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कैसरगंज में बारह रबीउल अव्वल यानी जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर बुधवार को कैसरगंज में शानदार और बेमिसाल जुलूस निकाला गया। मोहम्मद साहब की विलादत की खुशी में आयोजित जुलूस में क्षेत्र के सैकड़ों गांवों से हजारों की संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। लोगों ने पैदल, मोटरसाइकिल और चार पहिया वाहनों के साथ जुलूस में शिरकत कर अपनी खुशी का इजहार किया। कैसरगंज क्षेत्र के विभिन्न गांवों से निकले जुलूस के लोग कैसरगंज बस स्टॉप पर एकत्र हुए, जहां कई गांवों से आए लोगों का संगम दिखाई दिया। इसके बाद जुलूस का कारवां महमूद साहब बाबा की मजार की जानिब बढ़ा और बरखुर्द्वारापुर चौराहे से होते हुए जरवल की ओर रवाना हुआ। पूरे रास्ते लोगों में जश्न का माहौल रहा। इस मौके पर कैसरगंज चेयरमैन एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य सैयद वली सहित विभिन्न अंजुमन कमेटियों के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी कैसरगंज प्रशांत कुमार नायक, पुलिस क्षेत्राधिकारी डीके श्रीवास्तव और प्रभारी निरीक्षक कैसरगंज राजकुमार पांडेय को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। अंजुमन के लोगों ने मोहम्मद साहब की विलादत की खुशी का इजहार करते हुए अतिथियों का स्वागत किया। वहीं ग्राम नौगैया निवासी एवं स्वतंत्रता सेनानी परिवार से ताल्लुक रखने वाले लोकतंत्र रक्षक सेनानी क्रांति कुमार सिंह तथा वरिष्ठ पत्रकार अशोक कुमार सिंह को भी अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। जुलूस में विधायक कैसरगंज आनंद यादव, शमसुद्दीन बरकाती सहित अनिल कुमार यादव और क्षेत्र के तमाम जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, अंजुमन कमेटियों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। पुलिस-प्रशासन की मुस्तैदी से शांतिपूर्ण रहा आयोजन जुलूस को लेकर कैसरगंज पुलिस-प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। भीड़ और यातायात व्यवस्था को देखते हुए जगह-जगह रूट डायवर्जन किया गया। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। तपती धूप के बावजूद पुलिसकर्मी लगातार ड्यूटी पर मुस्तैद रहे और पूरे जुलूस की निगरानी करते रहे। प्रशासन और पुलिस की बेहतर समन्वय व्यवस्था के चलते जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। पूरे आयोजन के दौरान कहीं भी अप्रिय स्थिति सामने नहीं आई। जुलूस में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत तस्वीर कैसरगंज के जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के जुलूस में हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे की खूबसूरत मिसाल भी देखने को मिली। विभिन्न समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे का सम्मान करते हुए सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया। जुलूस ने कैसरगंज की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सद्भाव की मजबूत तस्वीर पेश की।

10 hrs ago
user_Mohd Aamir
Mohd Aamir
पत्रकार जनता की सेवा मो आमिर कैसरगंज, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
10 hrs ago

कैसरगंज में बारह रबीउल अव्वल यानी जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर बुधवार को कैसरगंज में शानदार और बेमिसाल जुलूस निकाला गया। मोहम्मद साहब की विलादत की खुशी में आयोजित जुलूस में क्षेत्र के सैकड़ों गांवों से हजारों की संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। लोगों ने पैदल, मोटरसाइकिल और चार पहिया वाहनों के साथ जुलूस में शिरकत कर अपनी खुशी का इजहार किया। कैसरगंज क्षेत्र के विभिन्न गांवों से निकले जुलूस के लोग कैसरगंज बस स्टॉप पर एकत्र हुए, जहां कई गांवों से आए लोगों का संगम दिखाई दिया। इसके बाद जुलूस का कारवां महमूद साहब बाबा की मजार की जानिब बढ़ा और बरखुर्द्वारापुर चौराहे से होते हुए जरवल की ओर रवाना हुआ। पूरे रास्ते लोगों में जश्न का माहौल रहा। इस मौके पर कैसरगंज चेयरमैन एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य सैयद वली सहित विभिन्न अंजुमन कमेटियों के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी