एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत शिकायतों की समीक्षा के लिए अयोध्या पहुंचे। सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने गाजियाबाद में बकरीद के दिन हुए एक हिंदू युवक की हत्या पर गहरा दुख व्यक्त किया। रावत ने इस घटना को निंदनीय और देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा मामले में त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि आरोपी का एनकाउंटर एक सराहनीय निर्णय है। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने की उम्मीद भी जताई। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बैजनाथ रावत ने कहा कि यह चुनाव भी पिछले चुनावों की तरह ऐतिहासिक होगा। उनके अनुसार, बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनावों के परिणाम देश में 'वैचारिक परिवर्तन' का संकेत दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश में राष्ट्रवादी विचारधारा मजबूत हो रही है। सपा के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे नारे अब 'पुराने' हो चुके हैं और जनता अब एक 'नई इबारत' लिखने जा रही है। अध्यक्ष बैजनाथ रावत ने यह भी दावा किया कि भाजपा सरकार में अनुसूचित जाति सबसे अधिक सुरक्षित है और उनके उत्पीड़न से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई और न्याय सुनिश्चित किया जाता है।
एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत शिकायतों की समीक्षा के लिए अयोध्या पहुंचे। सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने गाजियाबाद में बकरीद के दिन हुए एक हिंदू युवक की हत्या पर गहरा दुख व्यक्त किया। रावत ने इस घटना को निंदनीय और देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा मामले में त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि आरोपी का एनकाउंटर एक सराहनीय निर्णय है। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने की उम्मीद भी जताई। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बैजनाथ रावत ने कहा कि यह चुनाव भी पिछले चुनावों की तरह ऐतिहासिक होगा। उनके अनुसार, बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनावों के परिणाम देश में 'वैचारिक परिवर्तन' का संकेत दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश में राष्ट्रवादी विचारधारा मजबूत हो रही है। सपा के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे नारे अब 'पुराने' हो चुके हैं और जनता अब एक 'नई इबारत' लिखने जा रही है। अध्यक्ष बैजनाथ रावत ने यह भी दावा किया कि भाजपा सरकार में अनुसूचित जाति सबसे अधिक सुरक्षित है और उनके उत्पीड़न से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई और न्याय सुनिश्चित किया जाता है।
- अयोध्या जनपद के कचहरी परिसर में राजस्व विभाग में कार्यरत राजस्व कर्मी राम सहाय सिंह अपनी कई वर्षों की उत्कृष्ट सेवाओं के बाद शनिवार, 31 मई 2026 को सकुशल सेवानिवृत्त हो गए। उन्हें विभाग में उनकी कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और मिलनसार स्वभाव के लिए जाना जाता था। सेवानिवृत्ति के इस अवसर पर कार्यालय के सहकर्मियों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। इसके बाद जब राम सहाय सिंह अपने गृह जनपद जाना बाजार (खजूरीपुर) पहुंचे, तो परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने आतिशबाजी और गाजे-बाजे के साथ उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान पूरा माहौल उत्सव के रंग में सराबोर नजर आया। राम सहाय सिंह के परिवार द्वारा उनकी सेवानिवृत्ति और सकुशल सेवाकाल पूरा होने की खुशी में विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को घर पर भव्य श्री रामचरितमानस पाठ का आयोजन किया गया, जबकि सोमवार को एक विशाल भंडारे का भव्य आयोजन सुनिश्चित किया गया है, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य लोग और शुभचिंतक शामिल होंगे।2
- अयोध्या में तेजी से चल रहे विकास कार्यों, जैसे राम मंदिर निर्माण, रामपथ और चौड़ी सड़कों के बीच, प्राचीन धरोहरों के अस्तित्व पर सवाल खड़े हो गए हैं। गुप्तार घाट स्थित पौराणिक निर्मली कुंड, जिसका संबंध भगवान श्रीराम और देवराज इंद्र से जुड़ी मान्यताओं से है, अब 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण के कारण संकट में है। यह कुंड सदियों से आस्था का केंद्र रहा है, जहां श्रावण पूर्णिमा पर विशेष धार्मिक यात्रा निकलती है और श्रद्धालु स्नान कर पापों से मुक्ति पाने की कामना करते हैं।4
- आज लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय संकल्प मोर्चा ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक संकल्प पत्र जारी किया है। संगठन ने न्यायप्रिय, धर्मनिरपेक्ष और लोक कल्याणकारी शासक के रूप में मालवा की महारानी अहिल्याबाई होलकर को शत्-शत् नमन और अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। मोर्चा ने कहा कि अहिल्याबाई होलकर भारतीय इतिहास की वह स्वर्णिम हस्ताक्षर हैं, जिन्होंने यह सिद्ध किया कि शासन का वास्तविक अर्थ जनसेवा है। 