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अपरा एकादशी 2026 की तिथि को लेकर बना भ्रम अब दूर हो गया है; यह व्रत उदया तिथि के अनुसार 13 मई को रखा जाएगा। भगवान विष्णु को समर्पित यह एकादशी पापों का नाश कर जीवन में सुख-समृद्धि लाती है, जिसका पारण 14 मई को होगा।
प्रकाश जोशी
अपरा एकादशी 2026 की तिथि को लेकर बना भ्रम अब दूर हो गया है; यह व्रत उदया तिथि के अनुसार 13 मई को रखा जाएगा। भगवान विष्णु को समर्पित यह एकादशी पापों का नाश कर जीवन में सुख-समृद्धि लाती है, जिसका पारण 14 मई को होगा।
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- दुर्घटना को आमंत्रण देता सदर रोड पर जंग लगा बिजली का खंबा वार्ड पार्षद को नहीं है इसकी कोई जानकारी दुर्घटना को आमंत्रण देता सदर रोड पर जंग लगकर सड चुका वार्ड क्रमांक 11 का बिजली का खंबा नवापारा राजिम। नगर पालिका क्षेत्र के सबसे व्यस्ततम मार्ग सदर रोड में पुष्पा फोटो स्टूडियो के पास स्थित एक बिजली का खंबा जंग लगने के कारण खराब हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह खंबा कभी भी आंधी तूफान या तेज हवाओं में धराशायी हो सकता है। हाल ही में मौसम में लगातार बदलाव देखा जा रहा है और शाम के समय तेज हवाओं के साथ आंधी तूफान की संभावना रहती है। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि वार्ड नंबर 11स्थित यह खंबा सड़क पर चलते वाहन चालकों और राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। किसी भी समय खंबा टूट कर गिर सकता है, जिससे बड़ी दुर्घटना की आशंका है। उन्होंने बिजली विभाग से आग्रह किया है कि इस खंभे को तत्काल बदलकर सुरक्षित किया जाए। नगरवासियों का कहना है कि सदर रोड नगर का हृदय स्थल होने के कारण यहां आने-जाने वाले लोगों की संख्या अधिक रहती है, इसलिए सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह अत्यंत आवश्यक है कि बिजली विभाग तत्काल कार्रवाई करे। अगर समय रहते इसे ठीक नहीं किया गया तो गंभीर हादसे की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता.2
- छत्तीसगढ़ में 12वीं हिंदी परीक्षा पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी वेणु जंघेल को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरफ्तारी से इस बड़े घोटाले के पीछे की पूरी कड़ी खुलने की उम्मीद जगी है, जिससे लाखों छात्रों के भविष्य पर असर पड़ा था।1
- ऑनलाईन आईपीएल सट्टा संचालन मामले में दुर्ग पुलिस की लगातार कार्रवाई जारी, चार अन्य आरोपी गिरफ्तार, प्रकरण में अब तक कुल 07 आरोपी गिरफ्तार *ऑनलाईन आईपीएल सट्टा संचालन मामले में दुर्ग पुलिस की लगातार कार्रवाई जारी, चार अन्य आरोपी गिरफ्तार, प्रकरण में अब तक कुल 07 आरोपी गिरफ्तार* ▪️ *आईपीएल क्रिकेट मैच में मोबाईल फोन एवं ऑनलाइन एप के माध्यम से हार-जीत का सट्टा खिलाने वाले चार अन्य आरोपी गिरफ्तार* ▪️ *प्रकरण में पूर्व में गिरफ्तार 03 आरोपियों सहित कुल 07 आरोपियों के विरुद्ध छ.ग. जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई* ▪️ *आरोपियों के कब्जे से विभिन्न कंपनियों के मोबाईल फोन, नगदी रकम एवं सट्टा लेखा-जोखा संबंधित सामग्री जप्त* ▪️ *संगठित रूप से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालन करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया* संक्षिप्त विवरण : दिनांक 12.04.2026 को थाना सिटी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत कंडरापारा में मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ऋषभ नगर दुर्ग निवासी विकास जैन द्वारा आईपीएल क्रिकेट 20-20 मैच चेन्नई एवं दिल्ली के मध्य खेले जा रहे मैच में मोबाईल फोन एवं ऑनलाइन एप के माध्यम से हार-जीत का दांव लगाकर ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा है। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर कार्यवाही की गई। मौके पर तीन व्यक्तियों को मोबाईल फोन के माध्यम से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करते पाए जाने पर पूछताछ की गई, जिन्होंने अपना नाम विकास जैन, रौनक ताम्रकार एवं प्रवीण ताम्रकार बताया। आरोपियों के कब्जे से मोबाईल फोन, पॉकेट डायरी, नगदी रकम एवं ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से संबंधित सामग्री जप्त की गई। प्रकरण में थाना सिटी कोतवाली दुर्ग में अपराध क्रमांक 187/2026 धारा 4, 6, 7 छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 एवं धारा 112(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया। विवेचना के दौरान गिरफ्तार आरोपियों के मेमोरण्डम कथन के आधार पर प्रकरण में संलिप्त अन्य आरोपी अक्षत बोहरे, मोहम्मद आदिल, मोहम्मद अय्युब एवं प्रकाश सोनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने पर उनके कब्जे से चार अलग-अलग कंपनियों के मोबाईल फोन जप्त किए गए। सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रकरण में विवेचना जारी है। ▪️ घटना का कारण : आईपीएल क्रिकेट मैच में हार-जीत पर ऑनलाइन माध्यम से अवैध रूप से पैसों का दांव लगाकर आर्थिक लाभ अर्जित करना। ▪️ घटनास्थल : आरोपी विकास जैन का मकान, ऋषभ नगर, थाना सिटी कोतवाली, जिला दुर्ग। ▪️ आरोपी का नाम : *पूर्व में गिरफ्तार* 1. विकास जैन, उम्र 45 वर्ष, निवासी ऋषभ नगर दुर्ग 2. रौनक ताम्रकार, उम्र 38 वर्ष, निवासी शिवपारा दुर्ग 3. प्रवीण ताम्रकार, उम्र 20 वर्ष, निवासी गवलीपारा दुर्ग *आज दिनांक को गिरफ्तार* 4. अक्षत बोहरे, उम्र 39 वर्ष, निवासी गणपति विहार कॉलोनी, पद्मनाभपुर 5. मोहम्मद आदिल, उम्र 35 वर्ष, निवासी जवाहर चौक दुर्ग 6. मोहम्मद अय्युब, उम्र 49 वर्ष, निवासी डिपरापारा दुर्ग 7. प्रकाश सोनी, उम्र 49 वर्ष, निवासी मैथिलपारा दुर्ग ▪️ जप्त सामग्री : 1. 08 नग विभिन्न कंपनियों के मोबाईल फोन 2. नगदी रकम 9,810/- रुपये 3. सट्टा लेखा-जोखा संबंधित पॉकेट डायरी एवं डॉट पेन कुल जुमला कीमती लगभग 89,810/- रुपये। ▪️ सराहनीय भूमिका : उक्त कार्यवाही में थाना सिटी कोतवाली के उनि निर्मल सिंह ध्रुव, प्र.आर. राकेश निर्मलकर, आरक्षक कमलकांत अंगूरे, केशव कुमार, गजेन्द्र यादव तथा एसीसीयू टीम के सउनि संतोष कुमार मिश्रा, गुप्तेश्वर सिंह, भरत यादव, प्र.आर. प्रदीप सिंह, आरक्षक नासिर बक्श, जुगनू तिवारी एवं महिला आरक्षक प्रतिभा तिवारी की सराहनीय भूमिका रही। ▪️ दुर्ग पुलिस की अपील : दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी प्रकार के अवैध सट्टा, जुआ अथवा ऑनलाइन अवैध गतिविधियों से दूर रहें। इस प्रकार की गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें। अवैध सट्टा संचालन करने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। —0000—1
- कलम की चीख: जब एक बुजुर्ग पत्रकार को अपराधी बना दिया गया… कलम की चीख: जब एक बुजुर्ग पत्रकार को अपराधी बना दिया गया… गरियाबंद। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की हालत आज किस दौर से गुजर रही है, इसका दर्दनाक उदाहरण छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में देखने को मिला। वर्षों तक समाज की आवाज़ बनने वाला एक बुजुर्ग पत्रकार आज खुद व्यवस्था के सवालों के बीच खड़ा दिखाई दे रहा है। जिस व्यक्ति ने पूरी जिंदगी कलम के जरिए गरीबों, पीड़ितों और आम जनता की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुँचाया, आज उसी को अपराधी की तरह पेश किए जाने की कोशिश ने पूरे पत्रकार जगत को भीतर तक झकझोर दिया है। यह केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं है, बल्कि उस हर पत्रकार की पीड़ा है जो सच लिखने का साहस करता है। सवाल यह उठता है कि क्या अब सच बोलना और सच दिखाना भी गुनाह बन चुका है? जिस उम्र में इंसान सम्मान और शांति की उम्मीद करता है, उस उम्र में एक बुजुर्ग पत्रकार को मानसिक प्रताड़ना, अपमान और कार्रवाई का सामना करना पड़े — यह दृश्य केवल पत्रकार समाज ही नहीं, बल्कि हर संवेदनशील नागरिक को विचलित कर रहा है। आखिर वह कौन-सी गुंडागर्दी है, जो एक कमजोर, बुजुर्ग पत्रकार की आंखों में दिखाई दे रही है? क्या व्यवस्था अब इतनी असहज हो चुकी है कि सवाल पूछने वाली कलम भी उसे दुश्मन नजर आने लगी है? विडंबना देखिए… एक तरफ वे लोग जिन पर समाज में भय और हिंसा फैलाने के आरोप लगते रहे हैं, उनके लिए सुरक्षा के बड़े-बड़े इंतजाम किए जाते हैं। करोड़ों रुपए खर्च होते हैं। लेकिन दूसरी तरफ, जनता की आवाज़ उठाने वाला पत्रकार खुद असुरक्षित महसूस कर रहा है। पत्रकार कभी समाज का दुश्मन नहीं होता। पत्रकार वह आईना होता है जो सत्ता को उसकी सच्चाई दिखाता है। लेकिन जब सत्ता और व्यवस्था उसी आईने को तोड़ने लगे, तब समझ लेना चाहिए कि लोकतंत्र खतरे में है। आज गरियाबंद की यह घटना पूरे प्रदेश के पत्रकारों के मन में एक डर पैदा कर रही है। डर इस बात का कि कहीं कल सच लिखने की कीमत उन्हें भी न चुकानी पड़े। यदि एक बुजुर्ग पत्रकार सुरक्षित नहीं है, तो फिर आम नागरिक किस भरोसे न्याय और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की उम्मीद करेगा? प्रदेश के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai, गृहमंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों से पत्रकार समाज की यही मांग है कि इस मामले को केवल कानूनी कार्रवाई के नजरिए से नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों की दृष्टि से देखा जाए। क्योंकि अगर कलम डर गई… तो जनता की आवाज़ भी खामोश हो जाएगी। आज जरूरत है पत्रकारों को संरक्षण देने की, उन्हें सम्मान देने की, ताकि वे बिना भय के सच लिख सकें। लोकतंत्र की असली ताकत बंदूक नहीं, बल्कि स्वतंत्र कलम होती है। “अगर सच लिखना अपराध बन गया, तो आने वाला समय लोकतंत्र के लिए सबसे खतरनाक दौर साबित होगा।”1
- चंपावत जिले में एक नाबालिग लड़की के साथ कथित सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद देवभूमि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। चंपावत जिले में एक नाबालिग लड़की के साथ कथित सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद देवभूमि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। आरोपियों में एक आरोपी एक भाजपा नेता बताया जा रहा है1
- पानी की किल्लत पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, महिलाओं ने नेशनल हाईवे पर किया चक्का जाम पानी की किल्लत पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, महिलाओं ने नेशनल हाईवे पर किया चक्का जाम गरियाबंद। जिले के ग्राम पोड में पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सोमवार को सड़क पर देखने को मिला। गांव में लंबे समय से बनी पानी की समस्या से परेशान बड़ी संख्या में महिलाएं बाल्टी और गुंडी लेकर नेशनल हाईवे 130 पर बैठ गईं और चक्का जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। भीषण गर्मी में पानी की परेशानी बढ़ने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। चक्का जाम के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही पांडुका पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर जाम समाप्त कराने की कोशिश में जुट गई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पानी की व्यवस्था नहीं की गई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।2
