Shuru
Apke Nagar Ki App…
नवजात की मौत के बाद बढ़ा पारिवारिक विवाद | कांस्टेबल ने ससुराल पक्ष पर लगाए आरोप, रामपुर में पोस्टिंग है अमित कुमार कि मुरादाबाद के महिला जिला अस्पताल में नवजात शिशु की मृत्यु के बाद पारिवारिक विवाद बढ़ गया। एक कांस्टेबल ने ससुराल पक्ष पर आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि पत्नी पिछले तीन महीनों से मायके में रह रही थी। मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है और दूसरे पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
Khan ubaid
नवजात की मौत के बाद बढ़ा पारिवारिक विवाद | कांस्टेबल ने ससुराल पक्ष पर लगाए आरोप, रामपुर में पोस्टिंग है अमित कुमार कि मुरादाबाद के महिला जिला अस्पताल में नवजात शिशु की मृत्यु के बाद पारिवारिक विवाद बढ़ गया। एक कांस्टेबल ने ससुराल पक्ष पर आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि पत्नी पिछले तीन महीनों से मायके में रह रही थी। मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है और दूसरे पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- मुरादाबाद के महिला जिला अस्पताल में नवजात शिशु की मृत्यु के बाद पारिवारिक विवाद बढ़ गया। एक कांस्टेबल ने ससुराल पक्ष पर आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि पत्नी पिछले तीन महीनों से मायके में रह रही थी। मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है और दूसरे पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।1
- Post by नाजिम हुसैन पत्रकार डिलारी1
- भाई सौरभ शुक्ला इतना सच नही बोलना था..आप को हिन्दू विरोधी और देशद्रोही घोषित कर दिये जाओगे..🙄1
- बिलासपुर में हाईवे चौड़ीकरण जद में आई दो दरगाहों पर रात के अंधेरे में प्रशासन की ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर पूर्व नगरपालिका चेयरमैन और सभासद की प्रतिक्रिया सामने आई है। सोमवार को पूर्व नगरपालिका चेयरमैन मौहम्मद हसन खां ने कहा कि यह बहुत बड़ा 'जुल्म ज्यादती' हैं,उनके बुजुर्ग हज़रत सादिक शाह मियां और बिशारद नगर स्थित साहू शाह मियां की यह दोनों दरगाहें कई सौ सालों पुरानी थीं।इन दरगाहों के शहीद करने के पीछे प्रशासन की क्या मानसिकता थी,उन्हें नही पता लेकिन इसका फैसला ऊपर वाला करेगा।उन्होंने कहा हम कमजोर है, मजलूम है, लेकिन हमारे साथ ऊपर वाला है,और इसका फैसला वही करेगा! उसके घर में देर है,अंधेर नहीं।पूर्व चेयरमैन ने कहा कि मुस्लिम समाज 'अल्लाह' से ही फरियाद कर सकता हैं,क्योकि यहां उसकी सुनने वाला कोई नहीं है। मुतावल्लियों को आश्वासन दिया गया था कि सिर्फ एक से दो मीटर जगह ली जाएगी,जिस पर उनके द्वारा वह स्वयं ही दरगाहों को शिफ्ट कराने की कवायद शुरू किए हुए थें,मगर प्रशासन ने एक पक्ष को सुनकर यह कार्रवाई की वह निंदनीय है, इसका खामियाजा भुगतेंगे जल्द ऊपर वाला इंसाफ करेगा। उधर नगरपालिका परिषद केए वार्ड नं 21 के सभासद फ़ैज़ान खां ने कहा कि वह पिछले पंद्रह दिनों से दोनों ही दरगाहों के मुतावल्लियों को लेकर इधर उधर घूम रहे थें प्रशासन से लेकर कृषि राज्यमंत्री तक से मिलें मगर उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला।आरोप लगाया कि रात में जब अंधेरे में ध्वस्तीकरण कार्रवाई हुई तो,मौके पर पहुंचें उनके साथ सभासद मोहसिन खां भी लेकिन फोर्स ने उन्हें अंदर जाने नही दिया।यह कार्रवाई निंदनीय है और वह न्यायालय की शरण लेंगे।1
- कांठ विक्रम और ऑटो की टक्कर में दो मजदूर घायल अज्ञात चालक पर एफआईआर दर्ज1
- मुसलमान नॉनवेज खाते हैं खाने दीजिए ना तुम्हारे पेट में क्यों दर्द होता है तुमसे पैसे लेकर थोड़ी ना खाते हैं1
- yah hamare gaon ki rasta Hai is per Pani bhara rahata hai kripya ise jald se jald theek karaen hamen ATI aane jaane mein dikkat hoti hai kripya aise jald se jald Sahi karaen aapki ATI mahan mahan kripa hogi1
- सिद्धार्थ नगर उत्तर प्रदेश इटवा कस्बे के ITI नहर क्षेत्र में कपड़े में लिपटा ज़िंदा नवजात मिलने से हड़कंप मच गया। रोने की आवाज सुनकर स्थानीय लोगों ने बच्ची को देखा, जिसे जन्म के तुरंत बाद ही यहां छोड़ दिया गया था—यहां तक कि उसका नाड़ा भी नहीं कटा था। इटवा निवासी बब्लू पेट्रोल भराने जा रहे थे, तभी उन्होंने बच्ची की आवाज सुनी और तुरंत डायल 112 पर सूचना दी। उनके साथ इरशाद ने भी मदद की। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और नवजात को तुरंत CHC इटवा पहुंचाया गया, जहां उसे NICU में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार बच्ची फिलहाल स्वस्थ है और निगरानी में रखी गई है। समय रहते मदद मिलने से उसकी जान बच सकी। स्थानीय युवकों और पुलिस की तत्परता ने इंसानियत की मिसाल पेश की। अब बड़ा सवाल—आखिर किसने इस मासूम को इस हालत में नहर किनारे छोड़ दिया? पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1