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आष्टा के अलीपुर स्थित दुर्गा माता मंदिर से दानपेटी चोरी होने का मामला सामने आया है। चोर रात के अंधेरे में मंदिर के अंदर घूमते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो भी सामने आ गया है। इस वीडियो में चोर को मंदिर परिसर के भीतर टहलते हुए साफ देखा जा सकता है। घटना के बाद पार्वती पुलिस चोर की तलाश में जुट गई है। बताया जा रहा है कि चोरी हुई दानपेटी में लगभग 8 से 10 हजार रुपए होने की संभावना है।
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आष्टा के अलीपुर स्थित दुर्गा माता मंदिर से दानपेटी चोरी होने का मामला सामने आया है। चोर रात के अंधेरे में मंदिर के अंदर घूमते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो भी सामने आ गया है। इस वीडियो में चोर को मंदिर परिसर के भीतर टहलते हुए साफ देखा जा सकता है। घटना के बाद पार्वती पुलिस चोर की तलाश में जुट गई है। बताया जा रहा है कि चोरी हुई दानपेटी में लगभग 8 से 10 हजार रुपए होने की संभावना है।
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- आगामी मोहर्रम पर्व और अन्य त्योहारों को शांतिपूर्ण तथा सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से आष्टा थाना परिसर में एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और विभिन्न धर्मों के गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। बैठक के दौरान मोहर्रम कमेटी काजीपुरा आष्टा द्वारा 23 जून से 28 जून तक आयोजित होने वाले विभिन्न धार्मिक जुलूसों, अखाड़ा प्रदर्शनों एवं ताजिया कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशासन ने सभी आयोजनों को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों पर चर्चा की। इस अवसर पर वक्ताओं ने जोर दिया कि आष्टा की पहचान हमेशा से हिंदू-मुस्लिम एकता, आपसी प्रेम और भाईचारे की रही है। सभी समाजों के लोगों से अपील की गई कि वे आपसी सौहार्द बनाए रखते हुए त्योहारों को मिल-जुलकर मनाएं और शहर की गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूत करें। बैठक में यह संदेश दिया गया कि भले ही धर्म अलग हों, लेकिन आष्टा की संस्कृति सभी को एक सूत्र में बांधती है, और आपसी सहयोग, सम्मान तथा सद्भाव ही शहर की सबसे बड़ी ताकत है।1
- नगर पालिका परिषद आष्टा कूड़ा मुक्त शहर बनाने की दिशा में निरंतर प्रभावी प्रयास कर रही है। इसी क्रम में स्वच्छता टीम ने शहर के लगभग 6 प्रमुख कचरा स्थलों को पूरी तरह से कूड़ा मुक्त कर दिया है, जिससे इन स्थानों पर अब किसी भी प्रकार की गंदगी दिखाई नहीं देती और क्षेत्रवासियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण मिल रहा है। इन स्थलों को स्थायी रूप से स्वच्छ बनाए रखने के लिए, नगर पालिका की आईईसी (सूचना, शिक्षा एवं संचार) टीम द्वारा आसपास के क्षेत्रों में विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वच्छ भारत अभियान से जोड़ना है, ताकि वे अपने आसपास गंदगी न फैलाएं। इसके तहत, नागरिकों को घर से निकलने वाले कचरे को गीले और सूखे रूप में अलग-अलग रखने तथा उसे कचरा वाहन में ही डालने के लिए प्रेरित किया जाता है। साथ ही, सफाई कर्मचारियों द्वारा इन स्थलों पर विशेष अभियान चलाकर कचरे का पूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाता है। स्वच्छता के प्रति जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए, इन स्थलों पर नागरिकों को एकत्रित करके स्वच्छता की शपथ दिलाई जाती है। इसके अतिरिक्त, टीम द्वारा स्वच्छता से जुड़े स्लोगन और चालानी कार्रवाई के संदेश भी दीवारों पर लिखे जा रहे हैं, जिससे लोगों में जागरूकता के साथ-साथ अनुशासन भी बना रहे। इस अभियान में राजकुमार अकेला, विनय सिंह, अनीश सोलंकी, नीरज गंगराड़े सहित दर्जनों नागरिकों ने सक्रिय रूप से भागीदारी की है। यह सभी गतिविधियां नगर पालिका अध्यक्ष श्री हेम कुंवर राय सिंह मेवाड़ा और मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री विनोद कुमार प्रजापति के मार्गदर्शन में आयोजित की जा रही हैं। सेनेटरी इंस्पेक्टर श्री विनोद कुमार सांगते और वार्ड दरोगा के नेतृत्व में स्वच्छता टीम लगातार शहर को स्वच्छ बनाने में जुटी हुई है। नगर पालिका परिषद आष्टा का यह सराहनीय प्रयास न केवल शहर की सुंदरता को बढ़ा रहा है, बल्कि नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित कर रहा है।4
- मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव स्थित ग्राम सोमगांव में इंदौर-बुधनी रेलवे लाइन परियोजना के तहत काम कर रहे एक निजी ठेकेदार की घोर लापरवाही और मनमानी का मामला सामने आया है। ठेकेदार पर आरोप है कि उसने क्रशिंग कार्य के लिए एक अस्थाई क्रशर की अनुमति तो ली है, लेकिन क्रशर और पोकलैंड मशीनों को तालाबों तक ले जाने के लिए एक बुजुर्ग महिला के निजी खेत के रास्ते का जबरन उपयोग कर रहा है। जब पीड़ित बुजुर्ग महिला ने अपने खेत में हो रही फसल की बोनी (बुआई) और जमीन के खराब होने का विरोध किया, तो ठेकेदार के कर्मचारियों ने उन्हें पुलिस से जेल भेजने की धमकी दे डाली। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। पीड़ित महिला का कहना है कि यह उनकी निजी संपत्ति का खेत है और बोनी का महत्वपूर्ण कार्य चल रहा है। बार-बार भारी मशीनों के निकलने से खेत और बोनी खराब हो रही है, जिससे उन्हें भविष्य में भारी आर्थिक नुकसान होगा। उन्होंने बहादुरी से मशीनों के सामने खड़े होकर आपत्ति जताई और कहा कि वे अपना खेत खराब करके गाड़ियां नहीं निकलने देंगी, ठेकेदार शासकीय (सरकारी) रास्ते का उपयोग करे। ग्रामीण इस बात पर हैरानी जता रहे हैं कि ठेकेदार ने अस्थाई क्रशर और तालाबों पर क्रशिंग की अनुमति तो ले ली, लेकिन मशीनों को वहां तक पहुंचाने के लिए कोई वैध या वैकल्पिक रास्ता तय नहीं किया। नियमों के अनुसार, किसी भी अनुमति का मतलब यह नहीं है कि ठेकेदार किसी किसान की निजी जमीन को रौंदते हुए गाड़ियां निकाले, खासकर बोनी के समय खेत में दखल देना कानूनन 'क्रिमिनल ट्रेसपासिंग' के दायरे में आता है। वायरल वीडियो में ठेकेदार के कर्मचारियों को बुजुर्ग महिला को डराते-धमकाते और सत्ता के दम पर जेल भेजने की धौंस देते साफ सुना जा सकता है। इस पूरे मामले में स्थानीय प्रशासन और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं और निजी ठेकेदार अस्थाई अनुमति के नाम पर किसानों का शोषण कर रहे हैं। ग्रामीणों ने खातेगांव प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने, पीड़ित महिला के खेत में मशीनों के प्रवेश पर रोक लगाने और बदतमीजी करने वाले ठेकेदार के कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है।2
- देवास जिले के सोनकच्छ स्थित कृषि उपज मंडी प्रांगण में तीन दिवसीय विकासखंड स्तरीय शिविर का भव्य शुभारंभ किया गया है। इस जनकल्याण शिविर को 'एक पंथ सौ काज' बताते हुए, इसका प्राथमिक उद्देश्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ पहुंचाना बताया गया है।1
- शाजापुर जिले की कालापीपल तहसील के ग्राम कमालपुर में बिजली विभाग की घोर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहाँ एक डीपी (डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर) बदलते समय हेल्पर महेश मीणा की खंभे पर करंट लगने से मौत हो गई। बताया गया कि अचानक बिजली चालू कर दी गई, जिसके कारण महेश मीणा का शरीर खंभे पर धू-धू कर जलता रहा। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। घटना के संबंध में बताया गया है कि काफी समय से डीपी खराब थी और उसे बदलने के लिए आदेश व परमिट दोनों थे। इसके बावजूद, बिजली विभाग की कथित लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ, जब महेश मीणा को काम के बीच अचानक बिजली चालू होने से करंट लग गया। इस गंभीर मामले पर कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने सरकार और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कुणाल चौधरी, जो कालापीपल के पूर्व विधायक भी हैं, ने बिजली मंत्री और मोहन सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि जब डीपी बदलने के लिए परमिट और आदेश दोनों थे, तो फिर उसकी अनदेखी कर महेश मीणा की मौत का जिम्मेदार कौन है। उन्होंने बताया कि महेश मीणा मात्र 8 हजार रुपये में काम करता था और उसके परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उसी पर थी। चौधरी ने इस मौत के लिए सरकार या विभाग को जिम्मेदार ठहराया और मांग की कि बिजली मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही, उन्होंने महेश मीणा के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की भी माँग की है।3
- शाजापुर जिले के पनवाड़ी-जलोदा स्थित ड्रीम फन वैली वाटर पार्क में नहाने के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए 25 वर्षीय सुनील भिलाला की उपचार के दौरान मौत हो गई। राजगढ़ जिले के भैंसवा माताजी निवासी सुनील भिलाला 3 जून को अपने दोस्तों के साथ वाटर पार्क गए थे, जहां लहर वाले स्विमिंग पूल में गोता लगाने के दौरान वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए पहले शाजापुर और बाद में इंदौर रेफर किया गया था, जहां 5 जून को उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस द्वारा की गई जांच में यह सामने आया है कि वाटर पार्क में संवेदनशील स्थानों पर कोई चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा संकेतक नहीं लगाए गए थे। पुलिस ने इस स्थिति को बड़ी लापरवाही मानते हुए वाटर पार्क के संचालक अंशुल उर्फ विक्की शिवहरे और राहुल शिवहरे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
- आष्टा के अलीपुर स्थित दुर्गा माता मंदिर से दानपेटी चोरी होने का मामला सामने आया है। चोर रात के अंधेरे में मंदिर के अंदर घूमते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो भी सामने आ गया है। इस वीडियो में चोर को मंदिर परिसर के भीतर टहलते हुए साफ देखा जा सकता है। घटना के बाद पार्वती पुलिस चोर की तलाश में जुट गई है। बताया जा रहा है कि चोरी हुई दानपेटी में लगभग 8 से 10 हजार रुपए होने की संभावना है।1
- कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने कालापीपल के सूरतीपुरा गांव में आउटसोर्स कर्मचारी मनीष मीणा की मौत पर सरकार से तीखा सवाल किया है। कुणाल चौधरी ने पूछा है कि क्या मनीष मीणा की यह मौत महज एक हादसा है, या फिर यह सरकारी तंत्र की घोर लापरवाही के कारण हुई है? उन्होंने इस घटना की जिम्मेदारी तय करने की मांग करते हुए सीधा सवाल किया है कि आखिर इसकी जवाबदेही कौन लेगा।1