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Rajasthan के Nagaur में आधी रात 16 लाख की लूट का लाइव ड्रामा, महिला मैनेजर ने शटर बंद कर पकड़े चोर ! राजस्थान के नागौर जिले के मारवाड़ मूंडवा में यूको बैंक की महिला शाखा प्रबंधक सरिता चौधरी की सूझबूझ और अदम्य साहस से आधी रात को 16 लाख रुपये से अधिक की एटीएम लूट की एक बड़ी वारदात नाकाम हो गई। रात करीब 2 बजे दो शातिर बदमाशों ने यूको बैंक एटीएम का कवर तोड़कर और सीसीटीवी पर ग्रीस लगाकर कैश लूटने की कोशिश की, तभी ई-सर्विलांस का सायरन बज उठा। बैंक के ऊपर बने क्वार्टर में रह रहीं शाखा प्रबंधक सरिता चौधरी तुरंत अपने पति के साथ मौके पर पहुंचीं और बिना डरे शटर को बाहर से बंद कर दोनों लुटेरों को बूथ के अंदर ही कैद कर दिया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची मूंडवा थाना पुलिस ने एटीएम में बंद दोनों आरोपियों भरत प्रजापत और कोमल राजपूत को गिरफ्तार कर लिया। महिला मैनेजर की इस दिलेरी और सूझबूझ से बैंक में रखे 16 लाख 900 रुपये का कैश पूरी तरह सुरक्षित बच गया है। #Nagaur #UCOBank #ATMTheft #Rajasthan #Police

19 hrs ago
user_पत्रकार प्रशांत दीक्षित जैसीनगर
पत्रकार प्रशांत दीक्षित जैसीनगर
Local News Reporter जैसिनगर, सागर, मध्य प्रदेश•
19 hrs ago

Rajasthan के Nagaur में आधी रात 16 लाख की लूट का लाइव ड्रामा, महिला मैनेजर ने शटर बंद कर पकड़े चोर ! राजस्थान के नागौर जिले के मारवाड़ मूंडवा में यूको बैंक की महिला शाखा प्रबंधक सरिता चौधरी की सूझबूझ और अदम्य साहस से आधी रात को 16 लाख रुपये से अधिक की एटीएम लूट की एक बड़ी वारदात नाकाम हो गई। रात करीब 2 बजे दो शातिर बदमाशों ने यूको बैंक एटीएम का कवर तोड़कर और सीसीटीवी पर ग्रीस लगाकर कैश लूटने की कोशिश की, तभी ई-सर्विलांस का सायरन बज उठा। बैंक के ऊपर बने क्वार्टर में रह रहीं शाखा प्रबंधक सरिता चौधरी तुरंत अपने पति के साथ मौके पर पहुंचीं और बिना डरे शटर को बाहर से बंद कर दोनों लुटेरों को बूथ के अंदर ही कैद कर दिया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची मूंडवा थाना पुलिस ने एटीएम में बंद दोनों आरोपियों भरत प्रजापत और कोमल राजपूत को गिरफ्तार कर लिया। महिला मैनेजर की इस दिलेरी और सूझबूझ से बैंक में रखे 16 लाख 900 रुपये का कैश पूरी तरह सुरक्षित बच गया है। #Nagaur #UCOBank #ATMTheft #Rajasthan #Police

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • जिला ब्यूरो रिपोर्टर राजेश बबेले शिकायतों के समाधान के लिए वार्डों में पहुंचीं नपा अध्यक्ष लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले शिकायतों के समाधान के लिए वार्डों में पहुंचीं नपा अध्यक्ष सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का मौके पर लिया जायजा, नागरिकों से सीधे संवाद कर अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश राजेश बबेले बीना। नगर पालिका क्षेत्र में नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष लता सकवार ने जमीनी स्तर पर पहल की। सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के निराकरण और उन्हें बंद कराने की प्रक्रिया के तहत उन्होंने संबंधित वार्डों में व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर नागरिकों से उनकी समस्याएं सुनीं। *शिकायतों की मौके पर ली जानकारी* नगर पालिका अध्यक्ष ने नागरिकों से सीधे संवाद कर सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की वास्तविक स्थिति जानी। उन्होंने मौके पर संबंधित समस्याओं का निरीक्षण किया और उनके निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई करवाई। *संबंधित कर्मचारियों को दिए निर्देश* मौके पर मौजूद सफाई प्रभारी, वार्ड मुकद्दम एवं संबंधित कर्मचारियों से शिकायतों के संबंध में जानकारी ली गई। अध्यक्ष ने अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देशित किया कि नागरिकों की समस्याओं के निराकरण में लापरवाही न हो और शिकायतों का समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए। *वार्डों में पहुंचकर समाधान पर जोर* नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का समाधान केवल कार्यालय तक सीमित न रहे, बल्कि आवश्यकता के अनुसार मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति देखी जाए। इसी उद्देश्य से वार्ड स्तर पर पहुंचकर शिकायतों के निराकरण की कार्रवाई की जा रही है। *नागरिकों की समस्या का समाधान ही प्राथमिकता* इस दौरान नागरिकों ने भी अपनी समस्याएं सामने रखीं, जिन पर संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। नगर पालिका के इस प्रयास से सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण के साथ-साथ वार्ड स्तर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया।
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    जिला ब्यूरो रिपोर्टर राजेश बबेले शिकायतों के समाधान के लिए वार्डों में पहुंचीं नपा अध्यक्ष 
लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले 
शिकायतों के समाधान के लिए वार्डों में पहुंचीं नपा अध्यक्ष
