छतरपुर जिले के राजनगर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले हल्का शिवराजपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ दबंग भूमाफिया राजेंद्र सिंह यादव के संरक्षण में सुभाष चंद्र चौरसिया द्वारा अवैध प्लाटिंग और निर्माण कार्य बेखौफ जारी है। यह सब राजनगर तहसीलदार महोदय द्वारा खसरा नंबर 219/1/1 और 218/1/1, भियाताल रोड पर स्थित भूमि के लिए जारी किए गए स्थगन आदेश के बावजूद हो रहा है। यह मामला थाना बमीठा क्षेत्र से संबंधित है। उक्त भूमि, जो पूर्व में 2004 में मध्य प्रदेश शासन के नाम पर दर्ज थी, उसे कूटरचित दस्तावेज तैयार करके अपने नाम करा लिया गया है। यह पूरा मामला वर्तमान में कोर्ट में विचाराधीन है और इसमें तहसीलदार कोर्ट की भू राजस्व संहिता की धारा 151 का खुला उल्लंघन हो रहा है। नायब तहसीलदार सर्कल चंद्रनगर धीरज गौतम द्वारा 24 जून 2026 को स्थगन आदेश भी जारी किया गया था। इस धांधली में गरीब आदिवासियों के साथ धोखाधड़ी की जा रही है, क्योंकि उन्हें शासकीय भूमि के प्लॉट बेचे जा रहे हैं, जो 'सावधान ग्राहक सिद्धांत' के विरुद्ध है। यह कृत्य शासन को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान पहुँचा रहा है। स्थगन आदेश का पालन कराने के लिए बमीठा थाने, चंद्रनगर चौकी और हल्का पटवारी को मौके पर अवैध निर्माण कार्य बंद कराने और प्रतिवेदन पेश करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, हल्का पटवारी शिवराजपुर के छुट्टी पर होने के कारण पटवारी प्रतिवेदन पेश नहीं हो पाया, जिसका फायदा उठाकर भूमाफिया धड़ल्ले से निर्माण कार्य कर रहे हैं और तहसील के तहसीलदार महोदय के आदेश का सरेआम उल्लंघन कर रहे हैं। सरहदी किसानों ने इस मामले को लेकर तहसीलदार महोदय को लिखित आवेदन भी दिया है, लेकिन स्थगन आदेश का पालन नहीं कराया गया है, जिससे स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस तरह से भूमाफियाओं के हौसले बुलंद होते देख, यह कार्य प्रकृति के न्याय सिद्धांतों के विरुद्ध है और न्यायसंगत नहीं है। मीडिया के संज्ञान में यह मामला आने के बाद, अब यह देखना होगा कि जिले के ईमानदार कलेक्टर इस स्थगन आदेश के उल्लंघन पर क्या कार्रवाई करते हैं।
छतरपुर जिले के राजनगर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले हल्का शिवराजपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ दबंग भूमाफिया राजेंद्र सिंह यादव के संरक्षण में सुभाष चंद्र चौरसिया द्वारा अवैध प्लाटिंग और निर्माण कार्य बेखौफ जारी है। यह सब राजनगर तहसीलदार महोदय द्वारा खसरा नंबर 219/1/1 और 218/1/1, भियाताल रोड पर स्थित भूमि के लिए जारी किए गए स्थगन आदेश के बावजूद हो रहा है। यह मामला थाना बमीठा क्षेत्र से संबंधित है। उक्त भूमि, जो पूर्व में 2004 में मध्य प्रदेश शासन के नाम पर दर्ज थी, उसे कूटरचित दस्तावेज तैयार करके अपने नाम करा लिया गया है। यह पूरा मामला वर्तमान में कोर्ट में विचाराधीन है और इसमें तहसीलदार कोर्ट की
भू राजस्व संहिता की धारा 151 का खुला उल्लंघन हो रहा है। नायब तहसीलदार सर्कल चंद्रनगर धीरज गौतम द्वारा 24 जून 2026 को स्थगन आदेश भी जारी किया गया था। इस धांधली में गरीब आदिवासियों के साथ धोखाधड़ी की जा रही है, क्योंकि उन्हें शासकीय भूमि के प्लॉट बेचे जा रहे हैं, जो 'सावधान ग्राहक सिद्धांत' के विरुद्ध है। यह कृत्य शासन को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान पहुँचा रहा है। स्थगन आदेश का पालन कराने के लिए बमीठा थाने, चंद्रनगर चौकी और हल्का पटवारी को मौके पर अवैध निर्माण कार्य बंद कराने और प्रतिवेदन पेश करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, हल्का पटवारी शिवराजपुर के छुट्टी पर होने के कारण पटवारी प्रतिवेदन
पेश नहीं हो पाया, जिसका फायदा उठाकर भूमाफिया धड़ल्ले से निर्माण कार्य कर रहे हैं और तहसील के तहसीलदार महोदय के आदेश का सरेआम उल्लंघन कर रहे हैं। सरहदी किसानों ने इस मामले को लेकर तहसीलदार महोदय को लिखित आवेदन भी दिया है, लेकिन स्थगन आदेश का पालन नहीं कराया गया है, जिससे स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस तरह से भूमाफियाओं के हौसले बुलंद होते देख, यह कार्य प्रकृति के न्याय सिद्धांतों के विरुद्ध है और न्यायसंगत नहीं है। मीडिया के संज्ञान में यह मामला आने के बाद, अब यह देखना होगा कि जिले के ईमानदार कलेक्टर इस स्थगन आदेश के उल्लंघन पर क्या कार्रवाई करते हैं।