कैसरगंज प्रशांत कुमार नायक, पुलिस क्षेत्राधिकारी डीके श्रीवास्तव और प्रभारी निरीक्षक कैसरगंज राजकुमार पांडेय को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। अंजुमन के लोगों ने मोहम्मद साहब की विलादत की खुशी का इजहार करते हुए अतिथियों का स्वागत किया। वहीं ग्राम नौगैया निवासी एवं स्वतंत्रता सेनानी परिवार से ताल्लुक रखने वाले लोकतंत्र रक्षक सेनानी क्रांति कुमार सिंह तथा वरिष्ठ पत्रकार अशोक कुमार सिंह को भी अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। जुलूस में विधायक कैसरगंज आनंद यादव, शमसुद्दीन बरकाती सहित अनिल कुमार यादव और क्षेत्र के तमाम जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, अंजुमन कमेटियों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। पुलिस-प्रशासन की मुस्तैदी से शांतिपूर्ण रहा आयोजन जुलूस को लेकर कैसरगंज पुलिस-प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। भीड़ और यातायात व्यवस्था को देखते हुए जगह-जगह रूट डायवर्जन किया गया। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। तपती धूप के बावजूद पुलिसकर्मी लगातार ड्यूटी पर मुस्तैद रहे और पूरे जुलूस की निगरानी करते रहे। प्रशासन और पुलिस की बेहतर समन्वय व्यवस्था के चलते जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। पूरे आयोजन के दौरान कहीं भी अप्रिय स्थिति सामने नहीं आई। जुलूस में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत तस्वीर कैसरगंज के जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के जुलूस में हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे की खूबसूरत मिसाल भी देखने को मिली। विभिन्न समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे का सम्मान करते हुए सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया। जुलूस ने कैसरगंज की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सद्भाव की मजबूत तस्वीर पेश की।

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  • बहराइच जिले के कैसरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत ग्राम खेवकर मौजा कटका मरौठा थाना हुजूरपुर तहसील कैसरगंज जनपद बहराइच की निवासिनी सीमा पत्नी सुरेश की 19 जुलाई 2026 को प्रसव पीड़ा होने पर उन्हीं के गांव की आशा बहू शोभावती पत्नी राजेश ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैसरगंज में प्रसव कर दो वह साथ में आई भी उनपर आरोप है कि उपरोक्त आशा बहू ने सिटी हॉस्पिटल और मैटर निजी सेंटर कैसरगंज के चिकित्सकों से साठ गांठ करके वहां पर भर्ती कर दिया। इसपर पति ने ऐतराज जताते हुए सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए कहा तो उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल में बड़ी लापरवाही होती है और सिटी हॉस्पिटल में इलाज की विशेष सुविधा है यह कहते हुए प्रार्थी की पत्नी को वहीं पर रोक कर सामान्य प्रसव कराए जाने की बात हुई थी। पीड़ित का आरोप है कि बिना उसे जानकारी दिए ऑपरेशन कर दिया था जिसके उपरांत अगूठा लगवा लिया गया पीड़ित के पत्नी की तबीयत बिगड़ी जिसके बाद अस्पताल के जिम्मेदारों ने कहा कि इनकी तबीयत बिगड़ती जा रही है कहीं दूसरी जगह दिखाने की बात कहते हुए पीड़ित की पत्नी को अस्पताल से बाहर निकाल दिया। आनंन फानन में प्रार्थी सुरेश कुमार पुत्र हरीशचंद्र ने एंबुलेंस की मदद से पत्नी सीमा को केजीएमयू लखनऊ में भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान उनकी 23 जुलाई को मृत्यु हो गई। मामले की शिकायत प्रार्थी द्वारा स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैसरगंज सहित कई उच्च अधिकारियों को भी भेज कर न्याय की उम्मीद जताई है। मामले के संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैसरगंज के सीएससी अधीक्षक वीडी वर्मा से संपर्क करने का प्रयास किया गया पर विडंबना है कि तहसील मुख्यालय के स्वास्थ्य महकमे के जिम्मेदार के फोन की घंटी बजती रही किन्हीं कारणों से रिसीव नहीं हो सका।
