अमृतपुर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस: डीएम की सख्ती, कई अधिकारियों पर पेंडिंग मामलों पर फटकार, लेखपाल व सचिव के निलंबन के निर्देश अमृतपुर तहसील सभागार में शनिवार को जिलाधिकारी अंकुर लाठर एवं पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान जनसुनवाई में बड़ी संख्या में फरियादी पहुंचे और अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। समाधान दिवस में कुल 114 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से मौके पर मात्र 2 का ही निस्तारण किया जा सका। सर्वाधिक शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित रहीं। जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने छह माह से लंबित विरासत मामलों को लेकर कानूनगो को कड़ी फटकार लगाई। जोगराजपुर निवासी राकेश पुत्र शेर सिंह द्वारा तालाब में कूड़ा डाले जाने की शिकायत पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम की सख्ती का असर यह रहा कि कई अधिकारी उनके सामने आने से बचते नजर आए। इस बार समाधान दिवस में सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक भीड़ रही। एक समय ऐसा भी आया जब बड़ी संख्या में लोग एक साथ परिसर में प्रवेश कर गए, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बाद में उप जिलाधिकारी व पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। ग्राम पिथनापुर निवासी मनोज कुमार पुत्र छोटेलाल के 18 मई 2023 से लंबित मेड़बंदी प्रकरण में लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी ने लेखपाल उत्कर्ष दुबे को निलंबित करने के निर्देश दिए। पीड़ित के अनुसार धारा 24 के आदेश के बावजूद पक्की नाप नहीं की गई थी, जिस पर डीएम ने सख्त रुख अपनाया। इसके अलावा, एक अन्य मामले में पंचायत सचिव मानवेंद्र सिंह पर भी कार्रवाई की गई। फखरपुर निवासी रागिनी पत्नी योगेश दत्त, जो सामुदायिक शौचालय की केयरटेकर हैं, को जुलाई 2021 से मानदेय न मिलने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने सचिव को निलंबित करने के निर्देश दिए। सम्पूर्ण समाधान दिवस में हुई त्वरित कार्रवाइयों से आमजन में प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ता नजर आया।
अमृतपुर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस: डीएम की सख्ती, कई अधिकारियों पर पेंडिंग मामलों पर फटकार, लेखपाल व सचिव के निलंबन के निर्देश अमृतपुर तहसील सभागार में शनिवार को जिलाधिकारी अंकुर लाठर एवं पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान जनसुनवाई में बड़ी संख्या में फरियादी पहुंचे और अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। समाधान दिवस में कुल 114 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से मौके पर मात्र 2 का ही निस्तारण किया जा सका। सर्वाधिक शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित रहीं। जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने छह माह से लंबित विरासत मामलों को लेकर कानूनगो को कड़ी फटकार
लगाई। जोगराजपुर निवासी राकेश पुत्र शेर सिंह द्वारा तालाब में कूड़ा डाले जाने की शिकायत पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम की सख्ती का असर यह रहा कि कई अधिकारी उनके सामने आने से बचते नजर आए। इस बार समाधान दिवस में सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक भीड़ रही। एक समय ऐसा भी आया जब बड़ी संख्या में लोग एक साथ परिसर में प्रवेश कर गए, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बाद में उप जिलाधिकारी व पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। ग्राम पिथनापुर निवासी मनोज कुमार पुत्र छोटेलाल के 18 मई
2023 से लंबित मेड़बंदी प्रकरण में लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी ने लेखपाल उत्कर्ष दुबे को निलंबित करने के निर्देश दिए। पीड़ित के अनुसार धारा 24 के आदेश के बावजूद पक्की नाप नहीं की गई थी, जिस पर डीएम ने सख्त रुख अपनाया। इसके अलावा, एक अन्य मामले में पंचायत सचिव मानवेंद्र सिंह पर भी कार्रवाई की गई। फखरपुर निवासी रागिनी पत्नी योगेश दत्त, जो सामुदायिक शौचालय की केयरटेकर हैं, को जुलाई 2021 से मानदेय न मिलने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने सचिव को निलंबित करने के निर्देश दिए। सम्पूर्ण समाधान दिवस में हुई त्वरित कार्रवाइयों से आमजन में प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ता नजर आया।
