फारसिगंज रेड लाइट एरिया में शुक्रवार की रात की गयी छापेमारी व अनैतिक देह व्यापार के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ मामले में प्राथमिकी दर्ज की गयी है। इस कार्रवाई में कुल 16. महिलाओं और 13 पुरुर्षों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि 7 लडकियों को इस अवैध धंधे से मुक्त कराकर रेस्क्यू किया गया है। रेस्क्यू की गई लड़कियों में छह नाबालिग और एक बालिग शामिल बताये गये हैं। अधिकारियों के अनुसार रेस्क्यू की गई लड़कियों में कई बिहार के बाहर अन्य प्रदेशों की रहने वाली हैं, जिन्हें इस धंधे में जबरन धकेला गया था। छापेमारी के दौरान 12 मोबाइल फोन समेत देह व्यापार में इस्तेमाल होने वाली कई आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई है। इन दलालों को भेजा गया जेल-कार्रवाई के दौरान जिन दलालों और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, उनमें सनाउल अंसारी, मोहम्मद अब्बास, मोहर्रम खलीफा, मोहम्मद मौसम, मोहम्मद अहमद आलम, मोहम्मद असलम, अब्दुल गफ्फार, शाहनवाज आलम, मोहम्मद शमशेर, मोहम्मद जसीम, मौहम्मद नबीउल्लाह, मोहम्मद मोफिल और मुसिब राजा शामिल हैं। कई धानों की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई इस छापेमारी अभियान में पुलिस उपाधीक्षक (यातायात), पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थाना प्रभारी, प्रेमचंद थाना अध्यक्ष पातायात, पूजा कुमारी, थानाध्यक्ष एससी/एसटी, कुमारी अंचला, थाना प्रभारी, महिला थाना अध्यक्ष, तकनीकी शाखा प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार, अपर थाना अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार गुप्ता, दरोगा कुमारी बबिता, आशुतोष कुमार मिश्रा, प्रभात कुमारी, अवधेश कुमार सिंह, उपेंद्र शर्मा और दीपक कुमार सहित कई पुलिसकर्मी शामिल थे। क्या कहते हैं फारबिसगंज एसडीपीओ फारबिसगंज एसडीपीओ मुकेश कुमार साहा ने बताया कि बाल मित्र संस्था पटना द्वारा दी गई सूचना के आधार पर यातायात डीएसपी के नेतृत्व में चिह्नित स्थलों पर छापेमारी की गई। रेस्क्यू की गई लड़कियों को सुरक्षित स्थान सीडब्लूसी भेजा जा रहा है। जबकि इन सभी को न्यायिक हिरासत में। कहा पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस अवैध धंधे से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
फारसिगंज रेड लाइट एरिया में शुक्रवार की रात की गयी छापेमारी व अनैतिक देह व्यापार के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ मामले में प्राथमिकी दर्ज की गयी है। इस कार्रवाई में कुल 16. महिलाओं और 13 पुरुर्षों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि 7 लडकियों को इस अवैध धंधे से मुक्त कराकर रेस्क्यू किया गया है। रेस्क्यू की गई लड़कियों में छह नाबालिग और एक बालिग शामिल बताये गये हैं। अधिकारियों के अनुसार रेस्क्यू की गई लड़कियों में कई बिहार के बाहर अन्य प्रदेशों की रहने वाली हैं, जिन्हें इस धंधे में जबरन धकेला गया था। छापेमारी के दौरान 12 मोबाइल फोन समेत देह व्यापार में इस्तेमाल होने वाली कई आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई है। इन दलालों को भेजा गया जेल-कार्रवाई के दौरान जिन दलालों और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, उनमें सनाउल अंसारी, मोहम्मद अब्बास, मोहर्रम खलीफा, मोहम्मद मौसम, मोहम्मद अहमद आलम, मोहम्मद असलम, अब्दुल गफ्फार, शाहनवाज आलम, मोहम्मद शमशेर, मोहम्मद जसीम, मौहम्मद नबीउल्लाह, मोहम्मद मोफिल और मुसिब राजा शामिल हैं। कई धानों की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई इस छापेमारी अभियान में पुलिस उपाधीक्षक (यातायात), पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थाना प्रभारी, प्रेमचंद थाना अध्यक्ष पातायात, पूजा कुमारी, थानाध्यक्ष एससी/एसटी, कुमारी अंचला, थाना प्रभारी, महिला थाना अध्यक्ष, तकनीकी शाखा प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार, अपर थाना अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार गुप्ता, दरोगा कुमारी बबिता, आशुतोष कुमार मिश्रा, प्रभात कुमारी, अवधेश कुमार सिंह, उपेंद्र शर्मा और दीपक कुमार सहित कई पुलिसकर्मी शामिल थे। क्या कहते हैं फारबिसगंज एसडीपीओ फारबिसगंज एसडीपीओ मुकेश कुमार साहा ने बताया कि बाल मित्र संस्था पटना द्वारा दी गई सूचना के आधार पर यातायात डीएसपी के नेतृत्व में चिह्नित स्थलों पर छापेमारी की गई। रेस्क्यू की गई लड़कियों को सुरक्षित स्थान सीडब्लूसी भेजा जा रहा है। जबकि इन सभी को न्यायिक हिरासत में। कहा पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस अवैध धंधे से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
