मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव स्थित ग्राम सोमगांव में इंदौर-बुधनी रेलवे लाइन परियोजना के तहत काम कर रहे एक निजी ठेकेदार की घोर लापरवाही और मनमानी का मामला सामने आया है। ठेकेदार पर आरोप है कि उसने क्रशिंग कार्य के लिए एक अस्थाई क्रशर की अनुमति तो ली है, लेकिन क्रशर और पोकलैंड मशीनों को तालाबों तक ले जाने के लिए एक बुजुर्ग महिला के निजी खेत के रास्ते का जबरन उपयोग कर रहा है। जब पीड़ित बुजुर्ग महिला ने अपने खेत में हो रही फसल की बोनी (बुआई) और जमीन के खराब होने का विरोध किया, तो ठेकेदार के कर्मचारियों ने उन्हें पुलिस से जेल भेजने की धमकी दे डाली। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। पीड़ित महिला का कहना है कि यह उनकी निजी संपत्ति का खेत है और बोनी का महत्वपूर्ण कार्य चल रहा है। बार-बार भारी मशीनों के निकलने से खेत और बोनी खराब हो रही है, जिससे उन्हें भविष्य में भारी आर्थिक नुकसान होगा। उन्होंने बहादुरी से मशीनों के सामने खड़े होकर आपत्ति जताई और कहा कि वे अपना खेत खराब करके गाड़ियां नहीं निकलने देंगी, ठेकेदार शासकीय (सरकारी) रास्ते का उपयोग करे। ग्रामीण इस बात पर हैरानी जता रहे हैं कि ठेकेदार ने अस्थाई क्रशर और तालाबों पर क्रशिंग की अनुमति तो ले ली, लेकिन मशीनों को वहां तक पहुंचाने के लिए कोई वैध या वैकल्पिक रास्ता तय नहीं किया। नियमों के अनुसार, किसी भी अनुमति का मतलब यह नहीं है कि ठेकेदार किसी किसान की निजी जमीन को रौंदते हुए गाड़ियां निकाले, खासकर बोनी के समय खेत में दखल देना कानूनन 'क्रिमिनल ट्रेसपासिंग' के दायरे में आता है। वायरल वीडियो में ठेकेदार के कर्मचारियों को बुजुर्ग महिला को डराते-धमकाते और सत्ता के दम पर जेल भेजने की धौंस देते साफ सुना जा सकता है। इस पूरे मामले में स्थानीय प्रशासन और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं और निजी ठेकेदार अस्थाई अनुमति के नाम पर किसानों का शोषण कर रहे हैं। ग्रामीणों ने खातेगांव प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने, पीड़ित महिला के खेत में मशीनों के प्रवेश पर रोक लगाने और बदतमीजी करने वाले ठेकेदार के कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है।
मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव स्थित ग्राम सोमगांव में इंदौर-बुधनी रेलवे लाइन परियोजना के तहत काम कर रहे एक निजी ठेकेदार की घोर लापरवाही और मनमानी का मामला सामने आया है। ठेकेदार पर आरोप है कि उसने क्रशिंग कार्य के लिए एक अस्थाई क्रशर की अनुमति तो ली है, लेकिन क्रशर और पोकलैंड मशीनों को तालाबों तक ले जाने के लिए एक बुजुर्ग महिला के निजी खेत के रास्ते का जबरन उपयोग कर रहा है। जब पीड़ित बुजुर्ग महिला ने अपने खेत में हो रही फसल की बोनी (बुआई) और जमीन के खराब होने का विरोध किया, तो ठेकेदार के कर्मचारियों ने उन्हें पुलिस से जेल भेजने की धमकी दे डाली। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। पीड़ित महिला का कहना है कि यह उनकी निजी संपत्ति का खेत है और बोनी का महत्वपूर्ण कार्य चल रहा है। बार-बार भारी मशीनों के निकलने से खेत और बोनी खराब हो रही है, जिससे उन्हें भविष्य में भारी आर्थिक नुकसान होगा। उन्होंने बहादुरी से मशीनों के सामने खड़े होकर आपत्ति जताई और कहा कि वे अपना खेत खराब करके गाड़ियां