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का मौके पर लिया जायजा, नागरिकों से सीधे संवाद कर अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
राजेश बबेले 
बीना। नगर पालिका क्षेत्र में नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष लता सकवार ने जमीनी स्तर पर पहल की। सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के निराकरण और उन्हें बंद कराने की प्रक्रिया के तहत उन्होंने संबंधित वार्डों में व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर नागरिकों से उनकी समस्याएं सुनीं।
*शिकायतों की मौके पर ली जानकारी*
नगर पालिका अध्यक्ष ने नागरिकों से सीधे संवाद कर सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की वास्तविक स्थिति जानी। उन्होंने मौके पर संबंधित समस्याओं का निरीक्षण किया और उनके निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई करवाई।
*संबंधित कर्मचारियों को दिए निर्देश*
मौके पर मौजूद सफाई प्रभारी, वार्ड मुकद्दम एवं संबंधित कर्मचारियों से शिकायतों के संबंध में जानकारी ली गई। अध्यक्ष ने अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देशित किया कि नागरिकों की समस्याओं के निराकरण में लापरवाही न हो और शिकायतों का समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए।
*वार्डों में पहुंचकर समाधान पर जोर*
नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का समाधान केवल कार्यालय तक सीमित न रहे, बल्कि आवश्यकता के अनुसार मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति देखी जाए। इसी उद्देश्य से वार्ड स्तर पर पहुंचकर शिकायतों के निराकरण की कार्रवाई की जा रही है।
*नागरिकों की समस्या का समाधान ही प्राथमिकता*
इस दौरान नागरिकों ने भी अपनी समस्याएं सामने रखीं, जिन पर संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। नगर पालिका के इस प्रयास से सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण के साथ-साथ वार्ड स्तर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया।
    user_RAJESH BABELE
    RAJESH BABELE
    Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • 🙏 राधे राधे बोलकर करें दिन की शुरुआत, राधारानी की कृपा से खुशियों से भर जाए हर बात। आप सभी को प्रेम, शांति और सुख से भरी सुंदर सुबह की ह 🙏 राधे राधे बोलकर करें दिन की शुरुआत, राधारानी की कृपा से खुशियों से भर जाए हर बात। आप सभी को प्रेम, शांति और सुख से भरी सुंदर सुबह की हार्दिक शुभकामनाएँ। 🌺✨ राधे राधे ❤️ शुभ प्रभात 🙏
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    🙏 राधे राधे बोलकर करें दिन की शुरुआत,
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आप सभी को प्रेम, शांति और सुख से भरी
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    user_Sangita Sahu vlog
    Sangita Sahu vlog
    Artist सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • करेली जनपद पंचायत की सुरगी बसेड़ी पंचायत के ग्रमीण सड़क के लिए तरस रहे
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    करेली जनपद पंचायत की सुरगी बसेड़ी पंचायत के ग्रमीण सड़क के लिए तरस रहे
    user_Dharmendra sahu
    Dharmendra sahu
    Photographer तेंदूखेड़ा, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • बीना में अश्लील गाने को लेकर सेन समाज ने जताई आपत्ति, प्रशासन से कार्रवाई की मांग जिला अध्यक्ष संजीव सेन ने एसडीओ राजस्व को सौंपा आवेदन, संबंधित वीडियो और यूट्यूब चैनल पर कार्रवाई की मांग लोकल न्यूज़ बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत बीना में अश्लील गाने को लेकर सेन समाज ने जताई आपत्ति, प्रशासन से कार्रवाई की मांग जिला अध्यक्ष संजीव सेन ने एसडीओ राजस्व को सौंपा आवेदन, संबंधित वीडियो और यूट्यूब चैनल पर कार्रवाई की मांग बीना में एक कथित अश्लील गाने को लेकर सेन समाज की ओर से प्रशासन से कार्रवाई की मांग की गई है। सेन समाज संयुक्त कल्याण संगठन बीना के जिला अध्यक्ष संजीव सेन ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बीना के नाम आवेदन सौंपकर एक व्यक्ति पर विशेष जाति एवं पेशे को लेकर कथित तौर पर अश्लील गाना बनाने और उसे यूट्यूब पर प्रसारित करने का आरोप लगाया है। आवेदन में संबंधित वीडियो और यूट्यूब चैनल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। हालांकि, आवेदन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। सेन समाज संयुक्त कल्याण संगठन बीना जिला सागर के जिला अध्यक्ष संजीव सेन द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, बिहार के वैशाली जिले के पातेपुर थाना क्षेत्र के डुमरा गांव निवासी गणेश लाजवाब यादव, पिता चंद्रेश्वर भगत, पर यूट्यूब के माध्यम से अश्लील गाना बनाने और प्रसारित करने का आरोप लगाया गया है। आवेदन में कहा गया है कि संबंधित व्यक्ति द्वारा जाति विशेष और पेशे से जुड़े लोगों को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक गीत बनाया गया है। आवेदन में संबंधित वीडियो का लिंक और स्क्रीनशॉट भी संलग्न किए जाने का उल्लेख है। सेन समाज के जिला अध्यक्ष संजीव सेन ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए और संबंधित यूट्यूब चैनल के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई की जाए। आवेदन में यह भी कहा गया है कि इस तरह की सामग्री से समाज और पेशे से जुड़े लोगों की भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं। फिलहाल यह मामला एक लिखित आवेदन के माध्यम से प्रशासन के समक्ष पहुंचा है। अब आवेदन में लगाए गए आरोपों पर प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। सेन समाज की ओर से मांग की गई है कि मामले की जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
