पंचकूला पुलिस ने एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने पहले असम में अपने सगे भाई की हत्या की और फिर पंचकूला में एक चौकीदार की निर्ममता से हत्या कर दी। यह आरोपी पुलिस से बचने के लिए श्रीनगर से लेकर केरल तक 6 राज्यों में लगातार ठिकाने बदलता रहा, जिसके बाद पुलिस ने उसे कर्नाटक के बेंगलुरु से दबोच लिया। आरोपी को आज कोर्ट में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। सेक्टर-10 चौकी इंचार्ज रवि प्रकाश के अनुसार, 28 मई 2026 की सुबह सूचना मिली थी कि सेक्टर-11 स्थित एक निर्माणाधीन मकान की छत पर खून से लथपथ शव पड़ा है। मृतक की पहचान नेपाल निवासी दान बहादुर के रूप में हुई, जिसे कुछ दिन पहले ही चौकीदार के रूप में रखा गया था। जाँच में सामने आया कि मकान में काम करने वाले मजदूर राकेश ने लोहे के सरिये और हथौड़ी से चौकीदार के सिर व शरीर पर लगातार वार कर उसकी हत्या की थी, जिसके बाद आरोपी फरार हो गया। इस घटना के बाद हत्या का मामला दर्ज कर जाँच शुरू की गई। डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने बताया कि जाँच के दौरान आरोपी का वास्तविक नाम तेपोंग राभा उर्फ राकेश राभा निवासी जिला कोकराझार, असम निकला। यह भी खुलासा हुआ कि मार्च 2026 में आरोपी ने असम में अपने ही सगे भाई की हत्या की थी और उस मामले में भी वांछित था। आरोपी पुलिस से बचने के लिए बेहद शातिर तरीके अपनाता था। वह असम में हत्या करने के बाद श्रीनगर, हरियाणा, दिल्ली, केरल और अंत में कर्नाटक पहुंचा। वह हर चार-पांच दिन में मोबाइल फोन चोरी कर नई सिम इस्तेमाल करता और फिर फोन बेच देता था। अपनी पहचान छिपाने के लिए वह झूठा नाम और पता बताता था और अलग-अलग शहरों में ढाबों व होटलों में वेटर का काम करता था, जिससे उसे पकड़ना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। लगातार तकनीकी निगरानी और विभिन्न राज्यों में दबिश के बाद, पंचकूला पुलिस की टीम 30 जून को बेंगलुरु पहुंची और कई स्थानों पर छापेमारी के बाद आरोपी को एक होटल से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड लेकर पंचकूला लाया गया। पुलिस रिमांड के दौरान, मृतक का मोबाइल फोन दिल्ली से और हत्या में प्रयुक्त लोहे का सरिया बरामद किया जाना है।
पंचकूला पुलिस ने एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने पहले असम में अपने सगे भाई की हत्या की और फिर पंचकूला में एक चौकीदार की निर्ममता से हत्या कर दी। यह आरोपी पुलिस से बचने के लिए श्रीनगर से लेकर केरल तक 6 राज्यों में लगातार ठिकाने बदलता रहा, जिसके बाद पुलिस ने उसे कर्नाटक के बेंगलुरु से दबोच लिया। आरोपी को आज कोर्ट में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। सेक्टर-10 चौकी इंचार्ज रवि प्रकाश के अनुसार, 28 मई 2026 की सुबह सूचना मिली थी कि सेक्टर-11 स्थित एक निर्माणाधीन मकान की छत पर खून से लथपथ शव पड़ा है। मृतक की पहचान नेपाल निवासी दान बहादुर के रूप में हुई, जिसे कुछ दिन पहले ही चौकीदार के रूप में रखा गया था। जाँच में सामने आया कि मकान में काम करने वाले मजदूर राकेश ने लोहे के सरिये और हथौड़ी से चौकीदार के सिर व शरीर पर लगातार वार कर उसकी हत्या की थी, जिसके बाद आरोपी फरार हो गया। इस घटना के बाद हत्या का मामला दर्ज कर जाँच शुरू की गई। डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने बताया कि जाँच के दौरान आरोपी
