पातालपानी वॉटरफॉल पर फिर लापरवाही, हादसे वाले स्थान पर पहुंच रहे पर्यटक पातालपानी। बारिश के मौसम में पातालपानी वॉटरफॉल का जलस्तर और पानी का बहाव अचानक बढ़ जाता है। इसके बावजूद कुछ पर्यटक अपनी जान जोखिम में डालने से बाज नहीं आ रहे हैं। निडर भारत न्यूज़ की विशेष टीम ने पातालपानी वॉटरफॉल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। वीडियो में दो युवक और एक युवती उस स्थान के पास जाते दिखाई दे रहे हैं, जहां पहले भी गंभीर हादसा हो चुका है। मौके पर बारिश हो रही थी और पानी का बहाव भी लगातार बदल रहा था। कभी-कभी अचानक तेज बहाव आने की स्थिति बन रही थी। साल 2011 में हरदा के पांच लोगों की पातालपानी में जान चली गई थी। उस दर्दनाक हादसे के बावजूद आज भी कुछ पर्यटक चेतावनियों को नजरअंदाज कर खतरनाक स्थानों तक पहुंच रहे हैं। प्रशासन द्वारा जगह-जगह खतरे और सावधानी से जुड़े चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, लेकिन इसके बाद भी लोग सेल्फी और वीडियो बनाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। बारिश के दौरान झरने के आसपास चट्टानें फिसलन भरी हो जाती हैं और पानी का बहाव कुछ ही मिनटों में खतरनाक रूप ले सकता है। ऐसे में एक छोटी सी लापरवाही 2011 जैसी दर्दनाक घटना को दोबारा जन्म दे सकती है। निडर भारत न्यूज़ की अपील: पातालपानी की खूबसूरती का आनंद जरूर लें, लेकिन खतरे की सीमा पार न करें। चेतावनी बोर्ड और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। एक वीडियो या सेल्फी आपकी जिंदगी से ज्यादा कीमती नहीं है। पातालपानी वॉटरफॉल पर फिर लापरवाही, हादसे वाले स्थान पर पहुंच रहे पर्यटक पातालपानी। बारिश के मौसम में पातालपानी वॉटरफॉल का जलस्तर और पानी का बहाव अचानक बढ़ जाता है। इसके बावजूद कुछ पर्यटक अपनी जान जोखिम में डालने से बाज नहीं आ रहे हैं। निडर भारत न्यूज़ की विशेष टीम ने पातालपानी वॉटरफॉल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। वीडियो में दो युवक और एक युवती उस स्थान के पास जाते दिखाई दे रहे हैं, जहां पहले भी गंभीर हादसा हो चुका है। मौके पर बारिश हो रही थी और पानी का बहाव भी लगातार बदल रहा था। कभी-कभी अचानक तेज बहाव आने की स्थिति बन रही थी। साल 2011 में हरदा के पांच लोगों की पातालपानी में जान चली गई थी। उस दर्दनाक हादसे के बावजूद आज भी कुछ पर्यटक चेतावनियों को नजरअंदाज कर खतरनाक स्थानों तक पहुंच रहे हैं। प्रशासन द्वारा जगह-जगह खतरे और सावधानी से जुड़े चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, लेकिन इसके बाद भी लोग सेल्फी और वीडियो बनाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। बारिश के दौरान झरने के आसपास चट्टानें फिसलन भरी हो जाती हैं और पानी का बहाव कुछ ही मिनटों में खतरनाक रूप ले सकता है। ऐसे में एक छोटी सी लापरवाही 2011 जैसी दर्दनाक घटना को दोबारा जन्म दे सकती है। निडर भारत न्यूज़ की अपील: पातालपानी की खूबसूरती का आनंद जरूर लें, लेकिन खतरे की सीमा पार न करें। चेतावनी बोर्ड और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। एक वीडियो या सेल्फी आपकी जिंदगी से ज्यादा कीमती नहीं है।