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    बहराइच जिले के कैसरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत ग्राम खेवकर मौजा कटका मरौठा थाना हुजूरपुर तहसील कैसरगंज जनपद बहराइच की निवासिनी सीमा पत्नी सुरेश की 19 जुलाई 2026 को प्रसव पीड़ा होने पर उन्हीं के गांव की आशा बहू शोभावती पत्नी राजेश ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैसरगंज में प्रसव कर दो वह साथ में आई भी उनपर आरोप है कि उपरोक्त आशा बहू ने सिटी हॉस्पिटल और मैटर निजी सेंटर कैसरगंज के चिकित्सकों से साठ गांठ करके वहां पर भर्ती कर दिया। इसपर पति ने ऐतराज जताते हुए सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए कहा तो उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल में बड़ी लापरवाही होती है और सिटी हॉस्पिटल में इलाज की विशेष सुविधा है यह कहते हुए प्रार्थी की पत्नी को वहीं पर रोक कर सामान्य प्रसव कराए जाने की बात हुई थी। पीड़ित का आरोप है कि बिना उसे जानकारी दिए ऑपरेशन कर दिया था जिसके उपरांत अगूठा लगवा लिया गया पीड़ित के पत्नी की तबीयत बिगड़ी जिसके बाद अस्पताल के जिम्मेदारों ने कहा कि इनकी तबीयत बिगड़ती जा रही है कहीं दूसरी जगह दिखाने की बात कहते हुए पीड़ित की पत्नी को अस्पताल से बाहर निकाल दिया। आनंन फानन में प्रार्थी सुरेश कुमार पुत्र हरीशचंद्र ने एंबुलेंस की मदद से पत्नी सीमा को केजीएमयू लखनऊ में भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान उनकी 23 जुलाई को मृत्यु हो गई। मामले की शिकायत प्रार्थी द्वारा स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैसरगंज सहित कई उच्च अधिकारियों को भी भेज कर न्याय की उम्मीद जताई है। मामले के संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैसरगंज के सीएससी अधीक्षक वीडी वर्मा से संपर्क करने का प्रयास किया गया पर विडंबना है कि तहसील मुख्यालय के स्वास्थ्य महकमे के जिम्मेदार के फोन की घंटी बजती रही किन्हीं कारणों से रिसीव नहीं हो सका।
    user_Mohd Aamir
    Mohd Aamir
    पत्रकार जनता की सेवा मो आमिर कैसरगंज, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • कर्नलगंजनगर मे की 12 रवी अव्वल की सजावट की विशेष झलकियां
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    कर्नलगंजनगर मे की 12 रवी अव्वल की सजावट की विशेष झलकियां
    user_पत्रकार श्रीनाथ रस्तोगी
    पत्रकार श्रीनाथ रस्तोगी
    Local News Reporter कर्नलगंज, गोंडा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • मासूम बेटी की आवाज पर डीएम का संज्ञान, जर्जर सड़क की मरम्मत शुरू बाराबंकी। चार साल की मासूम बच्ची की दर्द भरी अपील ने प्रशासन का ध्यान खींच लिया। नगर कोतवाली क्षेत्र के क्रिस्टल गार्डन के पास रहने वाली बच्ची का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें वह हाथ जोड़कर कह रही थी, “डीएम अंकल, हमारे घर की रोड बनवा दीजिए। इसमें बड़े-बड़े गड्ढे हैं और पानी भर जाता है।” बच्ची की मासूम आवाज जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह तक पहुंची तो उन्होंने तत्काल मामले का संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को सड़क की स्थिति जांचकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद जर्जर सड़क की मरम्मत का काम शुरू हो गया। बारिश में सड़क पर जलभराव और गड्ढों के कारण स्थानीय लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को आवागमन में परेशानी होती थी। सड़क का काम शुरू होने पर बच्ची के परिवार और मोहल्लेवासियों ने डीएम का आभार जताया। बच्ची के पिता ने कहा कि डीएम ने उनकी बेटी की छोटी सी गुहार को गंभीरता से लेकर संवेदनशीलता का परिचय दिया।
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    मासूम बेटी की आवाज पर डीएम का संज्ञान, जर्जर सड़क की मरम्मत शुरू
बाराबंकी। 
चार साल की मासूम बच्ची की दर्द भरी अपील ने प्रशासन का ध्यान खींच लिया। नगर कोतवाली क्षेत्र के क्रिस्टल गार्डन के पास रहने वाली बच्ची का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें वह हाथ जोड़कर कह रही थी, “डीएम अंकल, हमारे घर की रोड बनवा दीजिए। इसमें बड़े-बड़े गड्ढे हैं और पानी भर जाता है।” बच्ची की मासूम आवाज जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह तक पहुंची तो उन्होंने तत्काल मामले का संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को सड़क की स्थिति जांचकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद जर्जर सड़क की मरम्मत का काम शुरू हो गया। बारिश में सड़क पर जलभराव और गड्ढों के कारण स्थानीय लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को आवागमन में परेशानी होती थी। सड़क का काम शुरू होने पर बच्ची के परिवार और मोहल्लेवासियों ने डीएम का आभार जताया। बच्ची के पिता ने कहा कि डीएम ने उनकी बेटी की छोटी सी गुहार को गंभीरता से लेकर संवेदनशीलता का परिचय दिया।