का वास्तविक नाम तेपोंग राभा उर्फ राकेश राभा निवासी जिला कोकराझार, असम निकला। यह भी खुलासा हुआ कि मार्च 2026 में आरोपी ने असम में अपने ही सगे भाई की हत्या की थी और उस मामले में भी वांछित था। आरोपी पुलिस से बचने के लिए बेहद शातिर तरीके अपनाता था। वह असम में हत्या करने के बाद श्रीनगर, हरियाणा, दिल्ली, केरल और अंत में कर्नाटक पहुंचा। वह हर चार-पांच दिन में मोबाइल फोन चोरी कर नई सिम इस्तेमाल करता और फिर फोन बेच देता था। अपनी पहचान छिपाने के लिए वह झूठा नाम और पता बताता था और अलग-अलग शहरों में ढाबों व होटलों में वेटर का काम करता था, जिससे उसे पकड़ना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। लगातार तकनीकी निगरानी और विभिन्न राज्यों में दबिश के बाद, पंचकूला पुलिस की टीम 30 जून को बेंगलुरु पहुंची और कई स्थानों पर छापेमारी के बाद आरोपी को एक होटल से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड लेकर पंचकूला लाया गया। पुलिस रिमांड के दौरान, मृतक का मोबाइल फोन दिल्ली से और हत्या में प्रयुक्त लोहे का सरिया बरामद किया जाना है।
- पंचकूला पुलिस ने एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने पहले असम में अपने सगे भाई की हत्या की और फिर पंचकूला में एक चौकीदार की निर्ममता से हत्या कर दी। यह आरोपी पुलिस से बचने के लिए श्रीनगर से लेकर केरल तक 6 राज्यों में लगातार ठिकाने बदलता रहा, जिसके बाद पुलिस ने उसे कर्नाटक के बेंगलुरु से दबोच लिया। आरोपी को आज कोर्ट में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। सेक्टर-10 चौकी इंचार्ज रवि प्रकाश के अनुसार, 28 मई 2026 की सुबह सूचना मिली थी कि सेक्टर-11 स्थित एक निर्माणाधीन मकान की छत पर खून से लथपथ शव पड़ा है। मृतक की पहचान नेपाल निवासी दान बहादुर के रूप में हुई, जिसे कुछ दिन पहले ही चौकीदार के रूप में रखा गया था। जाँच में सामने आया कि मकान में काम करने वाले मजदूर राकेश ने लोहे के सरिये और हथौड़ी से चौकीदार के सिर व शरीर पर लगातार वार कर उसकी हत्या की थी, जिसके बाद आरोपी फरार हो गया। इस घटना के बाद हत्या का मामला दर्ज कर जाँच शुरू की गई। डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने बताया कि जाँच के दौरान आरोपी का वास्तविक नाम तेपोंग राभा उर्फ राकेश राभा निवासी जिला कोकराझार, असम निकला। यह भी खुलासा हुआ कि मार्च 2026 में आरोपी ने असम में अपने ही सगे भाई की हत्या की थी और उस मामले में भी वांछित था। आरोपी पुलिस से बचने के लिए बेहद शातिर तरीके अपनाता था। वह असम में हत्या करने के बाद श्रीनगर, हरियाणा, दिल्ली, केरल और अंत में कर्नाटक पहुंचा। वह हर चार-पांच दिन में मोबाइल फोन चोरी कर नई सिम इस्तेमाल करता और फिर फोन बेच देता था। अपनी पहचान छिपाने के लिए वह झूठा नाम और पता बताता था और अलग-अलग शहरों में ढाबों व होटलों में वेटर का काम करता था, जिससे उसे पकड़ना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। लगातार तकनीकी निगरानी और विभिन्न राज्यों में दबिश के बाद, पंचकूला पुलिस की टीम 30 जून को बेंगलुरु पहुंची और कई स्थानों पर छापेमारी के बाद आरोपी को एक होटल से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड लेकर पंचकूला लाया गया। पुलिस रिमांड के दौरान, मृतक का मोबाइल फोन दिल्ली से और हत्या में प्रयुक्त लोहे का सरिया बरामद किया जाना है।2
- यमुनानगर में एक आठ महीने के युवा तेंदुए के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसमें बताया गया है कि यह तेंदुआ 'कैनाइन डिस्टेंपर वायरस' नामक बीमारी से ग्रस्त था। इस बीमारी के कारण तेंदुए का लीवर और हृदय बुरी तरह प्रभावित हुए थे, वहीं उसकी आंतों में खून बह रहा था और सांस की नली में भी कई तरह के विकार पाए गए। विशेषज्ञ डॉक्टर सुखबीर नैन ने बताया कि यह अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी आमतौर पर कुत्तों, सियार और जंगली बिल्ली प्रजातियों जैसे तेंदुओं और बाघों को प्रभावित करती है। आशंका जताई जा रही है कि इस तेंदुए ने या तो किसी बीमार कुत्ते का शिकार किया होगा या उसके संपर्क में आया होगा, जिससे यह घातक वायरस उसमें फैल गया। पशुपालन विभाग के डॉक्टर सतीश धनिया ने बताया कि तीन डॉक्टरों की एक टीम ने इस तेंदुए का पोस्टमार्टम किया और