शिखा सिंह का विवाह साल 2020 में हुआ था। पति-पत्नी के बीच विवाद इस कदर बढ़ गया कि शिखा ने अपने पति सौरभ के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज करा दिया। इस कानूनी प्रक्रिया के चलते शिखा के पिता की सारी जमा पूंजी खर्च हो गई। तनाव और आर्थिक तंगी ने उनके पिता के स्वास्थ्य पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डाला, जिससे वे बुरी तरह बीमार पड़ गए और उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इसी दौरान सौरभ को अपने ससुर की बिगड़ती हालत के बारे में पता चला। सौरभ तुरंत अस्पताल पहुंचे और उन्होंने अपने ससुर को सरकारी अस्पताल से निकालकर गुरुग्राम के एक बड़े निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उन्होंने उनका पूरा इलाज करवाया। समय के साथ, इलाज सफल रहा और शिखा के पिता पूरी तरह से स्वस्थ हो गए। इसके बाद जब दिल्ली कोर्ट में अगली सुनवाई के लिए शिखा पहुंचीं, तो भावनाएं शब्दों से कहीं ज़्यादा प्रबल हो गईं। उन्होंने भरी अदालत में ही तलाक के कागज़ फाड़ दिए और अपने पति सौरभ को गले लगा लिया। इस घटना ने सबको चौंका दिया कि कैसे दहेज के केस के बावजूद पति ने ससुर की जान बचाई, जिसके बाद पत्नी ने कोर्ट में तलाक के कागज़ फाड़कर पति को गले लगा लिया।
शिखा सिंह का विवाह साल 2020 में हुआ था। पति-पत्नी के बीच विवाद इस कदर बढ़ गया कि शिखा ने अपने पति सौरभ के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज करा दिया। इस कानूनी प्रक्रिया के चलते शिखा के पिता की सारी जमा पूंजी खर्च हो गई। तनाव और आर्थिक तंगी ने उनके पिता के स्वास्थ्य पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डाला, जिससे वे बुरी तरह बीमार पड़ गए और उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इसी दौरान सौरभ को अपने ससुर की बिगड़ती हालत के बारे में पता चला। सौरभ तुरंत अस्पताल पहुंचे और उन्होंने अपने ससुर को सरकारी अस्पताल से निकालकर गुरुग्राम के एक बड़े निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उन्होंने उनका पूरा इलाज करवाया। समय के साथ, इलाज सफल रहा और शिखा के पिता पूरी तरह से स्वस्थ हो गए। इसके बाद जब दिल्ली कोर्ट में अगली सुनवाई के लिए शिखा पहुंचीं, तो भावनाएं शब्दों से कहीं ज़्यादा प्रबल हो गईं। उन्होंने भरी अदालत में ही तलाक के कागज़ फाड़ दिए और अपने पति सौरभ को गले लगा लिया। इस घटना ने सबको चौंका दिया कि कैसे दहेज के केस के बावजूद पति ने ससुर की जान बचाई, जिसके बाद पत्नी ने कोर्ट में तलाक के कागज़ फाड़कर पति को गले लगा लिया।
- उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के कुंदरकी थाना क्षेत्र के रूपपुर गांव में शुक्रवार सुबह एक दुखद घटना घटित हुई। यहां एक कच्चे मकान की छत अचानक ढह जाने से मलबे में दबकर एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। मृतका की पहचान साबिर हुसैन की पत्नी शुगरा के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, शुगरा सुबह नमाज अदा करने की तैयारी कर रही थीं और जैसे ही वह कपड़े लेने कमरे के अंदर गईं, मिट्टी और मलबे से बनी कच्ची छत उनके ऊपर भरभराकर गिर गई। इस हादसे के बाद पूरे परिवार और गांव में गहरा कोहराम मच गया है। छत गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना देर किए मलबा हटाकर महिला को बाहर निकालने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी; गंभीर चोटों और मलबे के भारी वजन के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि बीती रात से क्षेत्र में रुक-रुक कर भारी बारिश हो रही थी, जिसके चलते कच्चे मकान की छत में सीलन आ गई थी और वह कमजोर हो चुकी थी। इसी कारण सुबह छत अचानक ढह गई, जिससे एक खुशहाल परिवार की खुशियां छिन गईं। इस दर्दनाक घटना के बाद रूपपुर गांव में शोक की लहर फैल गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतका के परिवार को जल्द से जल्द उचित मुआवजा और सहायता प्रदान करने की मांग की है।4