    user_अमित कुमार पत्रकार
    अमित कुमार पत्रकार
    रामनगर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • बेरिया पुल की टूटी रेलिंग बनी हादसे का सबब, ग्रामीणों ने खुद भरा गड्ढा जिम्मेदारों की अनदेखी पर उठे सवाल बाराबंकी /उत्तर प्रदेश जनपद के ग्राम बेरिया के निकट शारदा सहायक नहर पर बना पुल इन दिनों बदहाली और विभागीय उदासीनता की कहानी बयां कर रहा है। कई गांवों और कस्बों को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण पुल की रेलिंग लंबे समय से टूटी पड़ी है। पुल के समीप डिग्री कॉलेज और इंटर कॉलेज होने के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और राहगीर इसी रास्ते से गुजरते हैं। ऐसे में पुल की जर्जर हालत किसी बड़े हादसे की खुली दस्तक बनी हुई है।पुल पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे राहगीरों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। सबसे गंभीर स्थिति टूटी रेलिंग को लेकर है। नीचे गहरी नहर में पानी का बहाव और ऊपर पुल पर बेतरतीब आवागमन ऐसे में सामने से आने वाले वाहन से बचने के दौरान यदि किसी बाइक सवार का संतुलन बिगड़ जाए तो उसके सीधे नहर में गिरने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।कुछ दिन पहले ही इस खतरे की एक बानगी भी सामने आ चुकी है। चर्चा के मुताबिक करीब तीन-चार दिन पूर्व एक युवक पुल पर गिर गया और उसकी बाइक पुलिया की ओर लटक गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए युवक को संभाला और बाइक को सुरक्षित बाहर निकाला। गनीमत रही कि उस समय कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन यह घटना पुल की भयावह स्थिति को उजागर करने के लिए काफी है।ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बाद टूटी रेलिंग के पास बांस लगाकर उस पर लाल कपड़ा बांध दिया गया था, लेकिन यह व्यवस्था भी महज खानापूर्ति साबित हुई। कुछ ही दिनों बाद बांस टूटकर नहर में जा गिरा और खतरा फिर जस का तस खड़ा हो गया।जब व्यवस्था सोई रही, ग्रामीणों ने संभाली जिम्मेदारी पुल पर बने गहरे गड्ढे को भरने के लिए ग्रामीणों ने आखिरकार विभाग का इंतजार छोड़ दिया। उन्होंने आपस में चंदा जुटाया, सीमेंट और कंक्रीट खरीदा और अपने स्तर से गड्ढे को भरने का काम शुरू कर दिया। ग्रामीणों की यह पहल केवल सड़क की मरम्मत नहीं, बल्कि व्यवस्था के प्रति एक बड़ा सवाल है।जिस काम की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की थी, उसे ग्रामीणों ने अपनी जेब से पूरा किया, ताकि किसी स्कूली बच्चे, छात्र-छात्रा या राहगीर की जिंदगी खतरे में न पड़े। यह तस्वीर व्यवस्था के उस चेहरे को सामने लाती है, जहां जनता अपने जीवन की सुरक्षा के लिए भी खुद ही इंतजाम करने को मजबूर दिखाई दे रही है।बेरिया पुल पर ग्रामीणों ने सिर्फ एक गड्ढा नहीं भरा है, बल्कि उन्होंने जिम्मेदार व्यवस्था के सामने आईना रख दिया है। टूटी रेलिंग और जर्जर पुलिया किसी हादसे की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सवाल अब यह है कि संबंधित अधिकारी इस चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए पुल की स्थायी मरम्मत कराएंगे या फिर किसी अनहोनी के बाद ही सरकारी मशीनरी की नींद टूटेगी।
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    बेरिया पुल की टूटी रेलिंग बनी हादसे का सबब, ग्रामीणों ने खुद भरा गड्ढा जिम्मेदारों की अनदेखी पर उठे सवाल
बाराबंकी /उत्तर प्रदेश
