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मंगलवार सुबह जालौन में एक विवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना कुठौंद थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पंडितपुर की है, जहाँ महिला लंबे समय से अपने दो बच्चों के साथ मायके में रह रही थी। जानकारी के अनुसार, पंडितपुर निवासी श्याम बिहारी दोहरे की पुत्री प्रियंका का विवाह वर्ष 2017 में मध्य प्रदेश निवासी एक युवक से हुआ था। प्रियंका के परिजनों का आरोप है कि शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन बाद में उसके ससुराल पक्ष द्वारा प्रियंका का मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया जाने लगा था।
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मंगलवार सुबह जालौन में एक विवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना कुठौंद थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पंडितपुर की है, जहाँ महिला लंबे समय से अपने दो बच्चों के साथ मायके में रह रही थी। जानकारी के अनुसार, पंडितपुर निवासी श्याम बिहारी दोहरे की पुत्री प्रियंका का विवाह वर्ष 2017 में मध्य प्रदेश निवासी एक युवक से हुआ था। प्रियंका के परिजनों का आरोप है कि शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन बाद में उसके ससुराल पक्ष द्वारा प्रियंका का मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया जाने लगा था।
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- जालौन जिले के जालौन नगर क्षेत्र में बीच बाजार एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ अचानक से लोग एक-दूसरे को जूते से मारते हुए दिखाई दिए। यह नजारा देखकर लगा जैसे 'खून के रिश्ते' सरेआम 'नीलाम' हो गए हों। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। द न्यूज जालौन पर देवेश कुमार स्वर्णकार ने यह खास रिपोर्ट शुरू एप्प के माध्यम से दिखाई।1
- जालौन जिले के उरई-कोंच मार्ग पर सोमवार को एक चलती कार में शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई, जिससे उसमें सवार चार लोगों की जान खतरे में पड़ गई। यह घटना उरई-कोंच रोड पर मनोरी गांव के पास हुई। जानकारी के अनुसार, कार में सवार चारों लोग उरई से अपने गांव जा रहे थे, तभी अचानक कार से धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते आग भड़क उठी। कार में बैठे लोग घबराकर मदद के लिए चिल्लाने लगे। हालांकि, राहगीरों की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया और सभी लोगों को सुरक्षित कार से बाहर निकाल लिया गया। घटना की सूचना मिलने पर फायर स्टेशन से दमकल की टीम भी मौके पर पहुंची।1
- जनपद में आपातकालीन पुलिस सेवा डायल-112 को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने की दिशा में सोमवार को 10 नई मोटरसाइकिलों को विभिन्न थाना क्षेत्रों के लिए रवाना किया गया। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने उरई स्थित पुलिस लाइन परिसर से इन मोटरसाइकिलों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अधिकारियों ने बताया कि इन नई मोटरसाइकिलों के शामिल होने से डायल-112 सेवा की प्रतिक्रिया क्षमता में और सुधार होगा। इससे आपात स्थिति में पुलिस टीम कम समय में घटनास्थल तक पहुँच सकेगी और आम जनता को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। इस कदम से जनपद में डायल-112 सेवा को महत्वपूर्ण मजबूती मिली है।1
- उरई से अपने गांव की ओर जा रहे चार लोग उस समय बाल-बाल बचे जब उरई-कोंच रोड पर मनोरी गांव के पास उनकी कार में अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया। देखते ही देखते कार में भीषण आग लग गई, जिससे अंदर बैठे लोगों में चीख-पुकार मच गई। सड़क से गुजर रहे राहगीरों ने तुरंत साहस दिखाते हुए कार के शीशे तोड़े और अंदर फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और सभी लोग सुरक्षित बचा लिए गए। घटना की सूचना मिलते ही कोंच फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बताया गया है कि आग इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में पूरी कार जलकर खाक हो गई। यह पूरा मामला उरई-कोंच रोड स्थित मनोरी गांव के पास का बताया जा रहा है।3
- जालौन के लौना कोतवाली क्षेत्र के लौना ग्राम में सरकारी नाला निर्माण और पुरानी राशन शिकायत को लेकर चला आ रहा विवाद हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि इसी रंजिश के चलते कुछ लोग एक महिला के घर पहुँच गए और गाली-गलौज शुरू कर दी। जब महिला और उसके परिवार के सदस्यों ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि घटना के दौरान महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया। शोर-शराबा सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुँचे, जिसके बाद मामला शांत हो पाया। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है और पुलिस तहरीर के आधार पर मामले की जांच में जुटी हुई है। गाँव में इस घटना के बाद से तनाव का माहौल बना हुआ है। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल बताया जा रहा है, हालांकि वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हमारा चैनल भी इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।1
