शाहाबाद उपखण्ड क्षेत्र में संचालित माँ बाड़ी केंद्रों और डे केयर सेंटरों में कार्यरत शिक्षा सहयोगियों ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर शाहाबाद को एक ज्ञापन सौंपा है। राजस्थान शिक्षा सहयोगी संघ के लेटर पैड पर दिए गए इस ज्ञापन में भीषण गर्मी के कारण क्षतिग्रस्त माँ बाड़ी केंद्रों एवं डे केयर सेंटरों में तत्काल ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित करने की मांग की गई है। शिक्षा सहयोगियों ने पूरे राजस्थान में भीषण गर्मी के मद्देनजर छोटे बच्चों के लिए अवकाश घोषित करने की अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से जनजाति क्षेत्र में आने वाले माँ बाड़ी केंद्रों और डे केयर सेंटरों का उल्लेख किया, जहाँ छोटे-छोटे बच्चे इतनी गर्मी में भी पढ़ने आ रहे हैं, जबकि ऐसी परिस्थितियों में उनका घर से बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक और जानलेवा हो सकता है। जिले में कुल 320 माँ बाड़ी केंद्र एवं डे केयर सेंटर संचालित हैं, जिनमें लगभग 9600 छोटे बच्चों का नामांकन है, और शिक्षा सहयोगियों के अनुसार, उनका भविष्य अंधकारमय है। ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि वर्तमान में अधिकतर माँ बाड़ी केंद्र और डे केयर सेंटर टीन शेड में चल रहे हैं, जहाँ बिजली और पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। भीषण गर्मी के कारण बच्चे केंद्रों पर ठहर नहीं पाते हैं। अतः, सरकार से मांग की गई है कि इन केंद्रों के लिए पक्के भवन उपलब्ध कराए जाएँ और बिजली-पानी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस दौरान दो दर्जन से अधिक शिक्षा सहयोगी ज्ञापन सौंपते समय मौजूद रहे।
शाहाबाद उपखण्ड क्षेत्र में संचालित माँ बाड़ी केंद्रों और डे केयर सेंटरों में कार्यरत शिक्षा सहयोगियों ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर शाहाबाद को एक ज्ञापन सौंपा है। राजस्थान शिक्षा सहयोगी संघ के लेटर पैड पर दिए गए इस ज्ञापन में भीषण गर्मी के कारण क्षतिग्रस्त माँ बाड़ी केंद्रों एवं डे केयर सेंटरों में तत्काल ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित करने की मांग की गई है। शिक्षा सहयोगियों ने पूरे राजस्थान में भीषण गर्मी के मद्देनजर छोटे बच्चों के लिए अवकाश घोषित करने की अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से जनजाति क्षेत्र में आने वाले माँ बाड़ी केंद्रों और डे केयर सेंटरों का उल्लेख किया, जहाँ छोटे-छोटे बच्चे इतनी गर्मी में भी पढ़ने आ रहे हैं, जबकि ऐसी परिस्थितियों में उनका घर से बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक और जानलेवा हो सकता है। जिले में कुल 320 माँ बाड़ी केंद्र एवं डे केयर सेंटर संचालित हैं, जिनमें लगभग 9600 छोटे बच्चों का नामांकन है, और शिक्षा सहयोगियों के अनुसार, उनका भविष्य अंधकारमय है। ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि वर्तमान में अधिकतर माँ बाड़ी केंद्र और डे केयर सेंटर टीन शेड में चल रहे हैं, जहाँ बिजली और पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। भीषण गर्मी के कारण बच्चे केंद्रों पर ठहर नहीं पाते हैं। अतः, सरकार से मांग की गई है कि इन केंद्रों के लिए पक्के भवन उपलब्ध कराए जाएँ और बिजली-पानी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस दौरान दो दर्जन से अधिक शिक्षा सहयोगी ज्ञापन सौंपते समय मौजूद रहे।
- शाहाबाद उपखंड क्षेत्र के सीताबाड़ी में आयोजित होने वाले सहरिया लघु कुंभ मेले की समय सीमा को एक दिन बढ़ा दिया गया है। यह मेला, जिसका शुभारंभ 16 मई को शनिवार, बड़ पूजनी अमावस्या और शनिवारी अमावस्या के दिन हुआ था, मूल रूप से 26 मई मंगलवार तक आयोजित होना प्रस्तावित था। ग्राम पंचायत केलवाड़ा एवं दांता के अनुरोध पर और लोगों की जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए, कार्यालय उप जिला मजिस्ट्रेट शाहाबाद द्वारा उपखंड अधिकारी ने आदेश जारी कर मेले की अवधि बढ़ाई है। नए आदेश के अनुसार, सीताबाड़ी सहरिया लघु कुंभ मेला अब 26 मई के बजाय 27 मई बुधवार तक आयोजित किया जाएगा। इस निर्णय से मेले में पहुँचने वाले दर्शनार्थियों, मेला प्रेमियों और दुकानदारों में खुशी की लहर दौड़ गई है।1