जनपद के ग्राम बेरिया के निकट शारदा सहायक नहर पर बना पुल इन दिनों बदहाली और विभागीय उदासीनता की कहानी बयां कर रहा है। कई गांवों और कस्बों को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण पुल की रेलिंग लंबे समय से टूटी पड़ी है। पुल के समीप डिग्री कॉलेज और इंटर कॉलेज होने के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और राहगीर इसी रास्ते से गुजरते हैं। ऐसे में पुल की जर्जर हालत किसी बड़े हादसे की खुली दस्तक बनी हुई है।पुल पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे राहगीरों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। सबसे गंभीर स्थिति टूटी रेलिंग को लेकर है। नीचे गहरी नहर में पानी का बहाव और ऊपर पुल पर बेतरतीब आवागमन ऐसे में सामने से आने वाले वाहन से बचने के दौरान यदि किसी बाइक सवार का संतुलन बिगड़ जाए तो उसके सीधे नहर में गिरने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।कुछ दिन पहले ही इस खतरे की एक बानगी भी सामने आ चुकी है। चर्चा के मुताबिक करीब तीन-चार दिन पूर्व एक युवक पुल पर गिर गया और उसकी बाइक पुलिया की ओर लटक गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए युवक को संभाला और बाइक को सुरक्षित बाहर निकाला। गनीमत रही कि उस समय कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन यह घटना पुल की भयावह स्थिति को उजागर करने के लिए काफी है।ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बाद टूटी रेलिंग के पास बांस लगाकर उस पर लाल कपड़ा बांध दिया गया था, लेकिन यह व्यवस्था भी महज खानापूर्ति साबित हुई। कुछ ही दिनों बाद बांस टूटकर नहर में जा गिरा और खतरा फिर जस का तस खड़ा हो गया।जब व्यवस्था सोई रही, ग्रामीणों ने संभाली जिम्मेदारी पुल पर बने गहरे गड्ढे को भरने के लिए ग्रामीणों ने आखिरकार विभाग का इंतजार छोड़ दिया। उन्होंने आपस में चंदा जुटाया, सीमेंट और कंक्रीट खरीदा और अपने स्तर से गड्ढे को भरने का काम शुरू कर दिया। ग्रामीणों की यह पहल केवल सड़क की मरम्मत नहीं, बल्कि व्यवस्था के प्रति एक बड़ा सवाल है।जिस काम की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की थी, उसे ग्रामीणों ने अपनी जेब से पूरा किया, ताकि किसी स्कूली बच्चे, छात्र-छात्रा या राहगीर की जिंदगी खतरे में न पड़े। यह तस्वीर व्यवस्था के उस चेहरे को सामने लाती है, जहां जनता अपने जीवन की सुरक्षा के लिए भी खुद ही इंतजाम करने को मजबूर दिखाई दे रही है।बेरिया पुल पर ग्रामीणों ने सिर्फ एक गड्ढा नहीं भरा है, बल्कि उन्होंने जिम्मेदार व्यवस्था के सामने आईना रख दिया है। टूटी रेलिंग और जर्जर पुलिया किसी हादसे की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सवाल अब यह है कि संबंधित अधिकारी इस चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए पुल की स्थायी मरम्मत कराएंगे या फिर किसी अनहोनी के बाद ही सरकारी मशीनरी की नींद टूटेगी।
    user_खबरों का रणक्षेत्र
    खबरों का रणक्षेत्र
    Teacher रामनगर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी का जुलूस खूबसूरत सजावट से जगमगाया शहर, राजा मस्जिद से लेकर गलियों तक दिखा शानदार नजारा
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    जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी का जुलूस
खूबसूरत सजावट से जगमगाया शहर, राजा मस्जिद से लेकर गलियों तक दिखा शानदार नजारा
    user_Latest news india
    Latest news india
    Local News Reporter Bahraich, Uttar Pradesh•
    2 hrs ago
  • नेपाल में जल त्रासदी: बाढ़ में कई पुलिसकर्मी और तीर्थयात्री लापता, पुल-हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट बहे काठमांडू। नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी। रासुवा जिले में भोटेकोशी नदी के उफान के बाद कई इलाकों में पानी भर गया। बाढ़ की तेज धार में सड़कें और पुल बह गए, जबकि कई हाइड्रोपावर परियोजनाओं को भी भारी नुकसान पहुंचा है। हालात इतने बिगड़ गए कि कई इलाकों का संपर्क पूरी तरह टूट गया। नेपाली मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 32 नेपाल पुलिसकर्मियों और 9 सशस्त्र पुलिसकर्मियों समेत बड़ी संख्या में लोग संपर्क से बाहर हैं। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। सेना और सुरक्षा एजेंसियों की टीमें लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटी हैं।
