हिमाचल प्रदेश में बुधवार को उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस दौरान शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने विभाग का रुख स्पष्ट करते हुए बताया कि प्रिंसिपल की पदोन्नति नीति योग्यता (मेरिट) के आधार पर लागू की जाएगी, जिसके लिए लगभग 90 प्रतिशत सूची तैयार हो चुकी है। आवश्यकता पड़ने पर इस प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। शिक्षा मंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में रिक्त पदों की अधिकता के कारण अतिरिक्त प्रिंसिपलों की आवश्यकता है, और उन्हें जरूरत वाले स्थानों पर तैनात किया जा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्कूलों के विलय (मर्जर) का कार्य वर्तमान शैक्षणिक सत्र के बीच में नहीं किया जाएगा। शिक्षा व्यवस्था में सुधार के उद्देश्य से जम्मू-कश्मीर की कुछ प्रभावी कार्यप्रणालियों (बेस्ट प्रैक्टिस) को हिमाचल में लागू किया जाएगा, जिसके तहत स्कूलों का ऑनलाइन निरीक्षण शुरू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, दूरदराज के क्षेत्रों के लिए एक वर्ष की विशेष व्यवस्था पर भी काम चल रहा है, और प्रत्येक जिले में विद्या समीक्षा केंद्र स्थापित करने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। रोहित ठाकुर ने यह भी बताया कि रामानुजन स्टूडेंट डिजिटल डिवाइस योजना के तहत मेधावी विद्यार्थियों को जल्द ही लैपटॉप उपलब्ध कराए जाएंगे। लैपटॉप की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से दी जाएगी। हालांकि, इसमें कुछ तकनीकी दिक्कतें हैं, जिन्हें दूर किया जा रहा है। सरकार प्रति छात्र 16 हजार रुपये की राशि देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शिक्षा मंत्री ने दोहराया कि प्रिंसिपल पदोन्नति नीति मेरिट के आधार पर बनेगी और ऑनलाइन निरीक्षण प्रणाली भी लागू होगी।
हिमाचल प्रदेश में बुधवार को उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस दौरान शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने विभाग का रुख स्पष्ट करते हुए बताया कि प्रिंसिपल की पदोन्नति नीति योग्यता (मेरिट) के आधार पर लागू की जाएगी, जिसके लिए लगभग 90 प्रतिशत सूची तैयार हो चुकी है। आवश्यकता पड़ने पर इस प्रस्ताव को मंत्रिमंडल
की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। शिक्षा मंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में रिक्त पदों की अधिकता के कारण अतिरिक्त प्रिंसिपलों की आवश्यकता है, और उन्हें जरूरत वाले स्थानों पर तैनात किया जा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्कूलों के विलय (मर्जर) का कार्य वर्तमान शैक्षणिक सत्र के बीच में नहीं किया जाएगा। शिक्षा व्यवस्था में सुधार के उद्देश्य से जम्मू-कश्मीर की कुछ प्रभावी कार्यप्रणालियों
(बेस्ट प्रैक्टिस) को हिमाचल में लागू किया जाएगा, जिसके तहत स्कूलों का ऑनलाइन निरीक्षण शुरू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, दूरदराज के क्षेत्रों के लिए एक वर्ष की विशेष व्यवस्था पर भी काम चल रहा है, और प्रत्येक जिले में विद्या समीक्षा केंद्र स्थापित करने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। रोहित ठाकुर ने यह भी बताया कि रामानुजन स्टूडेंट डिजिटल डिवाइस योजना के तहत मेधावी विद्यार्थियों
को जल्द ही लैपटॉप उपलब्ध कराए जाएंगे। लैपटॉप की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से दी जाएगी। हालांकि, इसमें कुछ तकनीकी दिक्कतें हैं, जिन्हें दूर किया जा रहा है। सरकार प्रति छात्र 16 हजार रुपये की राशि देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शिक्षा मंत्री ने दोहराया कि प्रिंसिपल पदोन्नति नीति मेरिट के आधार पर बनेगी और ऑनलाइन निरीक्षण प्रणाली भी लागू होगी।
- भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि प्रदेश में कांग्रेस नेताओं द्वारा भाजपा के हजारों कार्यकर्ताओं के कांग्रेस में शामिल होने का दावा पूरी तरह झूठ, दिखावा और जनता को गुमराह करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि रामपुर के एक ताजा मामले ने कांग्रेस के इस पूरे 'जॉइनिंग ड्रामे' की पोल खोल दी है। भारद्वाज ने बताया कि जिस व्यक्ति को कांग्रेस भाजपा का कार्यकर्ता बताकर अपनी पार्टी में शामिल होने का दावा कर रही थी, उसी व्यक्ति ने अपनी प्रेस वार्ता में स्वयं यह स्वीकार किया है कि वह पहले भी कांग्रेस का सिपाही था और आज भी कांग्रेस में ही शामिल हुआ है। इससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस अपने ही कार्यकर्ताओं को भाजपा का बताकर झूठा माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। संदीपनी भारद्वाज के अनुसार, कांग्रेस अपनी जनविरोधी नीतियों, विफलताओं और भ्रष्टाचार से प्रदेश की जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के राजनीतिक नाटक रच रही है। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि भाजपा का समर्पित कार्यकर्ता पार्टी की विचारधारा के साथ मजबूती से खड़ा है और कांग्रेस के इस झूठे प्रचार से बिल्कुल भी प्रभावित होने वाला नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव नजदीक आने पर कुछ स्वार्थी और अवसरवादी लोग राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे हथकंडे अपनाते हैं, लेकिन प्रदेश की जनता यह सब देख और समझ रही है। भारद्वाज ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार को उसकी जनविरोधी नीतियों का करारा जवाब देगी, जिससे भाजपा एक बार फिर जनता के विश्वास के साथ प्रदेश में एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरेगी और कांग्रेस का यह झूठा नैरेटिव अब पूरी तरह बेनकाब हो चुका है।1
- नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने घुमारवीं में तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस बैठक में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई, जिसमें विशेष रूप से राज्य में स्थापित किए जा रहे कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) सेंटर, स्किल अकादमी केंद्रों को मजबूत करने और विभाग की भविष्य की कार्ययोजना की समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं और परियोजनाओं में समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री धर्माणी ने रेखांकित किया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का स्पष्ट लक्ष्य हिमाचल के युवाओं को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान कर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में घुमारवीं में एक स्किल अकादमी स्थापित करने और मल्टी स्किल व डिजिटल यूनिवर्सिटी विकसित करने की घोषणा की है। उन्होंने अधिकारियों को घुमारवीं में निर्माणाधीन स्किल अकादमी सेंटर का कार्य हर हाल में 30 जुलाई तक पूरा करने के निर्देश दिए। यह अत्याधुनिक स्किल सेंटर लगभग 4.5 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है और इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल मीडिया, भाषा कौशल सहित अन्य आधुनिक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे, ताकि युवाओं को नई तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिल सके। राजेश धर्माणी ने कहा कि राज्य सरकार तकनीकी शिक्षा को समय की मांग के अनुरूप आधुनिक स्वरूप प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसका उद्देश्य युवाओं को केवल प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसे कौशल से सशक्त बनाना है जिनकी आवश्यकता वर्तमान और भविष्य के उद्योगों में होगी। उन्होंने अधिकारियों से प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योगों की आवश्यकताओं से जोड़ते हुए अधिक उपयोगी और रोजगारोन्मुख बनाने पर जोर दिया। मंत्री ने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने और कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न करने के निर्देश दिए, ताकि प्रदेश तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में अग्रणी बन सके। बैठक में तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक रोहित राठौर, डिप्टी डायरेक्टर संजीव सहोत्रा, ललित शर्मा, रविंदर बनियाल, ज्वाइंट कंट्रोलर (फाइनेंस) नाग सिंह यादव, दिनेश शर्मा (ज्वाइंट डायरेक्टर), हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के जनरल मैनेजर अमित काल्थिक, घुमारवीं आईटीआई के प्रिंसिपल जनक सिंह, अनुदेशक कमल देव, करण सिंह ढटवालिया सहित विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।1
- नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने 03 जुलाई को बिलासपुर के घुमारवीं में तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक विभागीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें विशेष रूप से राज्य में स्थापित किए जा रहे कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) सेंटर, स्किल अकादमी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण तथा विभाग की भावी कार्य योजना की विस्तार से समीक्षा शामिल थी। मंत्री ने अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का स्पष्ट लक्ष्य हिमाचल के युवाओं को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान कर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में घुमारवीं में स्किल अकादमी स्थापित करने तथा मल्टी स्किल एवं डिजिटल यूनिवर्सिटी विकसित करने की घोषणा की है। बैठक के दौरान मंत्री राजेश धर्माणी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घुमारवीं में निर्माणाधीन स्किल अकादमी सेंटर का कार्य हर हाल में 30 जुलाई तक पूरा कर लिया जाए। उन्होंने बताया कि यह अत्याधुनिक स्किल सेंटर लगभग 4.5 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है। यह केंद्र प्रदेश के युवाओं को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और उद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। स्किल अकादमी सेंटर में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल मीडिया, भाषा कौशल तथा उद्योगों एवं रोजगार बाजार की मांग के अनुरूप विभिन्न आधुनिक पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को नई तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे उनकी रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी तथा उन्हें स्वरोजगार और निजी क्षेत्र में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार तकनीकी शिक्षा को समय की मांग के अनुरूप आधुनिक स्वरूप प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसका उद्देश्य युवाओं को केवल प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसे कौशल से सशक्त बनाना है जिनकी आवश्यकता वर्तमान और भविष्य के उद्योगों में होगी। उन्होंने अधिकारियों से प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योगों की आवश्यकताओं से जोड़ते हुए अधिक उपयोगी एवं रोजगारोन्मुख बनाने को कहा। मंत्री ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए तथा कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो। उन्होंने विभाग को तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में प्रदेश को अग्रणी बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। बैठक में उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक रोहित राठौर, डिप्टी डायरेक्टर संजीव सहोत्रा, ललित शर्मा, रविंदर बनियाल, ज्वाइंट कंट्रोलर (फाइनेंस) नाग सिंह यादव, दिनेश शर्मा (ज्वाइंट डायरेक्टर), हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के जनरल मैनेजर अमित काल्थिक, घुमारवीं आईटीआई के प्रिंसिपल जनक सिंह, अनुदेशक कमल देव, करण सिंह ढटवालिया तथा विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।3
- पंचकूला पुलिस ने एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने पहले असम में अपने सगे भाई की हत्या की और फिर पंचकूला में एक चौकीदार की निर्ममता से हत्या कर दी। यह आरोपी पुलिस से बचने के लिए श्रीनगर से लेकर केरल तक 6 राज्यों में लगातार ठिकाने बदलता रहा, जिसके बाद पुलिस ने उसे कर्नाटक के बेंगलुरु से दबोच लिया। आरोपी को आज कोर्ट में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। सेक्टर-10 चौकी इंचार्ज रवि प्रकाश के अनुसार, 28 मई 2026 की सुबह सूचना मिली थी कि सेक्टर-11 स्थित एक निर्माणाधीन मकान की छत पर खून से लथपथ शव पड़ा है। मृतक की पहचान नेपाल निवासी दान बहादुर के रूप में हुई, जिसे कुछ दिन पहले ही चौकीदार के रूप में रखा गया था। जाँच में सामने आया कि मकान में काम करने वाले मजदूर राकेश ने लोहे के सरिये और हथौड़ी से चौकीदार के सिर व शरीर पर लगातार वार कर उसकी हत्या की थी, जिसके बाद आरोपी फरार हो गया। इस घटना के बाद हत्या का मामला दर्ज कर जाँच शुरू की गई। डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने बताया कि जाँच के दौरान आरोपी का वास्तविक नाम तेपोंग राभा उर्फ राकेश राभा निवासी जिला कोकराझार, असम निकला। यह भी खुलासा हुआ कि मार्च 2026 में आरोपी ने असम में अपने ही सगे भाई की हत्या की थी और उस मामले में भी वांछित था। आरोपी पुलिस से बचने के लिए बेहद शातिर तरीके अपनाता था। वह असम में हत्या करने के बाद श्रीनगर, हरियाणा, दिल्ली, केरल और अंत में कर्नाटक पहुंचा। वह हर चार-पांच दिन में मोबाइल फोन चोरी कर नई सिम इस्तेमाल करता और फिर फोन बेच देता था। अपनी पहचान छिपाने के लिए वह झूठा नाम और पता बताता था और अलग-अलग शहरों में ढाबों व होटलों में वेटर का काम करता था, जिससे उसे पकड़ना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। लगातार तकनीकी निगरानी और विभिन्न राज्यों में दबिश के बाद, पंचकूला पुलिस की टीम 30 जून को बेंगलुरु पहुंची और कई स्थानों पर छापेमारी के बाद आरोपी को एक होटल से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड लेकर पंचकूला लाया गया। पुलिस रिमांड के दौरान, मृतक का मोबाइल फोन दिल्ली से और हत्या में प्रयुक्त लोहे का सरिया बरामद किया जाना है।2