उसके बाद नियमानुसार उसके अवशेषों को जमीन में दबाकर अंतिम संस्कार किया गया। मौत के सटीक कारणों की जांच के लिए बिसरा को लैब में भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी और अन्य कारकों का स्पष्ट पता चल पाएगा। इस घटना ने वन्यजीव और वन अधिकारियों को सकते में डाल दिया है, जिसके चलते कलेसर नेशनल पार्क में गतिविधियाँ बढ़ा दी गई हैं और अन्य जंगली जानवरों, विशेषकर तेंदुओं पर कड़ी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों को किसी भी जानवर की बीमार या संदिग्ध स्थिति की तुरंत रिपोर्ट करने के आदेश दिए गए हैं। 'कैनाइन डिस्टेंपर वायरस' दुनिया भर में फैला हुआ है और पालतू कुत्तों तथा कई जंगली मांसाहारी जीवों में उच्च मृत्यु दर का कारण बन रहा है; 2003 से रूस के सुदूर पूर्व में अमूर बाघों में भी इसके कई घातक मामले सामने आए हैं, जो बाघ संरक्षण के लिए एक नए खतरे का संकेत है। यमुनानगर जिले के अंतर्गत आने वाला कलेसर नेशनल पार्क, जो हिमालय की शिवालिक पर्वतमाला की तलहटी में स्थित है और हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश राज्यों से सटा हुआ है, अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है, जिसमें घने साल के जंगल और विभिन्न प्रकार के जीव-जंतु पाए जाते हैं। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में इस वायरस का पता चलना अधिकारियों के लिए चिंता का विषय है।1
- यह एक 4 फुट लंबा और 6 इंच मोटा दुमारी सांप है।1
- यमुनानगर जिले के सढोरा स्थित बिजली बोर्ड कार्यालय के पास एक चाय की दुकान पर बीती रात चोरों ने सेंधमारी कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। दुकान मालिक विराट ने बताया कि उन्होंने रात 10:00 बजे अपनी दुकान बंद कर दी थी और सुबह उन्हें लोगों के फोन से दुकान में चोरी होने की जानकारी मिली। चोर दुकान का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे और वहां रखा गैस का सिलेंडर तथा कुछ नगदी चुरा ले गए। इस घटना के संबंध में पुलिस को सूचित कर दिया गया है।1
- जनता से आगामी दो प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की गई है। इसमें 15 जुलाई को होने वाला मोटरसाइकिल प्रदर्शन और 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर आयोजित होने वाला प्रदर्शन शामिल है। इन दोनों ही आयोजनों में ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में लोगों से शामिल होने का आग्रह किया गया है।1
- भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि प्रदेश में कांग्रेस नेताओं द्वारा भाजपा के हजारों कार्यकर्ताओं के कांग्रेस में शामिल होने का दावा पूरी तरह झूठ, दिखावा और जनता को गुमराह करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि रामपुर के एक ताजा मामले ने कांग्रेस के इस पूरे 'जॉइनिंग ड्रामे' की पोल खोल दी है। भारद्वाज ने बताया कि जिस व्यक्ति को कांग्रेस भाजपा का कार्यकर्ता बताकर अपनी पार्टी में शामिल होने का दावा कर रही थी, उसी व्यक्ति ने अपनी प्रेस वार्ता में स्वयं यह स्वीकार किया है कि वह पहले भी कांग्रेस का सिपाही था और आज भी कांग्रेस में ही शामिल हुआ है। इससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस अपने ही कार्यकर्ताओं को भाजपा का बताकर झूठा माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। संदीपनी भारद्वाज के अनुसार, कांग्रेस अपनी जनविरोधी नीतियों, विफलताओं और भ्रष्टाचार से प्रदेश की जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के राजनीतिक नाटक रच रही है। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि भाजपा का समर्पित कार्यकर्ता पार्टी की विचारधारा के साथ मजबूती से खड़ा है और कांग्रेस के इस झूठे प्रचार से बिल्कुल भी प्रभावित होने वाला नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव नजदीक आने पर कुछ स्वार्थी और अवसरवादी लोग राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे हथकंडे अपनाते हैं, लेकिन प्रदेश की जनता यह सब देख और समझ रही है। भारद्वाज ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार को उसकी जनविरोधी नीतियों का करारा जवाब देगी, जिससे भाजपा एक बार फिर जनता के विश्वास के साथ प्रदेश में एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरेगी और कांग्रेस का यह झूठा नैरेटिव अब पूरी तरह बेनकाब हो चुका है।1
- नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने घुमारवीं में तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस बैठक में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई, जिसमें विशेष रूप से राज्य में स्थापित किए जा रहे कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) सेंटर, स्किल अकादमी केंद्रों को मजबूत करने और विभाग की भविष्य की कार्ययोजना की समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं और परियोजनाओं में समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री धर्माणी ने रेखांकित किया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का स्पष्ट लक्ष्य हिमाचल के युवाओं को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान कर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में घुमारवीं में एक स्किल अकादमी स्थापित करने और मल्टी स्किल व डिजिटल यूनिवर्सिटी विकसित करने की घोषणा की है। उन्होंने अधिकारियों को घुमारवीं में निर्माणाधीन स्किल अकादमी सेंटर का कार्य हर हाल में 30 जुलाई तक पूरा करने के निर्देश दिए। यह अत्याधुनिक स्किल सेंटर लगभग 4.5 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है और इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल मीडिया, भाषा कौशल सहित अन्य आधुनिक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे, ताकि युवाओं को नई तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिल सके। राजेश धर्माणी ने कहा कि राज्य सरकार तकनीकी शिक्षा को समय की मांग के अनुरूप आधुनिक स्वरूप प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसका उद्देश्य युवाओं को केवल प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसे कौशल से सशक्त बनाना है जिनकी आवश्यकता वर्तमान और भविष्य के उद्योगों में होगी। उन्होंने अधिकारियों से प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योगों की आवश्यकताओं से जोड़ते हुए अधिक उपयोगी और रोजगारोन्मुख बनाने पर जोर दिया। मंत्री ने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने और कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न करने के निर्देश दिए, ताकि प्रदेश तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में अग्रणी बन सके। बैठक में तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक रोहित राठौर, डिप्टी डायरेक्टर संजीव सहोत्रा, ललित शर्मा, रविंदर बनियाल, ज्वाइंट कंट्रोलर (फाइनेंस) नाग सिंह यादव, दिनेश शर्मा (ज्वाइंट डायरेक्टर), हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के जनरल मैनेजर अमित काल्थिक, घुमारवीं आईटीआई के प्रिंसिपल जनक सिंह, अनुदेशक कमल देव, करण सिंह ढटवालिया सहित विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।1
- लालरू के निकट सरसिनी चौक पर एक कंपनी की बस और महिंद्रा पिकअप के बीच एक गंभीर टक्कर हो गई। इस भीषण दुर्घटना में दोनों वाहनों के मध्य एक मोटरसाइकिल भी आ गई, जिसके कारण मोटरसाइकिल सवार की घटनास्थल पर ही दुखद मृत्यु हो गई। इस हादसे में कंपनी की बस में सवार लगभग 14 कर्मचारी भी घायल हुए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए अंबाला शहर के सिविल अस्पताल ले जाया गया।1