सुमेरपुर में 27 जून को चारभुजा से बाड़मेर जा रही राजस्थान रोडवेज की एक बस में सादड़ी के पास फ्लाइंग टीम ने अचानक निरीक्षण किया। इस जांच के दौरान, देसूरी से सांडेराव की यात्रा कर रहे दो यात्री बिना वैध टिकट के सफर करते पाए गए। नियमों का उल्लंघन करने पर बस परिचालक वासनाराम चौधरी ने दोनों यात्रियों से नियमानुसार किराए का 10 गुना जुर्माना वसूल किया। इस कार्रवाई के बाद यात्रियों को टिकट जारी कर उनकी आगे की यात्रा सुनिश्चित की गई। यह कार्रवाई राजस्थान रोडवेज द्वारा समय-समय पर बिना टिकट यात्रा रोकने और राजस्व हानि को कम करने के उद्देश्य से फ्लाइंग टीमों के माध्यम से चलाए जाने वाले विशेष जांच अभियानों का हिस्सा है। रोडवेज के नियमों के अनुसार, प्रत्येक यात्री के लिए यात्रा शुरू करते ही टिकट लेना अनिवार्य है। बिना टिकट यात्रा करते पकड़े जाने पर संबंधित यात्री से निर्धारित प्रावधानों के तहत जुर्माना वसूला जाता है। रोडवेज प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे बस में चढ़ते ही अपना टिकट अवश्य लें और अपनी पूरी यात्रा के दौरान उसे सुरक्षित अपने पास रखें।
सुमेरपुर में 27 जून को चारभुजा से बाड़मेर जा रही राजस्थान रोडवेज की एक बस में सादड़ी के पास फ्लाइंग टीम ने अचानक निरीक्षण किया। इस जांच के दौरान, देसूरी से सांडेराव की यात्रा कर रहे दो यात्री बिना वैध टिकट के सफर करते पाए गए। नियमों का उल्लंघन करने पर बस परिचालक वासनाराम चौधरी ने दोनों यात्रियों से नियमानुसार
किराए का 10 गुना जुर्माना वसूल किया। इस कार्रवाई के बाद यात्रियों को टिकट जारी कर उनकी आगे की यात्रा सुनिश्चित की गई। यह कार्रवाई राजस्थान रोडवेज द्वारा समय-समय पर बिना टिकट यात्रा रोकने और राजस्व हानि को कम करने के उद्देश्य से फ्लाइंग टीमों के माध्यम से चलाए जाने वाले विशेष जांच अभियानों का हिस्सा है। रोडवेज के नियमों के
अनुसार, प्रत्येक यात्री के लिए यात्रा शुरू करते ही टिकट लेना अनिवार्य है। बिना टिकट यात्रा करते पकड़े जाने पर संबंधित यात्री से निर्धारित प्रावधानों के तहत जुर्माना वसूला जाता है। रोडवेज प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे बस में चढ़ते ही अपना टिकट अवश्य लें और अपनी पूरी यात्रा के दौरान उसे सुरक्षित अपने पास रखें।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NCERT द्वारा अपनी किताबों में आपातकाल को शामिल करने के कदम की सराहना की है। प्रधान ने कहा कि यह एक अच्छा काम है, जिससे देश के बच्चों को इंदिरा गांधी और कांग्रेस की 'काली करतूत' के बारे में पता चलना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाकर लोकतंत्र पर एक 'काला धब्बा' लगाया था।1
- श्रीमती गुलाबी नामक एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि राजस्थान में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और उनके अधिकारों का लगातार हनन हो रहा है। उन्होंने बताया कि 10 जून 2026 को उन्होंने बाली पुलिस थाना में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन पुलिस थाने में महेंद्र सिंह ने उनकी FIR दर्ज नहीं की और उन्हें केवल एक रसीद थमा दी। इसके बाद, 17 जून 2026 को उन्होंने पाली के अधीक्षक महोदय से संपर्क किया, फिर भी पंचों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। गुलाबी जी का कहना है कि पंचों के खिलाफ ऑडियो और वीडियो सबूत देने के बावजूद भी कार्रवाई नहीं हुई, और कागजों में की गई कार्रवाई से उन्हें कोई संतुष्टि नहीं मिली। गुलाबी जी ने यह भी उल्लेख किया कि 12 जनवरी 2026 की एक FIR संख्या 10 पहले से ही न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद, उनके ससुर नवाराम जी कुछ रिश्तेदारों और पंचों के साथ मिलकर उनके खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं। वे आशाराम के घर से कागज भेजकर जवाब दे रहे हैं और पंच समाज में उन्हें बदनाम करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। इन हरकतों में उनके परिवार का "हुका पानी बंद करना" और उनके पिता व भाई को मानसिक तनाव देना शामिल है। पंचों से लगातार परेशान होने के कारण, श्रीमती गुलाबी ने न्यूज़ मीडिया से इस मामले को उठाने की कृपा करने का अनुरोध किया है और उन्होंने इस संबंध में वीडियो भी भेजे हैं। गुलाबी जी की पहचान श्रीमती गुलाबी पत्नी तुषार, पुत्री मोटाराम जी, उम्र 28 वर्ष, जाति जणवा चौधरी, निवासी मुंडारा होल गांव पातावा के रूप में की गई है।4
