बारां में फ्रेंड्स महिला क्लब ने बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ गंगा दशहरा का पर्व मनाया। ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को मनाए जाने वाले इस पवित्र त्योहार को सनातन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी पावन तिथि पर मां गंगा का स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। फ्रेंड्स महिला क्लब की संस्थापिका अध्यक्ष सपना गोयल ने इस उत्सव के धार्मिक महत्व के बारे में जानकारी दी, और इस अवसर पर गर्मी से राहत देने वाली शीतल शरबत का वितरण भी किया गया। सपना गोयल ने पर्व के पौराणिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि राजा सगर के 60,000 पुत्रों के उद्धार के लिए उनके वंशज राजा भगीरथ ने वर्षों तक कठोर तपस्या की थी। भगीरथ की भक्ति से प्रसन्न होकर ब्रह्मा जी ने गंगा को पृथ्वी पर भेजने की अनुमति दी, लेकिन गंगा का प्रचंड वेग संभालने के लिए भगवान शिव ने उन्हें अपनी जटाओं में धारण किया, जिसके बाद वे पृथ्वी पर प्रवाहित हुईं। ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के दिन ही मां गंगा पृथ्वी पर प्रकट हुईं, जिसे 'गंगा अवतरण दिवस' या गंगा का जन्मदिन भी कहा जाता है। इस पवित्र दिन पर गंगा स्नान का विशेष महत्व है, और इसके साथ ही दान-पुण्य करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। क्लब अध्यक्ष ने बताया कि परंपरा के अनुसार, इस दिन मुख्य रूप से गर्मी से राहत देने वाली और शीतल वस्तुओं का दान किया जाता है। इनमें सत्तू, जल, मिट्टी का मटका (घड़ा), हाथ का पंखा, मौसमी फल जैसे तरबूज और आम, तथा वस्त्र आदि शामिल हैं। सपना गोयल ने सभी श्रद्धालुओं से इस पावन अवसर पर मां गंगा की आराधना करने और जरूरतमंदों को शीतल वस्तुओं का दान कर पुण्य कमाने की अपील की। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सपना गोयल के साथ अंजना अरोड़ा, आशा बटला, हेमलता सोनी और अन्य महिलाओं का विशेष सहयोग रहा।
बारां में फ्रेंड्स महिला क्लब ने बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ गंगा दशहरा का पर्व मनाया। ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को मनाए जाने वाले इस पवित्र त्योहार को सनातन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी पावन तिथि पर मां गंगा का स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। फ्रेंड्स महिला क्लब की संस्थापिका अध्यक्ष सपना गोयल ने इस उत्सव के धार्मिक महत्व के बारे में जानकारी दी, और इस अवसर
पर गर्मी से राहत देने वाली शीतल शरबत का वितरण भी किया गया। सपना गोयल ने पर्व के पौराणिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि राजा सगर के 60,000 पुत्रों के उद्धार के लिए उनके वंशज राजा भगीरथ ने वर्षों तक कठोर तपस्या की थी। भगीरथ की भक्ति से प्रसन्न होकर ब्रह्मा जी ने गंगा को पृथ्वी पर भेजने की अनुमति दी, लेकिन गंगा का प्रचंड वेग संभालने के लिए भगवान शिव ने उन्हें अपनी जटाओं में
धारण किया, जिसके बाद वे पृथ्वी पर प्रवाहित हुईं। ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के दिन ही मां गंगा पृथ्वी पर प्रकट हुईं, जिसे 'गंगा अवतरण दिवस' या गंगा का जन्मदिन भी कहा जाता है। इस पवित्र दिन पर गंगा स्नान का विशेष महत्व है, और इसके साथ ही दान-पुण्य करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। क्लब अध्यक्ष ने बताया कि परंपरा के अनुसार, इस दिन मुख्य रूप से गर्मी से राहत देने वाली और शीतल वस्तुओं का
दान किया जाता है। इनमें सत्तू, जल, मिट्टी का मटका (घड़ा), हाथ का पंखा, मौसमी फल जैसे तरबूज और आम, तथा वस्त्र आदि शामिल हैं। सपना गोयल ने सभी श्रद्धालुओं से इस पावन अवसर पर मां गंगा की आराधना करने और जरूरतमंदों को शीतल वस्तुओं का दान कर पुण्य कमाने की अपील की। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सपना गोयल के साथ अंजना अरोड़ा, आशा बटला, हेमलता सोनी और अन्य महिलाओं का विशेष सहयोग रहा।
- राजस्थान के छीपाबड़ौद के सारथल स्थित परवन पुलिया पर रविवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें ग्राम पंचायत के उपसरपंच ओमप्रकाश मीणा की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब तेज रफ्तार बोलेरो ने सामने से आ रही एक बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इस टक्कर के परिणामस्वरूप, बाइक सवार उपसरपंच ओमप्रकाश मीणा ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि बाइक पर सवार एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल व्यक्ति को तुरंत छीपाबड़ौद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तेज रफ्तार बोलेरो भी अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के तुरंत बाद, बोलेरो में सवार सभी यात्री वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस ने इस मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया है और फरार बोलेरो सवारों की तलाश शुरू कर दी है। उपसरपंच ओमप्रकाश मीणा की असामयिक मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।1