- उत्तर प्रदेश विधानसभा में Yogi Adityanath ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए 1995 के चर्चित Guest House Kand का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह घटना सिर्फ एक राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि प्रदेश की राजनीति पर लगा ऐसा दाग है जिसे भुलाया नहीं जा सकता। जून 1995 में जब Mayawati ने समर्थन वापस लिया, तो तत्कालीन मुख्यमंत्री Mulayam Singh Yadav की सरकार अल्पमत में आ गई। इसी दौरान लखनऊ के मीराबाई गेस्ट हाउस में मायावती पर हमला हुआ, जहां सपाइयों की भीड़ ने अभद्रता और हिंसा की सारी हदें पार कर दीं। योगी आदित्यनाथ ने अपने बयान में खास तौर पर Brahm Dutt Dwivedi का जिक्र किया, जिन्होंने उस समय अपनी जान जोखिम में डालकर मायावती को भीड़ से बचाया था। बताया जाता है कि वे अकेले ही हमलावरों के सामने डट गए और मायावती को सुरक्षित बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई। योगी ने इस घटना को याद दिलाते हुए विपक्ष पर सवाल उठाए कि क्या ऐसी घटनाओं को भुलाया जा सकता है, और क्या यह वही राजनीति नहीं है जिसने लोकतंत्र को शर्मसार किया था। #cmyogi adityanath #viralpost #tranding #utter pradesh #farrukhabad1
- *‘अब हर कॉल पर तुरंत एक्शन’: SP ने 17 डायल-112 वाहनों को दिखाई हरी झंडी, रिस्पॉन्स टाइम सुधारने का दावा,फतेहगढ़ पुलिस लाइन से नई गाड़ियों की रवानगी; शहर से गांव तक गश्त तेज, हर शिकायत पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश* संवाददाता रामू राजपूत फर्रुखाबाद (फतेहगढ़)। आमजन की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए शनिवार को पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने पुलिस लाइन फतेहगढ़ परिसर से डायल 112 की 17 नई चार पहिया वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल को जिले में पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम को तेज और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। *रिस्पॉन्स टाइम होगा बेहतर, मौके पर पहुंचेगी पुलिस तेजी से* पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने इस मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि डायल 112 सेवा आमजन की त्वरित सहायता और सुरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। नई गाड़ियों के शामिल होने से पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम बेहतर होगा और घटनास्थल पर तेजी से पहुंचना संभव हो सकेगा। *शहर से लेकर गांव तक मजबूत होगी गश्त* एसपी ने स्पष्ट किया कि इन वाहनों के जरिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में गश्त को और सशक्त किया जाएगा। इससे न केवल अपराधियों पर नजर रखी जा सकेगी, बल्कि अपराध नियंत्रण में भी प्रभावी मदद मिलेगी। *हर कॉल पर संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई के निर्देश* पुलिस अधीक्षक ने सभी कर्मियों को निर्देश दिए कि डायल 112 पर आने वाली प्रत्येक कॉल पर तत्काल, संवेदनशील और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नई गाड़ियों की रवानगी के साथ फतेहगढ़ पुलिस ने साफ संकेत दे दिया है कि अब हर शिकायत पर तेज कार्रवाई होगी। इससे आमजन में सुरक्षा का भरोसा और मजबूत होने की उम्मीद है। वहीं एसपी आरती सिंह ने पूजा अर्चना करने के बाद हरी झंडी दिखाकर गाड़ियों को रवाना किया।4
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- अमृतपुर तहसील सभागार में शनिवार को जिलाधिकारी अंकुर लाठर एवं पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान जनसुनवाई में बड़ी संख्या में फरियादी पहुंचे और अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। समाधान दिवस में कुल 114 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से मौके पर मात्र 2 का ही निस्तारण किया जा सका। सर्वाधिक शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित रहीं। जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने छह माह से लंबित विरासत मामलों को लेकर कानूनगो को कड़ी फटकार लगाई। जोगराजपुर निवासी राकेश पुत्र शेर सिंह द्वारा तालाब में कूड़ा डाले जाने की शिकायत पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम की सख्ती का असर यह रहा कि कई अधिकारी उनके सामने आने से बचते नजर आए। इस बार समाधान दिवस में सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक भीड़ रही। एक समय ऐसा भी आया जब बड़ी संख्या में लोग एक साथ परिसर में प्रवेश कर गए, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बाद में उप जिलाधिकारी व पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। ग्राम पिथनापुर निवासी मनोज कुमार पुत्र छोटेलाल के 18 मई 2023 से लंबित मेड़बंदी प्रकरण में लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी ने लेखपाल उत्कर्ष दुबे को निलंबित करने के निर्देश दिए। पीड़ित के अनुसार धारा 24 के आदेश के बावजूद पक्की नाप नहीं की गई थी, जिस पर डीएम ने सख्त रुख अपनाया। इसके अलावा, एक अन्य मामले में पंचायत सचिव मानवेंद्र सिंह पर भी कार्रवाई की गई। फखरपुर निवासी रागिनी पत्नी योगेश दत्त, जो सामुदायिक शौचालय की केयरटेकर हैं, को जुलाई 2021 से मानदेय न मिलने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने सचिव को निलंबित करने के निर्देश दिए। सम्पूर्ण समाधान दिवस में हुई त्वरित कार्रवाइयों से आमजन में प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ता नजर आया।3
- देखिए पल भर में कैसे खत्म हो गई जिंदगी1
- Post by Ayan1
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