- सरूपगंज के रोहिड़ा रोड स्थित श्री काशी विश्वनाथ गौशाला सेवा समिति की वार्षिक आम सभा का आयोजन शनिवार को किया गया। यह सभा प्रशासक एवं उप तहसीलदार भांवरी तथा गौशाला अध्यक्ष लालदास महाराज के सानिध्य में आयोजित हुई। इस दौरान समिति ने सर्वसम्मति से गौशाला की नई कार्यकारीणी के गठन का प्रस्ताव लिया, साथ ही गौशाला के विकास और गौ चिकित्सालय व्यवस्था के सुचारू संचालन पर भी व्यापक चर्चा की गई। सभा में उप तहसीलदार रूपाराम मेघवाल (जो गौशाला के प्रशासक भी हैं) और पटवारी अनिल कुमार परवारी को दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया गया। उपस्थित सदस्यों ने वर्तमान संचालक लालदास महाराज को ही पुनः गौशाला का संचालक एवं अध्यक्ष बनाने का सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया, जो तब तक प्रभावी रहेगा जब तक स्थाई समिति का गठन नहीं हो जाता। इसके अतिरिक्त, महंत सनकादिक शरण महाराज आबावेरी को गौशाला का उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया, और उन्हें बैंक एवं राजकार्यों के लिए अध्यक्ष तथा प्रशासक के साथ तीसरे हस्ताक्षरकर्ता के रूप में भी नियुक्त किया गया है। गौशाला की नई कार्यकारीणी इस प्रकार रहेगी: अध्यक्ष श्री लालदास महाराज, उपाध्यक्ष सनकादिक शरण महाराज आबावेरी, सचिव लक्ष्मणसिंह गुजराल, सहसचिव धनदास वैष्णव, कोषाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, व्यवस्थापक मांगीलाल कलबी, और सह कोषाध्यक्ष मोहनलाल एम. कलबी। सदस्यगणों में अशोक सुथार, शेरसिंह, पवन जोशी, अनिल कुमार, विनोद दवे, रूपचंद अग्रवाल, मोहनलाल पटेल, गोपाल प्रजापत और संजय प्रजापत सहित अन्य सदस्यों को मनोनीत किया गया है।2
- राजस्थान के सिरोही जिले के मंडवारिया गाँव में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ कथित तौर पर मृत्युभोज में घी के मालपुए न बनाने के कारण समाज के पंचों ने कुल 43 परिवारों का सामाजिक बहिष्कार कर दिया है। यह आरोप लगाया गया है कि एक परिवार ने अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण मृत्युभोज में परंपरा के अनुसार घी के मालपुए नहीं बनाए और साधारण भोजन ही परोसा। इसी बात से नाराज होकर समाज के एक दर्जन से अधिक पंचों ने बैठक कर मृत्युभोज कराने वाले परिवार सहित इन 43 परिवारों को समाज से बहिष्कृत करने का फरमान सुना दिया। बहिष्कार के बाद पीड़ित परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि गाँव में अब कोई उनसे बातचीत नहीं करता, उन्हें कई जगहों पर मजदूरी नहीं मिल रही, और सामाजिक कार्यक्रमों से भी दूर रखा जा रहा है। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है, यहाँ तक कि दुकानों से राशन मिलने में भी समस्या आ रही है। एक पीड़ित परिवार ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण घी के मालपुए नहीं बनाए गए थे, जिसके बाद समाज के पंचों ने उन्हें समाज से बाहर कर दिया, जिससे उन्हें गाँव में कोई काम नहीं मिल रहा और न ही कोई उनसे बात कर रहा है। इन परिवारों ने समाज के कई पंचों के खिलाफ स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कार्रवाई न होने से निराश होकर सभी 43 परिवारों के सदस्य जिला मुख्यालय पहुँचे और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। एक अन्य पीड़ित ने सवाल उठाया, "घी के मालपुए नहीं बनाए तो क्या हम इंसान नहीं रहे? हमारी बहू-बेटियों से भी लोग बात नहीं कर रहे हैं। प्रशासन हमें न्याय दिलाए।" कानूनी जानकारों के अनुसार, सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई व सजा का प्रावधान है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस मामले में प्रशासन और पुलिस क्या कार्रवाई करती है।1