- फारसिगंज रेड लाइट एरिया में शुक्रवार की रात की गयी छापेमारी व अनैतिक देह व्यापार के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ मामले में प्राथमिकी दर्ज की गयी है। इस कार्रवाई में कुल 16. महिलाओं और 13 पुरुर्षों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि 7 लडकियों को इस अवैध धंधे से मुक्त कराकर रेस्क्यू किया गया है। रेस्क्यू की गई लड़कियों में छह नाबालिग और एक बालिग शामिल बताये गये हैं। अधिकारियों के अनुसार रेस्क्यू की गई लड़कियों में कई बिहार के बाहर अन्य प्रदेशों की रहने वाली हैं, जिन्हें इस धंधे में जबरन धकेला गया था। छापेमारी के दौरान 12 मोबाइल फोन समेत देह व्यापार में इस्तेमाल होने वाली कई आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई है। इन दलालों को भेजा गया जेल-कार्रवाई के दौरान जिन दलालों और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, उनमें सनाउल अंसारी, मोहम्मद अब्बास, मोहर्रम खलीफा, मोहम्मद मौसम, मोहम्मद अहमद आलम, मोहम्मद असलम, अब्दुल गफ्फार, शाहनवाज आलम, मोहम्मद शमशेर, मोहम्मद जसीम, मौहम्मद नबीउल्लाह, मोहम्मद मोफिल और मुसिब राजा शामिल हैं। कई धानों की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई इस छापेमारी अभियान में पुलिस उपाधीक्षक (यातायात), पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थाना प्रभारी, प्रेमचंद थाना अध्यक्ष पातायात, पूजा कुमारी, थानाध्यक्ष एससी/एसटी, कुमारी अंचला, थाना प्रभारी, महिला थाना अध्यक्ष, तकनीकी शाखा प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार, अपर थाना अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार गुप्ता, दरोगा कुमारी बबिता, आशुतोष कुमार मिश्रा, प्रभात कुमारी, अवधेश कुमार सिंह, उपेंद्र शर्मा और दीपक कुमार सहित कई पुलिसकर्मी शामिल थे। क्या कहते हैं फारबिसगंज एसडीपीओ फारबिसगंज एसडीपीओ मुकेश कुमार साहा ने बताया कि बाल मित्र संस्था पटना द्वारा दी गई सूचना के आधार पर यातायात डीएसपी के नेतृत्व में चिह्नित स्थलों पर छापेमारी की गई। रेस्क्यू की गई लड़कियों को सुरक्षित स्थान सीडब्लूसी भेजा जा रहा है। जबकि इन सभी को न्यायिक हिरासत में। कहा पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस अवैध धंधे से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।1
- Post by Araria News1
- बिहार राज्य का अररिया जिले के सबसे आखरी रेलवे स्टेशन जोगबनी से 5 से 10 मिनट में विदेश यात्रा कर सकते हैं। जोगबनी से अजय प्रसाद की रिपोर्ट भारतीय रेलवे नेटवर्क में कई अनोखे स्टेशन हैं, लेकिन बिहार के अररिया जिले में स्थित जोगबनी रेलवे स्टेशनअपनी अनूठी लोकेशन के कारण देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह स्टेशन न सिर्फ भारत का आखिरी सीमांत स्टेशन माना जाता है, बल्कि यहां से पैदल चलकर कुछ ही मिनटों में पड़ोसी देश नेपाल पहुंचा जा सकता है। नाम सुनकर यकीन नहीं होता, लेकिन यह सच्चाई है कि यहां से बिना किसी भारी-भरकम तैयारी के ट्रेन से उतरते ही आप एक अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर निकल सकते हैं। जोगबनी रेलवे स्टेशन के बारे में यह स्टेशन अररिया जिले में स्थित है और भारत-नेपाल सीमा से महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर है। स्थानीय लोगों और यात्रियों के अनुसार, स्टेशन से उतरकर थोड़ी दूर पैदल चलते ही आप भारत-नेपाल बॉर्डर पर पहुंच जाते हैं। यहां से नेपाल के बिराटनगर या अन्य इलाकों में आसानी से प्रवेश किया जा सकता है। कई यात्रियों सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बताते हैं कि, यह अनुभव रोमांचक है एक तरफ भारतीय रेलवे की ट्रेन खड़ी है, तो दूसरी तरफ नेपाल की भूमि शुरू हो जाती है। जोगबनी रेलवे स्टेशन की खासियत सिर्फ सीमा से निकटता नहीं है। यहां से नेपाल जाने वाले कई लोग रोजाना आते-जाते हैं। भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा होने के कारण दोनों देशों के नागरिकों को पासपोर्ट और वीजा की जरूरत नहीं पड़ती। बस एक वैध आईडी प्रूफ (जैसे आधार कार्ड या वोटर आईडी) पर्याप्त है। यही वजह है कि जोगबनी को "सबसे सस्ता अंतरराष्ट्रीय टूर" का नाम भी दिया जाता है। ट्रेन से उतरकर पैदल सीमा पार करने का खर्च लगभग जीरो है।एक यात्री ने पत्रकार अजय प्रसाद को बताते हैं, की ट्रेन से उतरे, 5—10 मिनट चले और नेपाल में थे।" कई पर्यटक यहां से नेपाल घूमने जाते हैं बिराटनगर का बाजार, धरण का दंतकाली मंदिर भेरेटार की ऊंची ऊंची सुंदर पहाड़, नमस्ते झरना, चतरा बारहबाबा के दर्शन जैसे कई चीज पहाड़ी इलाके या आगे काठमांडू की यात्रा। हालांकि, सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) और स्थानीय चेकपोस्ट पर जरूरी जांच होती है, लेकिन प्रक्रिया काफी सरल है।2
- Post by मो फिजाकत1
- छातापुर:पूर्णिया में आदित्य विजन का कारनामा,आदित्य विजन ने कार के नाम पर थमा दी डमी चाभी, दर्जनों ग्राहकों से कर ली ठगी?1
- अजब प्यार का शिला दिया माता पिता बेटी ने प्रेमी के साथ कर माता पिता को दिया सन्देश 🫢1
- Post by MOHAMMAD SADDAM Bijli1
- एक परिवार, कई सवाल ............1