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थाना मेहगांव से महिला एवं बाल विकाश विभाग ने शुरू किया जन जागरुकता अभियान *थाना मेहगांव से महिला एवं बाल विकाश विभाग ने शुरू किया जन जागरुकता अभियान* मिशन वात्सल्य के अंतर्गत बाल भिक्षा वृत्ति रोकने के लिए शुरू किया गया अभियान अभियान के अंतर्गत थाना प्रभारी मेहगांव रविंद्र शर्मा ने की आम जन मानस से अपील जहां भी बाल भिक्षावृत्ति देखे तत्काल 112 पर तथा चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 पर करे सूचित सतर्क रहे समझदार बने ।

10 hrs ago
user_Premrarayan sharma
Premrarayan sharma
Graphic designer मेहगांव, भिंड, मध्य प्रदेश•
10 hrs ago
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थाना मेहगांव से महिला एवं बाल विकाश विभाग ने शुरू किया जन जागरुकता अभियान *थाना मेहगांव से महिला एवं बाल विकाश विभाग ने शुरू किया जन जागरुकता अभियान* मिशन वात्सल्य के अंतर्गत बाल भिक्षा वृत्ति रोकने के लिए शुरू किया गया अभियान अभियान के अंतर्गत थाना प्रभारी मेहगांव रविंद्र शर्मा ने की आम जन मानस से अपील जहां भी बाल भिक्षावृत्ति देखे तत्काल 112 पर तथा चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 पर करे सूचित सतर्क रहे समझदार बने ।

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  • थाना मेहगांव से महिला एवं बाल विकाश विभाग ने शुरू किया जन जागरुकता अभियान *थाना मेहगांव से महिला एवं बाल विकाश विभाग ने शुरू किया जन जागरुकता अभियान* मिशन वात्सल्य के अंतर्गत बाल भिक्षा वृत्ति रोकने के लिए शुरू किया गया अभियान अभियान के अंतर्गत थाना प्रभारी मेहगांव रविंद्र शर्मा ने की आम जन मानस से अपील जहां भी बाल भिक्षावृत्ति देखे तत्काल 112 पर तथा चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 पर करे सूचित सतर्क रहे समझदार बने ।
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    थाना मेहगांव से महिला एवं बाल विकाश विभाग ने शुरू किया जन जागरुकता अभियान
*थाना मेहगांव से महिला एवं बाल विकाश विभाग ने शुरू किया जन जागरुकता अभियान* 
मिशन वात्सल्य के अंतर्गत बाल भिक्षा वृत्ति रोकने के लिए शुरू किया गया अभियान
अभियान के अंतर्गत थाना प्रभारी मेहगांव रविंद्र शर्मा ने की आम जन मानस से अपील
जहां भी बाल भिक्षावृत्ति देखे तत्काल 112 पर तथा चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 पर करे सूचित 
सतर्क रहे समझदार बने ।
    user_Premrarayan sharma
    Premrarayan sharma
    Graphic designer मेहगांव, भिंड, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • भिंड जिला अस्पताल में हादसा,डायलिस यूनिट क़ी सीलिंग मरीजों के ऊपर गिरी भिंड जिला अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में अचानक सीलिंग गिरने से मरीजों के बीच अफरा-तफरी मच गई। सीलिंग का मलबा मरीजों के ऊपर गिरा, हालांकि राहत की बात यह है कि मरीजों को ज्यादा चोटें नहीं आईं। एक मरीज ने बताया कि वे बाल-बाल बच गए।लेकिन इस घटना ने जिला अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, अस्पताल की यह इमारत वर्ष 1936 में बनी थी और लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी द्वारा इसे कंडम घोषित किया जा चुका है। इसके बावजूद इसी भवन में मरीजों का इलाज जारी है।सवाल यह है कि आखिर मरीजों की जान से कब तक खिलवाड़ होता रहेगा? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को किसी बड़े हादसे का इंतजार है? जब इमारत को कंडम घोषित किया जा चुका है, तो मरीजों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए?आज सीलिंग गिरने से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन अगर यही घटना और गंभीर रूप ले लेती, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता?अब देखना होगा कि इस घटना के बाद जिम्मेदार विभाग जागता है या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही कार्रवाई होगी!