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    बीना में अश्लील गाने को लेकर सेन समाज ने जताई आपत्ति, प्रशासन से कार्रवाई की मांग

जिला अध्यक्ष संजीव सेन ने एसडीओ राजस्व को सौंपा आवेदन, संबंधित वीडियो और यूट्यूब चैनल पर कार्रवाई की मांग

लोकल न्यूज़ बीना 
रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत 
बीना में अश्लील गाने को लेकर सेन समाज ने जताई आपत्ति, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
जिला अध्यक्ष संजीव सेन ने एसडीओ राजस्व को सौंपा आवेदन, संबंधित वीडियो और यूट्यूब चैनल पर कार्रवाई की मांग
बीना में एक कथित अश्लील गाने को लेकर सेन समाज की ओर से प्रशासन से कार्रवाई की मांग की गई है।
सेन समाज संयुक्त कल्याण संगठन बीना के जिला अध्यक्ष संजीव सेन ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बीना के नाम आवेदन सौंपकर एक व्यक्ति पर विशेष जाति एवं पेशे को लेकर कथित तौर पर अश्लील गाना बनाने और उसे यूट्यूब पर प्रसारित करने का आरोप लगाया है।
आवेदन में संबंधित वीडियो और यूट्यूब चैनल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। हालांकि, आवेदन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सेन समाज संयुक्त कल्याण संगठन बीना जिला सागर के जिला अध्यक्ष संजीव सेन द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, बिहार के वैशाली जिले के पातेपुर थाना क्षेत्र के डुमरा गांव निवासी गणेश लाजवाब यादव, पिता चंद्रेश्वर भगत, पर यूट्यूब के माध्यम से अश्लील गाना बनाने और प्रसारित करने का आरोप लगाया गया है।
आवेदन में कहा गया है कि संबंधित व्यक्ति द्वारा जाति विशेष और पेशे से जुड़े लोगों को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक गीत बनाया गया है।
आवेदन में संबंधित वीडियो का लिंक और स्क्रीनशॉट भी संलग्न किए जाने का उल्लेख है।
सेन समाज के जिला अध्यक्ष संजीव सेन ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए और संबंधित यूट्यूब चैनल के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई की जाए।
आवेदन में यह भी कहा गया है कि इस तरह की सामग्री से समाज और पेशे से जुड़े लोगों की भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
फिलहाल यह मामला एक लिखित आवेदन के माध्यम से प्रशासन के समक्ष पहुंचा है। अब आवेदन में लगाए गए आरोपों पर प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
सेन समाज की ओर से मांग की गई है कि मामले की जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
    user_Laxman Singh Rajput
    Laxman Singh Rajput
    Local News Reporter बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • 90 वर्षीय फूलचंद शास्त्री का देहदान *जीवन रहते लिया था संकल्प, निधन के बाद परिजनों ने मेडिकल कॉलेज सागर को सौंपी पार्थिव देह* बीना से मानव सेवा और समाज के लिए एक ऐसी प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जो लोगों को देहदान के प्रति जागरूक करने का संदेश देती है। लोकल न्यूज़ बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत 90 वर्षीय फूलचंद शास्त्री का देहदान *जीवन रहते लिया था संकल्प, निधन के बाद परिजनों ने मेडिकल कॉलेज सागर को सौंपी पार्थिव देह* बीना से मानव सेवा और समाज के लिए एक ऐसी प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जो लोगों को देहदान के प्रति जागरूक करने का संदेश देती है। 90 वर्षीय फूलचंद शास्त्री ने जीवन रहते देहदान का संकल्प लिया था। उनके निधन के बाद परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनकी पार्थिव देह मेडिकल कॉलेज सागर को दान कर दी। खास बात यह है कि जैन परिवार में जन्मे फूलचंद जैन ने बीना में प्रारंभिक शिक्षा हासिल करने के बाद वाराणसी में संस्कृत की शिक्षा प्राप्त की और 'शास्त्री' की उपाधि हासिल की। जीवन के अंतिम पड़ाव तक समाजसेवा की भावना रखने वाले फूलचंद शास्त्री ने मृत्यु के बाद भी मानव सेवा में योगदान देने का संकल्प लिया था। अंतिम इच्छा हुई पूरी बीना निवासी 90 वर्षीय फूलचंद शास्त्री अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका शरीर मृत्यु के बाद भी मानव सेवा और चिकित्सा शिक्षा के काम आएगा। फूलचंद शास्त्री ने कुछ समय पहले ही देहदान का संकल्प लिया था। उनका मानना था कि मृत्यु के बाद भी यदि शरीर किसी के अध्ययन और मानव सेवा के काम आ सके, तो इससे बड़ा समाजसेवा का माध्यम और क्या हो सकता है। उनके निधन के बाद परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए पार्थिव देह मेडिकल कॉलेज