- किन्नौर जिले में अत्यधिक बारिश के कारण रिब्बा कंडे और चोलिंग के समीप नालों में मलबा आ जाने से बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। चोलिंग के पास नेशनल हाईवे 05 अवरुद्ध हो गया है, जिसके चलते दो वाहन भी मलबे की चपेट में आ गए। इसके अतिरिक्त, किन्नौर जिले के रिब्बा खड्ड में आई बाढ़ के कारण रिब्बा से कंडे तक का संपर्क मार्ग भी बंद हो गया है।1
- यमुनानगर जिले के सढोरा स्थित बिजली बोर्ड कार्यालय के पास एक चाय की दुकान पर बीती रात चोरों ने सेंधमारी कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। दुकान मालिक विराट ने बताया कि उन्होंने रात 10:00 बजे अपनी दुकान बंद कर दी थी और सुबह उन्हें लोगों के फोन से दुकान में चोरी होने की जानकारी मिली। चोर दुकान का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे और वहां रखा गैस का सिलेंडर तथा कुछ नगदी चुरा ले गए। इस घटना के संबंध में पुलिस को सूचित कर दिया गया है।1
- हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने पूरे प्रदेश में अपना संगठन विस्तार अभियान शुरू कर दिया है, जिसके पहले ही दिन भाजपा को बड़ा झटका लगा है। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित कार्यक्रम में, रामपुर से पूर्व में दो बार भाजपा के प्रत्याशी रहे बृजलाल ने अपने 250 समर्थकों के साथ कांग्रेस पार्टी का दामन थामा। इस अवसर पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार और हिमाचल सरकार में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह सहित पार्टी के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने दावा किया कि आने वाले एक महीने में कांग्रेस पार्टी 8 से 10 हज़ार लोगों को अपने साथ जोड़ने जा रही है। उन्होंने अपने गृह क्षेत्र संगड़ाह पंचायत समिति में अध्यक्ष पद पर भाजपा के कब्ज़े पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जनमत कांग्रेस पार्टी के साथ है, लेकिन भाजपा ने धनबल का प्रयोग किया। विनय कुमार ने आरोप लगाया कि संगड़ाह में उनके पास आठ सदस्यों के साथ बहुमत था, लेकिन क्रॉस वोटिंग के माध्यम से भाजपा ने इस पर कब्जा किया। वहीं, हिमाचल सरकार में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने पार्टी को मजबूत करने को अपना कर्तव्य बताया और पूर्व भाजपा नेता बृजलाल का पार्टी में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि रामपुर कांग्रेस पार्टी का गढ़ रहा है और आगे भी रहेगा। विक्रमादित्य सिंह ने यह भी दावा किया कि रामपुर से कुछ और बड़े चेहरे उनके संपर्क में हैं, जो जल्द ही कांग्रेस पार्टी में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस क्षेत्र के विकास के लिए काम किया और अब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुख के नेतृत्व में रामपुर विधानसभा क्षेत्र में करीब 500 करोड़ के विकास कार्य प्रगति पर हैं। पूर्व भाजपा नेता और रामपुर से दो बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके बृजलाल ने हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और कांग्रेस पार्टी आलाकमान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे पहले कांग्रेस नेता थे, लेकिन भाजपा ने उन्हें बरगलाकर अपनी पार्टी में शामिल कर लिया था। बृजलाल ने पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार के बयान को दोहराते हुए भाजपा पर आरोप लगाया कि वह आज सिर्फ नेताओं की पार्टी बनकर रह गई है, जहाँ कार्यकर्ताओं की कोई पूछ नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा में पाँच-पाँच नेता मुख्यमंत्री बनने की रस्साकशी में लगे हुए हैं। बृजलाल ने बताया कि वे विक्रमादित्य सिंह की कार्यशैली से प्रभावित होकर कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं।4
- हिमाचल प्रदेश के रामपुर बुशैहर क्षेत्र में लगातार बढ़ती हुई ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या को लेकर उप मंडल अधिकारी ने अपनी बात रखी है।1