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    भिंड जिला अस्पताल में हादसा,डायलिस यूनिट क़ी सीलिंग मरीजों के ऊपर गिरी
भिंड जिला अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में अचानक सीलिंग गिरने से मरीजों के बीच अफरा-तफरी मच गई। सीलिंग का मलबा मरीजों के ऊपर गिरा, हालांकि राहत की बात यह है कि मरीजों को ज्यादा चोटें नहीं आईं। एक मरीज ने बताया कि वे बाल-बाल बच गए।लेकिन इस घटना ने जिला अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, अस्पताल की यह इमारत वर्ष 1936 में बनी थी और लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी द्वारा इसे कंडम घोषित किया जा चुका है। इसके बावजूद इसी भवन में मरीजों का इलाज जारी है।सवाल यह है कि आखिर मरीजों की जान से कब तक खिलवाड़ होता रहेगा? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को किसी बड़े हादसे का इंतजार है? जब इमारत को कंडम घोषित किया जा चुका है, तो मरीजों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए?आज सीलिंग गिरने से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन अगर यही घटना और गंभीर रूप ले लेती, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता?अब देखना होगा कि इस घटना के बाद जिम्मेदार विभाग जागता है या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही कार्रवाई होगी!
    user_कृष्ण कांत शर्मा
    कृष्ण कांत शर्मा
    Media company भिंड, भिंड, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • दतिया /पण्डोखर सागर से अयोध्या तक जोखिमभरा सफर मुकेश कुमार गुप्ता दतिया/ पण्डोखर 24 वर्ष की उम्र में सागर से अयोध्या तक कारसेवा की जोखिमभरी यात्रा: संघर्ष, साहस और बलिदान की अविस्मरणीय गाथा 30 अक्टूबर और 2 नवंबर 1990 की कारसेवा को याद कर भावुक हुए पण्डोखर धाम की नींव के पत्थर और विश्व हिंदू परिषद के पूर्व नगर मंत्री मुकेश कुमार गुप्ता; हुतात्मा रामभक्तों को दी श्रद्धांजलि सागर। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन भारतीय इतिहास का ऐसा अध्याय है, जिसमें आस्था, संघर्ष, संगठनात्मक अनुशासन और असंख्य रामभक्तों के त्याग एवं बलिदान की अविस्मरणीय गाथा समाहित है। 30 अक्टूबर और 2 नवंबर 1990 को अयोध्या में हुई कारसेवा की स्मृतियाँ आज भी उस आंदोलन से जुड़े लोगों के हृदय में जीवंत हैं। इसी ऐतिहासिक आंदोलन से जुड़े अपने संस्मरण साझा करते हुए सागर निवासी विश्व हिंदू परिषद के पूर्व नगर मंत्री मुकेश कुमार गुप्ता ने अपनी सागर से अयोध्या तक की संघर्षपूर्ण कारसेवा यात्रा को याद किया। श्री गुप्ता बताते हैं कि 25 अक्टूबर 1990 को मात्र 24 वर्ष की आयु में विश्व हिंदू परिषद के नगर मंत्री के दायित्व का निर्वहन करते हुए उन्होंने सैकड़ों कारसेवकों का नेतृत्व कर 30 अक्टूबर की कारसेवा में भाग लेने का संकल्प लिया था। उस समय उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की घोषणा—'अयोध्या में परिंदा भी पर नहीं मार सकता'—कारसेवकों के सामने एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन श्रीराम जन्मभूमि पर कारसेवा का संकल्प लेकर निकले रामभक्त किसी भी चुनौती से विचलित होने को तैयार नहीं थे। सागर से अयोध्या तक जोखिमभरा सफर मुकेश गुप्ता के अनुसार, 25 अक्टूबर को वे रेलगाड़ी से सागर से कटनी होते हुए नैनी, प्रयागराज पहुँचे। वहाँ धारा 144 लागू थी और कारसेवकों को देखते ही गिरफ्तार किया जा रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए कारसेवक चार-पाँच के छोटे समूहों में बँटकर छिपते-छिपाते आगे बढ़ रहे थे। 