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परसाबाद में ग्रामीणों ने बच्चा चोर समझकर एक युवक की कर दी पिटाई, पुलिस ने इलाज के लिए लाया स्वास्थ्य केंद्र, लेकिन रात्रि में डॉक्टर नहीं रहने के कारण ले जाना पड़ा सदर #कोडरमा
Sunil Kumar journalist
परसाबाद में ग्रामीणों ने बच्चा चोर समझकर एक युवक की कर दी पिटाई, पुलिस ने इलाज के लिए लाया स्वास्थ्य केंद्र, लेकिन रात्रि में डॉक्टर नहीं रहने के कारण ले जाना पड़ा सदर #कोडरमा
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- Post by BaरKaट्ठा Ki आwaज1
- Post by Imtiyaj A Fonwel1
- सुचना:- विडियो में बताई गई बातों की सत्याता की सत्यापन मेरे चैनल के माध्यम से नहीं की जाती, बल्कि विडियो में बातचीत कर रहे सज्जन की ख़ुद की बातें है बाकी हक़ीक़त क्या है ये जांच-पड़ताल का विषय है, धन्यवाद 🙏1
- Post by Parvez Alam1
- #sachtakjharkhandnews #nonfollower #sonu_mehta #bishnugarh #hazaribagh #jharkhand1
- हजारीबाग भारत माता चौक के समीप हुई बड़ी दुर्घटना, घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस अपने जीप में ही दूसरे गंभीर व्यक्ति को खुद से ले जाकर एडमिट करवाया, प्रत्यक्ष दर्शियों ने कहा नेशनल हाईवे के द्वारा सड़क काट दिए जाने के कारण लापरवाही से मांडू की ओर से आ रही टू व्हीलर वाहन सवार एक की मौत दूसरा क्षितिज हॉस्पिटल में इलाजरत, वहीं प्रत्यक्षदर्शियों ने यह भी कहा कि मोटरसाइकिल और छोटी फोर व्हीलर वाहन में टक्कर हुई, प्रत्यक्ष दर्शियों ने सांसद और विधायक को भी खूब कोसा, कहा यह जो दुर्घटना घटी है यह कोई आम दुर्घटना नहीं है पूर्व में भी इस रोड में कई बार दुर्घटनाएं घट चुकी हैं मगर कोई सुध लेने वाला नहीं है बेटा हर किसी का हो सकता है सोचिए उसे घर में आज कैसा माहौल होगा जब वह अपने पुत्र की दुर्घटना में मौत की खबर सुनेगा जबकि नेशनल हाईवे के द्वारा कई दिनों से सड़क काटकर छोड़ दिया गया है पूर्व में भी कई दुर्घटनाएं घट चुकी है मगर नेशनल हाईवे कान में तेल डालकर सोया हुआ हैआय दिन दुर्घटनाएं घट रही है लोग मर रहे हैं कोई सुध लेने वाला नहीं है।1
- भूल जाएंगे महंगी दवाइयां! बस रोज सुबह पिएं एक गिलास सौंफ का पानी, शरीर में होंगे ये 6 चौंकाने वाले बदलाव आजकल तेजी से चर्चा में हैं, क्योंकि रसोई में इस्तेमाल होने वाली छोटी सी Fennel seeds यानी सौंफ सिर्फ स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है। आयुर्वेद में सौंफ को पाचन तंत्र को मजबूत करने और शरीर को ठंडक देने वाली प्राकृतिक औषधि माना गया है। खासकर जब सौंफ को पानी में भिगोकर पिया जाता है, तो इसके गुण और भी प्रभावी हो जाते हैं। आज के समय में पेट की समस्याएं, बढ़ता वजन और त्वचा से जुड़ी परेशानियां आम हो गई हैं। ऐसे में Saunf Water Benefits एक आसान और घरेलू उपाय के रूप में सामने आते हैं। नियमित रूप से सौंफ का पानी पीने से कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं। सबसे पहले, यह पाचन तंत्र को मजबूत करने में मदद करता है। सौंफ में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो गैस, एसिडिटी और अपच की समस्या को कम करते हैं। इसका पानी पीने से पेट हल्का महसूस होता है और भोजन आसानी से पचता है। इसके अलावा, सौंफ का पानी वजन घटाने में भी सहायक माना जाता है। खाली पेट इसे पीने से मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है