- नल अंदर से फूटा हुआ है जमीन से निकल कर पानी निकल रहा हे जल्द से जल्द इसे ठीक करे पानी निकल कर बहे रहा है जमीन के निचे से फूटा हुआ है पाइप लाइन1
- कलम की चीख: जब एक बुजुर्ग पत्रकार को अपराधी बना दिया गया… कलम की चीख: जब एक बुजुर्ग पत्रकार को अपराधी बना दिया गया… संवाददाता धीरेंद्र कुमार जायसवाल/9131419735 गरियाबंद। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की हालत आज किस दौर से गुजर रही है, इसका दर्दनाक उदाहरण छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में देखने को मिला। वर्षों तक समाज की आवाज़ बनने वाला एक बुजुर्ग पत्रकार आज खुद व्यवस्था के सवालों के बीच खड़ा दिखाई दे रहा है। जिस व्यक्ति ने पूरी जिंदगी कलम के जरिए गरीबों, पीड़ितों और आम जनता की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुँचाया, आज उसी को अपराधी की तरह पेश किए जाने की कोशिश ने पूरे पत्रकार जगत को भीतर तक झकझोर दिया है। यह केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं है, बल्कि उस हर पत्रकार की पीड़ा है जो सच लिखने का साहस करता है। सवाल यह उठता है कि क्या अब सच बोलना और सच दिखाना भी गुनाह बन चुका है? जिस उम्र में इंसान सम्मान और शांति की उम्मीद करता है, उस उम्र में एक बुजुर्ग पत्रकार को मानसिक प्रताड़ना, अपमान और कार्रवाई का सामना करना पड़े — यह दृश्य केवल पत्रकार समाज ही नहीं, बल्कि हर संवेदनशील नागरिक को विचलित कर रहा है। आखिर वह कौन-सी गुंडागर्दी है, जो एक कमजोर, बुजुर्ग पत्रकार की आंखों में दिखाई दे रही है? क्या व्यवस्था अब इतनी असहज हो चुकी है कि सवाल पूछने वाली कलम भी उसे दुश्मन नजर आने लगी है? विडंबना देखिए… एक तरफ वे लोग जिन पर समाज में भय और हिंसा फैलाने के आरोप लगते रहे हैं, उनके लिए सुरक्षा के बड़े-बड़े इंतजाम किए जाते हैं। करोड़ों रुपए खर्च होते हैं। लेकिन दूसरी तरफ, जनता की आवाज़ उठाने वाला पत्रकार खुद असुरक्षित महसूस कर रहा है। पत्रकार कभी समाज का दुश्मन नहीं होता। पत्रकार वह आईना होता है जो सत्ता को उसकी सच्चाई दिखाता है। लेकिन जब सत्ता और व्यवस्था उसी आईने को तोड़ने लगे, तब समझ लेना चाहिए कि लोकतंत्र खतरे में है। आज गरियाबंद की यह घटना पूरे प्रदेश के पत्रकारों के मन में एक डर पैदा कर रही है। डर इस बात का कि कहीं कल सच लिखने की कीमत उन्हें भी न चुकानी पड़े। यदि एक बुजुर्ग पत्रकार सुरक्षित नहीं है, तो फिर आम नागरिक किस भरोसे न्याय और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की उम्मीद करेगा? प्रदेश के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai, गृहमंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों से पत्रकार समाज की यही मांग है कि इस मामले को केवल कानूनी कार्रवाई के नजरिए से नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों की दृष्टि से देखा जाए। क्योंकि अगर कलम डर गई… तो जनता की आवाज़ भी खामोश हो जाएगी। आज जरूरत है पत्रकारों को संरक्षण देने की, उन्हें सम्मान देने की, ताकि वे बिना भय के सच लिख सकें। लोकतंत्र की असली ताकत बंदूक नहीं, बल्कि स्वतंत्र कलम होती है। “अगर सच लिखना अपराध बन गया, तो आने वाला समय लोकतंत्र के लिए सबसे खतरनाक दौर साबित होगा।”1