- छतरपुर जिले के राजनगर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले हल्का शिवराजपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ दबंग भूमाफिया राजेंद्र सिंह यादव के संरक्षण में सुभाष चंद्र चौरसिया द्वारा अवैध प्लाटिंग और निर्माण कार्य बेखौफ जारी है। यह सब राजनगर तहसीलदार महोदय द्वारा खसरा नंबर 219/1/1 और 218/1/1, भियाताल रोड पर स्थित भूमि के लिए जारी किए गए स्थगन आदेश के बावजूद हो रहा है। यह मामला थाना बमीठा क्षेत्र से संबंधित है। उक्त भूमि, जो पूर्व में 2004 में मध्य प्रदेश शासन के नाम पर दर्ज थी, उसे कूटरचित दस्तावेज तैयार करके अपने नाम करा लिया गया है। यह पूरा मामला वर्तमान में कोर्ट में विचाराधीन है और इसमें तहसीलदार कोर्ट की भू राजस्व संहिता की धारा 151 का खुला उल्लंघन हो रहा है। नायब तहसीलदार सर्कल चंद्रनगर धीरज गौतम द्वारा 24 जून 2026 को स्थगन आदेश भी जारी किया गया था। इस धांधली में गरीब आदिवासियों के साथ धोखाधड़ी की जा रही है, क्योंकि उन्हें शासकीय भूमि के प्लॉट बेचे जा रहे हैं, जो 'सावधान ग्राहक सिद्धांत' के विरुद्ध है। यह कृत्य शासन को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान पहुँचा रहा है। स्थगन आदेश का पालन कराने के लिए बमीठा थाने, चंद्रनगर चौकी और हल्का पटवारी को मौके पर अवैध निर्माण कार्य बंद कराने और प्रतिवेदन पेश करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, हल्का पटवारी शिवराजपुर के छुट्टी पर होने के कारण पटवारी प्रतिवेदन पेश नहीं हो पाया, जिसका फायदा उठाकर भूमाफिया धड़ल्ले से निर्माण कार्य कर रहे हैं और तहसील के तहसीलदार महोदय के आदेश का सरेआम उल्लंघन कर रहे हैं। सरहदी किसानों ने इस मामले को लेकर तहसीलदार महोदय को लिखित आवेदन भी दिया है, लेकिन स्थगन आदेश का पालन नहीं कराया गया है, जिससे स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस तरह से भूमाफियाओं के हौसले बुलंद होते देख, यह कार्य प्रकृति के न्याय सिद्धांतों के विरुद्ध है और न्यायसंगत नहीं है। मीडिया के संज्ञान में यह मामला आने के बाद, अब यह देखना होगा कि जिले के ईमानदार कलेक्टर इस स्थगन आदेश के उल्लंघन पर क्या कार्रवाई करते हैं।3
- रीवा कलेक्ट्रेट में तेज-तर्रार कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी से संबंधित एक रील के वायरल होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिसने पूरे क्षेत्र में खासा हड़कंप मचा दिया है।1
- मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित राज्य स्तरीय साइबर सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान "SAFE CLICK-2026 2.0" के अंतर्गत पन्ना जिले में व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस अधीक्षक पन्ना श्रीमती निवेदिता नायडू के निर्देशन में अभियान के सातवें दिन, 30 जून 2026 को, जिले के समस्त थाना क्षेत्रों के प्रमुख बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर "साइबर जागरूकता" पर विशेष कार्यक्रम हुए। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने साइबर सुरक्षा रैलियां निकालीं और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। नुक्कड़ नाटकों में साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों का सजीव मंचन कर यह समझाया गया कि कैसे अपराधी लोगों को झांसे में लेकर आर्थिक नुकसान पहुँचाते हैं, और सतर्कता व जागरूकता से इन अपराधों से बचा जा सकता है। नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी, फर्जी बैंक अधिकारी बनकर की जाने वाली ठगी, ऑनलाइन लोन, सोशल मीडिया फ्रॉड, फर्जी नौकरी के ऑफर, ओटीपी शेयरिंग, क्यूआर कोड स्कैम, स्क्रीन शेयरिंग ऐप, तथा संदिग्ध लिंक और APK फ़ाइलों से होने वाली साइबर धोखाधड़ी के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें सलाह दी गई कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, सीवीवी, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अज्ञात एप्लिकेशन डाउनलोड करने से बचें। साइबर सुरक्षा रैली के दौरान साइबर सुरक्षा संबंधी संदेशों वाले पोस्टर, बैनर और पेम्फलेट वितरित किए गए, साथ ही लाउडस्पीकर के माध्यम से साइबर अपराधों से बचाव संबंधी संदेशों का व्यापक प्रसार किया गया। बाजारों में उपस्थित व्यापारियों, दुकानदारों, ग्राहकों, युवाओं और आम नागरिकों से संवाद स्थापित कर उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in का भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। नागरिकों को बताया गया कि साइबर