हनुमान जन्मोत्सव पर निकाली भव्य शोभा यात्रा भैंसदेही में हनुमान जन्मोत्सव: भव्य शोभायात्रा और भक्ति का उन्माद भैंसदेही भैंसदेही नगर में हनुमान जी महाराज के जन्मोत्सव पर भक्ति की धारा उफान पर रही। पीपल वाले हनुमान मंदिर सहित विभिन्न संकट मोचन मंदिरों में पूजन के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिससे धर्म का उन्माद चरम पर पहुंच गया। अंजनी लाल, पवन तनय, मारुति नंदन, केसरी नंदन, अजर-अमर गण निधि हनुमान जी के जन्मोत्सव पर नगरीभर भक्तों ने दिनभर पूजा-अर्चना की। प्रमुख मंदिरों में धार्मिक आयोजन सुबह से शाम तक सभी हनुमान मंदिरों में अखंड रामायण पाठ, सुंदरकांड पाठ, सिंदूर लेपन और निशांत आरती का दौर चला। हजारों श्रद्धालुओं ने हनुमान जी की कृपा पाने के लिए पूजन-स्मरण किया। नगर के आघातधआस्था के मुख्य केंद्र पीपल वाले हनुमान मंदिर पर पूजन के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। नीम वाले हनुमान मंदिर: महा आरती और प्रसाद वितरण बाजार चौक स्थित नीम वाले हनुमान मंदिर पर सायंकाल 7 बजे महा आरती हुई। उसके बाद महाप्रसाद के रूप में खिचड़ी, चना और बूंदी का वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ भी किया, जो भक्ति का अनोखा संगम बना। बस स्टैंड मंदिर: प्रातःकालीन पूजन और विशाल लंगर बस स्टैंड स्थित हनुमान मंदिर पर प्रातःकाल पूजन के बाद विशाल लंगर आयोजित किया गया। मेले में आए सभी श्रद्धालुओं को इसमें शामिल किया गया, जिससे भक्तों में हर्ष की लहर दौड़ गई। पीएचई मंदिर: अखंड रामायण का समापन नगर के मानस भवन कहे जाने वाले पीएचई मंदिर में अखंड रामायण पाठ का समापन महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ। यह आयोजन भक्ति की पराकाष्ठा का प्रतीक रहा। लंगर और पूजा का सिलसिला देर रात तक नगर के समस्त हनुमान मंदिरों में पूजा-अर्चना और लंगरों का दौर देर रात तक जारी रहा। भक्ति की शक्ति में इतना आनंद आया कि पवन के साथ बारिश ने भी भक्तों को जमकर आनंद प्रदान किया। इस उत्सव ने भैंसदेही को भक्ति मय बना दिया।
हनुमान जन्मोत्सव पर निकाली भव्य शोभा यात्रा भैंसदेही में हनुमान जन्मोत्सव: भव्य शोभायात्रा और भक्ति का उन्माद भैंसदेही भैंसदेही नगर में हनुमान जी महाराज के जन्मोत्सव पर भक्ति की धारा उफान पर रही। पीपल वाले हनुमान मंदिर सहित विभिन्न संकट मोचन मंदिरों में पूजन के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिससे धर्म का उन्माद चरम पर पहुंच गया। अंजनी लाल, पवन तनय, मारुति नंदन, केसरी नंदन, अजर-अमर गण निधि हनुमान जी के जन्मोत्सव पर नगरीभर भक्तों ने दिनभर पूजा-अर्चना की। प्रमुख मंदिरों में धार्मिक आयोजन सुबह से शाम तक सभी हनुमान मंदिरों में अखंड रामायण पाठ, सुंदरकांड पाठ, सिंदूर लेपन और निशांत आरती का दौर चला। हजारों श्रद्धालुओं ने हनुमान जी की कृपा पाने के लिए पूजन-स्मरण किया। नगर के आघातधआस्था के मुख्य केंद्र पीपल वाले हनुमान मंदिर पर पूजन के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। नीम वाले हनुमान मंदिर: महा आरती और प्रसाद वितरण बाजार चौक स्थित नीम वाले हनुमान मंदिर पर सायंकाल 7 बजे महा आरती हुई। उसके बाद महाप्रसाद के रूप में खिचड़ी, चना और बूंदी का वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ भी किया, जो भक्ति का अनोखा संगम बना। बस स्टैंड मंदिर: प्रातःकालीन पूजन और विशाल लंगर बस स्टैंड स्थित हनुमान मंदिर पर प्रातःकाल पूजन के बाद विशाल लंगर आयोजित किया गया। मेले में आए सभी श्रद्धालुओं को इसमें शामिल किया गया, जिससे भक्तों में हर्ष की लहर दौड़ गई। पीएचई मंदिर: अखंड रामायण का समापन नगर के मानस भवन कहे जाने वाले पीएचई मंदिर में अखंड रामायण पाठ का समापन महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ। यह आयोजन भक्ति की पराकाष्ठा का प्रतीक रहा। लंगर और पूजा का सिलसिला देर रात तक नगर के समस्त हनुमान मंदिरों में पूजा-अर्चना और लंगरों का दौर देर रात तक जारी रहा। भक्ति की शक्ति में इतना आनंद आया कि पवन के साथ बारिश ने भी भक्तों को जमकर आनंद प्रदान किया। इस उत्सव ने भैंसदेही को भक्ति मय बना दिया।
