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सुल्तानपुर के धनपतगंज से कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है, जहाँ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पुलिस की मौजूदगी में ही एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के एक युवक पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। यह घटना मेडिकल परीक्षण के दौरान हुई, जब दो पक्षों के बीच पहले से हुई मारपीट के बाद जाँच चल रही थी। अस्पताल परिसर के भीतर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद युवक की पिटाई का यह वीडियो और इससे जुड़े दावे सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इस घटना के बाद लोगों में भारी गुस्सा है और वे सवाल उठा रहे हैं कि यदि पुलिस की मौजूदगी में और अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर किसी की पिटाई हो सकती है, तो आम नागरिक अपनी सुरक्षा को लेकर कितना आश्वस्त रह पाएगा। वायरल पोस्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी, जिससे स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि यदि तनाव की जानकारी पहले से थी तो पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं की गई। इस घटना ने सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखी प्रतिक्रियाएँ और आक्रोश पैदा किया है। फिलहाल, इन वायरल दावों और वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और उनकी जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही इस पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। यह प्रश्न कि क्या अस्पताल और पुलिस की मौजूदगी में भी नागरिक सुरक्षित नहीं हैं, अब पूरे इलाके में बहस का विषय बन गया है।

12 hrs ago
user_Rohit Kumar Baudh
Rohit Kumar Baudh
Court reporter उन्नाव, उन्नाव, उत्तर प्रदेश•
12 hrs ago

सुल्तानपुर के धनपतगंज से कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है, जहाँ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पुलिस की मौजूदगी में ही एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के एक युवक पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। यह घटना मेडिकल परीक्षण के दौरान हुई, जब दो पक्षों के बीच पहले से हुई मारपीट के बाद जाँच चल रही थी। अस्पताल परिसर के भीतर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद युवक की पिटाई का यह वीडियो और इससे जुड़े दावे सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इस घटना के बाद लोगों में भारी गुस्सा है और वे सवाल उठा रहे हैं कि यदि पुलिस की मौजूदगी में और अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर किसी की पिटाई हो सकती है, तो आम नागरिक अपनी सुरक्षा को लेकर कितना आश्वस्त रह पाएगा। वायरल पोस्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी, जिससे स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि यदि तनाव की जानकारी पहले से थी तो पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं की गई। इस घटना ने सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखी प्रतिक्रियाएँ और आक्रोश पैदा किया है। फिलहाल, इन वायरल दावों और वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और उनकी जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही इस पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। यह प्रश्न कि क्या अस्पताल और पुलिस की मौजूदगी में भी नागरिक सुरक्षित नहीं हैं, अब पूरे इलाके में बहस का विषय बन गया है।

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  • ज्येष्ठ माह के पंचम मंगलवार के अवसर पर उन्नाव में सर्व सनातन उत्थान सेवा समिति द्वारा एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान अतिथियों, मातृशक्तियों, पदाधिकारियों और पत्रकार बंधुओं को विशेष रूप से पट्टिका एवं हनुमान चालीसा भेंट कर सम्मानित किया गया। इस गरिमामय अवसर पर कई प्रमुख हस्तियाँ उपस्थित रहीं, जिनमें राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश शुक्ला, राष्ट्रीय संगठन मंत्री के.के. त्रिपाठी, प्रदेश युवा अध्यक्ष रत्नेश त्रिपाठी, किसान उत्थान समिति के अध्यक्ष अजय पांडे और जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह शामिल थे। इनके अतिरिक्त, शिवपूजन पांडे, सियाराम पांडे, नीतू त्रिवेदी, रेखा शुक्ला, पुनीता दीक्षित, अनमोल अवस्थी, श्याम तिवारी, ओमप्रकाश बाजपेई, भानु मिश्र, विधायक पंकज गुप्ता और अनुराग अवस्थी जैसे गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में अन्य प्रतिष्ठित नागरिक भी इस आयोजन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सनातन सेवा और सम्मान का यह भव्य आयोजन स्थानीय समुदाय के लिए आकर्षण का केंद्र बना, जिसके माध्यम से उन्नाव में सनातन सेवा का प्रबल संदेश गूंज उठा।
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    ज्येष्ठ माह के पंचम मंगलवार के अवसर पर उन्नाव में सर्व सनातन उत्थान सेवा समिति द्वारा एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान अतिथियों, मातृशक्तियों, पदाधिकारियों और पत्रकार बंधुओं को विशेष रूप से पट्टिका एवं हनुमान चालीसा भेंट कर सम्मानित किया गया।

