बिलासपुर में ध्वस्त दरगाहों पर पुलिस तैनात, पूर्व चेयरमैन बोलें-अल्लाह करेगा इंसाफ, सभासद ने कहा निंदनीय कार्रवाई बिलासपुर में हाईवे चौड़ीकरण जद में आई दो दरगाहों पर रात के अंधेरे में प्रशासन की ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर पूर्व नगरपालिका चेयरमैन और सभासद की प्रतिक्रिया सामने आई है। सोमवार को पूर्व नगरपालिका चेयरमैन मौहम्मद हसन खां ने कहा कि यह बहुत बड़ा 'जुल्म ज्यादती' हैं,उनके बुजुर्ग हज़रत सादिक शाह मियां और बिशारद नगर स्थित साहू शाह मियां की यह दोनों दरगाहें कई सौ सालों पुरानी थीं।इन दरगाहों के शहीद करने के पीछे प्रशासन की क्या मानसिकता थी,उन्हें नही पता लेकिन इसका फैसला ऊपर वाला करेगा।उन्होंने कहा हम कमजोर है, मजलूम है, लेकिन हमारे साथ ऊपर वाला है,और इसका फैसला वही करेगा! उसके घर में देर है,अंधेर नहीं।पूर्व चेयरमैन ने कहा कि मुस्लिम समाज 'अल्लाह' से ही फरियाद कर सकता हैं,क्योकि यहां उसकी सुनने वाला कोई नहीं है। मुतावल्लियों को आश्वासन दिया गया था कि सिर्फ एक से दो मीटर जगह ली जाएगी,जिस पर उनके द्वारा वह स्वयं ही दरगाहों को शिफ्ट कराने की कवायद शुरू किए हुए थें,मगर प्रशासन ने एक पक्ष को सुनकर यह कार्रवाई की वह निंदनीय है, इसका खामियाजा भुगतेंगे जल्द ऊपर वाला इंसाफ करेगा। उधर नगरपालिका परिषद केए वार्ड नं 21 के सभासद फ़ैज़ान खां ने कहा कि वह पिछले पंद्रह दिनों से दोनों ही दरगाहों के मुतावल्लियों को लेकर इधर उधर घूम रहे थें प्रशासन से लेकर कृषि राज्यमंत्री तक से मिलें मगर उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला।आरोप लगाया कि रात में जब अंधेरे में ध्वस्तीकरण कार्रवाई हुई तो,मौके पर पहुंचें उनके साथ सभासद मोहसिन खां भी लेकिन फोर्स ने उन्हें अंदर जाने नही दिया।यह कार्रवाई निंदनीय है और वह न्यायालय की शरण लेंगे।
बिलासपुर में ध्वस्त दरगाहों पर पुलिस तैनात, पूर्व चेयरमैन बोलें-अल्लाह करेगा इंसाफ, सभासद ने कहा निंदनीय कार्रवाई बिलासपुर में हाईवे चौड़ीकरण जद में आई दो दरगाहों पर रात के अंधेरे में प्रशासन की ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर पूर्व नगरपालिका चेयरमैन और सभासद की प्रतिक्रिया सामने आई है। सोमवार को पूर्व नगरपालिका चेयरमैन मौहम्मद हसन खां ने कहा कि यह बहुत बड़ा 'जुल्म ज्यादती' हैं,उनके बुजुर्ग हज़रत सादिक शाह मियां और बिशारद नगर स्थित साहू शाह मियां की यह दोनों दरगाहें कई सौ सालों पुरानी थीं।इन दरगाहों के शहीद करने के पीछे प्रशासन की क्या मानसिकता थी,उन्हें नही पता लेकिन इसका फैसला ऊपर वाला करेगा।उन्होंने कहा हम कमजोर है, मजलूम है, लेकिन हमारे साथ ऊपर वाला है,और इसका फैसला वही करेगा! उसके घर में देर है,अंधेर नहीं।पूर्व चेयरमैन ने कहा कि मुस्लिम समाज 'अल्लाह' से ही फरियाद कर सकता हैं,क्योकि यहां उसकी सुनने वाला कोई नहीं है। मुतावल्लियों को आश्वासन दिया गया था कि सिर्फ एक से दो मीटर जगह ली जाएगी,जिस पर उनके द्वारा वह स्वयं ही दरगाहों को शिफ्ट कराने की कवायद शुरू किए हुए थें,मगर प्रशासन ने एक पक्ष को सुनकर यह कार्रवाई की वह निंदनीय है, इसका खामियाजा भुगतेंगे जल्द ऊपर वाला इंसाफ करेगा। उधर नगरपालिका परिषद केए वार्ड नं 21 के सभासद फ़ैज़ान खां ने कहा कि वह पिछले पंद्रह दिनों से दोनों ही दरगाहों के मुतावल्लियों को लेकर इधर उधर घूम रहे थें प्रशासन से लेकर कृषि राज्यमंत्री तक से मिलें मगर उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला।आरोप लगाया कि रात में जब अंधेरे में ध्वस्तीकरण कार्रवाई हुई तो,मौके पर पहुंचें उनके साथ सभासद मोहसिन खां भी लेकिन फोर्स ने उन्हें अंदर जाने नही दिया।यह कार्रवाई निंदनीय है और वह न्यायालय की शरण लेंगे।
