पश्चिम सिंहभूम के सोनुआ थाना परिसर में गुरुवार को एक जन सुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम जनता और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना तथा स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम का नेतृत्व सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), चक्रधरपुर ने किया। जन सुनवाई में सोनुआ, गोईलकेरा, सेरेंगदा और गुदड़ी थाना क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, ग्राम मुंडा, मानकी, विभिन्न विभागों के अधिकारी और पुलिसकर्मी शामिल हुए। इस दौरान ग्रामीणों एवं आम नागरिकों ने आपराधिक मामलों, विधि-व्यवस्था, भूमि विवाद, आपसी पैसे के लेन-देन से संबंधित विवाद, महिला एवं बाल सुरक्षा, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं, ग्रामीण विकास कार्यों में अनियमितताओं तथा विकास योजनाओं में आ रही बाधाओं सहित अपनी विभिन्न समस्याओं और शिकायतों को प्रशासन के समक्ष रखा। अधिकारियों ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुना और संबंधित मामलों की जांच की। कई मामलों का समाधान मौके पर ही संबंधित विभागों के समन्वय से कर दिया गया, जबकि शेष मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रशासन की इस पहल से ग्रामीणों में संतोष देखने को मिला और लोगों ने सीधे अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याओं को रखने का अवसर मिलने पर खुशी व्यक्त की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी समस्या या शिकायत को बिना किसी भय, दबाव अथवा संकोच के प्रशासन के समक्ष रखें। अधिकारियों ने यह भी आश्वस्त किया कि जनहित से जुड़े सभी मामलों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य आम जनता और प्रशासन के बीच की दूरी को कम करना तथा शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, जिससे समस्याओं का समयबद्ध समाधान संभव हो पाता है और प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास भी मजबूत होता है। कार्यक्रम के अंत में, अधिकारियों ने सभी उपस्थित ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के जनसंपर्क कार्यक्रमों के आयोजन की बात कही। इस जन सुनवाई कार्यक्रम को क्षेत्र में प्रशासन और जनता के बीच सकारात्मक संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
पश्चिम सिंहभूम के सोनुआ थाना परिसर में गुरुवार को एक जन सुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम जनता और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना तथा स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम का नेतृत्व सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), चक्रधरपुर ने किया। जन सुनवाई में सोनुआ, गोईलकेरा, सेरेंगदा और गुदड़ी थाना क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, ग्राम मुंडा, मानकी, विभिन्न विभागों के अधिकारी और पुलिसकर्मी शामिल हुए। इस दौरान ग्रामीणों एवं आम नागरिकों ने आपराधिक मामलों, विधि-व्यवस्था, भूमि विवाद, आपसी पैसे के लेन-देन से संबंधित विवाद, महिला एवं बाल सुरक्षा, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं, ग्रामीण विकास कार्यों में अनियमितताओं तथा विकास योजनाओं में आ रही बाधाओं सहित अपनी विभिन्न समस्याओं और शिकायतों को प्रशासन के समक्ष रखा। अधिकारियों ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुना और संबंधित मामलों की जांच की। कई मामलों का समाधान मौके पर ही संबंधित विभागों के समन्वय से कर दिया गया, जबकि शेष मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रशासन की इस पहल से ग्रामीणों में संतोष देखने को मिला और लोगों ने सीधे अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याओं को रखने का अवसर मिलने पर खुशी व्यक्त की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी समस्या या शिकायत को बिना किसी भय, दबाव अथवा संकोच के प्रशासन के समक्ष रखें। अधिकारियों ने यह भी आश्वस्त किया कि जनहित से जुड़े सभी मामलों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य आम जनता और प्रशासन के बीच की दूरी को कम करना तथा शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, जिससे समस्याओं का समयबद्ध समाधान संभव हो पाता है और प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास भी मजबूत होता है। कार्यक्रम के अंत में, अधिकारियों ने सभी उपस्थित ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के जनसंपर्क कार्यक्रमों के आयोजन की बात कही। इस जन सुनवाई कार्यक्रम को क्षेत्र में प्रशासन और जनता के बीच सकारात्मक संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