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    नेपाल में जल त्रासदी: बाढ़ में कई पुलिसकर्मी और तीर्थयात्री लापता, पुल-हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट बहे
काठमांडू। नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी। रासुवा जिले में भोटेकोशी नदी के उफान के बाद कई इलाकों में पानी भर गया। बाढ़ की तेज धार में सड़कें और पुल बह गए, जबकि कई हाइड्रोपावर परियोजनाओं को भी भारी नुकसान पहुंचा है। हालात इतने बिगड़ गए कि कई इलाकों का संपर्क पूरी तरह टूट गया।
नेपाली मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 32 नेपाल पुलिसकर्मियों और 9 सशस्त्र पुलिसकर्मियों समेत बड़ी संख्या में लोग संपर्क से बाहर हैं। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। सेना और सुरक्षा एजेंसियों की टीमें लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटी हैं।
    user_फ़राज़ अन्सारी निर्भीक पत्रकार
    फ़राज़ अन्सारी निर्भीक पत्रकार
    निडर लेखनी,सच्ची पत्रकारिता, Bahraich, Uttar Pradesh•
    4 hrs ago
  • ईद मिलादुन्नबी पर बाबागंज में निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी, अकीदतमंदों ने अमन, भाईचारे और सौहार्द का दिया सन्देश ईद मिलादुन्नबी पर बाबागंज में निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी, अकीदतमंदों ने अमन, भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया। 🌙🤝 #ईदमिलादुन्नबी #जुलूसेमोहम्मदी #बाबागंज #बहराइच #भाईचारा #अमन #सौहार्द #NationOneVision
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    ईद मिलादुन्नबी पर बाबागंज में निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी, अकीदतमंदों ने अमन, भाईचारे और सौहार्द  का दिया सन्देश 
ईद मिलादुन्नबी पर बाबागंज में निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी, अकीदतमंदों ने अमन, भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया। 🌙🤝
#ईदमिलादुन्नबी #जुलूसेमोहम्मदी #बाबागंज #बहराइच #भाईचारा #अमन #सौहार्द #NationOneVision
    user_SHARMA NEWS AGENCY
    SHARMA NEWS AGENCY
    रिपोर्टर बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • कैसरगंज में बारह रबीउल अव्वल यानी जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर बुधवार को कैसरगंज में शानदार और बेमिसाल जुलूस निकाला गया। मोहम्मद साहब की विलादत की खुशी में आयोजित जुलूस में क्षेत्र के सैकड़ों गांवों से हजारों की संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। लोगों ने पैदल, मोटरसाइकिल और चार पहिया वाहनों के साथ जुलूस में शिरकत कर अपनी खुशी का इजहार किया। कैसरगंज क्षेत्र के विभिन्न गांवों से निकले जुलूस के लोग कैसरगंज बस स्टॉप पर एकत्र हुए, जहां कई गांवों से आए लोगों का संगम दिखाई दिया। इसके बाद जुलूस का कारवां महमूद साहब बाबा की मजार की जानिब बढ़ा और बरखुर्द्वारापुर चौराहे से होते हुए जरवल की ओर रवाना हुआ। पूरे रास्ते लोगों में जश्न का माहौल रहा। इस मौके पर कैसरगंज चेयरमैन एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य सैयद वली सहित विभिन्न अंजुमन कमेटियों के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी कैसरगंज प्रशांत कुमार नायक, पुलिस क्षेत्राधिकारी डीके श्रीवास्तव और प्रभारी निरीक्षक कैसरगंज राजकुमार पांडेय को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। अंजुमन के लोगों ने मोहम्मद साहब की विलादत की खुशी का इजहार करते हुए अतिथियों का स्वागत किया। वहीं ग्राम नौगैया निवासी एवं स्वतंत्रता सेनानी परिवार से ताल्लुक रखने वाले लोकतंत्र रक्षक सेनानी क्रांति कुमार सिंह तथा वरिष्ठ पत्रकार अशोक कुमार सिंह को भी अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। जुलूस में विधायक कैसरगंज आनंद यादव, शमसुद्दीन बरकाती सहित अनिल कुमार यादव और क्षेत्र के तमाम जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, अंजुमन कमेटियों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। पुलिस-प्रशासन की मुस्तैदी से शांतिपूर्ण रहा आयोजन जुलूस को लेकर कैसरगंज पुलिस-प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। भीड़ और यातायात व्यवस्था को देखते हुए जगह-जगह रूट डायवर्जन किया गया। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। तपती धूप के बावजूद पुलिसकर्मी लगातार ड्यूटी पर मुस्तैद रहे और पूरे जुलूस की निगरानी करते रहे। प्रशासन और पुलिस की बेहतर समन्वय व्यवस्था के चलते जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। पूरे आयोजन के दौरान कहीं भी अप्रिय स्थिति सामने नहीं आई। जुलूस में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत तस्वीर कैसरगंज के जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के जुलूस में हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे की खूबसूरत मिसाल भी देखने को मिली। विभिन्न समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे का सम्मान करते हुए सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया। जुलूस ने कैसरगंज की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सद्भाव की मजबूत तस्वीर पेश की।
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    कैसरगंज में  बारह रबीउल अव्वल यानी जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर बुधवार को कैसरगंज में शानदार और बेमिसाल जुलूस निकाला गया। मोहम्मद साहब की विलादत की खुशी में आयोजित जुलूस में क्षेत्र के सैकड़ों गांवों से हजारों की संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। लोगों ने पैदल, मोटरसाइकिल और चार पहिया वाहनों के साथ जुलूस में शिरकत कर अपनी खुशी का इजहार किया। कैसरगंज क्षेत्र के विभिन्न गांवों से निकले जुलूस के लोग कैसरगंज बस स्टॉप पर एकत्र हुए, जहां कई गांवों से आए लोगों का संगम दिखाई दिया। इसके बाद जुलूस का कारवां महमूद साहब बाबा की मजार की जानिब बढ़ा और बरखुर्द्वारापुर चौराहे से होते हुए जरवल की ओर रवाना हुआ। पूरे रास्ते लोगों में जश्न का माहौल रहा।
इस मौके पर कैसरगंज चेयरमैन एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य सैयद वली सहित विभिन्न अंजुमन कमेटियों के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी कैसरगंज प्रशांत कुमार नायक, पुलिस क्षेत्राधिकारी डीके श्रीवास्तव और प्रभारी निरीक्षक कैसरगंज राजकुमार पांडेय को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। अंजुमन के लोगों ने मोहम्मद साहब की विलादत की खुशी का इजहार करते हुए अतिथियों का स्वागत किया। वहीं ग्राम नौगैया निवासी एवं स्वतंत्रता सेनानी परिवार से ताल्लुक रखने वाले लोकतंत्र रक्षक सेनानी क्रांति कुमार सिंह तथा वरिष्ठ पत्रकार अशोक कुमार सिंह को भी अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। जुलूस में विधायक कैसरगंज आनंद यादव, शमसुद्दीन बरकाती सहित अनिल कुमार यादव और क्षेत्र के तमाम जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, अंजुमन कमेटियों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
पुलिस-प्रशासन की मुस्तैदी से शांतिपूर्ण रहा आयोजन जुलूस को लेकर कैसरगंज पुलिस-प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। भीड़ और यातायात व्यवस्था को देखते हुए जगह-जगह रूट डायवर्जन किया गया। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। तपती धूप के बावजूद पुलिसकर्मी लगातार ड्यूटी पर मुस्तैद रहे और पूरे जुलूस की निगरानी करते रहे। प्रशासन और पुलिस की बेहतर समन्वय व्यवस्था के चलते जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। पूरे आयोजन के दौरान कहीं भी अप्रिय स्थिति सामने नहीं आई।
जुलूस में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत तस्वीर कैसरगंज के जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के जुलूस में हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे की खूबसूरत मिसाल भी देखने को मिली। विभिन्न समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे का सम्मान करते हुए सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया। जुलूस ने कैसरगंज की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सद्भाव की मजबूत तस्वीर पेश की।
    user_Mohd Aamir
    Mohd Aamir
    पत्रकार जनता की सेवा मो आमिर कैसरगंज, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
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