- जालौन जिले के माधौगढ़ में ठेका नंबर-1 कानून का खुलेआम उल्लंघन कर रहा है, जहाँ लोग खुलेआम शराब खरीदकर वहीं खड़े होकर और बैठकर पी रहे हैं। माधौगढ़ थाना महज चंद कदमों की दूरी पर है, इसके बावजूद खुलेआम शराबखोरी जारी है, जिससे प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। वायरल वीडियो ने इस व्यवस्था की पोल खोल दी है, जिससे कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। बजाज एजेंसी के बगल स्थित यह ठेका अब एक "ओपन बार" बन गया है, जबकि प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। आबकारी नियमों के अनुसार, ठेके पर शराब की बिक्री की अनुमति है, लेकिन वहीं खड़े होकर या बैठकर शराब पीना पूरी तरह प्रतिबंधित है। ठेके के आसपास होटल या बैठकर शराब पीने की अनुमति नहीं होने के बावजूद, यहाँ खुली महफिल चल रही है, जिससे स्थानीय लोग खासे नाराज हैं। इस खुलेआम शराबखोरी का गलत असर छोटे बच्चों पर पड़ रहा है, क्योंकि कोचिंग छात्र और मंदिर जाने वाली महिलाएं भी ठेके के सामने से ही गुजरती हैं। स्थानीय जनता का कहना है कि माधौगढ़ नगर का माहौल शराबियों द्वारा बिगाड़ा जा रहा है और अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो अराजकता बढ़ेगी। लोग सवाल उठा रहे हैं कि प्रशासन की सख्ती केवल कागजों तक ही सीमित क्यों है और जिम्मेदार विभाग आखिर कब जागेगा।1
- जालौन जिले के डकोर विकासखंड स्थित ग्राम कुसमिलिया में 25 मई की शाम लगी भीषण आग ने 17 परिवारों की ज़िंदगी को झकझोर दिया। आग की तेज़ लपटों ने इन परिवारों के कच्चे मकानों, छप्परों, कपड़ों और घरेलू सामान को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे गांव में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस संकट की घड़ी में, माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशन पर जिला प्रशासन तुरंत पीड़ितों के बीच राहत बनकर पहुँचा। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय देर शाम स्वयं गांव पहुँचे और प्रभावित परिवारों से मिलकर उनका हाल जाना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो और हर प्रभावित परिवार तक तत्काल सहायता पहुँचे। प्रशासन द्वारा मौके पर राहत सामग्री वितरित की गई और भोजन एवं पीने के पानी की व्यवस्था के साथ लंगर भी संचालित कराया गया, ताकि कोई भी परिवार भूखा न रहे। इसके अतिरिक्त, सभी प्रभावित परिवारों को दैवीय आपदा राहत मद से तत्काल सहायता धनराशि स्वीकृत की गई है, और माननीय मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उनके आवास भी स्वीकृत किए गए हैं ताकि उजड़े आशियानों को दोबारा बसाया जा सके। स्वीकृत सहायता धनराशि में, बलराम प्रजापति पुत्र हरिश्चंद्र को ₹1,20,000, रामकिशोर पुत्र लक्षीराम प्रजापति को ₹1,20,000, मंगल सिंह पुत्र जगन्नाथ श्रीवास को ₹1,20,000, हरनाथ पुत्र देवपाल प्रजापति को ₹9,000, प्रमोद पुत्र देवपाल को ₹9,000, प्रेमनारायन पुत्र भूरे सिंह को ₹4,000, महेश चन्द्र पुत्र धनीराम को ₹4,000, किशोरी पुत्र रामचरन बाल्मीकि को ₹4,000, किशोरी पुत्र दीनदयाल बरार को ₹4,000, गुड्डू पुत्र दीनदयाल बरार को ₹4,000, भूरे सिंह पुत्र जुगरु राजपूत को ₹1,20,000, हरिकिशोर पुत्र हरदयाल को ₹9,000, पवन पुत्र बृजेश को ₹9,000, महेश पुत्र हरदयाल को ₹9,000, राजकुमार पुत्र नृपत को ₹4,000, योगेन्द्र पुत्र मन्नीलाल को ₹4,000 और शंकर पुत्र भूरे को ₹4,000 शामिल हैं। जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि आपदा की घड़ी में हर पीड़ित परिवार को तत्काल राहत और सम्मानजनक पुनर्वास मिले। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रभावित परिवारों को पुनः सामान्य जीवन से जोड़ने तक हर संभव मदद उपलब्ध कराएगा। प्रशासन की इस त्वरित कार्यवाही और संवेदनशीलता को देखकर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और उन्हें यह भरोसा मिला कि वे इस संकट में अकेले नहीं हैं।1
- जालौन के उरई-कोंच मार्ग पर सोमवार को मनोरी गांव के पास एक चलती कार में शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। इस घटना से कार में सवार चार लोगों की जान खतरे में पड़ गई, जो उरई से अपने गांव जा रहे थे। रास्ते में अचानक कार से धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते आग भड़क उठी, जिससे कार में बैठे लोग घबराकर मदद के लिए चिल्लाने लगे। हालांकि, राहगीरों की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया और सभी चार लोगों को सुरक्षित कार से बाहर निकाल लिया गया। सूचना मिलते ही फायर स्टेशन से दमकल की टीम भी मौके पर पहुंच गई।1