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इस साल चारधाम यात्रा में आस्था का अभूतपूर्व सैलाब देखने को मिला है, जहां करीब 45 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन कर एक नया इतिहास रच दिया है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी और इस धार्मिक यात्रा ने अपने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। चारधाम यात्रा की इस ऐतिहासिक सफलता के बाद अब सबकी निगाहें आगामी कुंभ मेला पर टिक गई हैं। कुंभ मेले में इससे भी बड़े स्तर पर श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है, जिसे लेकर प्रशासन और आयोजन समितियां तैयारियों में जुट गई हैं।
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इस साल चारधाम यात्रा में आस्था का अभूतपूर्व सैलाब देखने को मिला है, जहां करीब 45 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन कर एक नया इतिहास रच दिया है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी और इस धार्मिक यात्रा ने अपने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। चारधाम यात्रा की इस ऐतिहासिक सफलता के बाद अब सबकी निगाहें आगामी कुंभ मेला पर टिक गई हैं। कुंभ मेले में इससे भी बड़े स्तर पर श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है, जिसे लेकर प्रशासन और आयोजन समितियां तैयारियों में जुट गई हैं।
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- संसद परिसर में आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और सुरक्षाकर्मियों (मार्शलों व बॉडीगार्ड्स) के बीच तीखी बहस का मामला सामने आया है। लोकसभा में प्रवेश और आवाजाही के दौरान तैनात सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोके जाने पर सांसद संजय सिंह बेहद नाराज हो गए और उन्होंने मौके पर ही अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। यह घटना उस समय हुई जब संजय सिंह संसद परिसर के भीतर जा रहे थे और सुरक्षाकर्मियों ने प्रक्रिया या जांच के नाम पर उन्हें रोक दिया। इस बात पर आप सांसद का पारा चढ़ गया और उनकी सुरक्षाकर्मियों के साथ काफी देर तक तीखी बहस हुई। संजय सिंह ने इसे गलत परंपरा बताते हुए आरोप लगाया कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को संसद के भीतर जाने और अपनी बात रखने से इस तरह रोकना अनुचित है। उन्होंने तीखा बयान देते हुए कहा कि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के साथ ऐसा रवैया समझ से परे है और संसद में उनकी आवाजाही को बेवजह नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस घटना के बाद विपक्षी खेमे में भी सुरक्षा के नाम पर सांसदों को रोके जाने को लेकर गहरा असंतोष देखा गया है, जिसने एक बार फिर सुरक्षाकर्मियों और सांसदों के बीच समन्वय के मुद्दे को गरमा दिया है।1
- राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हिरासत के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जन भवन का घेराव किया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के खिलाफ कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी की, जिसके बाद जन भवन के बाहर प्रदर्शन काफी बढ़ गया। इस प्रदर्शन के मद्देनजर जन भवन के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और उन्हें बसों में भरकर इको गार्डन भेज दिया।1
- दिल्ली में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने के बाद लखनऊ में हलचल बढ़ गई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय लखनऊ में जन भवन पहुंच रहे हैं, जिसे देखते हुए जन भवन के बाहर सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है और वहां भारी पुलिस फोर्स तैनात है। अजय राय के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के भी थोड़ी ही देर में वहां पहुंचने की सूचना है।1
- NEET आंदोलन को लेकर पहली आधिकारिक बातचीत के तहत जेपी नड्डा ने CJP प्रतिनिधियों से मुलाकात की है। इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान जेपी नड्डा ने आंदोलनकारियों की मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।1
- लखनऊ से संवाददाता आशीष मिश्रा के अनुसार, रूस के मिसाइल हमले में देवरिया के एक युवक की मौत हो गई है। इस दुखद घटना की जानकारी मिलते ही युवक के पिता बेहोश हो गए। बेटे को खोने के गम में टूट चुकी मां रोते हुए गुहार लगा रही हैं कि कोई उनके बेटे को वापस ला दे। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध और रूसी हमलों के कारण अब तक कई निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इन मृतकों में रोजगार या पढ़ाई के सिलसिले में विदेश गए भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। एक मां और परिवार के लिए अपने युवा बेटे को इस तरह खोने का दर्द पूरी तरह से असहनीय है।1
- संसद के बाहर जारी विरोध प्रदर्शन और “संसद चलो” मार्च के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लगातार एक्शन मोड में नजर आए हैं। उन्होंने संसद भवन स्थित अपने कार्यालय से पूरे हालात की समीक्षा की और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया। इस दौरान धर्मेंद्र प्रधान, गृह सचिव, दिल्ली पुलिस आयुक्त समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठकें की गईं। सरकार की पूरी प्राथमिकता संसद की सुरक्षा सुनिश्चित करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखने पर केंद्रित रही।1
- लखनऊ में विधानसभा के बाहर सोमवार को समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं द्वारा सरकार विरोधी नारे लगाए गए, जिसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मौके से कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया, जिनमें सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल भी शामिल हैं। घटना के बाद एहतियात के तौर पर विधानसभा, लोक भवन और आसपास के सभी इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।1