अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर जालोर में एक विचार संगोष्ठी एवं जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ माता सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन जालोर और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निर्देशन में ग्रामीण उत्थान मानव संस्थान (GUMS) द्वारा संचालित नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र, रामदेव कॉलोनी में आयोजित किया गया। इस दौरान नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई और युवाओं व आमजन को नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया गया, साथ ही नशा मुक्ति जागरूकता पोस्टर का विमोचन कर उपस्थित लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में पूर्व उपसभापति अम्बालाल व्यास ने मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि "नशामुक्त समाज ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है" और उन्होंने युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग से नशा उन्मूलन अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। एम.के. जोशी (हेड, डाबर कंपनी), दिनेश कुमार माली (नगर संयोजक), डॉ. शान्तीलाल माथुर (मेडिकल ऑफिसर) और नितेश भटनागर (जिला संरक्षक, जालोर ब्लड डोनर संस्था परिवार) विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। ग्रामीण उत्थान मानव संस्थान के अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय विश्नोई महासभा के विशिष्ट आमंत्रित सदस्य रामेश्वर लाल विश्नोई ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि केंद्र में भर्ती होने वाले लाभार्थियों को उपचार, परामर्श, आवास और भोजन सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ निःशुल्क प्रदान की जाती हैं, और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पुनर्वास गतिविधियाँ भी संचालित की जाती हैं। मेडिकल ऑफिसर डॉ. शान्तीलाल माथुर ने नशामुक्त जीवन को स्वस्थ जीवनशैली का आधार बताया, वहीं जालोर ब्लड डोनर संस्था परिवार के जिला संरक्षक नितेश भटनागर ने नशे को शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक कमजोरी का कारण बताते हुए नशा मुक्ति केंद्र का सहारा लेने की सलाह दी और नियमित रक्तदान की अपील की। संस्था के परियोजना समन्वयक हीरालाल चौहान ने नशीले पदार्थों के सेवन को अपराध, पारिवारिक विघटन और सामाजिक समस्याओं का प्रमुख कारण बताते हुए उपस्थित जनसमूह को नशामुक्त समाज निर्माण का संकल्प दिलाया और शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम का संचालन सुरेश कुमार विश्नोई ने किया, जिसमें नर्सिंग कर्मचारी, परामर्शदाता, केंद्र के लाभार्थी और कॉलोनीवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समापन पर सभी को अल्पाहार कराया गया। इस कार्यक्रम का मूल संदेश "नशा छोड़ें, स्वस्थ जीवन अपनाएँ — नशामुक्त समाज ही समृद्ध, स्वस्थ और खुशहाल राष्ट्र की पहचान है" रहा।
अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर जालोर में एक विचार संगोष्ठी एवं जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ माता सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन जालोर और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निर्देशन में ग्रामीण उत्थान मानव संस्थान (GUMS) द्वारा संचालित नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र, रामदेव कॉलोनी में आयोजित किया गया। इस दौरान नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई और युवाओं व आमजन को नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया गया, साथ ही नशा मुक्ति जागरूकता पोस्टर का विमोचन कर उपस्थित लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में पूर्व उपसभापति अम्बालाल व्यास ने मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि "नशामुक्त समाज ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है" और उन्होंने युवाओं को