26 अक्टूबर की अलसुबह उनके साथ बजरंग दल के नगर संयोजक अरविन्द जैन (गुड्डू), रामसेवक यादव और कमल हुकुमचंद मलैया सहित केवल चार लोग रह गए थे। अधिकांश साथी रास्ते में गिरफ्तार हो चुके थे तथा अनेक कारसेवकों को हिंसा और प्रताड़ना का सामना करना पड़ा था। चारों साथी चुपचाप बस से प्रतापगढ़ पहुँचे। वहाँ भी कर्फ्यू लागू था और कारसेवकों की गिरफ्तारियाँ जारी थीं। भय और दहशत के माहौल में कोई किसी को जानकारी देने तक को तैयार नहीं था। बड़ी कठिनाई से एक कांग्रेसी विचारधारा वाले, किंतु कट्टर रामभक्त हिंदू परिवार का संरक्षण मिला। इसी परिवार के मार्गदर्शन और सहयोग से चारों ने रात के अँधेरे में सुनसान रास्तों से पैदल ही अयोध्या की ओर प्रस्थान किया। गाँव-गाँव मिला रामभक्तों का अभूतपूर्व सहयोग श्री गुप्ता बताते हैं कि चार दिन-रात तक गाँवों, पगडंडियों और सुनसान रास्तों से छिपते-छिपाते उनकी यात्रा जारी रही। इस कठिन सफर में स्थानीय रामभक्तों का सहयोग अविस्मरणीय रहा। जहाँ भी ग्रामीणों को उनके आने की जानकारी मिलती, वहाँ आत्मीय स्वागत-सत्कार किया जाता। वे भावुक होकर बताते हैं कि छोटे-छोटे गाँवों में ग्रामीण बड़े थाल में जल लेकर खड़े हो जाते, कारसेवकों के चरण धोते और आरती उतारकर उनका अभिनंदन करते थे। कहीं चाय और भोजन की व्यवस्था होती, तो कहीं विश्राम और सुरक्षा का प्रबंध किया जाता। अनजान लोगों का ऐसा आत्मीय समर्पण देखकर कारसेवक भावविभोर हो उठते थे। इन सबके सहयोग और प्रभु श्रीराम की कृपा से अंततः वे निर्धारित कारसेवा के मुहूर्त पर अयोध्या पहुँचने में सफल हुए। 30 अक्टूबर 1990 : अयोध्या में गूँजा जय श्रीराम का उद्घोष 30 अक्टूबर 1990 का दिन आंदोलन के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के महानायक पूजनीय अशोक जी सिंघल के नेतृत्व में लाखों कारसेवक अचानक जय श्रीराम के गगनभेदी उद्घोष के साथ अयोध्या की गलियों में प्रकट हुए और श्रीराम जन्मभूमि पहुँचकर कारसेवा प्रारंभ की। मुकेश गुप्ता के अनुसार, इस घटनाक्रम से तत्कालीन सरकार बौखला उठी और कारसेवकों पर लाठीचार्ज तथा गोलीबारी की गई। अनेक कारसेवक घायल हुए और कई ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। इसी संघर्ष में कोठारी बंधुओं सहित अनेक रामभक्तों ने सर्वोच्च बलिदान दिया। उस समय अयोध्या की गलियों में एक ही उद्घोष गूँजता था सौगंध राम की खाते हैं, हम मंदिर वहीं बनाएंगे, हम मंदिर भव्य बनाएंगे, कारसेवकों में भारी आक्रोश था, लेकिन संगठन के अनुशासन और नेतृत्व के निर्णय के अनुसार आगे की कारसेवा के लिए पुनः योजनाबद्ध प्रयास किया गया। 2 नवंबर 1990 : निहत्थे कारसेवकों पर गोलीबारी का हृदयविदारक घटनाक्रम मुकेश गुप्ता बताते हैं कि 2 नवंबर को अयोध्या के घरों, आश्रमों, जंगलों और आसपास के गाँवों में ठहरे लाखों कारसेवक अलग-अलग रास्तों से संतों के नेतृत्व में पुनः कारसेवा के लिए आगे बढ़े। रामभक्तों का विशाल जनसमूह जय श्रीराम के उद्घोष के साथ आगे बढ़ रहा था। निहत्थे कारसेवकों के इस सैलाब को देखकर तत्कालीन मुलायम सिंह सरकार ने गोलीबारी कराई, जिसमें बड़ी संख्या में कारसेवक घायल हुए और अनेक ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए। वे बताते हैं कि उस समय के अनेक दृश्य आज भी मन को विचलित कर देते हैं। बलिदानी कारसेवकों के शवों को बालू की बोरियों से बाँधकर सरयू नदी में फेंके जाने की पीड़ादायक घटनाओं की स्मृतियाँ आज भी आंदोलन से जुड़े लोगों के मन में अंकित हैं। दूसरी ओर, घायल कारसेवकों को श्रीराम चिकित्सालयों तक पहुँचाने में स्वयं रामभक्त दिन-रात जुटे हुए थे। अयोध्या की पावन धरती और सरयू का जल उस हिंसक घटनाक्रम में कारसेवकों के रक्त से रक्तरंजित हो उठा था। साकार हुआ वर्षों पुराना स्वप्न श्री गुप्ता कहते हैं कि उस समय पूर्ण विश्वास था कि श्रीराम जन्मभूमि पर एक दिन भव्य मंदिर अवश्य बनेगा, लेकिन अपने जीवनकाल में उस स्वप्न को साकार होते देखने का सौभाग्य मिलेगा, इसकी कल्पना नहीं की थी। आज अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य और दिव्य मंदिर निर्मित होकर रामभक्तों की आस्था का केंद्र बन चुका है। मंदिर के दर्शन और वर्तमान स्वरूप को देखकर 1990 के संघर्षपूर्ण दिन, सागर से अयोध्या तक की जोखिमभरी यात्रा, सहयोग करने वाले अनजान रामभक्त परिवार और बलिदान देने वाले कारसेवकों की स्मृतियाँ स्वतः जीवंत हो उठती हैं। