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सहनवा गांव में भारी बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि, फसलों को हुआ नुकसान। चित्तौड़गढ़: बुधवार को जिला मुख्यालय के निकटवर्ती सहनवा गाँव मे शाम करीब 5 बजे कुछ समय के लिए हुई भारी बारिश के साथ ओले गिरे, इससे यहाँ होने वाली टमाटर की खेती में भारी नुकसान हुआ साथ ही खेतों में पशुओं के लिए पड़े खाखला में भी किसानों को नुकसान हुआ है।
ओम जैन शंभूपुरा
सहनवा गांव में भारी बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि, फसलों को हुआ नुकसान। चित्तौड़गढ़: बुधवार को जिला मुख्यालय के निकटवर्ती सहनवा गाँव मे शाम करीब 5 बजे कुछ समय के लिए हुई भारी बारिश के साथ ओले गिरे, इससे यहाँ होने वाली टमाटर की खेती में भारी नुकसान हुआ साथ ही खेतों में पशुओं के लिए पड़े खाखला में भी किसानों को नुकसान हुआ है।
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- Post by Hello Chittorgarh News1
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- चित्तौड़गढ़ सदर थाना पुलिस बड़ी कार्रवाई I20 कार की सीक्रेट स्कीम फेल! 10 किलो अफीम के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार, वाहन जब्त चित्तौड़गढ़ से संवाददाता प्रियंका कुमावत की रिपोर्ट DS7NEWS NETWORK CHITTORGARH1
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- Post by Dev karan Mali1
- डूंगला - डूंगला क्षेत्र के प्रसिद्ध ऐलवा माता मंदिर में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जहां करजू निवासी ईश्वरलाल रावत ने अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर करीब 46 हजार 500 रुपए की लागत से निर्मित चांदी की आकर्षक भेलपुरी लारी माता के चरणों में अर्पित की। यह अनूठी भेंट मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रही और दर्शनार्थियों ने इसे आस्था की मिसाल बताया। लोकन्यास ट्रस्ट ऐलवा माता विकास समिति के अध्यक्ष नारायण लाल व्यास ने बताया कि ऐलवा माता मंदिर क्षेत्र का प्रमुख आस्था केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि यहां भक्तजन अपनी-अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार भेंट चढ़ाते हैं, जिनमें कई बार इस तरह की अनूठी और प्रतीकात्मक भेंट भी शामिल होती है, जो समाज में भक्ति और विश्वास का संदेश देती है। ईश्वरलाल रावत ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से पावभाजी एवं भेलपुरी का व्यवसाय कर रहे हैं और माता की कृपा से उनके कार्य में निरंतर उन्नति हो रही है। उन्होंने कहा कि कठिन समय में माता के प्रति उनकी आस्था और भी दृढ़ हुई, और जैसे-जैसे व्यवसाय में प्रगति मिली, उन्होंने यह संकल्प लिया कि मनोकामना पूर्ण होने पर वे अपने व्यवसाय से जुड़ी प्रतीकात्मक भेंट माता को अर्पित करेंगे। इसी संकल्प की पूर्ति के रूप में उन्होंने चांदी की भेलपुरी लारी बनवाकर चढ़ाई। उन्होंने भावुक होकर कहा, “माता रानी की कृपा से आज हमारा परिवार खुशहाल है। उनकी कृपा से ही हमें सम्मान और सफलता मिली है। आगे भी हम अपनी आय का एक अंश माता के चरणों में अर्पित करते रहेंगे।” यह मंदिर अरावली पर्वतमाला की एलागढ़ पहाड़ी पर स्थित है, जो प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक आस्था का अद्वितीय संगम प्रस्तुत करता है। यहां समय-समय पर भजन संध्या, धार्मिक आयोजन, प्रसादी वितरण एवं विशेष पर्वों पर विशाल मेले का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु भाग लेते हैं। इस अवसर पर लोकन्यास ट्रस्ट की ओर से अध्यक्ष नारायण लाल व्यास सहित कार्यकारिणी सदस्यों ने ईश्वरलाल रावत एवं उनके परिवार का साफा एवं माल्यार्पण कर सम्मान किया और उनके इस धार्मिक योगदान की सराहना की। मंदिर परिसर में दिनभर भक्तों की आवाजाही बनी रही और “जय माता दी” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। कार्यक्रम में ऊंकार लाल व्यास, दुर्गा शंकर शर्मा, पूरणमल अहीर सहित समिति के अन्य सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- Post by Pratap singh Kishnawat1
- Post by Hello Chittorgarh News1
- Post by Dev karan Mali1