- गुना जिले के बमौरी विधानसभा क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित विद्युत कटौती को लेकर क्षेत्रीय विधायक इंजीनियर ऋषि अग्रवाल ने कड़ा रुख अपनाया है। क्षेत्र की बदहाल बिजली व्यवस्था से परेशान ग्रामीणों को साथ लेकर विधायक इंजी. ऋषि अग्रवाल सीधे बिजली कंपनी के मुख्यालय पहुंचे और वहां महाप्रबंधक से मुलाकात की। विधायक ऋषि अग्रवाल ने महाप्रबंधक को जमीनी हकीकत से अवगत कराते हुए बताया कि बिजली कंपनी द्वारा मेंटेनेंस के नाम पर लगातार अघोषित कटौती की जा रही है, जिससे पूरा बमौरी क्षेत्र गंभीर रूप से प्रभावित है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि बिजली गुल रहने के कारण किसानों की फसलों और सब्जियों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। साथ ही, ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में भी रोजाना 4 से 5 घंटे की भारी कटौती की जा रही है। चर्चा के दौरान, विधायक ने बिजली कंपनी के अधिकारियों को विद्युत प्रदाय और तकनीकी सुधार से संबंधित कई महत्वपूर्ण व्यावहारिक सुझाव भी दिए, ताकि अकारण होने वाली ट्रिपिंग और कटौती को रोका जा सके। इस पर बिजली कंपनी के महाप्रबंधक ने विधायक और ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था में जल्द ही आवश्यक सुधार किया जाएगा और सुचारू रूप से बिजली सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी।2
- मध्यप्रदेश के गुना जिले में भीषण गर्मी और अघोषित बिजली कटौती से परेशान लगभग 100 गाँवों के ग्रामीणों का सब्र टूट गया। नौतपा के शुरू होते ही पारे के 40 डिग्री के पार जाने से लोग बेहाल हैं, और इसी बीच बिजली कटौती की 'डबल मार' ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। अपनी समस्या को लेकर बमोरी विधानसभा से लगे इन गाँवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में कांग्रेस विधायक ऋषि अग्रवाल के साथ गुना स्थित मध्यप्रदेश विद्युत मंडल कार्यालय पहुंचे और उसका घेराव किया। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्युत मंडल सालभर मेंटेनेंस के नाम पर दिन या रात किसी भी समय बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली काट देता है। कई बार शिकायत करने के बावजूद, लोड शेडिंग का बहाना बनाकर रात में भी कई दफा बिजली गुल कर दी जाती है। ग्रामीणों ने अपनी इस गंभीर समस्या से बमोरी विधायक ऋषि अग्रवाल को अवगत कराया। विधायक ने तुरंत विद्युत मंडल के अधिकारियों से चर्चा की, जिस पर अधिकारियों ने जल्द से जल्द सुधार का आश्वासन दिया है।2
- झालावाड़ पुलिस इन दिनों अपराधियों के लिए शामत बन रही है, जहां मामलों के सामने आने के बाद अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में, पुलिस ने आमजन में विश्वास और अपराधियों में खौफ का नजारा पेश करते हुए एक हिस्ट्रीशीटर का जुलूस निकाला और मौके पर तस्दीक कराई। यह मामला सुनेल कस्बे के हिस्ट्रीशीटर बल्लू उर्फ रामलाल गुर्जर से जुड़ा है, जिस पर एक प्लॉट पर कब्जा कर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप है। सुनेल पुलिस ने आरोपी को पुलिस बल के साथ कस्बे में पैदल घुमाकर घटनास्थल की तस्दीक करवाई। इस कार्रवाई से पहले आरोपी का क्षेत्र में दबदबा था, लेकिन पुलिस की इस पहल से लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है। आरोपी फिलहाल दो दिन के रिमांड पर है। गौरतलब है कि पुलिस गिरफ्तारी के साथ-साथ अपराधियों की संपत्तियों को सीज करने और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने में भी देर नहीं करती। पिछले दिनों बल्लू उर्फ रामलाल गुर्जर के दोनों भाइयों की अवैध संपत्तियों को भी ध्वस्त किया गया था।2