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण असंख्य रामभक्तों के दशकों के संघर्ष, त्याग, तपस्या और बलिदान का प्रतिफल है। आज हुतात्मा दिवस के अवसर पर उन सभी अमर रामभक्तों के श्रीचरणों में अनंत कोटि नमन करते हुए उनकी स्मृति को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूँ।उनका त्याग, उनका साहस और उनकी रामभक्ति आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देती रहेगी। प्रमोद शास्त्री
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    दतिया /पण्डोखर सागर से अयोध्या तक जोखिमभरा सफर मुकेश कुमार गुप्ता 
दतिया/ पण्डोखर 
24 वर्ष की उम्र में सागर से अयोध्या तक कारसेवा की जोखिमभरी यात्रा: संघर्ष, साहस और बलिदान की अविस्मरणीय गाथा
30 अक्टूबर और 2 नवंबर 1990 की कारसेवा को याद कर भावुक हुए पण्डोखर धाम की नींव के पत्थर और विश्व हिंदू परिषद के पूर्व नगर मंत्री मुकेश कुमार गुप्ता; हुतात्मा रामभक्तों को दी श्रद्धांजलि
सागर। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन भारतीय इतिहास का ऐसा अध्याय है, जिसमें आस्था, संघर्ष, संगठनात्मक अनुशासन और असंख्य रामभक्तों के त्याग एवं बलिदान की अविस्मरणीय गाथा समाहित है। 30 अक्टूबर और 2 नवंबर 1990 को अयोध्या में हुई कारसेवा की स्मृतियाँ आज भी उस आंदोलन से जुड़े लोगों के हृदय में जीवंत हैं। इसी ऐतिहासिक आंदोलन से जुड़े अपने संस्मरण साझा करते हुए सागर निवासी विश्व हिंदू परिषद के पूर्व नगर मंत्री मुकेश कुमार गुप्ता ने अपनी सागर से अयोध्या तक की संघर्षपूर्ण कारसेवा यात्रा को याद किया।
श्री गुप्ता बताते हैं कि 25 अक्टूबर 1990 को मात्र 24 वर्ष की आयु में विश्व हिंदू परिषद के नगर मंत्री के दायित्व का निर्वहन करते हुए उन्होंने सैकड़ों कारसेवकों का नेतृत्व कर 30 अक्टूबर की कारसेवा में भाग लेने का संकल्प लिया था। उस समय उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की घोषणा—'अयोध्या में परिंदा भी पर नहीं मार सकता'—कारसेवकों के सामने एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन श्रीराम जन्मभूमि पर कारसेवा का संकल्प लेकर निकले रामभक्त किसी भी चुनौती से विचलित होने को तैयार नहीं थे।
सागर से अयोध्या तक जोखिमभरा सफर
मुकेश गुप्ता के अनुसार, 25 अक्टूबर को वे रेलगाड़ी से सागर से कटनी होते हुए नैनी, प्रयागराज पहुँचे। वहाँ धारा 144 लागू थी और कारसेवकों को देखते ही गिरफ्तार किया जा रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए कारसेवक चार-पाँच के छोटे समूहों में बँटकर छिपते-छिपाते आगे बढ़ रहे थे।
26 अक्टूबर की अलसुबह उनके साथ बजरंग दल के नगर संयोजक अरविन्द जैन (गुड्डू), रामसेवक यादव और कमल हुकुमचंद मलैया सहित केवल चार लोग रह गए थे। अधिकांश साथी रास्ते में गिरफ्तार हो चुके थे तथा अनेक कारसेवकों को हिंसा और प्रताड़ना का सामना करना पड़ा था।
चारों साथी चुपचाप बस से प्रतापगढ़ पहुँचे। वहाँ भी कर्फ्यू लागू था और कारसेवकों की गिरफ्तारियाँ जारी थीं। भय और दहशत के माहौल में कोई किसी को जानकारी देने तक को तैयार नहीं था। बड़ी कठिनाई से एक कांग्रेसी विचारधारा वाले, किंतु कट्टर रामभक्त हिंदू परिवार का संरक्षण मिला। इसी परिवार के मार्गदर्शन और सहयोग से चारों ने रात के अँधेरे में सुनसान रास्तों से पैदल ही अयोध्या की ओर प्रस्थान किया।
गाँव-गाँव मिला रामभक्तों का अभूतपूर्व सहयोग
श्री गुप्ता बताते हैं कि चार दिन-रात तक गाँवों, पगडंडियों और सुनसान रास्तों से छिपते-छिपाते उनकी यात्रा जारी रही। इस कठिन सफर में स्थानीय रामभक्तों का सहयोग अविस्मरणीय रहा। जहाँ भी ग्रामीणों को उनके आने की जानकारी मिलती, वहाँ आत्मीय स्वागत-सत्कार किया जाता।