- भैंसदेही में हनुमान जन्मोत्सव: भव्य शोभायात्रा और भक्ति का उन्माद भैंसदेही भैंसदेही नगर में हनुमान जी महाराज के जन्मोत्सव पर भक्ति की धारा उफान पर रही। पीपल वाले हनुमान मंदिर सहित विभिन्न संकट मोचन मंदिरों में पूजन के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिससे धर्म का उन्माद चरम पर पहुंच गया। अंजनी लाल, पवन तनय, मारुति नंदन, केसरी नंदन, अजर-अमर गण निधि हनुमान जी के जन्मोत्सव पर नगरीभर भक्तों ने दिनभर पूजा-अर्चना की। प्रमुख मंदिरों में धार्मिक आयोजन सुबह से शाम तक सभी हनुमान मंदिरों में अखंड रामायण पाठ, सुंदरकांड पाठ, सिंदूर लेपन और निशांत आरती का दौर चला। हजारों श्रद्धालुओं ने हनुमान जी की कृपा पाने के लिए पूजन-स्मरण किया। नगर के आघातधआस्था के मुख्य केंद्र पीपल वाले हनुमान मंदिर पर पूजन के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। नीम वाले हनुमान मंदिर: महा आरती और प्रसाद वितरण बाजार चौक स्थित नीम वाले हनुमान मंदिर पर सायंकाल 7 बजे महा आरती हुई। उसके बाद महाप्रसाद के रूप में खिचड़ी, चना और बूंदी का वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ भी किया, जो भक्ति का अनोखा संगम बना। बस स्टैंड मंदिर: प्रातःकालीन पूजन और विशाल लंगर बस स्टैंड स्थित हनुमान मंदिर पर प्रातःकाल पूजन के बाद विशाल लंगर आयोजित किया गया। मेले में आए सभी श्रद्धालुओं को इसमें शामिल किया गया, जिससे भक्तों में हर्ष की लहर दौड़ गई। पीएचई मंदिर: अखंड रामायण का समापन नगर के मानस भवन कहे जाने वाले पीएचई मंदिर में अखंड रामायण पाठ का समापन महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ। यह आयोजन भक्ति की पराकाष्ठा का प्रतीक रहा। लंगर और पूजा का सिलसिला देर रात तक नगर के समस्त हनुमान मंदिरों में पूजा-अर्चना और लंगरों का दौर देर रात तक जारी रहा। भक्ति की शक्ति में इतना आनंद आया कि पवन के साथ बारिश ने भी भक्तों को जमकर आनंद प्रदान किया। इस उत्सव ने भैंसदेही को भक्ति मय बना दिया।1
- आज भी गांवों में चली आ रही पुरानी परम्परा की अटूट भक्ति देखने को मिलती हैं। आस्था और विश्वास की यह प्राचीन परम्परा को निभाया था रहा है चैत्र का विशेष पर्व वसंत ऋतु के आगमन, प्रकृति के नव-सृजन और हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। मान्यता है कि इन्हीं नौ दिनों में देवी-देवताओं सृष्टि का निर्माण कार्य शुरू किया था, इसलिए यह समय आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। चैत्र में देवी के भक्त अपनी मन्नत पूरी होने, माता के प्रति अटूट आस्था, शक्ति प्रदर्शन और आत्म-शुद्धि के लिए शरीर को कष्ट देकर शरीर में नाड़ा पिरोकर या गाड़ा बैलगाड़ी खींचकर अपनी भक्ति प्रकट करते हैं। यह क्रिया विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में प्रचलित है, जहां माता रानी को प्रसन्न करने के लिए लोग कठिन तप और कठिन अनुष्ठान करते हैं। वहीं आठनेर के शुभम् सोनारे ने अपनी मन्नत पूरी होने पर शरीर में नाड़े टुचवाकर उदो उदो के जय घोष कर मां भगवती की आराधना की तो वहीं अन्य भक्तों ने गाड़ा खिंचकर मन्नत पूरी की शुभम् सोनारे ने बताया कि यह माता के प्रति आस्था और विश्वास है इस लिए कोई कष्ट नहीं होता।1