- शाहाबाद उपखंड क्षेत्र के सीताबाड़ी में इन दिनों ग्राम पंचायत केलवाड़ा एवं ग्राम पंचायत दांता के संयुक्त तत्वाधान में सहरीया लघु कुंभ मेले का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में रविवार को मेले में एक रंगारंग आर्केस्ट्रा पार्टी का कार्यक्रम रखा गया, जिसमें दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और लोग देर रात तक जमे रहे। दर्शकों ने देर रात तक जागकर इस रंगारंग आर्केस्ट्रा कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया। नृत्य करती हुई बालाओं ने अपने प्रदर्शन से सभी का मन मोह लिया। इस दौरान दर्शकों की खूब फरमाइशें चलीं और नृत्य बालाओं ने इनाम भी बटोरे। कार्यक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन भी असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर बनाए हुए था।2
- कोटा शहर जिला पुलिस ने रविवार को 'संडे ऑन साइकिल' अभियान का आयोजन किया। कोटा शहर पुलिस एडिशनल एसपी सुभाष मिश्रा ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पुलिस कर्मियों और आम जनता में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करना और ईंधन बचाने के लिए प्रेरित करना था। यह कार्यक्रम सुबह रिजर्व पुलिस लाइन से शुरू हुआ। साइकिल रैली रिजर्व पुलिस लाइन से ग्लोब सर्किल, गार्डन सर्किल, जैन दिवाकर, सेवन वंडर्स, और जेडीबी होते हुए वापस रिजर्व पुलिस लाइन पहुंची। कोटा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक हरेंद्र महावर और कोटा शहर पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। इसमें कोटा शहर, कोटा ग्रामीण और आरएसी द्वितीय बटालियन के लगभग 200 अधिकारी और जवान शामिल थे। इस 'संडे ऑन साइकिल' अभियान के माध्यम से पुलिस जवानों ने फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया।1
- यह प्राणायाम फेफड़ों का विस्तार करने और कंधों को घुमाकर शारीरिक लचीलेपन को बढ़ाने के लिए सबसे शक्तिशाली अभ्यासों में से एक बताया गया है। संदेश में लोगों से इस प्राणायाम को सीखने और इसका अभ्यास करने का आग्रह किया गया है। साथ ही, दर्शकों से आग्रह किया गया है कि वे वीडियो को लाइक करें, कमेंट करें और अपने दोस्तों व परिवार के सदस्यों के साथ साझा करें। धन्यवाद।1
- छीपाबड़ौद उपखण्ड क्षेत्र के ग्राम टांचा स्थित श्री राम जानकी मंदिर परिसर में रविवार को मेहर समाज की एक विशाल बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मंदिर निर्माण कार्य का आय-व्यय ब्यौरा प्रस्तुत करना और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करते हुए शिक्षा को बढ़ावा देने पर विशेष जोर देना था। बैठक में मंदिर निर्माण को लेकर समाज बंधुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर गहन चर्चा के बाद एक नवीन मंदिर समिति गठित करने पर भी विचार-विमर्श किया गया, जिसमें सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि अगली बैठक में नई मंदिर समिति का गठन किया जाएगा। इस अवसर पर हाड़ौती संभाग और मध्यप्रदेश से आए अतिथियों तथा समाज बंधुओं का साफा व माला पहनाकर स्वागत और सम्मान किया गया। इस बैठक में बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने हिस्सा लेकर अपनी एकता का परिचय दिया।2
- शाहाबाद उपखण्ड क्षेत्र में संचालित माँ बाड़ी केंद्रों और डे केयर सेंटरों में कार्यरत शिक्षा सहयोगियों ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर शाहाबाद को एक ज्ञापन सौंपा है। राजस्थान शिक्षा सहयोगी संघ के लेटर पैड पर दिए गए इस ज्ञापन में भीषण गर्मी के कारण क्षतिग्रस्त माँ बाड़ी केंद्रों एवं डे केयर सेंटरों में तत्काल ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित करने की मांग की गई है। शिक्षा सहयोगियों ने पूरे राजस्थान में भीषण गर्मी के मद्देनजर छोटे बच्चों के लिए अवकाश घोषित करने की अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से जनजाति क्षेत्र में आने वाले माँ बाड़ी केंद्रों और डे केयर सेंटरों का उल्लेख किया, जहाँ छोटे-छोटे बच्चे इतनी गर्मी में भी पढ़ने आ रहे हैं, जबकि ऐसी परिस्थितियों में उनका घर से बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक और जानलेवा हो सकता है। जिले में कुल 320 माँ बाड़ी केंद्र एवं डे केयर सेंटर संचालित हैं, जिनमें लगभग 9600 छोटे बच्चों का नामांकन है, और शिक्षा सहयोगियों के अनुसार, उनका भविष्य अंधकारमय है। ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि वर्तमान में अधिकतर माँ बाड़ी केंद्र और डे केयर सेंटर टीन शेड में चल रहे हैं, जहाँ बिजली और पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। भीषण गर्मी के कारण बच्चे केंद्रों पर ठहर नहीं पाते हैं। अतः, सरकार से मांग की गई है कि इन केंद्रों के लिए पक्के भवन उपलब्ध कराए जाएँ और बिजली-पानी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस दौरान दो दर्जन से अधिक शिक्षा सहयोगी ज्ञापन सौंपते समय मौजूद रहे।1