सागर को सौंप दी। | जैन परिवार से 'शास्त्री' बनने तक का सफर फूलचंद शास्त्री का जीवन भी अपने आप में खास रहा। जैन परिवार में जन्मे फूलचंद की प्रारंभिक शिक्षा बीना में हुई। इसके बाद उन्होंने संस्कृत की शिक्षा के लिए वाराणसी का रुख किया। वाराणसी में संस्कृत का अध्ययन करने के बाद उन्हें 'शास्त्री' की उपाधि प्राप्त हुई और इसके बाद वे फूलचंद जैन से फूलचंद शास्त्री के नाम से पहचाने जाने लगे। उनका जीवन ज्ञान, शिक्षा और समाजसेवा की भावना से जुड़ा रहा और इसी भावना के चलते उन्होंने अपने निधन के बाद भी मानव सेवा जारी रखने का निर्णय लिया। | देहदान के बाद मेडिकल छात्रों के लिए उपयोगी होगी देह बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने बताया कि देहदान के बाद मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थी मानव शरीर की संरचना और विभिन्न अंगों का अध्ययन करते हैं। उन्होंने बताया कि चिकित्सा शिक्षा के लिए प्राप्त पार्थिव देह को विशेष प्रक्रिया के माध्यम से संरक्षित रखा जाता है, जिससे उसका उपयोग लंबे समय तक विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए किया जा सके। इस तरह देहदान के माध्यम से भावी चिकित्सकों को मानव शरीर की संरचना को प्रत्यक्ष रूप से समझने और उसका अध्ययन करने का अवसर मिलता है। मृत्यु के बाद भी मानव सेवा फूलचंद शास्त्री का देहदान सिर्फ उनकी अंतिम इच्छा की पूर्ति नहीं, बल्कि समाज के लिए एक संदेश भी है। उनकी पार्थिव देह अब चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भावी चिकित्सकों के अध्ययन में उपयोगी होगी। परिजनों ने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए एक ऐसी मिसाल पेश की है, जो समाज में देहदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने का काम कर सकती है। एक ऐसा संकल्प, जिसमें जीवन के बाद भी मानव सेवा जारी रही।
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    90 वर्षीय फूलचंद शास्त्री का देहदान


 *जीवन रहते लिया था संकल्प, निधन के बाद परिजनों ने मेडिकल कॉलेज सागर को सौंपी पार्थिव देह* 

बीना से मानव सेवा और समाज के लिए एक ऐसी प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जो लोगों को देहदान के प्रति जागरूक करने का संदेश देती है।

लोकल न्यूज़ बीना 
रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत 
90 वर्षीय फूलचंद शास्त्री का देहदान
*जीवन रहते लिया था संकल्प, निधन के बाद परिजनों ने मेडिकल कॉलेज सागर को सौंपी पार्थिव देह* 
बीना से मानव सेवा और समाज के लिए एक ऐसी प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जो लोगों को देहदान के प्रति जागरूक करने का संदेश देती है।
90 वर्षीय फूलचंद शास्त्री ने जीवन रहते देहदान का संकल्प लिया था। उनके निधन के बाद परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनकी पार्थिव देह मेडिकल कॉलेज सागर को दान कर दी।
खास बात यह है कि जैन परिवार में जन्मे फूलचंद जैन ने बीना में प्रारंभिक शिक्षा हासिल करने के बाद वाराणसी में संस्कृत की शिक्षा प्राप्त की और 'शास्त्री' की उपाधि हासिल की। जीवन के अंतिम पड़ाव तक समाजसेवा की भावना रखने वाले फूलचंद शास्त्री ने मृत्यु के बाद भी मानव सेवा में योगदान देने का संकल्प लिया था।
अंतिम इच्छा हुई पूरी
बीना निवासी 90 वर्षीय फूलचंद शास्त्री अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका शरीर मृत्यु के बाद भी मानव सेवा और चिकित्सा शिक्षा के काम आएगा।
फूलचंद शास्त्री ने कुछ समय पहले ही देहदान का संकल्प लिया था। उनका मानना था कि मृत्यु के बाद भी यदि शरीर किसी के अध्ययन और मानव सेवा के काम आ सके, तो इससे बड़ा समाजसेवा का माध्यम और क्या हो सकता है।
उनके निधन के बाद परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए पार्थिव देह मेडिकल कॉलेज सागर को सौंप दी।
| जैन परिवार से 'शास्त्री' बनने तक का सफर
फूलचंद शास्त्री का जीवन भी अपने आप में खास रहा।
जैन परिवार में जन्मे फूलचंद की प्रारंभिक शिक्षा बीना में हुई। इसके बाद उन्होंने संस्कृत की शिक्षा के लिए वाराणसी का रुख किया।
वाराणसी में संस्कृत का अध्ययन करने के बाद उन्हें 'शास्त्री' की उपाधि प्राप्त हुई और इसके बाद वे फूलचंद जैन से फूलचंद शास्त्री के नाम से पहचाने जाने लगे।
उनका जीवन ज्ञान, शिक्षा और समाजसेवा की भावना से जुड़ा रहा और इसी भावना के चलते उन्होंने अपने निधन के बाद भी मानव सेवा जारी रखने का निर्णय लिया।
| देहदान के बाद मेडिकल छात्रों के लिए उपयोगी होगी देह
बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने बताया कि देहदान के बाद मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थी मानव शरीर की संरचना और विभिन्न अंगों का अध्ययन करते हैं।
उन्होंने बताया कि चिकित्सा शिक्षा के लिए प्राप्त पार्थिव देह को विशेष प्रक्रिया के माध्यम से संरक्षित रखा जाता है, जिससे उसका उपयोग लंबे समय तक विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए किया जा सके।
इस तरह देहदान के माध्यम से भावी चिकित्सकों को मानव शरीर की संरचना को प्रत्यक्ष रूप से समझने और उसका अध्ययन करने का अवसर मिलता है।
