ब्रह्मांड में एक नए श्रेणी के अनोखे ग्रह की खोज , पहली बार देखा गया इस तरह का ग्रह ब जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की मदद से 35 प्रकाशवर्षं दूर गैस और चट्टानी ग्रह का मिला हुआ स्वरूप है यह ग्रह खगोलविदों ने एक ऐसा ग्रह खोज निकाला है, जिसकी सतह पर पिघलते लावा के महासागर मौजूद हैं। इस अनोखे ग्रह के वातावरण में बड़ी मात्रा में हाइड्रोजन सल्फाइड गैस फैली हुई है। यह चट्टानी और गैसीय नई श्रेणी का ग्रह है। पृथ्वी से यह ग्रह 35 प्रकाशवर्षं दूर अपने सूर्य की परिक्रमा कर रहा है। नासा की जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप क जरिए यह खोज हो सकी हैं। इस बाहरी ग्रह का नाम एल 98-59 डी है। यह आकार में पृथ्वी से 1.6 गुना बड़ा है। इसका घनत्व कम होने के कारण वैज्ञानिक इस ग्रह को दूसरे ग्रहों से अलग मान रहे हैं। यह एक एक चट्टानी यह ग्रह न तो सामान्य चट्टानी ग्रह है, जिसे गैस का बौना ग्रह माना जा रहा है और यह एक नई श्रेणी का ग्रह है। इसमें भारी मात्रा में सल्फर यौगिक का भंडार है। जिस कारण इस ग्रह पर बदबू आती है, जैसे सड़े हुए अंडों में आती है। इसकी सतह पर हजारों किमी के दायरे में लावा फैला हुआ है। यह ऐसा विशाल महासागर है, इससे पहले कभी इस तरह का ग्रह नहीं देखा गया है। पिघलते लावा का महासागर लाखों वर्षों से बना हुआ है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के डॉ. रिचर्ड चैटरजी व उनके साथी वैज्ञानिकों ने जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप के जरिए यह खोज की है। बतादें कि ब्रह्मांड में अभी छः हजार से ग्रहों की खोज हो चुकी है। मगर इस तरह का ग्रह पहली बार मिला है। जिसने ग्रहों की श्रेणी में इजाफा किया है। हम कह सकते हैं। ठोस चट्टानी, गैस और बौना ग्रह की श्रेणी में एक और श्रेणी का ग्रह बढ़ गया है। अब ग्रहों की चार श्रेणियां हो चुकी है। इस ग्रह का स्वामी लाल रंग का तारा है। कंप्यूटर मॉडल के जरिए इसकी विविधता के रहस्य का पता चला है। इस ग्रह के मिलने के बाद वैज्ञानिक सोचने के लिए मजबूर हैं कि इसके अलावा भी ब्रह्मांड में कुछ और ग्रह भी हो सकते हैं , जो इन ग्रहों की श्रेणी से अलग हों। बहरहाल यह खोज इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है कि संभव है कि अनंत में फैले ब्रह्मांड में और भी अलग तरह के ग्रह मौजूद हो सकते हैं। यह खोज नेचर एस्ट्रोनॉमी में प्रकाशित हुई है
ब्रह्मांड में एक नए श्रेणी के अनोखे ग्रह की खोज , पहली बार देखा गया इस तरह का ग्रह ब जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की मदद से 35 प्रकाशवर्षं दूर गैस और चट्टानी ग्रह का मिला हुआ स्वरूप है यह ग्रह खगोलविदों ने एक ऐसा ग्रह खोज निकाला है, जिसकी सतह पर पिघलते लावा के महासागर मौजूद हैं। इस अनोखे ग्रह के वातावरण में बड़ी मात्रा में हाइड्रोजन सल्फाइड गैस फैली हुई है। यह चट्टानी और गैसीय नई श्रेणी का ग्रह है। पृथ्वी से यह ग्रह 35 प्रकाशवर्षं दूर अपने सूर्य की परिक्रमा कर रहा है। नासा की जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप क जरिए यह खोज हो सकी हैं। इस बाहरी ग्रह का नाम एल 98-59 डी है। यह आकार में पृथ्वी से 1.6 गुना बड़ा है। इसका घनत्व कम होने के कारण वैज्ञानिक इस ग्रह को दूसरे ग्रहों से अलग मान रहे हैं। यह एक एक चट्टानी यह ग्रह न तो सामान्य चट्टानी ग्रह है, जिसे गैस का बौना ग्रह माना जा रहा है और यह एक नई श्रेणी का ग्रह है। इसमें भारी मात्रा में सल्फर यौगिक का भंडार है। जिस कारण इस ग्रह पर बदबू आती है, जैसे सड़े हुए अंडों में आती है। इसकी सतह पर हजारों किमी के दायरे में लावा फैला हुआ है। यह ऐसा विशाल महासागर है, इससे पहले कभी इस तरह का ग्रह नहीं देखा गया है। पिघलते लावा का महासागर लाखों वर्षों से बना हुआ है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के डॉ. रिचर्ड चैटरजी व उनके साथी वैज्ञानिकों ने जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप के जरिए यह खोज की है। बतादें कि ब्रह्मांड में अभी छः हजार से ग्रहों की खोज हो चुकी है। मगर इस तरह का ग्रह पहली बार मिला है। जिसने ग्रहों की श्रेणी