- पश्चिम सिंहभूम के सोनुआ थाना परिसर में गुरुवार को एक जन सुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम जनता और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना तथा स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम का नेतृत्व सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), चक्रधरपुर ने किया। जन सुनवाई में सोनुआ, गोईलकेरा, सेरेंगदा और गुदड़ी थाना क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, ग्राम मुंडा, मानकी, विभिन्न विभागों के अधिकारी और पुलिसकर्मी शामिल हुए। इस दौरान ग्रामीणों एवं आम नागरिकों ने आपराधिक मामलों, विधि-व्यवस्था, भूमि विवाद, आपसी पैसे के लेन-देन से संबंधित विवाद, महिला एवं बाल सुरक्षा, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं, ग्रामीण विकास कार्यों में अनियमितताओं तथा विकास योजनाओं में आ रही बाधाओं सहित अपनी विभिन्न समस्याओं और शिकायतों को प्रशासन के समक्ष रखा। अधिकारियों ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुना और संबंधित मामलों की जांच की। कई मामलों का समाधान मौके पर ही संबंधित विभागों के समन्वय से कर दिया गया, जबकि शेष मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रशासन की इस पहल से ग्रामीणों में संतोष देखने को मिला और लोगों ने सीधे अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याओं को रखने का अवसर मिलने पर खुशी व्यक्त की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी समस्या या शिकायत को बिना किसी भय, दबाव अथवा संकोच के प्रशासन के समक्ष रखें। अधिकारियों ने यह भी आश्वस्त किया कि जनहित से जुड़े सभी मामलों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य आम जनता और प्रशासन के बीच की दूरी को कम करना तथा शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, जिससे समस्याओं का समयबद्ध समाधान संभव हो पाता है और प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास भी मजबूत होता है। कार्यक्रम के अंत में, अधिकारियों ने सभी उपस्थित ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के जनसंपर्क कार्यक्रमों के आयोजन की बात कही। इस जन सुनवाई कार्यक्रम को क्षेत्र में प्रशासन और जनता के बीच सकारात्मक संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।1
- झींकपानी प्रखंड के आसुरा गांव के सुरजाबासा में एक सरकारी तालाब में डूबने से साढ़े पांच वर्षीय आनंद बिडुउली की मौत हो गई। यह हृदयविदारक घटना बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे तब हुई जब बच्चे की मां अंकिता बिरूली तालाब में नहा रही थी और आनंद भी पास में ही नहा रहा था। अचानक मां ने देखा कि बच्चा दिखाई नहीं दे रहा है, जिसके बाद काफी प्रयास के बाद उसे बेहोशी की हालत में बाहर निकाला गया। बच्चे की बेसुध अवस्था देखकर पिता सुखलाल बिरूली ने आनन-फानन में किराए की छोटा हाथी गाड़ी की व्यवस्था कर उसे सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने बच्चे को बचाने के लिए काफी देर तक प्रयास किए, लेकिन स्थिति में कोई सुधार न होने पर अंततः उसे मृत घोषित कर दिया गया। मृतक बच्चे की मां अंकिता बिरूली ने बताया कि इस तालाब का जीर्णोद्धार कार्य पिछले दो वर्षों से अधूरा पड़ा है, जिसे टाटा स्टील द्वारा कराया जा रहा है। तालाब में सीढ़ी और घाट का निर्माण नहीं किया गया है, जिसके कारण आए दिन मवेशी की मौत हो रही है और अन्य लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घटना की सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस ने बच्चे के शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है।1