और शरीर में जमा अतिरिक्त फैट कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही यह भूख को नियंत्रित करता है, जिससे ओवरईटिंग से बचाव होता है। गर्मी के मौसम में सौंफ का पानी शरीर को अंदर से ठंडक देता है और शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर से टॉक्सिन बाहर निकालते हैं, जिससे त्वचा साफ और ग्लोइंग दिखाई दे सकती है। महिलाओं के लिए भी Saunf Water Benefits खास माने जाते हैं, क्योंकि यह हार्मोन संतुलन में मदद कर सकता है और पीरियड्स से जुड़ी कुछ समस्याओं को कम करने में सहायक होता है। इसके अलावा सौंफ का पानी प्राकृतिक माउथ फ्रेशनर की तरह काम करता है और मुंह की बदबू को दूर करने में मदद करता है। कैसे बनाएं सौंफ का पानी? एक गिलास पानी में एक चम्मच सौंफ डालकर रातभर भिगो दें। सुबह इसे छानकर या हल्का उबालकर खाली पेट पी लें। नियमित सेवन से इसके फायदे और भी बेहतर तरीके से महसूस किए जा सकते हैं।1
- पकरीबरावां में सौहार्द के रंगों में डूबा जनमानस: शांति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ होली का महापर्व#Holi2026 #Pakribarawan #NawadaNews #BiharHoli #AVNews #HoliCelebration #LocalNews #SocialHarmony #HoliMilan #HoliVibes #NawadaDistrict #BiharTourism #HoliColors #HoliSpecial #PakribarawanMarket1
- सहिया गाँव में झूमटा के दिन मटका फोड़ कार्यक्रम का हुआ आयोजन , बच्चों से लेकर युवाओं तक में दिखा उत्साह! वज़ीरगंज प्रखंड के सहिया गाँव में झूमटा के पावन अवसर पर पारंपरिक मटका फोड़ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। गाँव के चौक चौराहे पर आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों के लिए आँख बंद मटका और युवाओं के लिए ऊपर वाला मटका प्रतियोगिता रखी गई, जिसने पूरे माहौल को उत्साह और उमंग से भर दिया। सबसे पहले बच्चों के लिए आँखों पर पट्टी बाँधकर मटका फोड़ प्रतियोगिता कराई गई। ढोल नगाड़ो और तालियों की गूंज के बीच छोटे छोटे बच्चे जब डंडा लेकर मटके की ओर बढ़ते, तो पूरा गाँव उनका उत्साह बढ़ाता नजर आया। कई बार निशाना चूकने पर भी बच्चों का आत्मविश्वास देखने लायक था। जैसे ही किसी बच्चे ने मटका फोड़ा, तालियों की गड़गड़ाहट और खुशी की आवाज़ों से वातावरण गूंज उठा। इसके बाद युवाओं के लिए ऊँचाई पर बाँधे गए मटके को फोड़ने की चुनौती दी गई। युवाओं ने एकजुट होकर मानव पिरामिड बनाया और साहस व संतुलन का अद्भुत प्रदर्शन किया। कड़ी मेहनत और टीम वर्क के बाद जब मटका टूटा तो रंग गुलाल और पानी की फुहारों के बीच खुशी का नजारा देखते ही बन रहा था।ईस दौरान सामाजिक एकता का संदेश देखने को मिला, कार्यक्रम में गाँव के बुजुर्ग, महिलाएँ और बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि इस तरह के पारंपरिक कार्यक्रम न केवल हमारी संस्कृति को जीवित रखते हैं, बल्कि समाज में आपसी भाईचारा और सहयोग की भावना भी मजबूत करते हैं। झूमटा के इस अवसर पर लोगों ने यह संदेश दिया कि त्योहार केवल रंग और मस्ती का नाम नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने और रिश्तों को मजबूत करने का माध्यम है। कार्यक्रम के अंत में विजेताओं को सम्मानित किया गया और सभी ने मिलकर एक दूसरे को शुभकामनाएँ दी। सहिया गाँव का यह आयोजन एक बार फिर साबित कर गया कि परंपरा और एकता की ताकत ही समाज की असली पहचान है।1