- जिला बैतूल में संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र कुमार जैन के निर्देशन में में लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी एवं एसडीओपी भैंसदेही श्री भूपेन्द्र सिंह मौर्य के मार्गदर्शन में थाना भैंसदेही पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है, जिसमें *किसानों के ट्रैक्टर धोखाधड़ी कर महाराष्ट्र में बेचने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया गया है* । 🔹 *घटना का संक्षिप्त विवरण* दिनांक 07.02.2026 को फरियादियों द्वारा थाना भैंसदेही में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि आरोपी राजेश विजयकर निवासी कौडीढाना द्वारा ट्रैक्टर को कुछ समय के लिए महाराष्ट्र में चलाने के नाम पर बहला-फुसलाकर लिया गया तथा बाद में धोखाधड़ी कर उसे महाराष्ट्र में बेच दिया गया। 🔹 *अपराध पंजीयन* प्राप्त शिकायत पर थाना भैंसदेही में अपराध क्रमांक 37/2026 धारा 318(2), 314 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। 🔹 पुलिस की कार्रवाई प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र कुमार जैन के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी एवं एसडीओपी भैंसदेही श्री भूपेन्द्र सिंह मौर्य के मार्गदर्शन में पुलिस टीम गठित की गई। 🔹 *आरोपियों की गिरफ्तारी* पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए निम्न आरोपियों को गिरफ्तार किया गया— 1. *राजेश विजयकर पिता प्रहलाद विजयकर, उम्र 43 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 05 कौडीढाना, भैंसदेही.* 2. *योगेश पाटिल उर्फ उमेश खरण पिता गंगाधर राव खरड, उम्र 45 वर्ष, निवासी ग्राम बडुरा, थाना खल्लार, जिला अमरावती* (महाराष्ट्र) 🔹आरोपियों को माननीय न्यायालय भैंसदेही में प्रस्तुत कर पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है। प्रकरण में अन्य 03 आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश संभावित स्थानों पर की जा रही है। 🔹 *जप्त मशरूका* पुलिस द्वारा अब तक कुल 04 ट्रैक्टर बरामद किए गए हैं— *02 नीले रंग के सोनालिका कंपनी के ट्रैक्टर* *02 लाल रंग के मैसी (Massey) कंपनी के ट्रैक्टर* *बरामद ट्रैक्टरों की कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹26 लाख है।* 🔹 *सराहनीय योगदान* उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी भैंसदेही निरीक्षक राजेश सातनकर, उपनिरीक्षक आशीष कुमरे, सहायक उपनिरीक्षक बलीराम बम्नेले, आरक्षक मनोज इवने, तनवीर खान, नरेन्द्र ढोके, साइबर सेल से आरक्षक दीपेन्द्र सिंह, राजेन्द्र धाडसे एवं नगर रक्षा समिति सदस्य अलकेश उर्फ मोनू बाथरी, राहुल धोटे, महेश वाईकर की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही। 🔷 *पुलिस अधीक्षक की अपील* पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र कुमार जैन ने जिले के समस्त किसानों एवं नागरिकों से अपील की है कि वे अपने कृषि यंत्र, वाहन या अन्य संपत्ति किसी भी व्यक्ति को देने से पूर्व उसकी पूर्ण जानकारी एवं सत्यापन अवश्य करें। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाना या डायल-112 पर दें, जिससे समय रहते अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।3
- मुलताई सुमित शिवहरे बने कांग्रेस नगर अध्यक्ष जनता के मुद्दे उठाने कि ली शपथ1