में इजाफा किया है। हम कह सकते हैं। ठोस चट्टानी, गैस और बौना ग्रह की श्रेणी में एक और श्रेणी का ग्रह बढ़ गया है। अब ग्रहों की चार श्रेणियां हो चुकी है। इस ग्रह का स्वामी लाल रंग का तारा है। कंप्यूटर मॉडल के जरिए इसकी विविधता के रहस्य का पता चला है। इस ग्रह के मिलने के बाद वैज्ञानिक सोचने के लिए मजबूर हैं कि इसके अलावा भी ब्रह्मांड में कुछ और ग्रह भी हो सकते हैं , जो इन ग्रहों की श्रेणी से अलग हों। बहरहाल यह खोज इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है कि संभव है कि अनंत में फैले ब्रह्मांड में और भी अलग तरह के ग्रह मौजूद हो सकते हैं। यह खोज नेचर एस्ट्रोनॉमी में प्रकाशित हुई है
- विडियो देखें- बिहार सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक मां और बेटी से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। वीडियो में कथित तौर पर घरेलू विवाद के चलते मां द्वारा अपनी बेटी के साथ मारपीट की बात सामने आ रही है। दावा किया जा रहा है कि ससुराल से जुड़े एक मुद्दे को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हिंसा तक पहुंच गया।इस वीडियो ने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी है। कुछ लोग इसे पारिवारिक अनुशासन का मामला बता रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में यूजर्स इसे घरेलू हिंसा मानते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल इस वीडियो की सत्यता और पूरी सच्चाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।1
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- बिलासपुर में हाईवे चौड़ीकरण जद में आई दो दरगाहों पर रात के अंधेरे में प्रशासन की ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर पूर्व नगरपालिका चेयरमैन और सभासद की प्रतिक्रिया सामने आई है। सोमवार को पूर्व नगरपालिका चेयरमैन मौहम्मद हसन खां ने कहा कि यह बहुत बड़ा 'जुल्म ज्यादती' हैं,उनके बुजुर्ग हज़रत सादिक शाह मियां और बिशारद नगर स्थित साहू शाह मियां की यह दोनों दरगाहें कई सौ सालों पुरानी थीं।इन दरगाहों के शहीद करने के पीछे प्रशासन की क्या मानसिकता थी,उन्हें नही पता लेकिन इसका फैसला ऊपर वाला करेगा।उन्होंने कहा हम कमजोर है, मजलूम है, लेकिन हमारे साथ ऊपर वाला है,और इसका फैसला वही करेगा! उसके घर में देर है,अंधेर नहीं।पूर्व चेयरमैन ने कहा कि मुस्लिम समाज 'अल्लाह' से ही फरियाद कर सकता हैं,क्योकि यहां उसकी सुनने वाला कोई नहीं है। मुतावल्लियों को आश्वासन दिया गया था कि सिर्फ एक से दो मीटर जगह ली जाएगी,जिस पर उनके द्वारा वह स्वयं ही दरगाहों को शिफ्ट कराने की कवायद शुरू किए हुए थें,मगर प्रशासन ने एक पक्ष को सुनकर यह कार्रवाई की वह निंदनीय है, इसका खामियाजा भुगतेंगे जल्द ऊपर वाला इंसाफ करेगा। उधर नगरपालिका परिषद केए वार्ड नं 21 के सभासद फ़ैज़ान खां ने कहा कि वह पिछले पंद्रह दिनों से दोनों ही दरगाहों के मुतावल्लियों को लेकर इधर उधर घूम रहे थें प्रशासन से लेकर कृषि राज्यमंत्री तक से मिलें मगर उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला।आरोप लगाया कि रात में जब अंधेरे में ध्वस्तीकरण कार्रवाई हुई तो,मौके पर पहुंचें उनके साथ सभासद मोहसिन खां भी लेकिन फोर्स ने उन्हें अंदर जाने नही दिया।यह कार्रवाई निंदनीय है और वह न्यायालय की शरण लेंगे।1
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- विडियो देखें- मोटाहल्दू (हल्द्वानी) हल्द्वानी के मोटाहल्दू स्थित बहुराष्ट्रीय कंपनी (मदरसन) के कर्मचारियों का आंदोलन अब वेतन वृद्धि और पुलिस के कथित व्यवहार को लेकर तेज हो गया है। प्रदर्शनकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने आंदोलन के दौरान उनके साथ अभद्रता और सख्ती की। एक कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि एक पुलिस निरीक्षक ने उनके साथ शारीरिक दुर्व्यवहार किया और धमकी दी। उप श्रम आयुक्त की मध्यस्थता में हुई वार्ता के बाद प्रबंधन ने कर्मचारियों की 14 में से 12 मांगों को स्वीकार कर लिया है। हालांकि, वेतन वृद्धि का मामला अभी भी सरकार के आधिकारिक आदेश (GO) के इंतजार में अटका हुआ है।1