वे भावुक होकर बताते हैं कि छोटे-छोटे गाँवों में ग्रामीण बड़े थाल में जल लेकर खड़े हो जाते, कारसेवकों के चरण धोते और आरती उतारकर उनका अभिनंदन करते थे। कहीं चाय और भोजन की व्यवस्था होती, तो कहीं विश्राम और सुरक्षा का प्रबंध किया जाता। अनजान लोगों का ऐसा आत्मीय समर्पण देखकर कारसेवक भावविभोर हो उठते थे। इन सबके सहयोग और प्रभु श्रीराम की कृपा से अंततः वे निर्धारित कारसेवा के मुहूर्त पर अयोध्या पहुँचने में सफल हुए।
30 अक्टूबर 1990 : अयोध्या में गूँजा जय श्रीराम का उद्घोष
30 अक्टूबर 1990 का दिन आंदोलन के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के महानायक पूजनीय अशोक जी सिंघल के नेतृत्व में लाखों कारसेवक अचानक जय श्रीराम के गगनभेदी उद्घोष के साथ अयोध्या की गलियों में प्रकट हुए और श्रीराम जन्मभूमि पहुँचकर कारसेवा प्रारंभ की।
मुकेश गुप्ता के अनुसार, इस घटनाक्रम से तत्कालीन सरकार बौखला उठी और कारसेवकों पर लाठीचार्ज तथा गोलीबारी की गई। अनेक कारसेवक घायल हुए और कई ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। इसी संघर्ष में कोठारी बंधुओं सहित अनेक रामभक्तों ने सर्वोच्च बलिदान दिया।
उस समय अयोध्या की गलियों में एक ही उद्घोष गूँजता था
सौगंध राम की खाते हैं, हम मंदिर वहीं बनाएंगे, हम मंदिर भव्य बनाएंगे, कारसेवकों में भारी आक्रोश था, लेकिन संगठन के अनुशासन और नेतृत्व के निर्णय के अनुसार आगे की कारसेवा के लिए पुनः योजनाबद्ध प्रयास किया गया।
2 नवंबर 1990 : निहत्थे कारसेवकों पर गोलीबारी का हृदयविदारक घटनाक्रम
मुकेश गुप्ता बताते हैं कि 2 नवंबर को अयोध्या के घरों, आश्रमों, जंगलों और आसपास के गाँवों में ठहरे लाखों कारसेवक अलग-अलग रास्तों से संतों के नेतृत्व में पुनः कारसेवा के लिए आगे बढ़े। रामभक्तों का विशाल जनसमूह जय श्रीराम के उद्घोष के साथ आगे बढ़ रहा था। निहत्थे कारसेवकों के इस सैलाब को देखकर तत्कालीन मुलायम सिंह सरकार ने गोलीबारी कराई, जिसमें बड़ी संख्या में कारसेवक घायल हुए और अनेक ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
वे बताते हैं कि उस समय के अनेक दृश्य आज भी मन को विचलित कर देते हैं। बलिदानी कारसेवकों के शवों को बालू की बोरियों से बाँधकर सरयू नदी में फेंके जाने की पीड़ादायक घटनाओं की स्मृतियाँ आज भी आंदोलन से जुड़े लोगों के मन में अंकित हैं। दूसरी ओर, घायल कारसेवकों को श्रीराम चिकित्सालयों तक पहुँचाने में स्वयं रामभक्त दिन-रात जुटे हुए थे। अयोध्या की पावन धरती और सरयू का जल उस हिंसक घटनाक्रम में कारसेवकों के रक्त से रक्तरंजित हो उठा था।
साकार हुआ वर्षों पुराना स्वप्न
श्री गुप्ता कहते हैं कि उस समय पूर्ण विश्वास था कि श्रीराम जन्मभूमि पर एक दिन भव्य मंदिर अवश्य बनेगा, लेकिन अपने जीवनकाल में उस स्वप्न को साकार होते देखने का सौभाग्य मिलेगा, इसकी कल्पना नहीं की थी।
आज अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य और दिव्य मंदिर निर्मित होकर रामभक्तों की आस्था का केंद्र बन चुका है। मंदिर के दर्शन और वर्तमान स्वरूप को देखकर 1990 के संघर्षपूर्ण दिन, सागर से अयोध्या तक की जोखिमभरी यात्रा, सहयोग करने वाले अनजान रामभक्त परिवार और बलिदान देने वाले कारसेवकों की स्मृतियाँ स्वतः जीवंत हो उठती हैं।
उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण असंख्य रामभक्तों के दशकों के संघर्ष, त्याग, तपस्या और बलिदान का प्रतिफल है। आज हुतात्मा दिवस के अवसर पर उन सभी अमर रामभक्तों के श्रीचरणों में अनंत कोटि नमन करते हुए उनकी स्मृति को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूँ।उनका त्याग, उनका साहस और उनकी रामभक्ति आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देती रहेगी।
प्रमोद शास्त्री
    user_विनोद राजपूत
    विनोद राजपूत
    Local News Reporter भिंड, भिंड, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • mp modi ne bhi mnya kzrva choth. dekho dosto. h is video me dikhaye gye jankari bilkul sach haig