पातालपानी वॉटरफॉल पर फिर लापरवाही, हादसे वाले स्थान पर पहुंच रहे पर्यटक पातालपानी। बारिश के मौसम में पातालपानी वॉटरफॉल का जलस्तर और पानी का बहाव अचानक बढ़ जाता है। इसके बावजूद कुछ पर्यटक अपनी जान जोखिम में डालने से बाज नहीं आ रहे हैं। निडर भारत न्यूज़ की विशेष टीम ने पातालपानी वॉटरफॉल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। वीडियो में दो युवक और एक युवती उस स्थान के पास जाते दिखाई दे रहे हैं, जहां पहले भी गंभीर हादसा हो चुका है। मौके पर बारिश हो रही थी और पानी का बहाव भी लगातार बदल रहा था। कभी-कभी अचानक तेज बहाव आने की स्थिति बन रही थी। साल 2011 में हरदा के पांच लोगों की पातालपानी में जान चली गई थी। उस दर्दनाक हादसे के बावजूद आज भी कुछ पर्यटक चेतावनियों को नजरअंदाज कर खतरनाक स्थानों तक पहुंच रहे हैं। प्रशासन द्वारा जगह-जगह खतरे और सावधानी से जुड़े चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, लेकिन इसके बाद भी लोग सेल्फी और वीडियो बनाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। बारिश के दौरान झरने के आसपास चट्टानें फिसलन भरी हो जाती हैं और पानी का बहाव कुछ ही मिनटों में खतरनाक रूप ले सकता है। ऐसे में एक छोटी सी लापरवाही 2011 जैसी दर्दनाक घटना को दोबारा जन्म दे सकती है। निडर भारत न्यूज़ की अपील: पातालपानी की खूबसूरती का आनंद जरूर लें, लेकिन खतरे की सीमा पार न करें। चेतावनी बोर्ड और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। एक वीडियो या सेल्फी आपकी जिंदगी से ज्यादा कीमती नहीं है। पातालपानी वॉटरफॉल पर फिर लापरवाही, हादसे वाले स्थान पर पहुंच रहे पर्यटक पातालपानी। बारिश के मौसम में पातालपानी वॉटरफॉल का जलस्तर और पानी का बहाव अचानक बढ़ जाता है। इसके बावजूद कुछ पर्यटक अपनी जान जोखिम में डालने से बाज नहीं आ रहे हैं। निडर भारत न्यूज़ की विशेष टीम ने पातालपानी वॉटरफॉल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। वीडियो में दो युवक और एक युवती उस स्थान के पास जाते दिखाई दे रहे हैं, जहां पहले भी गंभीर हादसा हो चुका है। मौके पर बारिश हो रही थी और पानी का बहाव भी लगातार बदल रहा था। कभी-कभी अचानक तेज बहाव आने की स्थिति बन रही थी। साल 2011 में हरदा के पांच लोगों की पातालपानी में जान चली गई थी। उस दर्दनाक हादसे के बावजूद आज भी कुछ पर्यटक चेतावनियों को नजरअंदाज कर खतरनाक स्थानों तक पहुंच रहे हैं। प्रशासन द्वारा जगह-जगह खतरे और सावधानी से जुड़े चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, लेकिन इसके बाद भी लोग सेल्फी और वीडियो बनाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। बारिश के दौरान झरने के आसपास चट्टानें फिसलन भरी हो जाती हैं और पानी का बहाव कुछ ही मिनटों में खतरनाक रूप ले सकता है। ऐसे में एक छोटी सी लापरवाही 2011 जैसी दर्दनाक घटना को दोबारा जन्म दे सकती है। निडर भारत न्यूज़ की अपील: पातालपानी की खूबसूरती का आनंद जरूर लें, लेकिन खतरे की सीमा पार न करें। चेतावनी बोर्ड और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। एक वीडियो या सेल्फी आपकी जिंदगी से ज्यादा कीमती नहीं है।
- महू कोदरिया रोड क्रिश्चियन ब्रिस्तान के पास बीच रोड पर गिरा बड़ा पेड़।1