- चाईबासा के पोड़ाहाट चक्रधरपुर के एसडीपीओ की पहल पर सोनुआ थाना परिसर में एक जन सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में सोनुआ, गोईलकेरा, सेरेंगदा और गुदड़ी समेत चार थाना क्षेत्रों के लोग शामिल हुए और उन्होंने अपनी समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा। कार्यक्रम में पोड़ाहाट चक्रधरपुर के एएसपी सह एसडीपीओ डॉ० सैयद मुस्तफा हाशमी ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए पुलिस-प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने आश्वासन दिया कि चरणबद्ध तरीके से क्षेत्र की सभी समस्याओं का निश्चित रूप से समाधान किया जाएगा। एसडीपीओ ने डायन और ओझा-गुणी प्रथा, अंधविश्वास तथा अन्य सामाजिक कुरीतियों से बचने का आग्रह किया, और ऐसे मामलों में पीड़ित लोगों से पुलिस की मदद लेने की अपील भी की। उपस्थित ग्रामीणों ने पुलिस को अपने करीब पाकर खुलकर अपनी समस्याएं बताईं। एसडीपीओ सहित कार्यक्रम में मौजूद अन्य पदाधिकारियों ने सभी समस्याओं के समाधान के लिए जल्द पहल करने का आश्वासन दिया।1
- सिमडेगा पुलिस ने एक युवती के शारीरिक शोषण और गर्भवती होने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पीड़ित युवती के लिखित आवेदन के आधार पर आरोपी के खिलाफ सिमडेगा थाना में मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि आरोपी ने युवती को बहला-फुसलाकर अपने झांसे में लिया और उसका शारीरिक शोषण किया, जिसके परिणामस्वरूप वह गर्भवती हो गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इस संबंध में सिमडेगा के एसडीपीओ धर्मदेव पासवान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पीड़िता के आवेदन पर तुरंत कार्रवाई की गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में पुलिस गंभीरता से कार्रवाई कर रही है।1
- सरायकेला खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड स्थित ऐतिहासिक एवं शहीद ग्राम मातकमबेड़ा (डिबाडीह) में आयोजित विशाल मेले में बुधवार को सिंहभूम सांसद जोबा माझी ने भाग लिया। उनके साथ झामुमो नेता कालीपद (केपी) सोरेन भी मौजूद रहे। सांसद जोबा माझी ने मेले को संबोधित करते हुए इसकी धार्मिक, पौराणिक और ऐतिहासिक महत्ता पर प्रकाश डाला और लोगों से अपनी सभ्यता, संस्कृति और परंपराओं को बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी बताया कि झारखंड सरकार शहीदों के सम्मान और राज्य की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए लगातार प्रयासरत है। सांसद ने उल्लेख किया कि मातकमबेड़ा (डिबाडीह) अमर शहीद डिबा किशुन की जन्मभूमि होने के साथ-साथ अपने प्राचीन शिव मंदिर के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने क्षेत्रवासियों को रजो संक्रांति की शुभकामनाएं दीं और बताया कि उनकी पहल पर गांव का खराब ट्रांसफार्मर दो दिनों के भीतर बदल दिया गया, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली है। वहीं, झामुमो नेता कालीपद (केपी) सोरेन ने झारखंड के ऐतिहासिक, धार्मिक और शहीद स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने केंद्र सरकार से इन स्थलों के विकास और इतिहास में इन्हें उचित स्थान देने की मांग की। कार्यक्रम के दौरान सांसद जोबा माझी ने अमर शहीद डिबा किशुन की स्मृति में निर्माणाधीन प्रतिमा स्थल और माझी थान विकास परियोजना का निरीक्षण भी किया। इस कार्यक्रम का आयोजन वीर डिबा किशुन मेमोरियल सोसायटी द्वारा किया गया था। गौरतलब है कि रजो संक्रांति के अवसर पर हर साल डिबाडीह में विशाल मेला लगता है, जहां स्थित प्राचीन शिवलिंग के दर्शन और पूजा के लिए हजारों श्रद्धालु दूर-दराज से आते हैं।1
- सरायकेला खरसावां जिले में उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी श्री नीतीश कुमार सिंह के मार्गदर्शन और झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के सहयोग से एक व्यापक नशा मुक्ति अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले के विभिन्न प्रखंडों में जागरूकता रैलियां और शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किए गए। लोगों को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों और नशा मुक्त जीवन के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक और जागरूकता वाहन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों में स्वयं सहायता समूह की दीदियों, ग्राम संगठन की कार्यकारिणी समिति के सदस्यों, जेंडर सीआरपी, पंचायत समिति सदस्यों, वार्ड सदस्यों और अन्य सामुदायिक कैडरों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। जागरूकता रैलियों के माध्यम से ग्रामीणों को नशे के परिवार और समाज पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों, स्वास्थ्य पर इसके दुष्प्रभाव और नशा मुक्त जीवन के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। नुक्कड़ नाटक के जरिए नशे के सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों का प्रभावी प्रदर्शन किया जा रहा है, जबकि जागरूकता वाहन के माध्यम से नशा मुक्ति संबंधी संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर लोगों को अभियान से जोड़ा जा रहा है। इस दौरान उपस्थित प्रतिभागियों और ग्रामीणों को नशे से दूर रहने तथा अपने गांव एवं समुदाय को नशा मुक्त बनाने की शपथ दिलाई गई। साथ ही, लोगों से नशे के विरुद्ध जन जागरूकता फैलाने, युवाओं को नशे से दूर रखने और अवैध मादक पदार्थों से संबंधित गतिविधियों की सूचना संबंधित विभागों को देने की अपील भी की गई। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में जागरूकता बढ़ाकर नशे की समस्या के उन्मूलन की दिशा में सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना और एक स्वस्थ, सुरक्षित एवं जागरूक समाज के निर्माण में जन भागीदारी सुनिश्चित करना है। लोगों से अपील की गई है कि वे नशे के विरुद्ध जन आंदोलन को सशक्त बनाएं, स्वयं नशा मुक्त रहें और अपने परिवार, गांव एवं समाज को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लें। किसी भी प्रकार की अवैध मादक पदार्थों की गतिविधि की जानकारी संबंधित विभाग अथवा प्रशासन को देकर स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा गया है।1
- सिक्खों के पाँचवें गुरु अर्जन देव का शहीदी दिवस चाईबासा के गुरुद्वारे में पूरी श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर चाईबासा गुरुद्वारा, बड़ी बाजार चौक और खपरसाईं में चना शरबत का वितरण किया गया। बड़ी बाजार चौक पर, गुरुद्वारे के ग्रंथी ने अरदास के साथ चना शरबत वितरण कार्य का शुभारंभ किया। इस वितरण कार्य में अमित सिंह भाटिया, नवनीत सिंह भाटिया, जश मेहर सिंह भाटिया, हरमंत सिंह भाटिया, रमेश यादव, प्रिंस शर्मा, पंकज साव, सुमित सिन्हा विक्की भाटिया, नितिन विश्वकर्मा और मोहन सिंह सरदार सहित कई लोगों ने राहगीरों के बीच सक्रिय भूमिका निभाई। वहीं, टाटा रोड खपरसाईं में गुरुसिंह सभा के अध्यक्ष गुरुमुख सिंह खोखर के परिवार द्वारा भी चना शरबत का वितरण किया गया।1
- सरायकेला-खरसावाँ जिले में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री नितिश कुमार सिंह के मार्गदर्शन और झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के सहयोग से नशा मुक्ति अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले के विभिन्न प्रखंडों में जागरूकता रैलियां और शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किए गए। लोगों को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों और नशामुक्त जीवन के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक और जागरूकता वाहन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की दीदियों, ग्राम संगठन (वीओ) की कार्यकारिणी समिति के सदस्यों, जेंडर सीआरपी, पंचायत समिति सदस्यों, वार्ड सदस्यों और अन्य सामुदायिक कैडरों ने सक्रिय भागीदारी की। जागरूकता रैलियों के माध्यम से ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभाव, परिवार और समाज पर इसके प्रतिकूल प्रभाव, और स्वस्थ व नशामुक्त जीवन के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। नुक्कड़ नाटक के जरिए नशे के सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों का प्रभावी प्रदर्शन किया जा रहा है, जबकि जागरूकता वाहन नशामुक्ति संबंधी संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर लोगों को अभियान से जोड़ रहा है। इस दौरान उपस्थित प्रतिभागियों और ग्रामीणों को नशे से दूर रहने तथा अपने गांव और समुदाय को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई गई। साथ ही, लोगों से नशे के विरुद्ध जनजागरूकता फैलाने, युवाओं को नशे से दूर रखने और अवैध मादक पदार्थों से संबंधित गतिविधियों की सूचना संबंधित विभागों को देने की अपील भी की गई। इस अभियान का उद्देश्य समाज में जागरूकता बढ़ाकर नशे की समस्या के उन्मूलन की दिशा में सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना और स्वस्थ, सुरक्षित एवं जागरूक समाज के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।4