इस गरिमामय अवसर पर कई प्रमुख हस्तियाँ उपस्थित रहीं, जिनमें राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश शुक्ला, राष्ट्रीय संगठन मंत्री के.के. त्रिपाठी, प्रदेश युवा अध्यक्ष रत्नेश त्रिपाठी, किसान उत्थान समिति के अध्यक्ष अजय पांडे और जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह शामिल थे। इनके अतिरिक्त, शिवपूजन पांडे, सियाराम पांडे, नीतू त्रिवेदी, रेखा शुक्ला, पुनीता दीक्षित, अनमोल अवस्थी, श्याम तिवारी, ओमप्रकाश बाजपेई, भानु मिश्र, विधायक पंकज गुप्ता और अनुराग अवस्थी जैसे गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में अन्य प्रतिष्ठित नागरिक भी इस आयोजन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

सनातन सेवा और सम्मान का यह भव्य आयोजन स्थानीय समुदाय के लिए आकर्षण का केंद्र बना, जिसके माध्यम से उन्नाव में सनातन सेवा का प्रबल संदेश गूंज उठा।
    user_Shyam ji gupta
    Shyam ji gupta
    Media Consultant उन्नाव, उन्नाव, उत्तर प्रदेश•
    48 min ago
  • उन्नाव के दही थाना क्षेत्र अंतर्गत चांदपुर के पास रायपुर बुजुर्ग में धड़ल्ले से अवैध खनन जारी होने की चर्चाएँ हैं, जिसके चलते जिम्मेदार विभागों और खनन अधिकारियों की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर जिम्मेदार विभाग और खनन अधिकारी इस पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं? ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन के कारण ओवरलोड डंपरों की लगातार आवाजाही से क्षेत्र की सड़कें पूरी तरह बदहाल हो चुकी हैं। सड़कों पर जगह-जगह बड़े गड्ढे होने से राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं धूल, खराब सड़कों और दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। इस दुर्दशा और सरकारी संपत्ति को हो रहे नुकसान का जिम्मेदार कौन है, यह भी सवाल उठाया गया है, साथ ही यह भी पूछा गया है कि क्या नियम सिर्फ कागजों तक सीमित हैं या अवैध खनन करने वालों को किसी का संरक्षण प्राप्त है? ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने और अवैध खनन तथा ओवरलोड वाहनों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि क्षेत्रवासियों को इस समस्या से राहत मिल सके।
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    उन्नाव के दही थाना क्षेत्र अंतर्गत चांदपुर के पास रायपुर बुजुर्ग में धड़ल्ले से अवैध खनन जारी होने की चर्चाएँ हैं, जिसके चलते जिम्मेदार विभागों और खनन अधिकारियों की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर जिम्मेदार विभाग और खनन अधिकारी इस पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं?

ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन के कारण ओवरलोड डंपरों की लगातार आवाजाही से क्षेत्र की सड़कें पूरी तरह बदहाल हो चुकी हैं। सड़कों पर जगह-जगह बड़े गड्ढे होने से राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं धूल, खराब सड़कों और दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। इस दुर्दशा और सरकारी संपत्ति को हो रहे नुकसान का जिम्मेदार कौन है, यह भी सवाल उठाया गया है, साथ ही यह भी पूछा गया है कि क्या नियम सिर्फ कागजों तक सीमित हैं या अवैध खनन करने वालों को किसी का संरक्षण प्राप्त है? ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने और अवैध खनन तथा ओवरलोड वाहनों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि क्षेत्रवासियों को इस समस्या से राहत मिल सके।
    user_पत्रकार सूरज शुक्ला
    पत्रकार सूरज शुक्ला
    उन्नाव, उन्नाव, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने राज्य के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं को एक महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है। आयोग ने पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) द्वारा जून महीने के बिजली बिलों में प्रस्तावित 10 प्रतिशत अतिरिक्त बिजली टैरिफ वसूली पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह कार्रवाई तब की गई जब विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इस अतिरिक्त वसूली को नियमों के विरुद्ध बताते हुए नियामक आयोग में एक याचिका दायर की थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए आयोग ने UPPCL से पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही, आयोग ने निर्देश दिया है कि इस संबंध में अंतिम फैसला आने तक उपभोक्ताओं के बिलों में कोई भी अतिरिक्त शुल्क नहीं जोड़ा जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला बड़ा आर्थिक बोझ फिलहाल टल गया है।
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    उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने राज्य के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं को एक महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है। आयोग ने पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) द्वारा जून महीने के बिजली बिलों में प्रस्तावित 10 प्रतिशत अतिरिक्त बिजली टैरिफ वसूली पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

