बुरहानपुर में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, ‘‘स्वस्थ आयु के लिए योग’’ थीम के तहत, माँ ताप्ती के पावन तट राजघाट पर ज़िला प्रशासन ने एक सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में खंडवा लोकसभा सांसद ज्ञानेश्वर पाटील मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, युवाओं तथा बड़ी संख्या में नागरिकों के साथ सामूहिक योग कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने इस अवसर पर कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करने वाली भारत की प्राचीन जीवन पद्धति है, जो व्यक्ति को स्वस्थ, ऊर्जावान, सकारात्मक बनाती है और जीवन में अनुशासन व आत्मविश्वास का संचार करती है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सतत प्रयासों और दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके कारण योग ने आज वैश्विक पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने योग को विश्व मंच पर नई प्रतिष्ठा दिलाई है, जिसके फलस्वरूप संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता मिली और आज दुनिया के अनेक देशों में लोग योग अपनाकर स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने ज़ोर दिया कि भारत की यह सांस्कृतिक धरोहर अब विश्व कल्याण का माध्यम बन चुकी है, और इस वर्ष की थीम ‘‘स्वस्थ आयु के लिए योग’’ हर आयु वर्ग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि योग स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का एक सरल व प्रभावी माध्यम है। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित समारोह का सीधा प्रसारण भी देखा गया, जिसमें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का उद्बोधन सुनकर उपस्थित लोगों ने योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर बुरहानपुर विधायक श्रीमती अर्चना चिटनीस, महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल, ज़िलाध्यक्ष डॉ. मनोज माने, कलेक्टर श्री हर्ष सिंह, एसपी श्री आशुतोष बागरी, निगमायुक्त श्री संदीप श्रीवास्तव, निगमाध्यक्ष श्रीमती अनिता अमर यादव, श्री किशोर शाह, ज़िला पंचायत सदस्य श्री अनिल राठौर, श्री मनोज टंडन, श्री ईश्वर चौहान, श्री दिनकर पाटील, श्री मुकेश देवड़ा, श्री किशोर राठौर, पार्षद व एमआईसी चैयरमेन श्री भारत इंगले, श्री नीतेश दलाल, श्री राजेश महाजन, श्री अमित नवलखे, मंडल अध्यक्ष श्री अमोल भगत, श्री राम निकम, डॉ. दीपक वाभले, श्रीमती किरण रायकवार, श्रीमती सुधा चौकसे, ज़िला आयुष अधिकारी डॉ. कविता गढ़वाल, ज़िला शिक्षा अधिकारी सुश्री रोहिणी पवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, अधिकारी-कर्मचारी और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि योग से स्वस्थ जीवन और विकसित भारत का संकल्प मजबूत होगा।
बुरहानपुर में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, ‘‘स्वस्थ आयु के लिए योग’’ थीम के तहत, माँ ताप्ती के पावन तट राजघाट पर ज़िला प्रशासन ने एक सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में खंडवा लोकसभा सांसद ज्ञानेश्वर पाटील मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, युवाओं तथा बड़ी संख्या में नागरिकों के साथ सामूहिक योग कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने इस अवसर पर कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करने वाली भारत की प्राचीन जीवन पद्धति है, जो व्यक्ति को स्वस्थ, ऊर्जावान, सकारात्मक बनाती है और जीवन में अनुशासन व आत्मविश्वास का संचार करती है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सतत प्रयासों और दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके कारण योग ने आज वैश्विक पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने योग को विश्व मंच पर नई प्रतिष्ठा दिलाई है, जिसके फलस्वरूप संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता मिली और आज दुनिया के अनेक देशों में लोग योग अपनाकर स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने ज़ोर दिया कि भारत की यह सांस्कृतिक धरोहर अब विश्व कल्याण का माध्यम बन चुकी है, और इस वर्ष की थीम ‘‘स्वस्थ आयु के लिए योग’’ हर आयु वर्ग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि योग स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का एक सरल व प्रभावी माध्यम है। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित समारोह का सीधा प्रसारण भी देखा गया, जिसमें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का उद्बोधन सुनकर उपस्थित लोगों ने योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर बुरहानपुर विधायक श्रीमती अर्चना चिटनीस, महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल, ज़िलाध्यक्ष डॉ. मनोज माने, कलेक्टर श्री हर्ष सिंह, एसपी श्री आशुतोष बागरी, निगमायुक्त श्री संदीप श्रीवास्तव, निगमाध्यक्ष श्रीमती अनिता अमर यादव, श्री किशोर शाह, ज़िला पंचायत सदस्य श्री अनिल राठौर, श्री मनोज टंडन, श्री ईश्वर चौहान, श्री दिनकर पाटील, श्री मुकेश देवड़ा, श्री किशोर राठौर, पार्षद व एमआईसी चैयरमेन श्री भारत इंगले, श्री नीतेश दलाल, श्री राजेश महाजन, श्री अमित नवलखे, मंडल अध्यक्ष श्री अमोल भगत, श्री राम निकम, डॉ. दीपक वाभले, श्रीमती किरण रायकवार, श्रीमती सुधा चौकसे, ज़िला आयुष अधिकारी डॉ. कविता गढ़वाल, ज़िला शिक्षा अधिकारी सुश्री रोहिणी पवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, अधिकारी-कर्मचारी और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि योग से स्वस्थ जीवन और विकसित भारत का संकल्प मजबूत होगा।
- नागलवाड़ी उद्वहन सिंचाई परियोजना से पर्याप्त पानी न मिलने से नाराज़ किसानों ने दोमाडा स्थित डिवीजन कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया है। किसानों का आरोप है कि इस परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद, इसका लाभ अधिकतर किसानों तक नहीं पहुँच पाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली आपूर्ति में बाधा, तकनीकी खामियों और अव्यवस्थित संचालन के कारण खेतों तक पानी नहीं पहुँच रहा है। इसके अलावा, कई जगहों पर जल वितरण पेटियां भी खेतों से 1,000 से 2,000 फीट दूर स्थापित की गई हैं, जिससे सिंचाई करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धरनारत किसानों ने परियोजना में हुए कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और नियमित रूप से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की कड़ी मांग की। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी ये माँगें नहीं मानी गईं, तो वे अपने आंदोलन को और भी उग्र करेंगे।1
- हरदा/टिमरनी की कृषि उपज मंडी में सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है, जहाँ शुक्रवार को गेहूँ बेचने आए बैतूल जिले के एक आदिवासी किसान के ₹50,000 गिर गए। इन रुपयों को एक अज्ञात व्यक्ति ने शेड के नीचे से उठा लिया और अपने साथी के साथ बिना नंबर की बाइक पर फरार हो गया। यह पूरी घटना मंडी में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस अब आरोपी की तलाश कर रही है। जानकारी के अनुसार, बैतूल जिले के चिचोली क्षेत्र के कुरसना निवासी आदिवासी किसान ब्रजलाल पिता शिवराम कास्दे अपने साथियों के साथ शुक्रवार को टिमरनी मंडी आए थे। उनके 43 क्विंटल गेहूँ की बोली ₹2377 प्रति क्विंटल के हिसाब से लगी थी, जिसके एवज में एक व्यापारी ने उन्हें करीब ₹1 लाख 2 हजार दिए थे। ब्रजलाल ने यह राशि ₹500-₹500 के नोटों की गड्डियों के रूप में अपनी बनियान की अंदरूनी जेब में सुरक्षित रख ली थी। इसके बाद जब वह मूँग की फसल का भाव देखने फुटकर शेड की ओर गए, तो इसी दौरान उनकी जेब से ₹50,000 नीचे गिर गए। काफी तलाश के बाद जब ब्रजलाल को रुपए नहीं मिले, तो उन्होंने मंडी सचिव राजेंद्र धनोरिया को घटना की सूचना दी। मंडी प्रबंधन ने किसान की मौजूदगी में परिसर के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति फुटकर शेड के पास जमीन पर पड़े नोटों को उठाते हुए साफ दिखाई दे रहा है। रुपए उठाने के बाद वह संदिग्ध अपनी बिना नंबर की बाइक पर अनाज की कट्टी लादकर अपने साथी के साथ मौके से फरार हो गया। मंडी सचिव राजेंद्र धनोरिया ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध के हुलिए और बिना नंबर की बाइक की पहचान कर जाँच की जा रही है, और पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है।3
- मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव में वार्ड नंबर 6 के निवासी गंदगी, साफ-सफाई की कमी और सड़कों पर अवैध कब्जों से बुरी तरह परेशान हैं। नागरिकों का आरोप है कि वर्तमान मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) निखिलेश चिंतामन और वार्ड नंबर 6 के पार्षद आनंद चिंतामन को बार-बार शिकायतें करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। वार्ड नंबर 6, विशेष रूप से कोयला मोहल्ले के निवासियों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद साफ-सफाई के लिए कोई कर्मचारी नहीं आ रहा है। इसके अतिरिक्त, कोयला मोहल्ले की सड़कों पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे हैं, जिन्हें हटाने के लिए प्रशासन से जांच कर अतिक्रमण हटाने की मांग की गई है। साफ-सफाई न होने के कारण नागरिक बीमारियों की आशंका से चिंतित हैं, जिसे एक गंभीर विषय बताया गया है। इतनी सारी शिकायतें, जिनमें सीधे खातेगांव सीएमओ को की गई शिकायतें भी शामिल हैं, दर्ज होने के बाद भी कोई कदम नहीं उठाया गया है। रहवासी प्रशासन से हस्तक्षेप कर इन समस्याओं का समाधान करने और अतिक्रमण हटाने की अपील कर रहे हैं।1
- बड़वानी जिले में तेज़ रफ़्तार और बेलगाम डंपर मौत का रूप धारण कर रहे हैं, जिससे आम नागरिकों की जान पर गंभीर ख़तरा बना हुआ है।1
- मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव स्थित ग्राम सोमगांव में इंदौर-बुधनी रेलवे लाइन परियोजना के तहत काम कर रहे एक निजी ठेकेदार की घोर लापरवाही और मनमानी का मामला सामने आया है। ठेकेदार पर आरोप है कि उसने क्रशिंग कार्य के लिए एक अस्थाई क्रशर की अनुमति तो ली है, लेकिन क्रशर और पोकलैंड मशीनों को तालाबों तक ले जाने के लिए एक बुजुर्ग महिला के निजी खेत के रास्ते का जबरन उपयोग कर रहा है। जब पीड़ित बुजुर्ग महिला ने अपने खेत में हो रही फसल की बोनी (बुआई) और जमीन के खराब होने का विरोध किया, तो ठेकेदार के कर्मचारियों ने उन्हें पुलिस से जेल भेजने की धमकी दे डाली। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। पीड़ित महिला का कहना है कि यह उनकी निजी संपत्ति का खेत है और बोनी का महत्वपूर्ण कार्य चल रहा है। बार-बार भारी मशीनों के निकलने से खेत और बोनी खराब हो रही है, जिससे उन्हें भविष्य में भारी आर्थिक नुकसान होगा। उन्होंने बहादुरी से मशीनों के सामने खड़े होकर आपत्ति जताई और कहा कि वे अपना खेत खराब करके गाड़ियां नहीं निकलने देंगी, ठेकेदार शासकीय (सरकारी) रास्ते का उपयोग करे। ग्रामीण इस बात पर हैरानी जता रहे हैं कि ठेकेदार ने अस्थाई क्रशर और तालाबों पर क्रशिंग की अनुमति तो ले ली, लेकिन मशीनों को वहां तक पहुंचाने के लिए कोई वैध या वैकल्पिक रास्ता तय नहीं किया। नियमों के अनुसार, किसी भी अनुमति का मतलब यह नहीं है कि ठेकेदार किसी किसान की निजी जमीन को रौंदते हुए गाड़ियां निकाले, खासकर बोनी के समय खेत में दखल देना कानूनन 'क्रिमिनल ट्रेसपासिंग' के दायरे में आता है। वायरल वीडियो में ठेकेदार के कर्मचारियों को बुजुर्ग महिला को डराते-धमकाते और सत्ता के दम पर जेल भेजने की धौंस देते साफ सुना जा सकता है। इस पूरे मामले में स्थानीय प्रशासन और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं और निजी ठेकेदार अस्थाई अनुमति के नाम पर किसानों का शोषण कर रहे हैं। ग्रामीणों ने खातेगांव प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने, पीड़ित महिला के खेत में मशीनों के प्रवेश पर रोक लगाने और बदतमीजी करने वाले ठेकेदार के कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है।2
