झारखंड के लातेहार जिले के महुआडाँड़ प्रखंड स्थित साले स्कूल हॉल में 21 जून 2026, रविवार दोपहर 1 बजे 'झारखंड पेसा नियमावली 2025 और पारंपरिक ग्राम सभा' विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। केन्द्रीय जन संघर्ष समिति, लातेहार-गुमला, के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर संजीव भगत ने स्पष्ट किया कि आदिवासी समुदाय अपने जल, जंगल और जमीन को केवल पारंपरिक ग्राम सभाओं के गठन से ही बचा सकता है। श्री भगत ने उरांव समुदाय की अपनी पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था पर प्रकाश डाला, जिसे आदिवासी स्वशासन व्यवस्था कहा जाता है। उन्होंने बताया कि पूर्वजों ने अपने जल, जंगल, जमीन और स्वशासन के लिए निरंतर संघर्ष किया और सफलता प्राप्त की, जिसके प्रमाण सीएनटी एक्ट, एसपीटी एक्ट और विलकिलशन रूल जैसे प्रावधान हैं। उन्होंने झारखंड पेसा नियमावली के तहत पारंपरिक सिस्टम के आधार पर ग्राम सभा के गठन के अधिकार पर जोर देते हुए कहा कि पुरखों द्वारा तय किए गए पारंपरिक पदों, जैसे महतो, पाहन, पुजार, जेठ रैयत और गौवारों आदि पंचों का चयन करके ग्राम सभाओं का गठन किया जाना चाहिए। इस अवसर पर प्रो. विनोद भगत ने आदिवासी समाज से एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यशाला में छेछाड़ी पड़हा परगना के ग्राम प्रधानों के साथ-साथ लातेहार एवं गुमला जिले के जनसंघर्ष समिति के साथियों ने भाग लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में केन्द्रीय जन संघर्ष समिति के कुलदीप मिंज, जयमन्ती बाड़ा, अमला किंडो, गोपाल खाखा और महुआडाँड़ जागृति ग्रुप के प्रवीण एक्का, मंदीप मिंज, जस्टिन लकड़ा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
झारखंड के लातेहार जिले के महुआडाँड़ प्रखंड स्थित साले स्कूल हॉल में 21 जून 2026, रविवार दोपहर 1 बजे 'झारखंड पेसा नियमावली 2025 और पारंपरिक ग्राम सभा' विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। केन्द्रीय जन संघर्ष समिति, लातेहार-गुमला, के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर संजीव भगत ने स्पष्ट किया कि आदिवासी समुदाय अपने जल, जंगल और जमीन को केवल पारंपरिक ग्राम सभाओं के गठन से ही बचा सकता है। श्री भगत ने उरांव समुदाय की अपनी पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था पर प्रकाश डाला, जिसे आदिवासी स्वशासन व्यवस्था कहा जाता है। उन्होंने बताया कि पूर्वजों ने अपने जल, जंगल, जमीन और स्वशासन के लिए निरंतर संघर्ष किया और सफलता प्राप्त की, जिसके प्रमाण सीएनटी एक्ट, एसपीटी एक्ट और विलकिलशन रूल जैसे प्रावधान हैं। उन्होंने झारखंड पेसा नियमावली के तहत पारंपरिक सिस्टम के आधार पर ग्राम सभा के गठन के अधिकार पर जोर देते हुए कहा कि पुरखों द्वारा तय किए गए पारंपरिक पदों, जैसे महतो, पाहन, पुजार, जेठ रैयत और गौवारों आदि पंचों का चयन करके ग्राम सभाओं का गठन किया जाना चाहिए। इस अवसर पर प्रो. विनोद भगत ने आदिवासी समाज से एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यशाला में छेछाड़ी पड़हा परगना के ग्राम प्रधानों के साथ-साथ लातेहार एवं गुमला जिले के जनसंघर्ष समिति के साथियों ने भाग लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में केन्द्रीय जन संघर्ष समिति के कुलदीप मिंज, जयमन्ती बाड़ा, अमला किंडो, गोपाल खाखा और महुआडाँड़ जागृति ग्रुप के प्रवीण एक्का, मंदीप मिंज, जस्टिन लकड़ा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- लातेहार के बुनियादी स्कूल के समीप रविवार सुबह करीब 10 बजे एक अज्ञात ट्रैक्टर ने बाइक पर सवार दो लोगों को टक्कर मार दी। इस घटना में दोनों लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए लातेहार अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल कुंदन कुमार और सुमित कुमार ने बताया कि वे दोनों सैलून से बाल कटाकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान अचानक सड़क पर निकले ट्रैक्टर ने उन्हें टक्कर मार दी और घटना को अंजाम देने के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया।1