- जालोर में जिला महिला कांग्रेस की जिला कार्यकारिणी की बैठक राष्ट्रीय सचिव शमा बानो के मुख्य आतिथ्य और जिलाध्यक्ष संतोष कंवर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों की नीतियों की कड़ी आलोचना की गई, खासकर महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों पर। राष्ट्रीय सचिव शमा बानो ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों की गलत नीतियों के कारण आमजन महंगाई और बेरोजगारी की मार झेल रहा है। उन्होंने भाजपा सरकार पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर मौन रहने तथा प्रदेश सहित पूरे देश में महिलाओं पर अत्याचार एवं उत्पीड़न की घटनाओं में लगातार वृद्धि होने का आरोप लगाया। बानो ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर रही है और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे भाजपा की जनविरोधी नीतियों और विफलताओं को आमजन तक पहुंचाएं, साथ ही संगठन को मजबूत बनाने के लिए अधिक सक्रिय हों। बैठक की अध्यक्षता कर रहीं जिलाध्यक्ष संतोष कंवर ने कहा कि देश में महंगाई चरम पर है, खाद्य पदार्थों के साथ-साथ रसोई गैस सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल और सोने के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इससे आमजन, विशेषकर महिलाओं पर आर्थिक बोझ काफी बढ़ा है। उन्होंने केंद्र सरकार को महंगाई नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल बताया और सभी कांग्रेसजनों से भाजपा सरकार की इन विफलताओं को जनता के बीच प्रभावी ढंग से रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन जिला कांग्रेस प्रवक्ता योगेंद्र सिंह कुम्पावत ने किया। इस दौरान प्रदेश सचिव कामिनी शर्मा, प्रदेश सचिव गीता श्री मेघवाल, सायला ब्लॉक अध्यक्ष चंपा देवी, अल्पसंख्यक प्रदेश संयोजक सलीम मोयला और अमीन मोयला सहित जालोर ब्लॉक अध्यक्ष शीला चौधरी, नगराध्यक्ष जुबैदा नागोरी और अन्य बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस पदाधिकारी एवं कांग्रेसजन उपस्थित रहे।4
- जालौर में मोहर्रम के अवसर पर शुक्रवार सुबह 10:00 बजे सांडबाव स्थित मोहर्रम पोल से भव्य ताजिया जुलूस निकाला गया। यह जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए घांचियों की पिलानी, पिंजरों की मस्जिद, बड़ी पोल के बाहर और भक्त प्रह्लाद चौक पहुंचा, जहाँ शाम करीब 5:30 बजे इसका मुकाम रहा। इसके बाद ताजिया जुलूस पंचायत समिति मेन रोड पहुंचा, जहाँ सभी अकीदतमंदों ने आखिरी सजदा अदा किया और देश में अमन, शांति, भाईचारे तथा खुशहाली की दुआ मांगी। दुआ के पश्चात, सुन्देला तालाब पर पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार ताजिए को ठंडा किया गया। मोहर्रम के इस आयोजन में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों में भारी उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोगों ने रोजे रखकर देश की तरक्की और शांति की कामना की। बड़ी पोल के बाहर मुस्लिम समाज की ओर से छबील, शरबत एवं नाश्ते की व्यवस्था की गई, जहाँ लोगों ने सेवा भाव से जलपान किया। इस दौरान कई श्रद्धालुओं ने अपनी मन्नत पूरी होने पर ताजिए के आगे लोट लगाकर अपनी आस्था और श्रद्धा व्यक्त की, जो पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा। पूरे कार्यक्रम के दौरान धार्मिक अनुशासन, सौहार्द और भाईचारे का माहौल बना रहा, जिसे शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने में पुलिस प्रशासन का भी सराहनीय सहयोग रहा।1
- राजस्थान के सिरोही जिले के मंडवारिया गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ कथित तौर पर एक परिवार ने मृत्युभोज में आर्थिक तंगी के कारण घी के मालपुए नहीं बनाए। इस बात से नाराज होकर समाज के पंचों ने एक दर्जन से अधिक की संख्या में बैठक कर उस परिवार सहित कुल 43 परिवारों का सामाजिक बहिष्कार करने का फरमान सुना दिया। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि इस फरमान के बाद उनका हुक्का-पानी बंद कर दिया गया है। गांव में उनसे कोई बातचीत नहीं कर रहा, मजदूरी नहीं मिल रही और दुकानों से राशन तक देने से मना किया जा रहा है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। एक पीड़ित परिवार ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि आर्थिक तंगी के चलते घी के मालपुए नहीं बनाने पर उन्हें समाज से बाहर कर दिया गया और अब काम भी नहीं मिल रहा। एक अन्य पीड़ित ने भावुक होकर पूछा कि घी के मालपुए नहीं बनाए तो क्या वे इंसान नहीं रहे