स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग से नशा उन्मूलन अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। एम.के. जोशी (हेड, डाबर कंपनी), दिनेश कुमार माली (नगर संयोजक), डॉ. शान्तीलाल माथुर (मेडिकल ऑफिसर) और नितेश भटनागर (जिला संरक्षक, जालोर ब्लड डोनर संस्था परिवार) विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। ग्रामीण उत्थान मानव संस्थान के अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय विश्नोई महासभा के विशिष्ट आमंत्रित सदस्य रामेश्वर लाल विश्नोई ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि केंद्र में भर्ती होने वाले लाभार्थियों को उपचार, परामर्श, आवास और भोजन सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ निःशुल्क प्रदान की जाती हैं, और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पुनर्वास गतिविधियाँ भी संचालित की जाती हैं। मेडिकल ऑफिसर डॉ. शान्तीलाल माथुर ने नशामुक्त जीवन को स्वस्थ जीवनशैली का आधार बताया,
वहीं जालोर ब्लड डोनर संस्था परिवार के जिला संरक्षक नितेश भटनागर ने नशे को शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक कमजोरी का कारण बताते हुए नशा मुक्ति केंद्र का सहारा लेने की सलाह दी और नियमित रक्तदान की अपील की। संस्था के परियोजना समन्वयक हीरालाल चौहान ने नशीले पदार्थों के सेवन को अपराध, पारिवारिक विघटन और सामाजिक समस्याओं का प्रमुख कारण बताते हुए उपस्थित जनसमूह को नशामुक्त समाज निर्माण का संकल्प दिलाया और शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम का संचालन सुरेश कुमार विश्नोई ने किया, जिसमें नर्सिंग कर्मचारी, परामर्शदाता, केंद्र के लाभार्थी और कॉलोनीवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समापन पर सभी को अल्पाहार कराया गया। इस कार्यक्रम का मूल संदेश "नशा छोड़ें, स्वस्थ जीवन अपनाएँ — नशामुक्त समाज ही समृद्ध, स्वस्थ और खुशहाल राष्ट्र की पहचान है" रहा।
- जालोर में जिला महिला कांग्रेस की जिला कार्यकारिणी की बैठक राष्ट्रीय सचिव शमा बानो के मुख्य आतिथ्य और जिलाध्यक्ष संतोष कंवर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों की नीतियों की कड़ी आलोचना की गई, खासकर महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों पर। राष्ट्रीय सचिव शमा बानो ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों की गलत नीतियों के कारण आमजन महंगाई और बेरोजगारी की मार झेल रहा है। उन्होंने भाजपा सरकार पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर मौन रहने तथा प्रदेश सहित पूरे देश में महिलाओं पर अत्याचार एवं उत्पीड़न की घटनाओं में लगातार वृद्धि होने का आरोप लगाया। बानो ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर रही है और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे भाजपा की जनविरोधी नीतियों और विफलताओं को आमजन तक पहुंचाएं, साथ ही संगठन को मजबूत बनाने के लिए अधिक सक्रिय हों। बैठक की अध्यक्षता कर रहीं जिलाध्यक्ष संतोष कंवर ने कहा कि देश में महंगाई चरम पर है, खाद्य पदार्थों के साथ-साथ रसोई गैस सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल और सोने के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इससे आमजन, विशेषकर महिलाओं पर आर्थिक बोझ काफी बढ़ा है। उन्होंने केंद्र सरकार को महंगाई नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल बताया और सभी कांग्रेसजनों से भाजपा सरकार की इन विफलताओं को जनता के बीच प्रभावी ढंग से रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन जिला कांग्रेस प्रवक्ता योगेंद्र सिंह कुम्पावत ने किया। इस दौरान प्रदेश सचिव कामिनी शर्मा, प्रदेश सचिव गीता श्री मेघवाल, सायला ब्लॉक अध्यक्ष चंपा देवी, अल्पसंख्यक प्रदेश संयोजक सलीम मोयला और अमीन मोयला सहित जालोर ब्लॉक अध्यक्ष शीला चौधरी, नगराध्यक्ष जुबैदा नागोरी और अन्य बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस पदाधिकारी एवं कांग्रेसजन उपस्थित रहे।4
- जालौर में मोहर्रम के अवसर पर शुक्रवार सुबह 10:00 बजे सांडबाव स्थित मोहर्रम पोल से भव्य ताजिया जुलूस निकाला गया। यह जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए घांचियों की पिलानी, पिंजरों की मस्जिद, बड़ी पोल के बाहर और भक्त प्रह्लाद चौक पहुंचा, जहाँ शाम करीब 5:30 बजे इसका मुकाम रहा। इसके बाद ताजिया जुलूस पंचायत समिति मेन रोड पहुंचा, जहाँ सभी अकीदतमंदों ने आखिरी सजदा अदा किया और देश में अमन, शांति, भाईचारे तथा खुशहाली की दुआ मांगी। दुआ के पश्चात, सुन्देला तालाब पर पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार ताजिए को ठंडा किया गया। मोहर्रम के इस आयोजन में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों में भारी उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोगों ने रोजे रखकर देश की तरक्की और शांति की कामना की। बड़ी पोल के बाहर मुस्लिम समाज की ओर से छबील, शरबत एवं नाश्ते की व्यवस्था की गई, जहाँ लोगों ने सेवा भाव से जलपान किया। इस दौरान कई श्रद्धालुओं ने अपनी मन्नत पूरी होने पर ताजिए के आगे लोट लगाकर अपनी आस्था और श्रद्धा व्यक्त की, जो पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा। पूरे कार्यक्रम के दौरान धार्मिक अनुशासन, सौहार्द और भाईचारे का माहौल बना रहा, जिसे शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने में पुलिस प्रशासन का भी सराहनीय सहयोग रहा।