर की करोड़ों की शासकीय संपत्ति पर काग्रेस नेता का कब्जा साथ होटल तैयार* मैहर:- शहर के देवी जी रोड में एक नहीं बल्कि तीन-तीन होटल सरकारी जमीन में कब्जा करने के बाद तैयार हो गई और प्रशासन को इतने बड़े घोटाले की भनक तक नहीं लगी, हालांकि यह बात कहना गलत होगा कि प्रशासन को जानकारी नहीं लगी जानकारी भी थी बल्कि इस मामले में मैहर के पूर्व राजस्व अधिकारी ने जमकर मलाई भी खाई थी। हनुमान टोला देवी जी रोड में स्थित होटल हंस वाहिनी के संचालक व कांग्रेस नेता चूड़ामणि बढोलिया होटल वासुकी के संचालक निल्लू पाठक होटल आशुतोष के संचालक प्रभाकर मिश्रा द्वारा सरकारी जमीन में कब्जा कर अवैध रूप से बिना अनुमति के गगनचुम्बी होटल तान दी गयी। बताया जाता है कि होटल बनने के पहले इस जगह झुग्गी झोपड़ी हुआ करती थी जिसका पीला पट्टा बना हुआ था जो सिर्फ 20 - 25 के लिए वैध था। मगर आज मौके पर जाकर देखा जाए तो वह झोपड़ी तोड़कर आलीशान होटल खड़ी हो चुकी है। अकेले होटल हंस वाहिनी के संचालक द्वारा रसूख के दम पर लगभग डेढ़ सौ से 200 फीट जमीन मे बाउंड्री वॉल करके कब्जा कर लिया गया, यही हाल जमीन माफिया व होटल वासुकी के संचालक निल्लू पाठक का है। यह आदमी सरकारी जमीन में कब्जा करने में माहिर है। कुछ इसे मिलती-जुलती कहानी होटल आशुतोष के संचालक प्रभाकर मिश्रा का भी यही हाल है। कुल मिलाकर नेतागिरी की आड़ में झाड़ काटने का काम तीनों मिलकर कर रहे हैं। और राजस्व को करोड़ों का चूना लगाने में पीछे नहीं हट रहे। इस मामले को मैहर अनुविभागीय अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। ताकि मामले की बारीकी से जांच कर इन होटलो को नेस्तनाबुत करने की कार्रवाई की जाए अगर स्थानीय जिला प्रशासन इन भू माफिया पर कार्यवाही नहीं करता तो, हाई कोर्ट में जाने की तैयारी कर ली गई है।1
- *बदेरा थाने के अंदर पुलिस की मार से युवक का पैर तोड़ कांड हुआ उजागर* मैहर जिला एक बार फिर पुलिस कार्यप्रणाली को लेकर सुर्खियों में है। मामला बदेरा थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां पीड़ित मुकेश साकेत के साथ थाने में मारपीट कर पैर तोड़ने का आरोप पुलिस पर लगाया गया है। पीड़ित मुकेश साकेत की पत्नी ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराते हुए थाना प्रभारी समेत कई आरक्षकों पर नामजद आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि पूछताछ के दौरान मुकेश साकेत के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उसका पैर तीन जगह से टूट गया। मेडिकल जांच में भी फ्रैक्चर की पुष्टि होने का दावा किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो बदेरा थाना से जुड़ी कई शिकायतें पहले भी सीएम हेल्पलाइन, आईजी रीवा और पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई संभव है। इधर चर्चा यह भी है कि वर्तमान थाना प्रभारी पहले भी विवादों में रह चुके हैं। बताया जा रहा है कि देहात मैहर के नादन थाने में पदस्थ रहते हुए रेडियम पट्टी कांड भी सामने आया था, जो उस समय काफी चर्चा में रहा।अब बड़ा सवाल यही है कि शिकायत के बाद जिले के वरिष्ठ अधिकारी निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करेंगे या फिर मामला दबा दिया जाएगा। फिलहाल पूरे मामले में पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।1
- Post by Sourabh Shrivastava1
- Post by Ashok Sondhiya1