- ओमान के तट पर तीन भारतीयों की मौत होने की जानकारी सामने आई है, जिसकी पुष्टि अमेरिका ने की है। इस घटना को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले पर कुछ बोलने की पुरजोर मांग की गई है।1
- मुरादाबाद में एक हाई-प्रोफाइल डकैती का पर्दाफाश हो गया है, जहाँ यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि घर को लूटवाने में खुद बेटी का हाथ था। बताया गया है कि बेटी ने प्यार में अँधा होकर अपने पिता के घर को लुटवा दिया।1
- उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी करने वाले एक फर्जी बिलिंग गैंग का भंडाफोड़ किया गया है। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है।1
- ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने ऐलान किया है कि वह 2027 के विधानसभा चुनाव पूरी ताकत से लड़ेगी। यह बयान पार्टी के जिला प्रवक्ता सैयद तारिक अनवर ने जारी किया है।1
- रामपुर जिले में आयोजित दीक्षित परेड समारोह में डीएम और एसपी उपस्थित दिखाई दिए। इन अधिकारियों की प्रभावशाली 'कमल की ताकत' लोगों की तकदीर बदलने का काम कर रही है। उनका रौब ऐसा है कि लोग झुककर सलाम करते हैं।1
- शिखा सिंह का विवाह साल 2020 में हुआ था। पति-पत्नी के बीच विवाद इस कदर बढ़ गया कि शिखा ने अपने पति सौरभ के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज करा दिया। इस कानूनी प्रक्रिया के चलते शिखा के पिता की सारी जमा पूंजी खर्च हो गई। तनाव और आर्थिक तंगी ने उनके पिता के स्वास्थ्य पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डाला, जिससे वे बुरी तरह बीमार पड़ गए और उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इसी दौरान सौरभ को अपने ससुर की बिगड़ती हालत के बारे में पता चला। सौरभ तुरंत अस्पताल पहुंचे और उन्होंने अपने ससुर को सरकारी अस्पताल से निकालकर गुरुग्राम के एक बड़े निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उन्होंने उनका पूरा इलाज करवाया। समय के साथ, इलाज सफल रहा और शिखा के पिता पूरी तरह से स्वस्थ हो गए। इसके बाद जब दिल्ली कोर्ट में अगली सुनवाई के लिए शिखा पहुंचीं, तो भावनाएं शब्दों से कहीं ज़्यादा प्रबल हो गईं। उन्होंने भरी अदालत में ही तलाक के कागज़ फाड़ दिए और अपने पति सौरभ को गले लगा लिया। इस घटना ने सबको चौंका दिया कि कैसे दहेज के केस के बावजूद पति ने ससुर की जान बचाई, जिसके बाद पत्नी ने कोर्ट में तलाक के कागज़ फाड़कर पति को गले लगा लिया।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में एक मस्जिद को रातों रात बुलडोजर से ढहा दिया गया है। इस घटना के बाद, मस्जिद में फजर की अज़ान देने पहुंचे इमाम सांकुलम साबिर मस्जिद को देखकर लापता हो गए। इमाम सांकुलम साबिर के अनुसार, यह मस्जिद 900 साल पुरानी थी। उन्होंने बताया कि 1000 'फ़ोर्स' (बल/शक्ति) का इस्तेमाल करते हुए, इसे 'चोरों की तरह' आकर रातों रात गिरा दिया गया। यह जानकारी SIYASAT News Channel द्वारा दी गई है।1