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केंद्र सरकार में 12 गौरवशाली वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में जयपुर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व प्रदेश महामंत्री जावेद कुरैशी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान और "शोहदा-ए-कर्बला कॉन्फ्रेंस" का सफल संचालन किया गया। इसमें भाजपा पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में हुए विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और भारत की वैश्विक स्तर पर बढ़ती प्रतिष्ठा की व्यापक चर्चा की। इस अवसर पर पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया और मातृ सम्मान के प्रतीक "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प भी लिया गया। इस आयोजन में किशनपोल विधानसभा के भाजपा प्रत्याशी एडवोकेट चंद्रमनोहर बटवाड़ा, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की राष्ट्रीय संयोजिका रेशमा हुसैन, एनआईएमएस मेडिकल कॉलेज की फाउंडर डायरेक्टर डॉ. शोभा तोमर, पूर्व मदरसा बोर्ड सदस्य हिदायत खान धोलिया, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व प्रदेश मंत्री एडवोकेट मुराद अली शेख, पूर्व प्रदेश मंत्री महबूब कुरैशी, हाकम पठान, बनीपार्क मंडल अध्यक्ष निजाम भाई सहित कई भाजपा पदाधिकारी और समाजसेवी उपस्थित रहे। जालोर जिला भाजपा प्रवक्ता तबस्सुम रंगरेज की सक्रिय उपस्थिति विशेष चर्चा का विषय रही। अपने संबोधन में तबस्सुम रंगरेज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों को देश के विकास, सुशासन और जनकल्याण का स्वर्णिम काल बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुँचा है, जिससे गरीब, महिलाएँ, किसान, युवा और अल्पसंख्यक समुदाय सशक्त हुए हैं। रंगरेज ने "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान को केवल पर्यावरण संरक्षण ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में मातृ सम्मान और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक भी बताया, और लोगों से अधिकाधिक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने आज जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय चुनौतियों के दौर में प्रकृति संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी पर जोर दिया। तबस्सुम रंगरेज ने "शोहदा-ए-कर्बला कॉन्फ्रेंस" को सामाजिक एकता और भाईचारे का एक महत्वपूर्ण मंच बताया, और कहा कि कर्बला का संदेश सत्य, न्याय, त्याग और मानवता की रक्षा का प्रतीक है। उन्होंने समाज से इन मूल्यों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाने का आग्रह किया। रंगरेज ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" की भावना को मजबूती मिली है, जिससे देश में सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का वातावरण मजबूत हुआ है। कार्यक्रम के अंत में आयोजक जावेद कुरैशी ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया और राष्ट्रहित व समाजहित में निरंतर कार्य करने का संदेश दिया। पूरे आयोजन में उत्साह और जनसहभागिता का माहौल देखने को मिला।1
- सुमेरपुर उपखंड क्षेत्र में रविवार, 28 जून को सुबह 8 बजे से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत हुई। इस अभियान के तहत उपखंड के सभी 127 पोलियो बूथों पर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियोरोधी दवा पिलाई गई। अभियान के प्रति अभिभावकों में काफी उत्साह देखा गया, और बड़ी संख्या में लोग अपने बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाने के लिए बूथों पर पहुंचे। ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गोविन्द सिंह चुण्डावत ने जानकारी दी कि अभियान के पहले चरण में लक्ष्य के लगभग 18 प्रतिशत बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जा चुकी है। वहीं, ब्लॉक कार्यक्रम अधिकारी प्रमोद कुमार गिरी ने बचे हुए अभिभावकों से तुरंत अपने नजदीकी पोलियो बूथ पर जाकर 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दवा पिलाने की अपील की। उन्होंने यह भी बताया कि सोमवार से स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी। स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों और आमजन से सहयोग की अपील की है।4
- राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत रविवार को सुमेरपुर ब्लॉक में 0 से 5 वर्ष तक के 41,018 बच्चों को पोलियोरोधी दवा पिलाई जाएगी। अभियान के पहले दिन 127 पोलियो बूथों पर बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाई जाएगी, जिसके बाद 250 हाउस-टू-हाउस टीमें घर-घर जाकर छूटे बच्चों को कवर करेंगी। ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी गोविंद सिंह चुंडावत ने बताया कि अभियान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए 21 सुपरवाइजर, 10 ट्रांजिट टीमें और 2 मोबाइल टीमें तैनात की गई हैं। ब्लॉक कार्यक्रम अधिकारी प्रमोद गिरी के अनुसार, अभियान में 311 वैक्सीनेटर और 276 सहयोगी अपनी सेवाएं देंगे। वैक्सीन की सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 13 आईएलआर, 15 डीप फ्रीजर, 358 वैक्सीन कैरियर और 52 कोल्ड बॉक्स की व्यवस्था की गई है। सेक्टरवार लक्ष्य के अनुसार, सुमेरपुर शहरी एवं ग्रामीण में 11,582 बच्चों को खुराक पिलाई जाएगी। वहीं, तखतगढ़ में 5,922, सांडेराव में 5,688, बांकली में 4,716, कोसेलाव में 3,318, बामनेरा में 2,432, चाणोद में 2,388, पावा में 1,826, ढोला में 1,668 और नोवी में 1,478 बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। डॉ. गोविंद सिंह चुंडावत के नेतृत्व में प्रमोद गिरी को अभियान का समन्वयक और बिंजाराम मीणा को सह-समन्वयक नियुक्त किया गया है। गोपाल शर्मा और दिनेश मीणा वैक्सीन वितरण व आपूर्ति व्यवस्था संभालेंगे, जबकि कैलाश कुमार, मोहित कुमार और इमरान खान रिपोर्टिंग कार्य देखेंगे। खुशबू सिंह, प्रवीना कुमारी, केनाराम और रौनक कुमार कंट्रोल रूम में अपनी सेवाएं देंगे। संदीप सिंह वित्तीय प्रबंधन और सलीम शेख लॉजिस्टिक तथा सप्लाई प्रबंधन का दायित्व निभाएंगे। विशाल सिंह डाबी कार्यालय स्तर पर कोल्ड चेन प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे पांच वर्ष से कम आयु के हर बच्चे को रविवार को नजदीकी पोलियो बूथ पर जरूर लेकर आएं। यदि बच्चा बूथ तक नहीं पहुंच सके, तो घर-घर आने वाली टीम को दवा जरूर पिलवाएं। विभाग ने जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा सहयोगिनियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आमजन से भी अभियान में सहयोग करने की अपील की है, ताकि कोई भी बच्चा खुराक से वंचित न रहे।1
- भारतीय जनता पार्टी राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने राज्य के सभी जनप्रतिनिधियों और पार्टी कार्यकर्ताओं से 28 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम "मन की बात" को अपने-अपने बूथों पर सामूहिक रूप से सुनने का आह्वान किया है। राठौड़ ने कार्यकर्ताओं से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, उन्होंने सरल ऐप पर आयोजित डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम का प्रशिक्षण प्राप्त करने, प्रशिक्षण पूर्ण होने पर अपना प्रमाण पत्र डाउनलोड करने तथा "मन की बात" कार्यक्रम की तस्वीरें भी सरल ऐप पर अपलोड करने का अनुरोध किया। प्रदेशाध्यक्ष ने सभी जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर कार्यक्रम का सफल आयोजन सुनिश्चित करने तथा संगठन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए अपनी सहभागिता दर्ज कराने के लिए कहा है।1
- राजस्थान के सिरोही जिले के मंडवारिया गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ कथित तौर पर मृत्युभोज में घी के मालपुए नहीं बनाने पर समाज के पंचों ने 43 परिवारों का सामाजिक बहिष्कार कर दिया है। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि इस फरमान के बाद उनका हुक्का-पानी बंद कर दिया गया है, उन्हें कहीं मजदूरी नहीं मिल रही और दुकानों से राशन तक नहीं दिया जा रहा। यह गंभीर मामला अब जिला प्रशासन तक पहुँच गया है। यह घटना मंडवारिया गांव में तब घटी जब एक परिवार में मृत्युभोज का आयोजन किया गया था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्होंने परंपरा के अनुसार घी के मालपुए की जगह साधारण भोजन परोसा। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर समाज के एक दर्जन से अधिक पंचों ने एक बैठक की और मृत्युभोज कराने वाले परिवार सहित कुल 43 परिवारों को समाज से बहिष्कृत करने का फैसला सुना दिया। पीड़ित परिवारों का कहना है कि इस फैसले के बाद गांव में लोग उनसे बातचीत नहीं कर रहे हैं, कई जगह उन्हें मजदूरी नहीं दी जा रही और उन्हें सामाजिक कार्यक्रमों से भी दूर रखा जा रहा है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। एक पीड़ित परिवार ने अपनी आपबीती साझा करते हुए कहा कि, "हमने आर्थिक तंगी के कारण घी के मालपुए नहीं बनाए थे। इसके बाद समाज के पंचों ने हमें समाज से बाहर कर दिया। गांव में कोई बात नहीं करता और काम भी नहीं मिल रहा है।" एक अन्य पीड़ित ने भावुक होकर न्याय की गुहार लगाते हुए पूछा, "घी के मालपुए नहीं बनाए तो क्या हम इंसान नहीं रहे? हमारी बहू-बेटियों से भी लोग बात नहीं कर रहे हैं। प्रशासन हमें न्याय दिलाए।" इस मामले में पीड़ित परिवारों ने समाज के कई पंचों के खिलाफ स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कार्रवाई न होने से नाराज सभी 43 परिवारों के सदस्य जिला मुख्यालय पहुँचे और जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग की है। कानूनी जानकारों के अनुसार, सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार कानूनन एक अपराध की श्रेणी में आता है और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई व सजा का प्रावधान है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन और पुलिस इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करती है।2
- अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर जालोर में एक विचार संगोष्ठी एवं जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ माता सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन जालोर और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निर्देशन में ग्रामीण उत्थान मानव संस्थान (GUMS) द्वारा संचालित नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र, रामदेव कॉलोनी में आयोजित किया गया। इस दौरान नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई और युवाओं व आमजन को नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया गया, साथ ही नशा मुक्ति जागरूकता पोस्टर का विमोचन कर उपस्थित लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में पूर्व उपसभापति अम्बालाल व्यास ने मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि "नशामुक्त समाज ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है" और उन्होंने युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग से नशा उन्मूलन अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। एम.के. जोशी (हेड, डाबर कंपनी), दिनेश कुमार माली (नगर संयोजक), डॉ. शान्तीलाल माथुर (मेडिकल ऑफिसर) और नितेश भटनागर (जिला संरक्षक, जालोर ब्लड डोनर संस्था परिवार) विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। ग्रामीण उत्थान मानव संस्थान के अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय विश्नोई महासभा के विशिष्ट आमंत्रित सदस्य रामेश्वर लाल विश्नोई ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि केंद्र में भर्ती होने वाले लाभार्थियों को उपचार, परामर्श, आवास और भोजन सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ निःशुल्क प्रदान की जाती हैं, और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पुनर्वास गतिविधियाँ भी संचालित की जाती हैं। मेडिकल ऑफिसर डॉ. शान्तीलाल माथुर ने नशामुक्त जीवन को स्वस्थ जीवनशैली का आधार बताया, वहीं जालोर ब्लड डोनर संस्था परिवार के जिला संरक्षक नितेश भटनागर ने नशे को शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक कमजोरी का कारण बताते हुए नशा मुक्ति केंद्र का सहारा लेने की सलाह दी और नियमित रक्तदान की अपील की। संस्था के परियोजना समन्वयक हीरालाल चौहान ने नशीले पदार्थों के सेवन को अपराध, पारिवारिक विघटन और सामाजिक समस्याओं का प्रमुख कारण बताते हुए उपस्थित जनसमूह को नशामुक्त समाज निर्माण का संकल्प दिलाया और शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम का संचालन सुरेश कुमार विश्नोई ने किया, जिसमें नर्सिंग कर्मचारी, परामर्शदाता, केंद्र के लाभार्थी और कॉलोनीवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समापन पर सभी को अल्पाहार कराया गया। इस कार्यक्रम का मूल संदेश "नशा छोड़ें, स्वस्थ जीवन अपनाएँ — नशामुक्त समाज ही समृद्ध, स्वस्थ और खुशहाल राष्ट्र की पहचान है" रहा।3