- लातेहार जिले के पोचरा मोड़ के पास शनिवार को प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत मेटाज सर्विस एंड टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सूर्य घर कार्यालय का उद्घाटन किया गया। इस कार्यालय का फीता काटकर उद्घाटन लातेहार अनुमंडल पदाधिकारी दिनेश कुमार ने किया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए अनुमंडल पदाधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसे वर्ष 2024 में सभी वर्गों के लोगों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार इस योजना के तहत आर्थिक राहत के लिए सब्सिडी भी दे रही है। दिनेश कुमार ने आम जनता से अपील की कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, अपने घरों में सोलर सिस्टम लगवाकर बिजली के खर्च में कमी लाएं। कंपनी के संचालक देवव्रत प्रसाद और अभिषेक कुमार ने जानकारी दी कि उनकी कंपनी झारखंड और बिहार में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगाया जा सकता है, जिसकी कुल लागत लगभग ₹2,10,000 है। इस पर सरकार की ओर से ₹78,000 तक की सब्सिडी मिलेगी, जबकि कंपनी ₹12,000 का अतिरिक्त लाभ भी दे रही है। इच्छुक उपभोक्ता लोन सुविधा के माध्यम से भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। कंपनी ने बताया कि सोलर सिस्टम की बैटरी लगभग 35 वर्षों तक चलेगी और माइक्रोटेक, लुमिनस, अडानी सहित अन्य कंपनियों के उत्पाद उनके पास उपलब्ध हैं। कार्यक्रम के दौरान लोगों को सौर ऊर्जा के लाभ और योजना की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई।3
- लातेहार स्थित सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 32वीं वाहिनी में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिकारियों और जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए सामूहिक योगाभ्यास किया। कार्यवाहक कमांडेंट विनय कुमार ओझा के नेतृत्व में वाहिनी के सभी कार्यस्थलों पर भी योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। योगाभ्यास के पश्चात, उपस्थित सभी अधिकारियों और जवानों ने स्वयं नियमित रूप से योग करने तथा अपने परिवार, मित्रों एवं आसपास के लोगों को भी योग अपनाने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर, कार्यवाहक कमांडेंट विनय कुमार ओझा ने अपने संबोधन में योग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जवानों के जीवन में अनुशासन का विशेष महत्व है और योग इसे विकसित करने के साथ-साथ मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है। कमांडेंट ओझा ने बताया कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि मानसिक एकाग्रता, आत्मसंयम और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का भी एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने जवानों से अपनी दैनिक दिनचर्या में योग को शामिल करने का आग्रह करते हुए कहा कि नियमित योगाभ्यास से शारीरिक क्षमता और मानसिक दृढ़ता दोनों में वृद्धि होती है, जो एक सैनिक के लिए अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम के दौरान योग के विभिन्न आसनों एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया गया, और इस आयोजन को लेकर जवानों में विशेष उत्साह देखने को मिला।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर लातेहार स्थित टाउन हॉल में एक योग शिविर का आयोजन किया गया।