- स्थान — चिरमिरी, एमसीबी जिला रिपोर्टर — मनोज श्रीवास्तव चिरमिरी के गोदरीपारा स्थित चटर्जी कॉलोनी में पिछले करीब दस दिनों से पानी की सप्लाई बंद होने से कॉलोनी वासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। होली जैसे बड़े त्योहार के बीच लोगों को पानी की एक-एक बूंद के लिए भटकना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि कई घरों में न तो ठीक से खाना बन पा रहा है और न ही लोग नहा पा रहे हैं। पानी की समस्या से परेशान होकर कॉलोनी के लोगों ने फिल्टर प्लांट पहुंचकर जमकर हंगामा किया। दरअसल यह पूरा मामला एमसीबी जिले के चिरमिरी क्षेत्र के गोदरीपारा स्थित चटर्जी कॉलोनी का है। यहां एसईसीएल के माध्यम से पानी की सप्लाई की जाती है, लेकिन पिछले करीब 10 दिनों से पानी नहीं मिलने के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कॉलोनी के लोग दूर-दराज से पानी लाकर किसी तरह अपनी दिनचर्या चला रहे हैं। होली जैसे त्योहार के समय भी लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है। इसी से नाराज होकर कॉलोनी के महिला-पुरुष बड़ी संख्या में फिल्टर प्लांट पहुंचे और वहां जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताते हुए हंगामा किया। हालांकि मीडिया के पहुंचने के बाद फिल्टर प्लांट के जिम्मेदारों लोगों को आश्वासन दिया कि जल्द ही पानी की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद कॉलोनीवासी फिलहाल अपने घर लौट गए। राज कपूर शर्मा, का कहना है कि “पिछले करीब दस दिनों से चटर्जी लाइन गोदरीपारा में पानी की सप्लाई बंद है। होली का त्योहार भी हमारे लिए बेरंग हो गया है। अधिकारियों द्वारा बी-टाइप कॉलोनी में तो पानी दिया जाता है, लेकिन मजदूरों की कॉलोनी की कोई सुनवाई नहीं होती। रात में भी मुश्किल से आधा घंटा पानी दिया जाता है, जिससे लोगों की परेशानी दूर नहीं हो पाती।” निर्मला शर्मा, ने बताया कि “करीब 10-15 दिनों से पानी नहीं आया है। खाना बनाने तक के लिए पानी नहीं है। दूर से पानी लाकर किसी तरह काम चला रहे हैं। त्योहार भी ठीक से नहीं मना पा रहे हैं। कई लोग दो-दो दिन तक नहा नहीं पा रहे। अधिकारी हर दिन बस यही कहते हैं कि आज पानी खोलेंगे, लेकिन अभी तक घरों तक पानी नहीं पहुंचा।” फिल्टर प्लांट इंचार्ज मेहतर राम का कहना है कि बिजली की समस्या और खदान में लगे पंप से पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण सप्लाई प्रभावित हुई थी। हालांकि उन्होंने आश्वासन दिया है कि दोपहर तक पानी की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारियों का यह आश्वासन कब तक हकीकत में बदलता है, क्योंकि होली के त्योहार के बीच पानी की समस्या से जूझ रहे कॉलोनीवासियों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।4
- रामनगर तहसील आर आई निर्भय सिंह द्वारा लोगों से रिश्वत लेने के बाद भी काम नहीं करते जिसमें तहसीलदार नायब तहसीलदार झिन्ना लगातार लोगों से घूस लेते हैं और काम करने के लिए आज से चल आज से कल करते हुए सालों बिता देते हैं तहसीलदार महोदया से होती है भी उनके द्वारा कहा जाता है की नाप हो जाएगी और यही करते-करते तीन से चार बार समय निकाल दिया जाता है जिसकी जिम्मेदारी अब किसान स्वयं चक्का जाम करने पर मजबूर होकर छिरहाई से शहडोल मार्ग एवं अमरपाटन मार्ग रीवा मार्ग बीचो बीच बंद करने पर मजबूर हो रहा है जिसकी जिम्मेदारी तहसीलदार नायब तहसीलदार आर आई की होगी इसके पश्चात अब सब अधिकारी आकर के खड़े हो जाएंगे जब तक किसान अपने हाथों पर कानून को नहीं लेता तब तक इसी तरह वर्ग लाया जाता है मीडिया को भी जानकारी दी गई उनका कहना भी यह निकला की देख लीजिए अभी समय है आज डेढ़ साल से लगातार प्रलोभन पर प्रलोभन देते रहे और रिश्तेदार रिश्वत लेते रहे अब और मांग की जा रही है मना करने पर1