मृत्यु के बाद भी मानव सेवा
फूलचंद शास्त्री का देहदान सिर्फ उनकी अंतिम इच्छा की पूर्ति नहीं, बल्कि समाज के लिए एक संदेश भी है।
उनकी पार्थिव देह अब चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भावी चिकित्सकों के अध्ययन में उपयोगी होगी।
परिजनों ने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए एक ऐसी मिसाल पेश की है, जो समाज में देहदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने का काम कर सकती है।
एक ऐसा संकल्प, जिसमें जीवन के बाद भी मानव सेवा जारी रही।
    user_Mp news 24live
    Mp news 24live
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • पितृपक्ष विशेष- -कागों का धार्मिक और वैज्ञानिक है महत्व विलुप्त हो रहे कौंओ और पितरों की याद में समर्पित कर दिया मुक्तिधाम में काग उद्यान, प्रतिदिन लोग करा रहे आहार -------- विदिशा/मुक्तिधाम सेवा समिति ने जहां पर्यावरण के क्षेत्र में एक बड़ा कार्य किया है वही विलुप्त होती काग प्रजाति को बचाने के लिए पूरा एक काग उद्यान का ही निर्माण कर दिया। मुक्तिधाम सेवा समिति के सचिव मनोज पांडे बताते हैं कि पिछले 15 वर्षों से मुक्तिधाम में एक काग उद्यान का निर्माण किया गया है जहां 365 दिन यानी वर्ष भर उनके भोजन प्रसादी का कार्य निरंतर चलता रहता है। जहां कागो के नाम पर एक काग रसोई भी संचालित है जहां चावल रोटी और पोहा भी तैयार किया जाता है। संस्था सचिव मनोज पांडे के मुताबिक वह शहर से भी समोसे कचोरी भाजी बड़ा ब्रेड बड़ा और जलेबी इत्यादि भी दुकानों में बच जाता है तो वहां से उठाते हैं और फिर यहां मुक्तिधाम में काग उद्यान और काग परिसर में ऐसी विलुप्त होती प्रजाति को बचाने के लिए न केवल उनके भोजन आहार की व्यवस्था की गई है बल्कि पीने के लिए जल पात्र भी वहां लगाए गए हैं और उनके भोजन के लिए भोजन थाल भी वहां स्थापित है। अब तो वहां काग भी डरते नहीं है बल्कि हाथ से और पास में बैठकर आहार ग्रहण कर लेते हैं।संस्था सचिव मनोज पांडे ने बताया कि कागों का धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व है। धार्मिक रूप से वह हमारे पुरखों के प्रतीक होते हैं और उनको खास तौर से पितृपक्ष में आहार कराने से यह माना जाता है कि वह भोजन हमारे पितरों पुरखा तक पहुंच रहा है वही वैज्ञानिक दृष्टि से कहा जाए तो सृष्टि में जो भी विषैले जीव जंतु विचरण करते हैं जो मानव शरीर के लिए नुकसानदायक है उनका भक्षण भी कौवे करते हैं। तथा दूसरी तरफ समाज में बढ़ते हुए रेडिएशन और प्रदूषण के कारण इस प्रजाति के जीवन काल पर ही संकट आ गया है। आज भी शहर में यह प्रजाति कम ही देखने को मिलती है लेकिन मुक्तिधाम के काग उद्यान में यह प्रजाति बड़ी संख्या में मौजूद है जहां पितृपक्ष में लोग बाग अपने पितरों की याद में वहां उनको भोजन प्रसादी का वितरण करते हैं। पंडित संजय पुरोहित पुजारी श्री चरण तीर्थ धाम विदिशा- पंडित संजय पुरोहित जो पितृपक्ष में यजमानों को तर्पण कार्य करवा रहे हैं उनके मुताबिक पितृपक्ष में हम लोग पंचवली का दान करते हैं जिसमें कौवा को भी आहार निकाला जाता है इस हेतु मुक्तिधाम का कग उद्यान एक श्रेष्ठ कार्य है जहां 365 दिन हमारे पितरों की याद में भोजन आहार कराया जाता है इसके लिए संस्था सचिव बहुत साधु बात की पात्र हैं वही सैकड़ो की तादाद में पितृपक्ष में वहां यजमान कौओं को भोजन प्रसादी का वितरण भी करते हैं।
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    पितृपक्ष विशेष-

-कागों का धार्मिक और वैज्ञानिक है महत्व

विलुप्त हो रहे कौंओ और पितरों की याद में समर्पित कर दिया मुक्तिधाम में काग उद्यान, प्रतिदिन लोग करा रहे आहार 
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विदिशा/मुक्तिधाम सेवा समिति ने जहां पर्यावरण के क्षेत्र में एक बड़ा कार्य किया है वही विलुप्त होती काग प्रजाति को बचाने के लिए पूरा एक काग उद्यान का ही निर्माण कर दिया। मुक्तिधाम सेवा समिति के सचिव मनोज पांडे बताते हैं कि पिछले 15 वर्षों से मुक्तिधाम में एक काग उद्यान का निर्माण किया गया है जहां 365 दिन यानी वर्ष भर उनके भोजन प्रसादी का कार्य निरंतर चलता रहता है। जहां कागो के नाम पर एक काग रसोई भी संचालित है जहां चावल रोटी और पोहा भी तैयार किया जाता है। संस्था सचिव मनोज पांडे के मुताबिक वह शहर से भी समोसे कचोरी भाजी बड़ा ब्रेड बड़ा और जलेबी इत्यादि भी दुकानों में बच जाता है तो वहां से उठाते हैं और फिर यहां मुक्तिधाम में काग उद्यान और काग परिसर में ऐसी विलुप्त होती प्रजाति को बचाने के लिए न केवल उनके भोजन आहार की व्यवस्था की गई है बल्कि पीने के लिए जल पात्र भी वहां लगाए गए हैं और उनके भोजन के लिए भोजन थाल भी वहां स्थापित है। अब तो वहां काग भी डरते नहीं है बल्कि हाथ से और पास में बैठकर आहार ग्रहण कर लेते हैं।संस्था सचिव मनोज पांडे ने बताया कि कागों का धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व है। धार्मिक रूप से वह हमारे पुरखों के प्रतीक होते हैं और उनको खास तौर से पितृपक्ष में आहार कराने से यह माना जाता है कि वह भोजन हमारे पितरों पुरखा तक पहुंच रहा है वही वैज्ञानिक दृष्टि से कहा जाए तो सृष्टि में जो भी विषैले जीव जंतु विचरण करते हैं जो मानव शरीर के लिए नुकसानदायक है उनका भक्षण भी कौवे करते हैं। तथा दूसरी तरफ समाज में बढ़ते हुए रेडिएशन और प्रदूषण के कारण इस प्रजाति के जीवन काल पर ही संकट आ गया है। आज भी शहर में यह प्रजाति कम ही देखने को मिलती है लेकिन मुक्तिधाम के काग उद्यान में यह प्रजाति बड़ी संख्या में मौजूद है जहां पितृपक्ष में लोग बाग अपने पितरों की याद में वहां उनको भोजन प्रसादी का वितरण करते हैं।