- बिलासपुर में हाईवे चौड़ीकरण जद में आई दो दरगाहों पर रात के अंधेरे में प्रशासन की ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर पूर्व नगरपालिका चेयरमैन और सभासद की प्रतिक्रिया सामने आई है। सोमवार को पूर्व नगरपालिका चेयरमैन मौहम्मद हसन खां ने कहा कि यह बहुत बड़ा 'जुल्म ज्यादती' हैं,उनके बुजुर्ग हज़रत सादिक शाह मियां और बिशारद नगर स्थित साहू शाह मियां की यह दोनों दरगाहें कई सौ सालों पुरानी थीं।इन दरगाहों के शहीद करने के पीछे प्रशासन की क्या मानसिकता थी,उन्हें नही पता लेकिन इसका फैसला ऊपर वाला करेगा।उन्होंने कहा हम कमजोर है, मजलूम है, लेकिन हमारे साथ ऊपर वाला है,और इसका फैसला वही करेगा! उसके घर में देर है,अंधेर नहीं।पूर्व चेयरमैन ने कहा कि मुस्लिम समाज 'अल्लाह' से ही फरियाद कर सकता हैं,क्योकि यहां उसकी सुनने वाला कोई नहीं है। मुतावल्लियों को आश्वासन दिया गया था कि सिर्फ एक से दो मीटर जगह ली जाएगी,जिस पर उनके द्वारा वह स्वयं ही दरगाहों को शिफ्ट कराने की कवायद शुरू किए हुए थें,मगर प्रशासन ने एक पक्ष को सुनकर यह कार्रवाई की वह निंदनीय है, इसका खामियाजा भुगतेंगे जल्द ऊपर वाला इंसाफ करेगा। उधर नगरपालिका परिषद केए वार्ड नं 21 के सभासद फ़ैज़ान खां ने कहा कि वह पिछले पंद्रह दिनों से दोनों ही दरगाहों के मुतावल्लियों को लेकर इधर उधर घूम रहे थें प्रशासन से लेकर कृषि राज्यमंत्री तक से मिलें मगर उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला।आरोप लगाया कि रात में जब अंधेरे में ध्वस्तीकरण कार्रवाई हुई तो,मौके पर पहुंचें उनके साथ सभासद मोहसिन खां भी लेकिन फोर्स ने उन्हें अंदर जाने नही दिया।यह कार्रवाई निंदनीय है और वह न्यायालय की शरण लेंगे।1
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- बिलासपुर में प्रशासन ने सोमवार तड़के बड़ी कार्रवाई करते हुए हाईवे चौड़ीकरण की जद में आ रहीं दोनों दरगाहों को बुलडोजरों से जमींदोज करवा दिया। इस दौरान हाईवे को दोनों तरफ से बंद रखा गया और भारी फोर्स तैनात रही। देर रात में हुईं तैयारियों के बाद अचानक किए गए इन दोनों ध्वस्तीकरणों का आम नागरिकों को तब पता चला, जब वह सोकर उठे। रामपुर के बिलासपुर में देर रात करीब तीन बजे नगरीय हाईवे पर ब्लॉक कार्यालय के सामने स्थित हजरत सादिक शाह मियां की दरगाह के सामने दो जेसीबी व खाली डंपर लाकर खड़े किए गए। इसके बाद मुख्य चौराहे व केमरी तिराहे पर यातायात रोक दिया गया और फोर्स तैनात हो गई। तड़के चार बजे बुलडोजरों ने दरगाह को ध्वस्त कर दिया। सड़क पर फैले मलबे को डंपरों में भर दिया गया। इसके तुरंत बाद मुख्य चौराहे से लेकर अहरो तिराहे वाले हिस्से का यातायात रोका गया और विशारदनगर स्थित हजरत साहू शाह मियां की दरगाह पर बुलडोजर चलाया गया। यहां भी मलबे को डंपर में भरवाकर सड़क साफ करा दी गई। इस कार्रवाई के दौरान उप जिलाधिकारी अरुण कुमार, तहसीलदार शिवकुमार शर्मा,पुलिस क्षेत्राधिकारी हर्षिता सिंह, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता राजीव गंगवार, नायब तहसीलदार अंकुर अंतल व कोतवाल जीत सिंह सहित राजस्व, पीडब्ल्यूडी व पुलिस के कई अधिकारी मौजूद रहे। निकट थानों की फोर्स भी तैनात की गई थी।हाल ही में राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने नगर के भीतर से गुजर रहे आंतरिक हाईवे के चौड़ीकरण के लिए शासन से करोड़ों का प्रस्ताव स्वीकृत कराया था।चौड़ीकरण के लिए सड़क की जद में आ रहे निर्माणों पर 'लाल निशान' लगाए गए थे। चिन्हित स्थानों को खाली कराने की कार्रवाई शुरू हो गई है।पीडब्ल्यूडी के एई राजीव गंगवार ने बताया कि चिन्हीकरण के अनुसार दोनों दरगाहों को हटाने का निर्णय लिया गया था।अन्य चिन्हित स्थानों के बारे में उनका कहना था कि जैसा निर्णय होगा, वैसी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।उप जिलाधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि यह पीडब्ल्यूडी की कार्रवाई है। प्रशासन शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग कर रहा है।1