- पातालपानी वॉटरफॉल पर फिर लापरवाही, हादसे वाले स्थान पर पहुंच रहे पर्यटक पातालपानी। बारिश के मौसम में पातालपानी वॉटरफॉल का जलस्तर और पानी का बहाव अचानक बढ़ जाता है। इसके बावजूद कुछ पर्यटक अपनी जान जोखिम में डालने से बाज नहीं आ रहे हैं। निडर भारत न्यूज़ की विशेष टीम ने पातालपानी वॉटरफॉल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। वीडियो में दो युवक और एक युवती उस स्थान के पास जाते दिखाई दे रहे हैं, जहां पहले भी गंभीर हादसा हो चुका है। मौके पर बारिश हो रही थी और पानी का बहाव भी लगातार बदल रहा था। कभी-कभी अचानक तेज बहाव आने की स्थिति बन रही थी। साल 2011 में हरदा के पांच लोगों की पातालपानी में जान चली गई थी। उस दर्दनाक हादसे के बावजूद आज भी कुछ पर्यटक चेतावनियों को नजरअंदाज कर खतरनाक स्थानों तक पहुंच रहे हैं। प्रशासन द्वारा जगह-जगह खतरे और सावधानी से जुड़े चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, लेकिन इसके बाद भी लोग सेल्फी और वीडियो बनाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। बारिश के दौरान झरने के आसपास चट्टानें फिसलन भरी हो जाती हैं और पानी का बहाव कुछ ही मिनटों में खतरनाक रूप ले सकता है। ऐसे में एक छोटी सी लापरवाही 2011 जैसी दर्दनाक घटना को दोबारा जन्म दे सकती है। निडर भारत न्यूज़ की अपील: पातालपानी की खूबसूरती का आनंद जरूर लें, लेकिन खतरे की सीमा पार न करें। चेतावनी बोर्ड और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। एक वीडियो या सेल्फी आपकी जिंदगी से ज्यादा कीमती नहीं है। पातालपानी वॉटरफॉल पर फिर लापरवाही, हादसे वाले स्थान पर पहुंच रहे पर्यटक पातालपानी। बारिश के मौसम में पातालपानी वॉटरफॉल का जलस्तर और पानी का बहाव अचानक बढ़ जाता है। इसके बावजूद कुछ पर्यटक अपनी जान जोखिम में डालने से बाज नहीं आ रहे हैं। निडर भारत न्यूज़ की विशेष टीम ने पातालपानी वॉटरफॉल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। वीडियो में दो युवक और एक युवती उस स्थान के पास जाते दिखाई दे रहे हैं, जहां पहले भी गंभीर हादसा हो चुका है। मौके पर बारिश हो रही थी और पानी का बहाव भी लगातार बदल रहा था। कभी-कभी अचानक तेज बहाव आने की स्थिति बन रही थी। साल 2011 में हरदा के पांच लोगों की पातालपानी में जान चली गई थी। उस दर्दनाक हादसे के बावजूद आज भी कुछ पर्यटक चेतावनियों को नजरअंदाज कर खतरनाक स्थानों तक पहुंच रहे हैं। प्रशासन द्वारा जगह-जगह खतरे और सावधानी से जुड़े चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, लेकिन इसके बाद भी लोग सेल्फी और वीडियो बनाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। बारिश के दौरान झरने के आसपास चट्टानें फिसलन भरी हो जाती हैं और पानी का बहाव कुछ ही मिनटों में खतरनाक रूप ले सकता है। ऐसे में एक छोटी सी लापरवाही 2011 जैसी दर्दनाक घटना को दोबारा जन्म दे सकती है। निडर भारत न्यूज़ की अपील: पातालपानी की खूबसूरती का आनंद जरूर लें, लेकिन खतरे की सीमा पार न करें। चेतावनी बोर्ड और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। एक वीडियो या सेल्फी आपकी जिंदगी से ज्यादा कीमती नहीं है।1
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- कानपुर से इंदौर आ रही बस ब्रिज के सेफ्टी वॉल से टकराई, 4 की मौत टीआई- इंस्पेक्टर की मौत पुल से नीचे गिरी बस ब्यावरा इंदौर बायपास पर बने 90 डिग्री के घुमावदार ओवर ब्रिज पर तिरछी हुई बस रगड़ाती गई......! सूत्रों के अनुसार कई बस यात्री ब्रिज के ऊपर से ही नीचे गिरते गए,4 यात्रियों की मौत की सूचना, कई घायल.....! ब्यावरा से इंदौर जा रही थी बस ...., घायलों को ब्यावरा सिविल हॉस्पिटल लाया गया...!1