पंडित संजय पुरोहित पुजारी श्री चरण तीर्थ धाम विदिशा-
पंडित संजय पुरोहित जो पितृपक्ष में यजमानों को तर्पण कार्य करवा रहे हैं उनके मुताबिक पितृपक्ष में हम लोग पंचवली का दान करते हैं जिसमें कौवा को भी आहार निकाला जाता है इस हेतु मुक्तिधाम का कग उद्यान एक श्रेष्ठ कार्य है जहां 365 दिन हमारे पितरों की याद में भोजन आहार कराया जाता है इसके लिए संस्था सचिव बहुत साधु बात की पात्र हैं वही सैकड़ो की तादाद में पितृपक्ष में वहां यजमान कौओं को भोजन प्रसादी का वितरण भी करते हैं।
    user_Vinod Mehra
    Vinod Mehra
    Emt news Vidisha News editor Vidisha, Madhya Pradesh•
    12 hrs ago
  • जिला ब्यूरो रिपोर्टर राजेश बबेले भगत सिंह की जयंती पर पौधरोपण, हरित बीना का लिया संकल्प लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले भगत सिंह की जयंती पर पौधरोपण, हरित बीना का लिया संकल्प शनि मंदिर के पास नानक वार्ड में हुआ आयोजन, नपा अध्यक्ष लता सकवार और सीएमओ राहुल कौरव ने लगाए पौधे राजेश बबेले बीना। शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती के अवसर पर शहर में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संदेश देते हुए पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। शनि मंदिर, झांसी गेट के पास नानक वार्ड में पार्षद बी.डी. रजक के आयोजन में पौधरोपण किया गया। *नपा अध्यक्ष और सीएमओ ने लगाए पौधे* कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती लता सकवार एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी राहुल कौरव ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान नगर पालिका के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों और नगर पालिका अमले ने लगाए गए पौधों की देखभाल और उनके संरक्षण का संकल्प भी लिया। *शहीद भगत सिंह के विचारों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा* कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि शहीद भगत सिंह का जीवन देशभक्ति, साहस और सामाजिक जिम्मेदारी की प्रेरणा देता है। उनकी जयंती पर पौधरोपण कर प्रकृति संरक्षण का संदेश देना समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। *हरियाली बढ़ाने में हर नागरिक की भागीदारी जरूरी* पौधरोपण कार्यक्रम के माध्यम से शहरवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना भी उतना ही जरूरी है। आइए, हम सभी मिलकर एक पेड़ लगाएं, उसकी देखभाल करें और स्वच्छ, सुंदर एवं हरित बीना के निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
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    जिला ब्यूरो रिपोर्टर राजेश बबेले भगत सिंह की जयंती पर पौधरोपण, हरित बीना का लिया संकल्प
लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले 
भगत सिंह की जयंती पर पौधरोपण, हरित बीना का लिया संकल्प
शनि मंदिर के पास नानक वार्ड में हुआ आयोजन, नपा अध्यक्ष लता सकवार और सीएमओ राहुल कौरव ने लगाए पौधे
राजेश बबेले 
बीना। शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती के अवसर पर शहर में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संदेश देते हुए पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। शनि मंदिर, झांसी गेट के पास नानक वार्ड में पार्षद बी.डी. रजक के आयोजन में पौधरोपण किया गया।
*नपा अध्यक्ष और सीएमओ ने लगाए पौधे*
कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती लता सकवार एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी राहुल कौरव ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान नगर पालिका के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों और नगर पालिका अमले ने लगाए गए पौधों की देखभाल और उनके संरक्षण का संकल्प भी लिया।
*शहीद भगत सिंह के विचारों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा*
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि शहीद भगत सिंह का जीवन देशभक्ति, साहस और सामाजिक जिम्मेदारी की प्रेरणा देता है। उनकी जयंती पर पौधरोपण कर प्रकृति संरक्षण का संदेश देना समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
*हरियाली बढ़ाने में हर नागरिक की भागीदारी जरूरी*
पौधरोपण कार्यक्रम के माध्यम से शहरवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना भी उतना ही जरूरी है। आइए, हम सभी मिलकर एक पेड़ लगाएं, उसकी देखभाल करें और स्वच्छ, सुंदर एवं हरित बीना के निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
    user_RAJESH BABELE
    RAJESH BABELE
    Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • 90 वर्षीय फूलचंद शास्त्री का देहदान *जीवन रहते लिया था संकल्प, निधन के बाद परिजनों ने मेडिकल कॉलेज सागर को सौंपी पार्थिव देह* बीना से मानव सेवा और समाज के लिए एक ऐसी प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जो लोगों को देहदान के प्रति जागरूक करने का संदेश देती है। 90 वर्षीय फूलचंद शास्त्री ने जीवन रहते देहदान का संकल्प लिया था। उनके निधन के बाद परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनकी पार्थिव देह मेडिकल कॉलेज सागर को दान कर दी। लोकल न्यूज़ बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत 90 वर्षीय फूलचंद शास्त्री का देहदान *जीवन रहते लिया था संकल्प, निधन के बाद परिजनों ने मेडिकल कॉलेज सागर को सौंपी पार्थिव देह* बीना से मानव सेवा और समाज के लिए एक ऐसी प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जो लोगों को देहदान के प्रति जागरूक करने का संदेश देती है। 90 वर्षीय फूलचंद शास्त्री ने जीवन रहते देहदान का संकल्प लिया था। उनके निधन के बाद परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनकी पार्थिव देह मेडिकल कॉलेज सागर को दान कर दी। खास बात यह है कि जैन परिवार में जन्मे फूलचंद जैन ने बीना में प्रारंभिक शिक्षा हासिल करने के बाद वाराणसी में संस्कृत की शिक्षा प्राप्त की और 'शास्त्री' की उपाधि हासिल की। जीवन के अंतिम पड़ाव तक समाजसेवा की भावना रखने वाले फूलचंद शास्त्री ने मृत्यु के बाद भी मानव सेवा में योगदान देने का संकल्प लिया था। अंतिम इच्छा हुई पूरी बीना निवासी 90 वर्षीय फूलचंद शास्त्री अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका शरीर मृत्यु के बाद भी मानव सेवा और चिकित्सा शिक्षा के काम आएगा। फूलचंद शास्त्री ने कुछ समय पहले ही देहदान का संकल्प लिया था। उनका मानना था कि मृत्यु के बाद भी यदि शरीर किसी के अध्ययन और मानव सेवा के काम आ सके, तो इससे बड़ा समाजसेवा का माध्यम और क्या हो सकता है। उनके निधन के बाद परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए पार्थिव देह मेडिकल कॉलेज सागर को सौंप दी। | जैन परिवार से 'शास्त्री' बनने तक का सफर फूलचंद शास्त्री का जीवन भी अपने आप में खास रहा। जैन परिवार में जन्मे फूलचंद की प्रारंभिक शिक्षा बीना में हुई। इसके बाद उन्होंने संस्कृत की शिक्षा के लिए वाराणसी का रुख किया। वाराणसी में संस्कृत का अध्ययन करने के बाद उन्हें 'शास्त्री' की उपाधि प्राप्त हुई और इसके बाद वे फूलचंद जैन से फूलचंद शास्त्री के नाम से पहचाने जाने लगे। उनका जीवन ज्ञान, शिक्षा और समाजसेवा की भावना से जुड़ा रहा और इसी भावना के चलते उन्होंने अपने निधन के बाद भी मानव सेवा जारी रखने का निर्णय लिया। | देहदान के बाद मेडिकल छात्रों के लिए उपयोगी होगी देह बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने बताया कि देहदान के बाद मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थी मानव शरीर की संरचना और विभिन्न अंगों का अध्ययन करते हैं। उन्होंने बताया कि चिकित्सा शिक्षा के लिए प्राप्त पार्थिव देह को विशेष प्रक्रिया के माध्यम से संरक्षित रखा जाता है, जिससे उसका उपयोग लंबे समय तक विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए किया जा सके। इस तरह देहदान के माध्यम से भावी चिकित्सकों को मानव शरीर की संरचना को प्रत्यक्ष रूप से समझने और उसका अध्ययन करने का अवसर मिलता है। मृत्यु के बाद भी मानव सेवा फूलचंद शास्त्री का देहदान सिर्फ उनकी अंतिम इच्छा की पूर्ति नहीं, बल्कि समाज के लिए एक संदेश भी है। उनकी पार्थिव देह अब चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भावी चिकित्सकों के अध्ययन में उपयोगी होगी। परिजनों ने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए एक ऐसी मिसाल पेश की है, जो समाज में देहदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने का काम कर सकती है। एक ऐसा संकल्प, जिसमें जीवन के बाद भी मानव सेवा जारी रही।
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    90 वर्षीय फूलचंद शास्त्री का देहदान


 *जीवन रहते लिया था संकल्प, निधन के बाद परिजनों ने मेडिकल कॉलेज सागर को सौंपी पार्थिव देह* 

बीना से मानव सेवा और समाज के लिए एक ऐसी प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जो लोगों को देहदान के प्रति जागरूक करने का संदेश देती है।

90 वर्षीय फूलचंद शास्त्री ने जीवन रहते देहदान का संकल्प लिया था। उनके निधन के बाद परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनकी पार्थिव देह मेडिकल कॉलेज सागर को दान कर दी।
लोकल न्यूज़ बीना 
रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत 
90 वर्षीय फूलचंद शास्त्री का देहदान
*जीवन रहते लिया था संकल्प, निधन के बाद परिजनों ने मेडिकल कॉलेज सागर को सौंपी पार्थिव देह* 
बीना से मानव सेवा और समाज के लिए एक ऐसी प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जो लोगों को देहदान के प्रति जागरूक करने का संदेश देती है।
90 वर्षीय फूलचंद शास्त्री ने जीवन रहते देहदान का संकल्प लिया था। उनके निधन के बाद परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनकी पार्थिव देह मेडिकल कॉलेज सागर को दान कर दी।