यह कार्रवाई तब की गई जब विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इस अतिरिक्त वसूली को नियमों के विरुद्ध बताते हुए नियामक आयोग में एक याचिका दायर की थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए आयोग ने UPPCL से पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही, आयोग ने निर्देश दिया है कि इस संबंध में अंतिम फैसला आने तक उपभोक्ताओं के बिलों में कोई भी अतिरिक्त शुल्क नहीं जोड़ा जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला बड़ा आर्थिक बोझ फिलहाल टल गया है।
    user_किशन चंद्र मिश्रा बीजेपी पूर्व
    किशन चंद्र मिश्रा बीजेपी पूर्व
    Actor कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • जाने-मानी पत्रकार अंजना ओम कश्यप ने अपनी शिक्षा जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से पूरी की है।
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    जाने-मानी पत्रकार अंजना ओम कश्यप ने अपनी शिक्षा जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से पूरी की है।
    user_MAKKI TV
    MAKKI TV
    Mediation service कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • एचडीएफसी की कर्मचारी आस्था सिंह ने कानपुर के मुस्लिम इलाके में सार्वजनिक परिवहन के दौरान अपने साथ हुई छेड़छाड़ की घटना को साझा किया है। उन्होंने एक क्लिप के माध्यम से अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि एक मुस्लिम अधेड़ व्यक्ति ने उनके साथ यह अभद्र व्यवहार किया। इस घटना के बाद आस्था सिंह ने सभी को 'औकात दिखाने' की अपील की है। यह भी बताया गया है कि कुछ महीने पहले आस्था सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह बैंक में झगड़ते हुए 'मैं ठाकुर हूं' कहती हुई दिखाई दी थीं।
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    एचडीएफसी की कर्मचारी आस्था सिंह ने कानपुर के मुस्लिम इलाके में सार्वजनिक परिवहन के दौरान अपने साथ हुई छेड़छाड़ की घटना को साझा किया है। उन्होंने एक क्लिप के माध्यम से अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि एक मुस्लिम अधेड़ व्यक्ति ने उनके साथ यह अभद्र व्यवहार किया। इस घटना के बाद आस्था सिंह ने सभी को 'औकात दिखाने' की अपील की है। यह भी बताया गया है कि कुछ महीने पहले आस्था सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह बैंक में झगड़ते हुए 'मैं ठाकुर हूं' कहती हुई दिखाई दी थीं।
    user_Anoop Nishad Kanpur
    Anoop Nishad Kanpur
    कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • कानपुर नगर के चकरपुर में स्थित एफ आर ले मक एक्सपोर्ट कंपनी के कर्मचारियों ने वेतन में वृद्धि न होने के विरोध में हड़ताल शुरू कर दी है। कंपनी में वेतन न बढ़ाए जाने के कारण श्रमिकों में असंतोष है।
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    कानपुर नगर के चकरपुर में स्थित एफ आर ले मक एक्सपोर्ट कंपनी के कर्मचारियों ने वेतन में वृद्धि न होने के विरोध में हड़ताल शुरू कर दी है। कंपनी में वेतन न बढ़ाए जाने के कारण श्रमिकों में असंतोष है।
    user_Bharat lal sharma
    Bharat lal sharma
    कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • बिहार के नवादा से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक दलित महिला की मौत के बाद भुखमरी के आरोपों ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। बताया जा रहा है कि महिला के पति का निधन पहले ही हो चुका था और अब उसके पीछे तीन मासूम बच्चे बेसहारा रह गए हैं। इस दर्दनाक घटना के बाद गांव से लेकर सोशल मीडिया तक सवालों का तूफान खड़ा हो गया है। लोग पूछ रहे हैं कि जब देश विकास और आर्थिक प्रगति की बात कर रहा है, तो ऐसी परिस्थितियों में एक माँ को दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष क्यों करना पड़ा। बच्चों की तस्वीरें और परिवार की दयनीय हालत देखकर लोग भावुक हो रहे हैं और प्रशासन से इस मामले पर जवाब की मांग कर रहे हैं। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने टिप्पणी की है कि जब देश वैश्विक मंचों पर अपनी ताकत दिखा रहा है, तब भी गरीब परिवारों तक भोजन और बुनियादी सुविधाएं क्यों नहीं पहुंच पा रही हैं। इस बीच, प्रशासनिक स्तर पर मामले की गहन जांच और सहायता उपलब्ध कराने की मांग तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल उन तीन मासूम बच्चों के भविष्य को लेकर है, जिनके सिर से पहले पिता और अब माँ का साया उठ गया है। लोग चिंतित हैं कि आखिर इन बेसहारा बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी कौन उठाएगा।
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    बिहार के नवादा से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक दलित महिला की मौत के बाद भुखमरी के आरोपों ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। बताया जा रहा है कि महिला के पति का निधन पहले ही हो चुका था और अब उसके पीछे तीन मासूम बच्चे बेसहारा रह गए हैं।