- खंडवा में सोशल मीडिया पर लाइक और व्यूज पाने की चाहत में दो युवकों को पुलिस हिरासत में जाना पड़ा। वायरल होने के लिए उन्होंने एक ऐसी रील बनाई, जिसमें तांत्रिक बनकर लोगों में डर फैलाया गया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया। जानकारी के अनुसार, यह घटना खंडवा के श्री नंदकुमार सिंह मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल के गेट पर हुई। यहाँ दोनों युवक काले जादू और तांत्रिक क्रियाओं का नाटक करते हुए रील बना रहे थे। वीडियो में एक युवक तांत्रिक के वेश में लोगों के बीच घूम रहा था, जबकि दूसरा उसका वीडियो शूट कर रहा था। इस रील को इस तरह से प्रस्तुत किया गया कि इससे लोगों में भय और अंधविश्वास का माहौल बन गया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मोघट पुलिस तक इसकी सूचना पहुंची। जांच के दौरान, दोनों युवकों की पहचान विनय उर्फ जय पिता जितेंद्र चौहान, निवासी रामनगर, और आयुष पिता मुकेश खरे, निवासी माता चौक के रूप में हुई। पुलिस ने दोनों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया, जहाँ उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने अधिक लाइक और व्यूज पाने के उद्देश्य से यह वीडियो बनाया था। पुलिस ने दोनों युवकों पर प्रतिबंधात्मक धारा 151 के तहत कार्रवाई की और उन्हें एसडीएम कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उन्हें जमानत मिल गई। खंडवा के सीएसपी अभिनव बारंगे ने भी इस संबंध में जानकारी दी।1
- कृषि विभाग ने किसानों को गुणवत्तायुक्त कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए सख्ती दिखाते हुए कदम उठाए हैं। इसी क्रम में, नवागत उपसंचालक कृषि श्री आर. जी. रजक ने एक जिला स्तरीय दल के साथ भैंसदेही क्षेत्र में स्थित कृषि आदान प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान राठौर कृषि सेवा केंद्र और बालाजी ट्रेडर्स की दुकान व गोदाम की विशेष रूप से जांच की गई। निरीक्षण के दौरान, बालाजी ट्रेडर्स में उर्वरक और अन्य कृषि आदानों के भंडारण तथा विक्रय संबंधी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इन अनियमितताओं के मद्देनजर, विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठान के उर्वरकों के विक्रय पर तत्काल रोक लगा दी है और संचालक को कड़ी चेतावनी जारी की है। इसके अतिरिक्त, प्रतिष्ठान का लाइसेंस निरस्त करने और नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई शुरू करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। विभागीय टीम ने इस निरीक्षण के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों से बीज और उर्वरक के नमूने भी एकत्र किए हैं, जिन्हें गुणवत्ता परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजा जाएगा। उपसंचालक कृषि श्री रजक ने जोर देकर कहा कि किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज एवं उर्वरक उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि आदानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और नियमों का पालन करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए इस तरह के औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे।1
- शनिवार देर रात महू में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन परिवारों की खुशियां छिन गईं, जब पिकनिक मनाकर जाम गेट से लौट रहे तीन युवकों की बड़गोंडा रोड पर हुई एक भीषण दुर्घटना में मौत हो गई। मृतकों की पहचान हरि फाटक निवासी अलशन और आदिल, तथा रिजमिड बाजार निवासी अबुजर के रूप में हुई है, जो कार से महू लौट रहे थे। यह दुर्घटना नखेरी डेम के समीप आशापुरा क्षेत्र के पास हुई, जहाँ उनकी कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खेत में उतर गई और एक झाड़ से जा टकराई। हादसा इतना भीषण था कि तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। दो युवकों ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया, जबकि तीसरे युवक की मध्य भारत अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल में परिजनों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद स्थिति को संभालने के लिए पुलिस बल को मौके पर पहुंचना पड़ा। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि आशापुरा के पास स्थित यह मोड़ बेहद खतरनाक है और इस स्थान पर पहले भी कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। लोगों ने प्रशासन से इस क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। बड़गोंडा पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है, ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। तीनों युवकों के शवों का पोस्टमार्टम सोमवार सुबह किया जाएगा।1