धोखाधड़ी होने पर बिना विलंब किए तत्काल 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें, क्योंकि समय पर शिकायत दर्ज कराने से धोखाधड़ी की गई धनराशि को होल्ड अथवा रिकवर किए जाने की संभावना अधिक रहती है। पन्ना पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार, मित्रों, पड़ोसियों एवं समाज के अन्य लोगों को भी साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी देकर एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण के निर्माण में सहभागी बनें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी या संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तत्काल 1930 पर देने अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने का भी आग्रह किया गया है।4
- छतरपुर जिले के अलीपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत झांसी-खजुराहो फोर लेन पर स्थित एक किसान के खेत में जला हुआ शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना के बाद, पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर लिया है और इस संबंध में आगे की जांच शुरू कर दी है।1
- छतरपुर जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मनकारी निवासी राघवेंद्र पटेल के परिजनों ने आज 30 जून को जिला कलेक्टर को एक आवेदन सौंपा है, जिसमें विरोधी पक्ष पर राघवेंद्र को हत्या और जानलेवा हमले के झूठे मामलों में दोबारा फंसाने की गंभीर साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। परिजनों का कहना है कि इस साजिश के चलते राघवेंद्र की जान-माल की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया है। आवेदन में बताया गया है कि 21 दिसंबर 2025 को ग्राम मनकारी में जमीन विवाद को लेकर हुए एक विवाद में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जिस पर महाराजपुर पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया था। राघवेंद्र पटेल का आरोप है कि घटना के समय वह मौके पर मौजूद नहीं था, इसके बावजूद विरोधी पक्ष के दबाव में पुलिस ने उसे मेमोरेंडम के आधार पर सह-आरोपी बनाकर जेल भेज दिया था। मामले में 19 जून 2026 को जबलपुर हाई कोर्ट ने राघवेंद्र की जमानत मंजूर कर दी थी, जिसके बाद वह जेल से बाहर आया। अब परिजनों का आरोप है कि जमानत मिलने से नाराज विरोधी पक्ष के लोग उसे दोबारा जेल भिजवाने के लिए फर्जी चोटें दिखाकर पुलिस और अधिकारियों से झूठी शिकायतें कर रहे हैं। राघवेंद्र ने बताया है कि जेल से रिहा होने के बाद वह अपने गांव मनकारी नहीं गया है और वर्तमान में छतरपुर में अपने रिश्तेदारों के यहां रह रहा है। उसने प्रशासन से अपनी मोबाइल लोकेशन की जांच करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। परिजनों ने प्रशासनिक अधिकारियों से इस मामले में उचित कार्रवाई की गुहार लगाई है।1
- छतरपुर जिला मुख्यालय के प्रसिद्ध मोटे के महावीर मंदिर परिसर में जिला स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में छतरपुर विधायक ललिता यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष विद्या अग्निहोत्री, नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति चौरसिया, कलेक्टर पार्थ जैसवाल और जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी भी मौजूद थे। राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का संदेश पढ़ा और जल गंगा संवर्धन अभियान में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं, छतरपुर विधायक ललिता यादव ने नगर के तालाबों और नालों पर हुए अतिक्रमण को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जल्द ही सीमांकन कराया जाएगा और प्रशासन की मदद से सभी अवैध अतिक्रमणों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। विधायक यादव ने यह भी स्वीकार किया कि इस कार्रवाई से कुछ लोग नाराज़ हो सकते हैं, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि शहर के हित में यह कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है।1
- Post by Hargovind recvar2
- पन्ना जिले में सूदखोरों द्वारा पिछले 6 साल से 10% ब्याज की वसूली के गंभीर मामले के बीच दो सगे भाई अचानक लापता हो गए हैं। इस घटना के बाद से परिवार में गहरा हड़कंप और चिंता व्याप्त है, क्योंकि सूदखोरों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। परिवार न्याय और लापता भाइयों की तलाश में पुलिस कार्रवाई का इंतजार कर रहा है, जिसके अभाव में उनकी बेचैनी बढ़ती जा रही है।1