*भारतीय संस्कृति के उत्कर्ष में निषाद समाज की अनुकरणीय भूमिका-योगी आदित्यनाथ* प्रयागराज, उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय श्री योगी आदित्यनाथ जी का माघ मेला भ्रमण के क्रम में प्रभु श्रीराम के बाल सखा महाराज निषादराज गुह्य वंशज डॉ०बी.के.कश्यप “निषाद” ने भेंट कर निषाद परंपरा के अनुरूप स्वागत अभिनन्दन किया। माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि भारतीय सभ्यता व सनातन संस्कृति के संरक्षण व व्यापकता में निषाद समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और जब एक बार फिर से सनातन धर्म के रक्षार्थ निषादराज गुह्य के वंशज स्वयं अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं तो निश्चित ही उसी गौरवशाली परंपरा व कालखंड की पुनर्स्थापना होगी जो प्रभु श्रीराम के कालखंड में हुई थी मैं निषादराज गुह्य के वंशज डॉ कश्यप जी को शुभकामनाएं व साधुवाद देता हूँ । उक्त विशेष अवसर पर जगद्गुरु श्री संतोष दास जी ‘सतुआ बाबा’, परमार्थ निकेतन, श्रृषिकेश के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज ‘मुनि जी’ सहित पूज्य साधु सन्तों की महनीय उपस्थिति रहीं हैं।
*भारतीय संस्कृति के उत्कर्ष में निषाद समाज की अनुकरणीय भूमिका-योगी आदित्यनाथ* प्रयागराज, उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय श्री योगी आदित्यनाथ जी का माघ मेला भ्रमण के क्रम में प्रभु श्रीराम के बाल सखा महाराज निषादराज गुह्य वंशज डॉ०बी.के.कश्यप “निषाद” ने भेंट कर निषाद परंपरा के अनुरूप स्वागत अभिनन्दन किया। माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि भारतीय सभ्यता व सनातन संस्कृति के संरक्षण व व्यापकता में निषाद समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और जब एक बार फिर से सनातन धर्म के रक्षार्थ निषादराज गुह्य के वंशज स्वयं अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं तो निश्चित ही उसी गौरवशाली परंपरा व कालखंड की पुनर्स्थापना होगी जो प्रभु श्रीराम के कालखंड में हुई थी मैं निषादराज गुह्य के वंशज डॉ कश्यप जी को शुभकामनाएं व साधुवाद देता हूँ । उक्त विशेष अवसर पर जगद्गुरु श्री संतोष दास जी ‘सतुआ बाबा’, परमार्थ निकेतन, श्रृषिकेश के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज ‘मुनि जी’ सहित पूज्य साधु सन्तों की महनीय उपस्थिति रहीं हैं।
- Ram LokBharari, Bilaspur🙏17 hrs ago
- Post by JGE News1
- जनपद प्रयागराज में डॉ. राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के भ्रमण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के साथ उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेन्द्र उपाध्याय जी ।1
- प्रयागराज पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सतुआ बाबा के शिविर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। अवसर था जगतगुरु रामानंदाचार्य के 726वें जन्मोत्सव का। इस गरिमामय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मंच पर कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में देशभर से पधारे कई बड़े संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को और भी भव्य बना दिया। #योगीआदित्यनाथ #प्रयागराज #सतुआबाबा #जगतगुरुरामानंदाचार्य #726वांजन्मोत्सव #सनातनसंस्कृति #संतसमागम #उत्तरप्रदेश1
- Post by Raju Yadav1
- चायल/कौशांबी.... चायल स्थित रामनाथ सिंह पीजी कॉलेज द्वारा आयोजित निशुल्क 12th...मेधा मूल्यांकन परीक्षा मे exam देते विद्यार्थी। लगभग 500 विद्यार्थी exam दे रहे हैं । 14 जनवरी को पुरस्कार वितरण किया जाएगा। नकल विहीन मेधा मूल्यांकन एग्जाम जारी। ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक prime 18 news1
- चित्रकूट जिले के कर्वी विकास खंड अन्तर्गत ग्राम पंचायत टिटिहरा में 05 वर्षों का विकास , नाली जल जमाव तथा रास्तों से ग्रामीण परेशान, अधिकारियों की साठगांठ से गांवों की व्यवस्था बदहाल।। #Chitrakoot #CMYogiAdityanath #BJPNEWS #Panchayat #PanchayatChunav2026 #CMYogi #बुन्देलखण्ड #viralchallenge #vairalreels1
- प्रयागराज माघ मेला 2026 में चल रहा कांग्रेस सेवा दल का शिविर, शिविर में हर रोज हो रहे सेवा के कार्य,सांसद उज्जवल रमण सिंह ने की शिरकत,बोले कांग्रेस सेवा दल का है सेवा से पुराना रिश्ता,आने वाले श्रद्धालुओं को चाय नाश्ता से लेकर,भंडारे का किया जा आयोजन,संगम में डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं को बांटे जा रहे हैं कंबल, रामचरित मानस पुस्तक,तुलसी का एक पौधा। पवनदेव,लोकप्रिय,1
- Post by JGE News1
- *भारतीय संस्कृति के उत्कर्ष में निषाद समाज की अनुकरणीय भूमिका-योगी आदित्यनाथ* प्रयागराज, उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय श्री योगी आदित्यनाथ जी का माघ मेला भ्रमण के क्रम में प्रभु श्रीराम के बाल सखा महाराज निषादराज गुह्य वंशज डॉ०बी.के.कश्यप “निषाद” ने भेंट कर निषाद परंपरा के अनुरूप स्वागत अभिनन्दन किया। माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि भारतीय सभ्यता व सनातन संस्कृति के संरक्षण व व्यापकता में निषाद समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और जब एक बार फिर से सनातन धर्म के रक्षार्थ निषादराज गुह्य के वंशज स्वयं अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं तो निश्चित ही उसी गौरवशाली परंपरा व कालखंड की पुनर्स्थापना होगी जो प्रभु श्रीराम के कालखंड में हुई थी मैं निषादराज गुह्य के वंशज डॉ कश्यप जी को शुभकामनाएं व साधुवाद देता हूँ । उक्त विशेष अवसर पर जगद्गुरु श्री संतोष दास जी ‘सतुआ बाबा’, परमार्थ निकेतन, श्रृषिकेश के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज ‘मुनि जी’ सहित पूज्य साधु सन्तों की महनीय उपस्थिति रहीं हैं।1