नहीं निकलने देंगी, ठेकेदार शासकीय (सरकारी) रास्ते का उपयोग करे। ग्रामीण इस बात पर हैरानी जता रहे हैं कि ठेकेदार ने अस्थाई क्रशर और तालाबों पर क्रशिंग की अनुमति तो ले ली, लेकिन मशीनों को वहां तक पहुंचाने के लिए कोई वैध या वैकल्पिक रास्ता तय नहीं किया। नियमों के अनुसार, किसी भी अनुमति का मतलब यह नहीं है कि ठेकेदार किसी किसान की निजी जमीन को रौंदते हुए गाड़ियां निकाले, खासकर बोनी के समय खेत में दखल देना कानूनन 'क्रिमिनल ट्रेसपासिंग' के दायरे में आता है। वायरल वीडियो में ठेकेदार के कर्मचारियों को बुजुर्ग महिला को डराते-धमकाते और सत्ता के दम पर जेल भेजने की धौंस देते साफ सुना जा सकता है। इस पूरे मामले में स्थानीय प्रशासन और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं और निजी ठेकेदार अस्थाई अनुमति के नाम पर किसानों का शोषण कर रहे हैं। ग्रामीणों ने खातेगांव प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने, पीड़ित महिला के खेत में मशीनों के प्रवेश पर रोक लगाने और बदतमीजी करने वाले ठेकेदार के कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है।
- आष्टा के अलीपुर स्थित दुर्गा माता मंदिर से दानपेटी चोरी होने का मामला सामने आया है। चोर रात के अंधेरे में मंदिर के अंदर घूमते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो भी सामने आ गया है। इस वीडियो में चोर को मंदिर परिसर के भीतर टहलते हुए साफ देखा जा सकता है। घटना के बाद पार्वती पुलिस चोर की तलाश में जुट गई है। बताया जा रहा है कि चोरी हुई दानपेटी में लगभग 8 से 10 हजार रुपए होने की संभावना है।1
- हरदा/टिमरनी की कृषि उपज मंडी में सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है, जहाँ शुक्रवार को गेहूँ बेचने आए बैतूल जिले के एक आदिवासी किसान के ₹50,000 गिर गए। इन रुपयों को एक अज्ञात व्यक्ति ने शेड के नीचे से उठा लिया और अपने साथी के साथ बिना नंबर की बाइक पर फरार हो गया। यह पूरी घटना मंडी में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस अब आरोपी की तलाश कर रही है। जानकारी के अनुसार, बैतूल जिले के चिचोली क्षेत्र के कुरसना निवासी आदिवासी किसान ब्रजलाल पिता शिवराम कास्दे अपने साथियों के साथ शुक्रवार को टिमरनी मंडी आए थे। उनके 43 क्विंटल गेहूँ की बोली ₹2377 प्रति क्विंटल के हिसाब से लगी थी, जिसके एवज में एक व्यापारी ने उन्हें करीब ₹1 लाख 2 हजार दिए थे। ब्रजलाल ने यह राशि ₹500-₹500 के नोटों की गड्डियों के रूप में अपनी बनियान की अंदरूनी जेब में सुरक्षित रख ली थी। इसके बाद जब वह मूँग की फसल का भाव देखने फुटकर शेड की ओर गए, तो इसी दौरान उनकी जेब से ₹50,000 नीचे गिर गए। काफी तलाश के बाद जब ब्रजलाल को रुपए नहीं मिले, तो उन्होंने मंडी सचिव राजेंद्र धनोरिया को घटना की सूचना दी। मंडी प्रबंधन ने किसान की मौजूदगी में परिसर के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति फुटकर शेड के पास जमीन पर पड़े नोटों को उठाते हुए साफ दिखाई दे रहा है। रुपए उठाने के बाद वह संदिग्ध अपनी बिना नंबर की बाइक पर अनाज की कट्टी लादकर अपने साथी के साथ मौके से फरार हो गया। मंडी सचिव राजेंद्र धनोरिया ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध के हुलिए और बिना नंबर की बाइक की पहचान कर जाँच की जा रही है, और पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है।3
- देवास जिले के सोनकच्छ में मोहर्रम की तीसरी तारीख पर पारंपरिक सवारियां निकाली गईं। इस अवसर पर अलम के साथ एक जुलूस का आयोजन भी किया गया।1