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    mp modi ne bhi mnya  kzrva  choth. dekho dosto.      h
is video me dikhaye gye jankari bilkul sach haig
    user_Hariom H.P
    Hariom H.P
    Artist गोहद, भिंड, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • अंतर्राष्ट्रीय कथा व्यास पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री दंदरौआ धाम पहुंचकर किए हनुमान जी के दर्शन संतों का लिया आशीर्वाद अंतर्राष्ट्रीय कथा व्यास पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री गुरुवार शुक्रवार की रात दंदरौआ धाम पहुंचे।जहां धाम के आचार्यों द्वारा मंत्र उच्चारण कर उनका स्वागत एवं अभिवादन किया गया इस दौरान उन्होंने शुक्रवार को लगभग 10 बजे अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक संत रमेश भाई ओझा से मुलाकात करने के बाद डॉ. हनुमान जी महाराज के दर्शन कर वेद मंत्र उच्चारण के साथ पूजा अर्चना करके मंहत महामंडलेश्वर रामदास जी महाराज‌ से आशीर्वाद लिया महाराज जी ने शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी को आशीर्वाद दिया।
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    अंतर्राष्ट्रीय कथा व्यास पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री दंदरौआ धाम पहुंचकर किए हनुमान जी के दर्शन संतों का लिया आशीर्वाद
अंतर्राष्ट्रीय कथा व्यास पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री गुरुवार शुक्रवार की रात दंदरौआ धाम पहुंचे।जहां धाम के आचार्यों द्वारा मंत्र उच्चारण कर उनका स्वागत एवं अभिवादन किया गया इस दौरान उन्होंने शुक्रवार को लगभग 10 बजे अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक संत रमेश भाई ओझा से मुलाकात करने के बाद डॉ. हनुमान जी महाराज के दर्शन कर वेद मंत्र उच्चारण के साथ पूजा अर्चना करके मंहत महामंडलेश्वर रामदास जी महाराज‌ से आशीर्वाद लिया महाराज जी ने शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी को आशीर्वाद दिया।
    user_Devendra jain
    Devendra jain
    Local News Reporter गोहद, भिंड, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • 02 नवंबर को भोपाल चलो मुखमंत्री आवास घेराव सागर में OBC ,SC STवर्ग बहुजन का जनसैलाब52% जनसंख्या वाले OBC वर्ग को 27% आरक्षण की मांग पर तीसहजारों लोग सड़कों पर उतरे पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा एवं ओबीसी महासभा के तत्वाधान में, सागर में पिछड़ा वर्ग एकता का बहुत ही अनोखा दृश्य देखने मिला है। यह दृश्य ओबीसी महासभा एवं सागर संयुक्त मोर्चा पिछड़ा वर्ग के द्वारा लगातार की गई मेहनत के परिणाम स्वरुप आया है ओबीसी आरक्षण लागू करो के नारों के साथ पैदल मार्च में obc जातियों के जिला अध्यक्ष एवं उनके प्रतिनिधि जैसे रजक,नामदेव,माली,सोनी,ताम्रकार, चौरसिया, धाकड़, गुर्जर,प्रजापति, घोसी, सेन, रावत, लोधी यादव कुर्मी कुशवाहा एवं ST और SC के सामाजिक संगठन एवं प्रतिनिधियों ने उपस्थित होकर एक सुर में 27% आरक्षण को मध्य प्रदेश की सरकार नौवीं अनुसूची में डालकर केंद्र को भेज कर कानून बनाए और obc आरक्षण दें,rss बीजेपी की मोहन यादव की सरकार और पिछला वर्ग को गुमराह करना बंद करें, कोर्ट कोर्ट खेलना बंद करें। बीजेपी सरकार को कानून लाना चाहिए जैसा कि अन्य प्रदेशों में 50 परसेंट से आरक्षण लागू करने के लिए 9वी अनुसूची में डालने के लिए सरकारी प्रस्ताव भेजते हैं और केंद्र उसको पास करता है इसके बाद कोर्ट द्वारा कोई स्टे नहीं लगाया जाता एक बात और कहना चाहता हूं सागर में जो आंदोलन हुआ है इसमें सरपंच जनपद पंचायत सदस्य जिला पंचायत सदस्य पार्षद सभी समाजों के जन्म प्रतिनिधि एवं नेतृत्व करता सिर्फ थे अगर यह लोग एक आवाज लगा दे तो मुझे लगता है सागर में जगह नहीं बनेगी पिछड़ा वर्ग इतना निकाल के आ सकता है कि कल मैं खुद देखा एक-एक व्यक्ति 1000 से लेकर 10 हजार लोगों को लाने की ताकत रखता है और ऐसे