बेहद दुखद खबर। नहीं रही भारत की पहली फीमेल मिमिक्री आर्टिस्ट व एक्ट्रेस आशा सिंह। फेंफड़ों की बीमारी ने आशा सिंह जी की जान ले ली। पूरा नाम था उनका आशा सिंह जायसवाल। कल यानि 22 अगस्त को शाम लगभग साढ़े सात बजे आशा सिंह जायसवाल की डेथ हुई थी। आशा जी के बेटे आकाश भारद्वाज ने सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी डेथ की खबर दी। दैनिक भास्कर के मुताबिक़, आशा सिंह जायसवाल भारत की पहली महिला मिमिक्री आर्टिस्ट थी। ट्रैजेडी क्वीन ऑफ़ बॉलीवुड कहलाने वाली एक्ट्रेस मीना कुमारी की आवाज़ की बहुत बढ़िया नक़ल करती थी आशा सिंह। बी.आर. चोपड़ा की महाभारत में भी उन्होंने काम किया था। महाभारत में आशा सिंह ने गुरू द्रोणाचार्य की पत्नी कृपी की भूमिका निभाई थी। आज सुबह 10 बजे विले पार्ले के पवन हंस श्मशान घाट पर आशा सिंह जायसवाल का अंतिम संस्कार हुआ। उनके बेटे ने अपनी पोस्ट में बताया है कि वो अपने काम को ही सबकुछ मानती थी। और उन्होंने जनता से अपील की कि सोशल मीडिया के माध्यम से लोग उनकी मां के काम को देखें। शायद उनकी मां आशा सिंह जायसवाल जी की आत्मा को शांति मिले। आशा जी कहती थी कि मौत का दुख नहीं मनाना चाहिए। बल्कि आनंद महसूस करना चाहिए। दैनिक भास्कर की ही रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि आशा सिंह एक एंट्रोप्रेन्योर भी थी। उनकी अपनी एक कंपनी थी जिसका नाम था आशा इवेंट्स एंड फिल्म्स। वही इस कंपनी की फाउंडर व ऑपरेटर थी। अपनी इस कंपनी के माध्यम से आशा सिंह जायसवाल जी ने कई सांस्कृतिक इवेंट्स आयोजित किए थे। बीमार पड़ने से पहले तक भी वो लगातार काम कर रही थी।
बेहद दुखद खबर। नहीं रही भारत की पहली फीमेल मिमिक्री आर्टिस्ट व एक्ट्रेस आशा सिंह। फेंफड़ों की बीमारी ने आशा सिंह जी की जान ले ली। पूरा नाम था उनका आशा सिंह जायसवाल। कल यानि 22 अगस्त को शाम लगभग साढ़े सात बजे आशा सिंह जायसवाल की डेथ हुई थी। आशा जी के बेटे आकाश भारद्वाज ने सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी डेथ की खबर दी। दैनिक भास्कर के मुताबिक़, आशा सिंह जायसवाल भारत की पहली महिला मिमिक्री आर्टिस्ट थी। ट्रैजेडी क्वीन ऑफ़ बॉलीवुड कहलाने वाली एक्ट्रेस मीना कुमारी की आवाज़ की बहुत बढ़िया नक़ल करती थी आशा सिंह। बी.आर. चोपड़ा की महाभारत में भी उन्होंने काम किया था। महाभारत में आशा सिंह ने गुरू द्रोणाचार्य की पत्नी कृपी की भूमिका निभाई थी। आज सुबह 10 बजे विले पार्ले के पवन हंस श्मशान घाट पर आशा सिंह जायसवाल का अंतिम संस्कार हुआ। उनके बेटे ने अपनी पोस्ट में बताया है कि वो अपने काम को ही सबकुछ मानती थी। और उन्होंने जनता से अपील की कि सोशल मीडिया के माध्यम से लोग उनकी मां के काम को देखें। शायद उनकी मां आशा सिंह जायसवाल जी की आत्मा को शांति मिले। आशा जी कहती थी कि मौत का दुख नहीं मनाना चाहिए। बल्कि आनंद महसूस करना चाहिए। दैनिक भास्कर की ही रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि आशा सिंह एक एंट्रोप्रेन्योर भी थी। उनकी अपनी एक कंपनी थी जिसका नाम था आशा इवेंट्स एंड फिल्म्स। वही इस कंपनी की फाउंडर व ऑपरेटर थी। अपनी इस कंपनी के माध्यम से आशा सिंह जायसवाल जी ने कई सांस्कृतिक इवेंट्स आयोजित किए थे। बीमार पड़ने से पहले तक भी वो लगातार काम कर रही थी।
- किसानों से धान खरीदकर महीनों से भुगतान का इंतजार, पैक्स अध्यक्षों पर बढ़ा आर्थिक दबाव; बोले- ऐसे हालात रहे तो कोई चुनाव लड़ना नहीं चाहेगा1
- कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय उसराहा पटोरी में आयोजित हुआ विद्यार्थी सहयोग शिविर उसराहा पटोरी (समस्तीपुर), 25 अगस्त। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, उसराहा पटोरी (टाइप-1) में आज 25 अगस्त को विद्यार्थी सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य छात्राओं की शैक्षणिक एवं छात्रावास संबंधी समस्याओं का समाधान करना तथा उनके सुझाव प्राप्त करना था। शिविर में छात्राओं को विद्यार्थी सहायता पोर्टल (sahyog.bihar.gov.in) के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि वे अपनी शैक्षणिक एवं छात्रावास संबंधी शिकायतें और सुझाव ऑनलाइन दर्ज कर सकती हैं। साथ ही यह भी बताया गया कि शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1100 उपलब्ध है तथा दर्ज शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। विद्यालय प्रशासन ने छात्राओं से इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। शिविर में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्राओं की सक्रिय भागीदारी रही।1
- हाजीपुर में सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा पत्रकारों को अपमानित किये जाने की घटना कि निंदा करते हुए, सांसद पप्पू यादव ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया.1
- KSR कॉलेज की एक भी ईंट नहीं टूटने देंगे: पप्पू यादव के आश्वासन पर NSUI ने खत्म की छह दिन से जारी भूख हड़ताल समस्तीपुर, 25 अगस्त 2026। KSR कॉलेज, सरायरंजन के अस्तित्व को बचाने की मांग को लेकर NSUI की छात्र ने पप्पू यादव के आश्वासन पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त हो गई। जनप्रतिनिधि पप्पू यादव के आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया। पप्पू यादव ने आश्वस्त किया कि KSR कॉलेज की एक भी ईंट नहीं टूटने दी जाएगी और कॉलेज एवं विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उनके आश्वासन के बाद NSUI कार्यकर्ताओं ने भूख हड़ताल समाप्त की। NSUI लंबे समय से प्रस्तावित पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट को लेकर KSR कॉलेज को संभावित नुकसान से बचाने की मांग कर रही थी। संगठन का कहना है कि कॉलेज हजारों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थान है। कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार KSR कॉलेज की स्थापना 1981 में हुई थी और यह ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय से संबद्ध है। भूख हड़ताल समाप्त होने के बाद NSUI नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि आंदोलन फिलहाल स्थगित किया गया है, लेकिन कॉलेज के अस्तित्व और छात्रों के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।1
- “स्कूल समय से पहले बंद, कार्रवाई क्या होगी? दोषी कौन—शिक्षक, विभाग या अभिभावक?” “स्कूल समय से पहले बंद, कार्रवाई क्या होगी? दोषी कौन—शिक्षक, विभाग या अभिभावक?”1
- रामशरण राय कॉलेज में छात्रों का उग्र प्रदर्शन, परीक्षा से लेकर लैब क्लास तक उठे सवाल रामशरण राय कॉलेज में छात्रों का उग्र प्रदर्शन, परीक्षा से लेकर लैब क्लास तक उठे सवाल1
- बहुजन समाज अपना हक और अधिकार के लिए संघर्ष करें अनिल पासवान राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ भीमराव अंबेडकर संघर्ष विचार मंच।1
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