- बैतूल हनुमान जयंती की रात मातम में बदली खुशियां: बैतूल में भीषण सड़क हादसा, 2 युवकों की दर्दनाक मौत, 4 घायल—एक की हालत नाजुक बैतूल में हनुमान जयंती की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब गुरुवार रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। यह दर्दनाक घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के कमानी गेट के पास मन मंदिर मैरिज गार्डन के सामने रात करीब 10 बजे हुई। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार बोलेरो वाहन अचानक अनियंत्रित होकर मैरिज गार्डन की बाउंड्री से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए। इस हादसे में गाड़ी में सवार छह लोगों में से दो युवकों—प्रफुल्ल ठोके और पुनीत ठाकरे—की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, चार अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनमें पप्पू प्रजापति, राजू यादव, अभिषेक बाड़ीवा और 14 वर्षीय संगम शामिल हैं। घायलों को तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। इनमें से राजू यादव की हालत अत्यधिक नाजुक बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए नागपुर रेफर किया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। दोनों मृतकों के शव जिला चिकित्सालय के मर्चुरी रूम में रखे गए हैं, जहां आज उनका पोस्टमार्टम किया जाएगा। फिलहाल हादसे के कारणों का पता नहीं चल सका है, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे बैतूल शहर में शोक की लहर है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।1
- आदिवासी महिला से इलाज के दौरान चर्चा करने वाला आरोपी डॉक्टर गिरफ्तार मूल्य क्षेत्रीय घटना1
- आमला।जनपद पंचायत आमला अंतर्गत ग्राम उमरिया के मेही रोड स्थित मोहल्ले में लंबे समय से बिजली व्यवस्था बदहाल बनी हुई है। क्षेत्र के रहवासी लो वोल्टेज, अनियमित बिजली आपूर्ति और अचानक वोल्टेज बढ़ने की समस्या से जूझ रहे हैं। परेशान ग्रामीणों ने अब सामूहिक रूप से विद्युत विभाग के खिलाफ आवाज उठाते हुए अधिशासी अभियंता, विद्युत विभाग बैतूल को शिकायत पत्र सौंपकर तत्काल समाधान की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई महीनों से मोहल्ले में बिजली की स्थिति अत्यंत खराब बनी हुई है। कभी वोल्टेज इतना कम रहता है कि पंखे, कूलर, पानी की मोटर, टीवी, फ्रिज और अन्य घरेलू उपकरण ठीक से नहीं चल पाते, तो कभी अचानक वोल्टेज इतना अधिक हो जाता है कि कई लोगों के विद्युत उपकरण खराब हो चुके हैं। इससे ग्रामीणों को लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। बिजली समस्या से जनजीवन प्रभावित ग्रामीणों ने बताया कि खराब बिजली आपूर्ति के कारण न सिर्फ घरों का सामान्य कामकाज प्रभावित हो रहा है, बल्कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। गर्मी के मौसम में लो वोल्टेज के चलते पंखे और कूलर तक सही से नहीं चल पा रहे, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। लाइन सुधार और स्थायी समाधान की मांग शिकायत पत्र में ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित क्षेत्र की विद्युत लाइन, ट्रांसफार्मर और सप्लाई व्यवस्था की तत्काल जांच कराई जाए तथा लो वोल्टेज और ओवर वोल्टेज की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का निराकरण नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में वे बड़े जनआंदोलन के लिए मजबूर होंगे। इस सामूहिक शिकायत पत्र में ग्राम पंचायत उमरिया के सरपंच सहित अनेक ग्रामीणों ने हस्ताक्षर कर अपनी नाराजगी जताई है। अब देखना यह होगा कि विद्युत विभाग इस गंभीर समस्या पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है।3