- शाजापुर जिले की कालापीपल तहसील के ग्राम कमालपुर में बिजली विभाग की घोर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहाँ एक डीपी (डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर) बदलते समय हेल्पर महेश मीणा की खंभे पर करंट लगने से मौत हो गई। बताया गया कि अचानक बिजली चालू कर दी गई, जिसके कारण महेश मीणा का शरीर खंभे पर धू-धू कर जलता रहा। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। घटना के संबंध में बताया गया है कि काफी समय से डीपी खराब थी और उसे बदलने के लिए आदेश व परमिट दोनों थे। इसके बावजूद, बिजली विभाग की कथित लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ, जब महेश मीणा को काम के बीच अचानक बिजली चालू होने से करंट लग गया। इस गंभीर मामले पर कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने सरकार और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कुणाल चौधरी, जो कालापीपल के पूर्व विधायक भी हैं, ने बिजली मंत्री और मोहन सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि जब डीपी बदलने के लिए परमिट और आदेश दोनों थे, तो फिर उसकी अनदेखी कर महेश मीणा की मौत का जिम्मेदार कौन है। उन्होंने बताया कि महेश मीणा मात्र 8 हजार रुपये में काम करता था और उसके परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उसी पर थी। चौधरी ने इस मौत के लिए सरकार या विभाग को जिम्मेदार ठहराया और मांग की कि बिजली मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही, उन्होंने महेश मीणा के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की भी माँग की है।3
- भोपाल क्राइम ब्रांच ने नशे के सौदागरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत क्राइम ब्रांच ने कुल 170.090 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। इस बड़ी कार्रवाई के परिणामस्वरूप करोड़ों की एक साजिश को ध्वस्त कर दिया गया है।1
- जनपद पंचायत कन्नौद की ग्राम पंचायत इकलेरा में पंचायत सचिव और सहायक सचिव की मनमानी के कारण ग्रामीण पिछले दो माह से भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत भवन में विगत दो माह से ताले लगे हुए हैं, जिसके चलते परिसर में बड़े पैमाने पर घास उग आई है और जहरीले जीव जंतुओं का खतरा बना रहता है। इस स्थिति के कारण ग्रामीणों को कई समस्याओं से जूझना पड़ रहा है, विशेषकर छात्रों को। शासकीय और अशासकीय विद्यालय खुलने के बाद छात्रों को जाति और निवासी प्रमाण पत्रों की आवश्यकता पड़ रही है, लेकिन पंचायत भवन बंद होने से उन्हें ये प्रमाण पत्र बनवाने में दिक्कत आ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि जब उन्होंने ग्राम पंचायत सचिव से इस बारे में बात की, तो उन्होंने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि “आप कहीं भी शिकायत करो, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता, पंचायत मेरी मनमर्जी से चलेगी।” ग्रामीणों ने जनपद पंचायत कन्नौद के सीईओ से भी संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि पंचायत भवन नियमित रूप से खुलना चाहिए और सचिव व सहायक सचिव को वहां बैठकर ग्राम वासियों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। अपनी मनमर्जी के कारण ग्रामीणों को परेशान करने वाले सचिव के खिलाफ अब ग्राम इकलेरा के ग्रामीण कलेक्टर की जनसुनवाई में शिकायत करने की बात कह रहे हैं।1
- भैरुंदा पुलिस ने दुष्कर्म और धमकी देने के आरोपी रोहित हरियाले को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी जब्त किया। माननीय न्यायालय के आदेश पर रोहित हरियाले को जेल भेज दिया गया है।2
- कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने कालापीपल के सूरतीपुरा गांव में आउटसोर्स कर्मचारी मनीष मीणा की मौत पर सरकार से तीखा सवाल किया है। कुणाल चौधरी ने पूछा है कि क्या मनीष मीणा की यह मौत महज एक हादसा है, या फिर यह सरकारी तंत्र की घोर लापरवाही के कारण हुई है? उन्होंने इस घटना की जिम्मेदारी तय करने की मांग करते हुए सीधा सवाल किया है कि आखिर इसकी जवाबदेही कौन लेगा।1