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शनिवार को चंदवा के मुख्य मार्ग स्थित गायत्री मंदिर के समीप क्रिएटिव अकैडमी में एक दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने योगाभ्यास किया, साथ ही योग के महत्व और लाभों के बारे में जानकारी प्राप्त की। अकैडमी के निदेशक डॉ. मनु कुमार गुप्ता ने इस दौरान योग को प्रत्येक व्यक्ति के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि नियमित योग से मन शांत और स्थिर रहता है, जिससे शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है। डॉ. गुप्ता ने विशेष रूप से विद्यार्थियों को प्रतिदिन योग करने की सलाह दी, जिससे उनके तन और मन दोनों स्वस्थ रहें और पढ़ाई में एकाग्रता बढ़े। कार्यक्रम में विद्यालय की चेयरपर्सन खुशी कुमारी, उप-प्राचार्य अमृत कौर, निखिल वर्मा, रवि रंजन, राखी दास, ऋतु कुमारी, वर्षा कुमारी, मुस्कान परवीन, प्रीति पाठक, सनिका वर्मा, दीपक कुमार, मोनी देवी, उमेश उरांव सहित कई अन्य शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भी योग के महत्व पर अपने विचार रखे। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने लोगों को योग के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।4
- झारखंड के लोहरदगा जिले के मिशन चौक में एक बड़ा सड़क हादसा हुआ है।1
- पलामू जिले के सतबरवा प्रखंड की धावाडीह पंचायत में पंचायत समिति सदस्य के पद के लिए, पांकी विधायक के सतबरवा सोशल मीडिया प्रभारी महेश यादव ने पलामू किला पर एक वनभोज का आयोजन किया। इस आयोजन के दौरान सैकड़ों लोगों ने उन्हें अपना जनसमर्थन दिया, जिससे आगामी पंचायत चुनाव को लेकर महेश यादव ने अपनी मजबूत दावेदारी प्रस्तुत की है। महेश यादव ने इस अवसर पर कहा कि ग्रामीणों की यह सोच है कि गांव की सरकार में उनका योगदान महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने बताया कि सैकड़ों लोगों ने उन्हें जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया है, और ऐसे में उनके लिए इस जिम्मेदारी से इनकार करना उचित नहीं है। महेश यादव ने जनता की उम्मीदों और उनके द्वारा कदम से कदम मिलाकर चलने के प्रयासों पर खरा उतरने का संकल्प व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में अशोक यादव, सेठा यादव, संजय यादव, सुमन, असरफी और संदीप सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे, जिन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर महेश यादव को समर्थन दिया।2
- झारखंड के लातेहार जिले के महुआडाँड़ प्रखंड स्थित साले स्कूल हॉल में 21 जून 2026, रविवार दोपहर 1 बजे 'झारखंड पेसा नियमावली 2025 और पारंपरिक ग्राम सभा' विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। केन्द्रीय जन संघर्ष समिति, लातेहार-गुमला, के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर संजीव भगत ने स्पष्ट किया कि आदिवासी समुदाय अपने जल, जंगल और जमीन को केवल पारंपरिक ग्राम सभाओं के गठन से ही बचा सकता है। श्री भगत ने उरांव समुदाय की अपनी पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था पर प्रकाश डाला, जिसे आदिवासी स्वशासन व्यवस्था कहा जाता है। उन्होंने बताया कि पूर्वजों ने अपने जल, जंगल, जमीन और स्वशासन के लिए निरंतर संघर्ष किया और सफलता प्राप्त की, जिसके प्रमाण सीएनटी एक्ट, एसपीटी एक्ट और विलकिलशन रूल जैसे प्रावधान हैं। उन्होंने झारखंड पेसा नियमावली के तहत पारंपरिक सिस्टम के आधार पर ग्राम सभा के गठन के अधिकार पर जोर देते हुए कहा कि पुरखों द्वारा तय किए गए पारंपरिक पदों, जैसे महतो, पाहन, पुजार, जेठ रैयत और गौवारों आदि पंचों का चयन करके ग्राम सभाओं का गठन किया जाना चाहिए। इस अवसर पर प्रो. विनोद भगत ने आदिवासी समाज से एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यशाला में छेछाड़ी पड़हा परगना के ग्राम प्रधानों के साथ-साथ लातेहार एवं गुमला जिले के जनसंघर्ष समिति के साथियों ने भाग लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में केन्द्रीय जन संघर्ष समिति के कुलदीप मिंज, जयमन्ती बाड़ा, अमला किंडो, गोपाल खाखा और महुआडाँड़ जागृति ग्रुप के प्रवीण एक्का, मंदीप मिंज, जस्टिन लकड़ा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1