- *रेणुका सिद्ध पीठ धामनगांव में भगतों ने लगाई ज्योत, 5 अप्रैल को गाड़ा खिंचकर करेंगे मन्नत पूरी* भैंसदेही चैत्र नवरात्रि का विशेष पर्व वसंत ऋतु के आगमन, प्रकृति के नव-सृजन और हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। मान्यता है कि इन्हीं नौ दिनों में देवी-देवताओं के आग्रह पर सृष्टि का निर्माण कार्य शुरू किया था, इसलिए यह समय आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। चैत्र नवरात्रि में देवी के भक्त अपनी मन्नत पूरी होने, माता के प्रति अटूट आस्था, शक्ति प्रदर्शन और आत्म-शुद्धि के लिए शरीर को कष्ट देकर या गाड़ा (बैलगाड़ी/पाषाण) खींचकर अपनी भक्ति प्रकट करते हैं। यह क्रिया विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में प्रचलित है, जहां माता रानी को प्रसन्न करने के लिए लोग कठिन तप और कठिन अनुष्ठान करते हैं। हिंदू धार्मिक ग्रंथों के अनुसार देवी देवताओं को प्रसन्न करने के लिए संतों देवो और दानवों ने कठिन तपस्या कर के देवी देवताओं को प्रसन्न कर अभय वरदान प्राप्त किए। इन्हीं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में इन पौराणिक मान्यताओं को पुरी श्रृदा और विश्वास के साथ मनाया जाता है। *चैत्र में भगत नाड़ा गाड़ा खींचकर महिलाएं नीम पहनकर करती है मन्नत पूरी* प्राचीन रेणुका सिद्ध पीठ धामनगांव में यह परम्परा 500 वर्ष से अधिक पुरानी है इस धार्मिक परम्परा को ग्रामीण और क्षेत्रवासि आस्था श्रृदा और विश्वास के साथ निभा रहे हैं। लोगों की मांगी गई मन्नत असहाय बिमारी, व्यापार में तरक्की,संतान प्राप्ति, जीवन दान,या पापों से मुक्ति जैसी अनेक मन्नत करने वाले व्यक्ति की मनोकामना पूरी होने पर माता को धन्यवाद देने या मन्नत पूरी करने के लिए यह कठिन तप करते हैं। अटूट आस्था और समर्पण यह देवी माता रेणुका के प्रति समर्पण का एक अनूठा तरीका है, जिसमें शरीर को कष्ट देकर भक्त अपनी श्रद्धा सिद्ध करते हैं। शक्ति की साधना चैत्र नवरात्र शक्ति की उपासना का समय है, जहां महिलाएं शरीर पर नीम की पत्तियां बांधकर अपनी मन्नत पूरी करती है तो वहीं पुरुष नाड़ा गाड़ा याअन्य भारी वस्तुएं खींचकर अपनी मन्नत पूरी करते हैं जो शारीरिक और मानसिक शक्ति का प्रतीक माना जाता है। परंपरा और संस्कृति कई क्षेत्रों में यह एक प्राचीन परंपरा है, जो पीढ़ियों से चली आ रही है और लोग इसे माता की सेवा मानते हैं। यह तप विशेष रूप से देवी की नकारात्मक शक्तियों से रक्षा और सुख-समृद्धि पाने के लिए किया जाता है। इसके पीछे एक प्राचीन परम्परा जुड़ी है कहां जाता है कि पहले मान्यता अनुसार बैलगाड़ी को सजाकर उसमें राम-लक्ष्मण की झांकी निकालकर रस्म निभाई जाती थी। यह परंपरा चैत्र नवरात्र के दौरान रामनवमी उत्सव और बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाई जाती थी। *चैत्र में उदो उदो कहकर देवी की करते हैं जय-जय कार* चैत्र में भक्त माता की स्तुति में "उदो-उदो"का उद्घोष करते हैं, जिसका अर्थ है "जय-जयकार" या "देवी का जयकारा"। यह शब्द देवी दुर्गा की शक्ति, महिषासुर पर उनकी विजय और ब्रह्मांड में सकारात्मकता फैलाने के लिए उनकी प्रशंसा में बोला जाता है। मूल अर्थ: यह 'उदय' या 'जय' शब्द का अपभ्रंश माना जाता है, जिसका अर्थ देवी के विजय और प्रकाश का जयघोष है। शक्ति का प्रतीक: चैत्र नवरात्रि में देवी ने नौ रूपों में प्रकट होकर महिषासुर का वध किया था, इसलिए भक्त उनकी विजय की खुशी में 'उदो-उदो' कहते हैं। आध्यात्मिक ऊर्जा यह घोष नकारात्मकता को दूर करने और आत्मिक शक्ति प्राप्त करने के लिए किया जाता है। लोक मान्यता है कि भक्त मां को प्रसन्न करने और नकारात्मकता का नाश करने के लिए इस मंत्र का उच्चारण करते हैं।3