लोग आंदोलन में हजारों थे चाहे वह चौरसिया समाज के हो या फिर प्रजापति समाज लोधी यादव कुर्मी कुशवाहा समाज के या फिर सेन सोनी माली घोसी ताम्रकार रैकवार रजक विश्वकर्मा समाज के पिछड़ा वर्ग की सभी जातियों के बहुत बड़े नेता उपस्थित थे और इस रणनीति में जिन लोगों ने भी काम किया है इसके पीछे उन लोगों का बहुत-बहुत धन्यवाद पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा ओबीसी महासभा ने तय किया है कि विधानसभा स्तर पर विधायकों को घेरा जाएगा। CM Madhya Pradesh जी ओबीसी आरक्षण लागू करों नहीं तो हर जिले में इस प्रकार के आंदोलन देखने मिलेंगे और भोपाल की धरती पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू होगा जिसके माध्यम से रेल रोको और हाईवे रोको अभियान शुरू किया जाएगा हम पीछे हटने वाले नहीं हैं जब तक कि हमें संख्या के अनुपात में ओबीसी आरक्षण नहीं मिल जाता इस आंदोलन में ओबीसी आरक्षण के साथ-साथ जनगणना में जाति का कलम होना चाहिए जैसा ऐसी और एसटी भाइयों का है इस आंदोलन के सभी सूत्र धारकों को जो आंदोलन के पीछे बैठे हुए हैं उनको मैं बहुत-बहुत धन्यवाद परीक्षित करता हूं, इस आंदोलन की रणनीति बनाने वालों को धन्यवाद परीक्षित करता हूं हम सागर गए इतना मान सम्मान सत्कार किया उसके लिए भी मैं ओबीसी महासभा की तरफ से आपको धन्यवाद प्रेषित करता हूं आंदोलन में पहुंचे युवा छात्र बुद्धिजीवी कर्मचारी पुलिस पत्रकार प्रशासन पिछला वर्ग के नेताओं को धन्यवाद प्रेषित करता आप सभी को जय ओबीसी जय संविधान जय जवान जय किसान जय भारत अगर जल्द आरक्षण लागू नहीं हुआ ओबीसी का तो दिल्ली दूर नहीं है याद रखना बुंदेलखंड की धरती से यह उबाल शुरू हो रहा है अंग्रेजों के खिलाफ ही आंदोलन यहीं से शुरू किया गया था तो तैयार रहिए
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    02 नवंबर को भोपाल चलो मुखमंत्री आवास घेराव सागर में OBC ,SC STवर्ग बहुजन का जनसैलाब52% जनसंख्या वाले OBC वर्ग को 27% आरक्षण की मांग पर तीसहजारों लोग सड़कों पर उतरे

पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा एवं ओबीसी महासभा के तत्वाधान में, सागर में पिछड़ा वर्ग एकता का बहुत ही अनोखा दृश्य देखने मिला है। यह दृश्य ओबीसी महासभा एवं सागर संयुक्त मोर्चा पिछड़ा वर्ग के द्वारा लगातार की गई मेहनत के परिणाम स्वरुप आया है 
  ओबीसी आरक्षण लागू करो के नारों के साथ पैदल मार्च में obc जातियों के जिला अध्यक्ष एवं उनके प्रतिनिधि जैसे रजक,नामदेव,माली,सोनी,ताम्रकार, चौरसिया, धाकड़, गुर्जर,प्रजापति, घोसी, सेन, रावत, लोधी यादव कुर्मी कुशवाहा एवं ST और SC के सामाजिक संगठन एवं प्रतिनिधियों ने उपस्थित होकर एक सुर में 27% आरक्षण को मध्य प्रदेश की सरकार नौवीं अनुसूची में डालकर केंद्र को भेज कर कानून बनाए और obc आरक्षण दें,rss बीजेपी की मोहन यादव की सरकार और पिछला वर्ग को गुमराह करना बंद करें, कोर्ट कोर्ट खेलना बंद करें। 
 बीजेपी सरकार को कानून लाना चाहिए जैसा कि अन्य प्रदेशों में 50 परसेंट से आरक्षण लागू करने के लिए 9वी अनुसूची में डालने के लिए सरकारी प्रस्ताव भेजते हैं और केंद्र उसको पास करता है इसके बाद कोर्ट द्वारा कोई स्टे नहीं लगाया जाता 
 एक बात और कहना चाहता हूं सागर में जो आंदोलन हुआ है इसमें सरपंच जनपद पंचायत सदस्य जिला पंचायत सदस्य पार्षद सभी समाजों के जन्म प्रतिनिधि एवं नेतृत्व करता सिर्फ थे अगर यह लोग एक आवाज लगा दे तो मुझे लगता है सागर में जगह नहीं बनेगी पिछड़ा वर्ग इतना निकाल के आ सकता है कि कल मैं खुद देखा एक-एक व्यक्ति 1000 से लेकर 10 हजार लोगों को लाने की ताकत रखता है और ऐसे लोग आंदोलन में हजारों थे चाहे वह चौरसिया समाज के हो या फिर प्रजापति समाज लोधी यादव कुर्मी कुशवाहा समाज के या फिर सेन सोनी माली घोसी ताम्रकार रैकवार रजक विश्वकर्मा समाज के पिछड़ा वर्ग की सभी जातियों के बहुत बड़े नेता उपस्थित थे और इस रणनीति में जिन लोगों ने भी काम किया है इसके पीछे उन लोगों का बहुत-बहुत धन्यवाद
   पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा ओबीसी महासभा ने तय किया है कि विधानसभा स्तर पर विधायकों को घेरा जाएगा। 
CM Madhya Pradesh जी ओबीसी आरक्षण लागू करों नहीं तो हर जिले में इस प्रकार के आंदोलन देखने मिलेंगे और भोपाल की धरती पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू होगा जिसके माध्यम से रेल रोको और हाईवे रोको अभियान शुरू किया जाएगा  हम पीछे हटने वाले नहीं हैं जब तक कि हमें संख्या के अनुपात में ओबीसी आरक्षण नहीं मिल जाता 
इस आंदोलन में ओबीसी आरक्षण के साथ-साथ जनगणना में जाति का कलम होना चाहिए जैसा ऐसी और एसटी भाइयों का है 
इस आंदोलन के सभी सूत्र धारकों को जो आंदोलन के पीछे बैठे हुए हैं उनको मैं बहुत-बहुत धन्यवाद परीक्षित करता हूं, इस आंदोलन की रणनीति बनाने वालों को धन्यवाद परीक्षित करता हूं हम सागर गए इतना मान सम्मान सत्कार किया उसके लिए भी मैं ओबीसी महासभा की तरफ से आपको धन्यवाद प्रेषित करता हूं आंदोलन में पहुंचे युवा छात्र बुद्धिजीवी कर्मचारी पुलिस पत्रकार प्रशासन पिछला वर्ग के नेताओं को धन्यवाद प्रेषित करता  आप सभी को जय ओबीसी जय संविधान जय जवान जय किसान जय भारत 
 अगर जल्द आरक्षण लागू नहीं हुआ ओबीसी का तो दिल्ली दूर नहीं है याद रखना बुंदेलखंड की धरती से यह उबाल शुरू हो रहा है अंग्रेजों के खिलाफ ही आंदोलन यहीं से शुरू किया गया था तो तैयार रहिए
    user_Jay Jawan Jay Kisan
    Jay Jawan Jay Kisan
    Lawyer Bhind, Madhya Pradesh•
    15 hrs ago
  • Bignews :भिण्ड जिला के गोरमी थाना क्षेत्र के सोंधा गांव में खेत जोतने पर युवक के साथ मारपीट युवा गंभीर घायल Bignews :भिण्ड जिला के गोरमी थाना क्षेत्र के सोंधा गांव में खेत जोतने पर युवक के साथ मारपीट युवा गंभीर घायल जिला अस्पताल भर्ती, देखें यह खास रिपोर्ट क्या कहता है घायल युवक #viralreelsシ #viralreelsfacebook #मध्यप्रदेशसमाचार #BhindNews #viralvideos #BreakingNews #bhind #news #LiveNews SP BHIND Collector Office Bhind
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    Bignews :भिण्ड जिला के गोरमी थाना क्षेत्र के सोंधा गांव में खेत जोतने पर युवक के साथ मारपीट युवा गंभीर घायल 
Bignews :भिण्ड जिला के गोरमी थाना क्षेत्र के सोंधा गांव में खेत जोतने पर युवक के साथ मारपीट युवा गंभीर घायल जिला अस्पताल भर्ती, देखें यह खास रिपोर्ट क्या कहता है घायल युवक #viralreelsシ #viralreelsfacebook #मध्यप्रदेशसमाचार  #BhindNews #viralvideos #BreakingNews #bhind #news #LiveNews SP BHIND Collector Office Bhind
    user_DUS Live
    DUS Live
    Local News Reporter गोरमी, भिंड, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • *गोरमी में युवक को मारी गोली गोली लगने से युवक की हुई मौत* *मोहनपुरा निवासी निक्की बेसान्धर को मारी गोली ।* *ब्रेकिंग न्यूज़* *गोरमी में युवक को मारी गोली गोली लगने से युवक की हुई मौत* *मोहनपुरा निवासी निक्की बेसान्धर को मारी गोली ।* #viralreelsfacebook #BhindNews #viralvideos #news #LiveNews #viralreelsシ #मध्यप्रदेशसमाचार #bhind #BreakingNews SP BHIND
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    *गोरमी में युवक को मारी गोली गोली लगने से युवक की हुई मौत* 
*मोहनपुरा निवासी निक्की बेसान्धर को मारी गोली ।*
*ब्रेकिंग न्यूज़*
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*मोहनपुरा निवासी निक्की बेसान्धर को मारी गोली ।* #viralreelsfacebook #BhindNews #viralvideos #news #LiveNews #viralreelsシ #मध्यप्रदेशसमाचार #bhind #BreakingNews SP BHIND
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    Local News Reporter गोरमी, भिंड, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
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