इस दर्दनाक घटना के बाद गांव से लेकर सोशल मीडिया तक सवालों का तूफान खड़ा हो गया है। लोग पूछ रहे हैं कि जब देश विकास और आर्थिक प्रगति की बात कर रहा है, तो ऐसी परिस्थितियों में एक माँ को दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष क्यों करना पड़ा। बच्चों की तस्वीरें और परिवार की दयनीय हालत देखकर लोग भावुक हो रहे हैं और प्रशासन से इस मामले पर जवाब की मांग कर रहे हैं। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने टिप्पणी की है कि जब देश वैश्विक मंचों पर अपनी ताकत दिखा रहा है, तब भी गरीब परिवारों तक भोजन और बुनियादी सुविधाएं क्यों नहीं पहुंच पा रही हैं। इस बीच, प्रशासनिक स्तर पर मामले की गहन जांच और सहायता उपलब्ध कराने की मांग तेज हो गई है।

सबसे बड़ा सवाल उन तीन मासूम बच्चों के भविष्य को लेकर है, जिनके सिर से पहले पिता और अब माँ का साया उठ गया है। लोग चिंतित हैं कि आखिर इन बेसहारा बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी कौन उठाएगा।
    user_Rohit Kumar Baudh
    Rohit Kumar Baudh
    Court reporter उन्नाव, उन्नाव, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • सुल्तानपुर के धनपतगंज से कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है, जहाँ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पुलिस की मौजूदगी में ही एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के एक युवक पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। यह घटना मेडिकल परीक्षण के दौरान हुई, जब दो पक्षों के बीच पहले से हुई मारपीट के बाद जाँच चल रही थी। अस्पताल परिसर के भीतर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद युवक की पिटाई का यह वीडियो और इससे जुड़े दावे सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इस घटना के बाद लोगों में भारी गुस्सा है और वे सवाल उठा रहे हैं कि यदि पुलिस की मौजूदगी में और अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर किसी की पिटाई हो सकती है, तो आम नागरिक अपनी सुरक्षा को लेकर कितना आश्वस्त रह पाएगा। वायरल पोस्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी, जिससे स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि यदि तनाव की जानकारी पहले से थी तो पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं की गई। इस घटना ने सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखी प्रतिक्रियाएँ और आक्रोश पैदा किया है। फिलहाल, इन वायरल दावों और वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और उनकी जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही इस पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। यह प्रश्न कि क्या अस्पताल और पुलिस की मौजूदगी में भी नागरिक सुरक्षित नहीं हैं, अब पूरे इलाके में बहस का विषय बन गया है।
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    सुल्तानपुर के धनपतगंज से कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है, जहाँ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पुलिस की मौजूदगी में ही एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के एक युवक पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। यह घटना मेडिकल परीक्षण के दौरान हुई, जब दो पक्षों के बीच पहले से हुई मारपीट के बाद जाँच चल रही थी।

अस्पताल परिसर के भीतर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद युवक की पिटाई का यह वीडियो और इससे जुड़े दावे सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इस घटना के बाद लोगों में भारी गुस्सा है और वे सवाल उठा रहे हैं कि यदि पुलिस की मौजूदगी में और अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर किसी की पिटाई हो सकती है, तो आम नागरिक अपनी सुरक्षा को लेकर कितना आश्वस्त रह पाएगा। वायरल पोस्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी, जिससे स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि यदि तनाव की जानकारी पहले से थी तो पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं की गई। इस घटना ने सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखी प्रतिक्रियाएँ और आक्रोश पैदा किया है।

फिलहाल, इन वायरल दावों और वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और उनकी जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही इस पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। यह प्रश्न कि क्या अस्पताल और पुलिस की मौजूदगी में भी नागरिक सुरक्षित नहीं हैं, अब पूरे इलाके में बहस का विषय बन गया है।
    user_Rohit Kumar Baudh
    Rohit Kumar Baudh
    Court reporter उन्नाव, उन्नाव, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
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