खास बात यह है कि जैन परिवार में जन्मे फूलचंद जैन ने बीना में प्रारंभिक शिक्षा हासिल करने के बाद वाराणसी में संस्कृत की शिक्षा प्राप्त की और 'शास्त्री' की उपाधि हासिल की। जीवन के अंतिम पड़ाव तक समाजसेवा की भावना रखने वाले फूलचंद शास्त्री ने मृत्यु के बाद भी मानव सेवा में योगदान देने का संकल्प लिया था।
अंतिम इच्छा हुई पूरी
बीना निवासी 90 वर्षीय फूलचंद शास्त्री अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका शरीर मृत्यु के बाद भी मानव सेवा और चिकित्सा शिक्षा के काम आएगा।
फूलचंद शास्त्री ने कुछ समय पहले ही देहदान का संकल्प लिया था। उनका मानना था कि मृत्यु के बाद भी यदि शरीर किसी के अध्ययन और मानव सेवा के काम आ सके, तो इससे बड़ा समाजसेवा का माध्यम और क्या हो सकता है।
उनके निधन के बाद परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए पार्थिव देह मेडिकल कॉलेज सागर को सौंप दी।
| जैन परिवार से 'शास्त्री' बनने तक का सफर
फूलचंद शास्त्री का जीवन भी अपने आप में खास रहा।
जैन परिवार में जन्मे फूलचंद की प्रारंभिक शिक्षा बीना में हुई। इसके बाद उन्होंने संस्कृत की शिक्षा के लिए वाराणसी का रुख किया।
वाराणसी में संस्कृत का अध्ययन करने के बाद उन्हें 'शास्त्री' की उपाधि प्राप्त हुई और इसके बाद वे फूलचंद जैन से फूलचंद शास्त्री के नाम से पहचाने जाने लगे।
उनका जीवन ज्ञान, शिक्षा और समाजसेवा की भावना से जुड़ा रहा और इसी भावना के चलते उन्होंने अपने निधन के बाद भी मानव सेवा जारी रखने का निर्णय लिया।
| देहदान के बाद मेडिकल छात्रों के लिए उपयोगी होगी देह
बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने बताया कि देहदान के बाद मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थी मानव शरीर की संरचना और विभिन्न अंगों का अध्ययन करते हैं।
उन्होंने बताया कि चिकित्सा शिक्षा के लिए प्राप्त पार्थिव देह को विशेष प्रक्रिया के माध्यम से संरक्षित रखा जाता है, जिससे उसका उपयोग लंबे समय तक विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए किया जा सके।
इस तरह देहदान के माध्यम से भावी चिकित्सकों को मानव शरीर की संरचना को प्रत्यक्ष रूप से समझने और उसका अध्ययन करने का अवसर मिलता है।
मृत्यु के बाद भी मानव सेवा
फूलचंद शास्त्री का देहदान सिर्फ उनकी अंतिम इच्छा की पूर्ति नहीं, बल्कि समाज के लिए एक संदेश भी है।
उनकी पार्थिव देह अब चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भावी चिकित्सकों के अध्ययन में उपयोगी होगी।
परिजनों ने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए एक ऐसी मिसाल पेश की है, जो समाज में देहदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने का काम कर सकती है।
एक ऐसा संकल्प, जिसमें जीवन के बाद भी मानव सेवा जारी रही।
    user_Laxman Singh Rajput
    Laxman Singh Rajput
    Local News Reporter बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • उपलब्धियां सेवा संकल्प अभियान के तहत मेले का आयोजन, बेसिक शिक्षा विभाग ने गिनायी उपलब्धियां विकसित भारत 2047 के लक्ष्य प्राप्ति हेतु सेवा संकल्प अभियान के तहत आकांक्षी विकासखंड के अटल सभागार में साप्ताहिक ब्लॉक स्तरीय मेले का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न 19 विभागों के समन्वयन से बुधवार को बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा मेले का संचालन किया गया। खंड शिक्षा अधिकारी के निर्देशन एवं ब्लॉक प्रमुख प्रशासक चन्द्रदीप रावत, जिलापंचायत सदस्य वीरसिंह बुन्देला तथा भाजपा मंडल अध्यक्ष मुकेश पाल के आतिथ्य में कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया जिस के उपरांत खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा कार्यक्रम को प्रस्तावना के रुप में बेसिक शिक्षा एवं परिषदीय विद्यालयों में संचालित विभिन्न छात्र हितैषी योजनाओं को जानकारी प्रदान की गई
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    उपलब्धियां
सेवा संकल्प अभियान के तहत मेले का आयोजन, बेसिक शिक्षा विभाग ने गिनायी उपलब्धियां
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य प्राप्ति हेतु सेवा संकल्प अभियान के तहत आकांक्षी विकासखंड के अटल सभागार में साप्ताहिक ब्लॉक स्तरीय मेले का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न 19 विभागों के समन्वयन से बुधवार को बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा मेले का संचालन किया गया। खंड शिक्षा अधिकारी के निर्देशन एवं ब्लॉक प्रमुख प्रशासक चन्द्रदीप रावत, जिलापंचायत सदस्य वीरसिंह बुन्देला तथा भाजपा मंडल अध्यक्ष मुकेश पाल के आतिथ्य में कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया जिस के उपरांत खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा कार्यक्रम को प्रस्तावना के रुप में बेसिक शिक्षा एवं परिषदीय विद्यालयों में संचालित विभिन्न छात्र हितैषी योजनाओं को जानकारी प्रदान की गई
    user_इमरान ख़ान, मड़ावरा
    इमरान ख़ान, मड़ावरा
    Media house मड़ावरा, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
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