31 मई 1725 को जन्मी अहिल्याबाई होलकर ने 1767 से 1795 तक अपने 28 वर्ष के शासनकाल में मालवा को रामराज्य का आदर्श स्वरूप प्रदान किया। उनका जीवन नारी शक्ति, सुशासन, सामाजिक समरसता और जनसेवा का ज्वलंत उदाहरण रहा है। उन्होंने न केवल युद्ध और राजनीति में कुशलता दिखाई, बल्कि पूरे भारतवर्ष में मंदिरों का जीर्णोद्धार कराकर सांस्कृतिक एकता को मजबूत किया। काशी विश्वनाथ मंदिर, सोमनाथ मंदिर, बद्रीनाथ, द्वारका, गया, अयोध्या, मथुरा और हरिद्वार जैसे तीर्थस्थलों का पुनर्निर्माण उनकी धर्मनिरपेक्ष दृष्टि का प्रमाण है। उन्होंने कभी धर्म के नाम पर भेदभाव नहीं किया, बल्कि घाट, बावड़ी, कुएं, धर्मशाला, सड़कें और अन्नक्षेत्र बनवाकर लोक कल्याण को शासन का मूलमंत्र बनाया। अहिल्याबाई होलकर का न्याय इतना प्रसिद्ध था कि प्रजा उन्हें "देवी" कहकर पुकारती थी, और उन्होंने न्याय के लिए अपने इकलौते पुत्र को भी दंड देने में संकोच नहीं किया। "प्रजा की खुशी ही राजा का धर्म है" – यह उनका शासन दर्शन था। उनके सुशासन के तीन स्तंभ पारदर्शी प्रशासन, जनहित सर्वोपरि और नैतिक जवाबदेही थे; उन्होंने कभी खजाने को अपनी निजी संपत्ति नहीं समझा, हर निर्णय से पहले प्रजा की राय ली, महिलाओं को सेना में स्थान दिया और किसानों के लगान माफ किए, जिसे असली लोकतंत्र बताया गया है। राष्ट्रीय संकल्प मोर्चा का स्पष्ट मत है कि आज जब राजनीति सत्ता, स्वार्थ और भ्रष्टाचार का पर्याय बनती जा रही है, तब लोकमाता का चरित्र हमें आईना दिखाता है। उनकी जयंती पर संगठन ने पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ ही यह संकल्प लिया है कि अहिल्याबाई होलकर के आदर्शों को राजनीति में वापस लाने के लिए सतत संघर्ष करेगा। मोर्चा ने राइट टू रिकॉल, जवाबदेह प्रतिनिधि और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था जैसे मूल्यों को पुनः स्थापित करने का आह्वान किया है, जो लोकमाता के शासन में जीवंत थे। राष्ट्रीय संकल्प मोर्चा युवा पीढ़ी से लोकमाता के जीवन से प्रेरणा लेने, नारी शक्ति का सम्मान करने, कमजोर वर्गों का उत्थान करने और राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभाने की अपील करता है, जिसे उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया गया है। संगठन ने देश की समस्त जनता, विशेषकर महिलाओं और युवाओं से आग्रह किया है कि अहिल्याबाई होलकर के पदचिह्नों पर चलकर एक नैतिक, पारदर्शी और जनकल्याणकारी भारत के निर्माण में सहयोग करें। राष्ट्रीय संकल्प मोर्चा ने "लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी अमर रहें। उनके विचार अमर रहें।।" के उद्घोष के साथ अपनी बात समाप्त की।1
- मुजफ्फरनगर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम आदमपुर में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ कथित तौर पर 21 वर्षीय अदीबा की उसके भाई द्वारा गला रेतकर हत्या कर दी गई। इस घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी संजय कुमार वर्मा, एसपी ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक और अन्य पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे और घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया। पुलिस के अनुसार, यह वारदात इसलिए अंजाम दी गई क्योंकि युवती किसी युवक से बातचीत करती थी, जिससे उसका भाई नाराज था। इसी नाराजगी के चलते भाई ने इस घटना को अंजाम दिया। फॉरेंसिक टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं, और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। एसएसपी ने बताया है कि आरोपी भाई घटना के बाद से फरार है। उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई हैं, और अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- निरंकरपुर हैबतपुर स्थित राणा पाली चौकी के तहत एक किसान की भूमि पर पुलिस और राजस्व प्रशासन की मिलीभगत से कब्जा करा दिया गया है। इस घटनाक्रम के दौरान, पीड़ित किसान लगातार रोता रहा और न्याय की गुहार लगाता रहा, परंतु उसकी एक भी नहीं सुनी गई।3
- Post by Md Arif1
- अयोध्या के इनायतनगर थाना क्षेत्र के हैरिंग्टनगंज चौकी अंतर्गत उरूवा वैश्य पूरे जमोजिया गांव में एक हृदयविदारक सड़क हादसे में 25 वर्षीय उमेश तिवारी की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि उनकी 65 वर्षीय वृद्ध मां मनभावता गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। जानकारी के अनुसार, उमेश तिवारी अपने पिता स्वर्गीय गोपीनाथ की स्मृति में और अपनी मां मनभावता तथा गांव के अन्य लोगों के साथ पूर्णिमा स्नान के साथ-साथ प्रभु श्रीरामलला एवं हनुमान जी के दर्शन के लिए अयोध्या गए थे। दर्शन-पूजन के बाद रविवार सुबह लगभग 7:00 बजे जब वे रायबरेली-प्रभात नगर मार्ग से लौट रहे थे, तभी पीछे से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगने से बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा भिड़ी, जिससे मां-बेटा दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। पीछे से आ रहे ग्रामीणों ने तत्काल दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उमेश को मृत घोषित कर दिया। वहीं, उमेश की मां मनभावता के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं और उनका उपचार जारी है। सूचना मिलने पर पुलिस ने उमेश के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शाम 3:30 बजे जब उनका शव गांव पहुंचा, तो परिजनों में कोहराम मच गया। तीन भाइयों में सबसे छोटे उमेश का विवाह दो वर्ष पूर्व ही हुआ था, और उनकी असमय मौत से पत्नी तथा परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में इस समय शोक और मातम का माहौल बना हुआ है।1
- लखनऊ के चारबाग रेलवे प्लेटफॉर्म पर 'स्वच्छ भारत अभियान' का स्पष्ट प्रभाव दिखाई दे रहा है, जिसके चलते यह प्लेटफॉर्म बेहद सुंदर और आकर्षक नज़र आ रहा है। लाल चंद सोनी ने 'आज सुबह टाइम्स टीम लखनऊ' के लिए यह रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें प्लेटफॉर्म की स्वच्छता और सुंदरता की सराहना की गई है।1