- झालावाड़-बारां मेगा हाईवे पर बिलासरा के समीप सोमवार को एक बड़ा हादसा सामने आया, जहाँ सड़क किनारे गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन का तार अचानक टूटकर गिरने से चार बकरियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। बिलासरा निवासी उदयलाल गुर्जर ने बताया कि उनकी बकरियाँ रोज़ाना की तरह खेत से चरकर घर लौट रही थीं। इसी दौरान, तेज़ हवा चलने के कारण पास ही स्थित सोलर प्लांट से आ रही बिजली की लाइन मुख्य हाईटेंशन लाइन के खंभे से टकरा गई, जिससे चालू तार टूटकर सीधे नीचे से गुजर रही बकरियों पर जा गिरा और तेज़ करंट की चपेट में आने से चारों बकरियों ने मौके पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने इस हादसे के लिए बिजली विभाग और संबंधित कंपनी की लापरवाही को ज़िम्मेदार ठहराते हुए पीड़ित पशुपालक के लिए उचित मुआवज़े की मांग की है। पीड़ित के मुताबिक, मृत बकरियों में से दो का बीमा कराया हुआ था। इस घटना के बाद से क्षेत्र के ग्रामीणों में बिजली विभाग के खिलाफ गहरा रोष व्याप्त है।3
- छिपाबड़ौद के स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियाँ चल रही हैं। इस दौरान, शारीरिक लचीलेपन को बढ़ाने के उद्देश्य से कंधे के घुमाव का अभ्यास किया जा रहा है।1
- बारां में फ्रेंड्स महिला क्लब ने बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ गंगा दशहरा का पर्व मनाया। ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को मनाए जाने वाले इस पवित्र त्योहार को सनातन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी पावन तिथि पर मां गंगा का स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। फ्रेंड्स महिला क्लब की संस्थापिका अध्यक्ष सपना गोयल ने इस उत्सव के धार्मिक महत्व के बारे में जानकारी दी, और इस अवसर पर गर्मी से राहत देने वाली शीतल शरबत का वितरण भी किया गया। सपना गोयल ने पर्व के पौराणिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि राजा सगर के 60,000 पुत्रों के उद्धार के लिए उनके वंशज राजा भगीरथ ने वर्षों तक कठोर तपस्या की थी। भगीरथ की भक्ति से प्रसन्न होकर ब्रह्मा जी ने गंगा को पृथ्वी पर भेजने की अनुमति दी, लेकिन गंगा का प्रचंड वेग संभालने के लिए भगवान शिव ने उन्हें अपनी जटाओं में धारण किया, जिसके बाद वे पृथ्वी पर प्रवाहित हुईं। ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के दिन ही मां गंगा पृथ्वी पर प्रकट हुईं, जिसे 'गंगा अवतरण दिवस' या गंगा का जन्मदिन भी कहा जाता है। इस पवित्र दिन पर गंगा स्नान का विशेष महत्व है, और इसके साथ ही दान-पुण्य करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। क्लब अध्यक्ष ने बताया कि परंपरा के अनुसार, इस दिन मुख्य रूप से गर्मी से राहत देने वाली और शीतल वस्तुओं का दान किया जाता है। इनमें सत्तू, जल, मिट्टी का मटका (घड़ा), हाथ का पंखा, मौसमी फल जैसे तरबूज और आम, तथा वस्त्र आदि शामिल हैं। सपना गोयल ने सभी श्रद्धालुओं से इस पावन अवसर पर मां गंगा की आराधना करने और जरूरतमंदों को शीतल वस्तुओं का दान कर पुण्य कमाने की अपील की। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सपना गोयल के साथ अंजना अरोड़ा, आशा बटला, हेमलता सोनी और अन्य महिलाओं का विशेष सहयोग रहा।4
- राजस्थान के कोटा में जेके सिंथेटिक फैक्ट्री के आसपास झाड़ियों में आग लग गई है। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है। यह उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले भी इसी स्थान पर आग लगने की घटना हुई थी। यह फैक्ट्री लगभग 29 साल पहले बंद हो चुकी है, और इसके मजदूर पिछले सवा साल से अपने बकाया भुगतान की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इस बीच, केडीए ने इस फैक्ट्री को अडॉप्ट कर लिया है।1
- सूरज म्यूज़िक चड़गांव द्वारा नया ट्रेडिंग सॉन्ग 'भाभी मारा आशिक कौ दुपटौ मूंडौ बांध ल्या बाद' जारी किया गया है। यह गाना, जिसे Song (1391) के रूप में भी पहचाना जा रहा है, तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है।1
- राजस्थान के जैसलमेर शहर स्थित एक डंपिंग यार्ड में सैकड़ों मृत गायों के शव मिलने से लोगों में भारी कोहराम मच गया है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में हड़कंप का माहौल है, हालांकि गायों की मौत का स्पष्ट कारण अभी तक सामने नहीं आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।1
- शाहाबाद उपखंड क्षेत्र के सीताबाड़ी में इन दिनों ग्राम पंचायत केलवाड़ा एवं ग्राम पंचायत दांता के संयुक्त तत्वाधान में सहरीया लघु कुंभ मेले का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में रविवार को मेले में एक रंगारंग आर्केस्ट्रा पार्टी का कार्यक्रम रखा गया, जिसमें दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और लोग देर रात तक जमे रहे। दर्शकों ने देर रात तक जागकर इस रंगारंग आर्केस्ट्रा कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया। नृत्य करती हुई बालाओं ने अपने प्रदर्शन से सभी का मन मोह लिया। इस दौरान दर्शकों की खूब फरमाइशें चलीं और नृत्य बालाओं ने इनाम भी बटोरे। कार्यक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन भी असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर बनाए हुए था।2