और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित परिवारों ने समाज के कई पंचों के खिलाफ स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन उनका दावा है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कार्रवाई न होने से निराश होकर, सभी 43 परिवारों के सदस्य जिला मुख्यालय पहुंचे और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग की। कानूनी जानकारों के अनुसार, सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार कानूनन अपराध है और इसमें दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। इस मामले में प्रशासन और पुलिस क्या कदम उठाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।1
- अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर जालोर में एक विचार संगोष्ठी एवं जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ माता सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन जालोर और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निर्देशन में ग्रामीण उत्थान मानव संस्थान (GUMS) द्वारा संचालित नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र, रामदेव कॉलोनी में आयोजित किया गया। इस दौरान नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई और युवाओं व आमजन को नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया गया, साथ ही नशा मुक्ति जागरूकता पोस्टर का विमोचन कर उपस्थित लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में पूर्व उपसभापति अम्बालाल व्यास ने मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि "नशामुक्त समाज ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है" और उन्होंने युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग से नशा उन्मूलन अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। एम.के. जोशी (हेड, डाबर कंपनी), दिनेश कुमार माली (नगर संयोजक), डॉ. शान्तीलाल माथुर (मेडिकल ऑफिसर) और नितेश भटनागर (जिला संरक्षक, जालोर ब्लड डोनर संस्था परिवार) विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। ग्रामीण उत्थान मानव संस्थान के अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय विश्नोई महासभा के विशिष्ट आमंत्रित सदस्य रामेश्वर लाल विश्नोई ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि केंद्र में भर्ती होने वाले लाभार्थियों को उपचार, परामर्श, आवास और भोजन सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ निःशुल्क प्रदान की जाती हैं, और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पुनर्वास गतिविधियाँ भी संचालित की जाती हैं। मेडिकल ऑफिसर डॉ. शान्तीलाल माथुर ने नशामुक्त जीवन को स्वस्थ जीवनशैली का आधार बताया, वहीं जालोर ब्लड डोनर संस्था परिवार के जिला संरक्षक नितेश भटनागर ने नशे को शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक कमजोरी का कारण बताते हुए नशा मुक्ति केंद्र का सहारा लेने की सलाह दी और नियमित रक्तदान की अपील की। संस्था के परियोजना समन्वयक हीरालाल चौहान ने नशीले पदार्थों के सेवन को अपराध, पारिवारिक विघटन और सामाजिक समस्याओं का प्रमुख कारण बताते हुए उपस्थित जनसमूह को नशामुक्त समाज निर्माण का संकल्प दिलाया और शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम का संचालन सुरेश कुमार विश्नोई ने किया, जिसमें नर्सिंग कर्मचारी, परामर्शदाता, केंद्र के लाभार्थी और कॉलोनीवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समापन पर सभी को अल्पाहार कराया गया। इस कार्यक्रम का मूल संदेश "नशा छोड़ें, स्वस्थ जीवन अपनाएँ — नशामुक्त समाज ही समृद्ध, स्वस्थ और खुशहाल राष्ट्र की पहचान है" रहा।3
- मध्य प्रदेश के उज्जैन में मोहर्रम के जुलूस के दौरान एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। जुलूस के बीच एक कार में विस्फोटक सामग्री रखी गई, फिर उसे एक क्रेन की मदद से ऊपर लटकाया गया और बाद में धमाके के साथ उड़ा दिया गया। इस दौरान मौके पर मौजूद भीड़ कथित तौर पर 'अल्लाहु अकबर' के नारे लगा रही थी। घटना को लेकर सवाल उठाए गए हैं कि क्या ये 'डरे हुए मुसलमान' हैं, और आखिर ये 'कट्टरपंथी मुसलमान' ऐसी हरकतों से क्या दिखाना चाहते हैं।1