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बाजना रोड भारत टेंट हाउस के सामने सड़क पर जल भराव के कारण गड्ढे में गिरी स्कूली बस हादशा टला बच्चों में मचा कोहराम नहीं ली जिम्मेदारों ने सुध हिण्डौन नगर परिषद की लापरवाही का खामियाजा आमजन को भुगतना पड रहा है।हिंडौन शहर में जल भराव की समस्या नासूर बनती जा रही है।आए दिन हो रहे हादसों के बावजूद भी शहर के जिम्मेदार सोए हुए हैं। जिससे शहर के लोगों का जीवन नर्क बना हुआ है।शहर की बिगड़ी हुई व्यवस्था विकास के दावों की पोल खोल रही है। ऐसा ही नजारा गुरुवार सुबह करीब 7:00 बजे बाजना रोड स्थित भारत टेंट हाउस के सामने आया, जहां एक स्कूली बस गड्ढे में फंसकर पलटती हुई बची, नगर परिषद की लापरवाही ने स्कूली बस में सवार 40 बच्चों की जान को मुसीबत में डाल दिया।बस में सवार बच्चों की चीख पुखार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे बड़ी मुश्किल से बच्चों को बस से बाहर निकाला और दूसरी बस में बैठाया गया।हादसे में एक बच्ची को हल्की चोटें आने की सूचना है, जिसे जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।लोगों ने बताया कि हादसे के बाद घटनास्थल पर सरकारी नुमाइंदा और कोई राजनेता नहीं पहुंचा, लोगों ने बताया कि हादसा बड़ा होने के बाद फोटो खिंचवाने के लिए सरकारी और राजनीतिक लोग पहुंच जाते।हालांकि गनीमत रही की बच्चों को कोई गंभीर चोट नहीं पहुंची।

16 hrs ago
user_RK LIVE KARAULI
RK LIVE KARAULI
Court reporter करौली, करौली, राजस्थान•
16 hrs ago

बाजना रोड भारत टेंट हाउस के सामने सड़क पर जल भराव के कारण गड्ढे में गिरी स्कूली बस हादशा टला बच्चों में मचा कोहराम नहीं ली जिम्मेदारों ने सुध हिण्डौन नगर परिषद की लापरवाही का खामियाजा आमजन को भुगतना पड रहा है।हिंडौन शहर में जल भराव की समस्या नासूर बनती जा रही है।आए दिन हो रहे हादसों के बावजूद भी शहर के जिम्मेदार सोए हुए हैं। जिससे शहर के लोगों का जीवन नर्क बना हुआ है।शहर की बिगड़ी हुई व्यवस्था विकास के दावों की पोल खोल रही है। ऐसा ही नजारा गुरुवार सुबह करीब 7:00 बजे बाजना रोड स्थित भारत टेंट हाउस के सामने आया, जहां एक स्कूली बस गड्ढे में फंसकर पलटती हुई बची, नगर परिषद की लापरवाही ने स्कूली बस में सवार 40 बच्चों की जान को मुसीबत में डाल दिया।बस में सवार बच्चों की चीख पुखार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे बड़ी मुश्किल से बच्चों को बस से बाहर निकाला और दूसरी बस में बैठाया गया।हादसे में एक बच्ची को हल्की चोटें आने की सूचना है, जिसे जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।लोगों ने बताया कि हादसे के बाद घटनास्थल पर सरकारी नुमाइंदा और कोई राजनेता नहीं पहुंचा, लोगों ने बताया कि हादसा बड़ा होने के बाद फोटो खिंचवाने के लिए सरकारी और राजनीतिक लोग पहुंच जाते।हालांकि गनीमत रही की बच्चों को कोई गंभीर चोट नहीं पहुंची।

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  • *कोटा भारतीय रेल की माल परिवहन क्रांति का नया अध्याय: देश की पहली वंदे भारत प्लेटफॉर्म आधारित फ्रेट ईएमयू का कोटा मंडल में ट्रायल प्रारंभ* *कोटा मंडल बना देश की सबसे आधुनिक हाई-स्पीड फ्रेट तकनीक की परीक्षण प्रयोगशाला, पहले ही दिन 145 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हुआ सफल परीक्षण* *लगभग एक माह तक कोटा-नागदा-सवाई माधोपुर खंड पर होंगे ऑसिलेशन, ईबीडी, कपलर फोर्स एवं अन्य उन्नत तकनीकी परीक्षण* कोटा। भारतीय रेलवे के माल परिवहन क्षेत्र में एक नई तकनीकी क्रांति की शुरुआत पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल से हो रही है। देश की पहली वंदे भारत प्लेटफॉर्म आधारित फ्रेट ईएमयू (सुपरफास्ट पार्सल रेक) के व्यापक तकनीकी परीक्षणों का शुभारंभ आज 29 जुलाई 2026 को हो गया। लगभग एक माह तक चलने वाले इन परीक्षणों के दौरान यह अत्याधुनिक रेक कोटा-नागदा-सवाई माधोपुर रेलखंड पर विभिन्न गति एवं परिचालन परिस्थितियों में परखी जाएगी। यह उपलब्धि भारतीय रेलवे के भविष्य के हाई-स्पीड फ्रेट नेटवर्क की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह देश की पहली 16 कोच वाली वंदे भारत प्लेटफॉर्म आधारित फ्रेट ईएमयू प्रोटोटाइप रेक है, जिसे भारतीय रेलवे की तेज, समयबद्ध एवं आधुनिक पार्सल तथा लॉजिस्टिक्स सेवाओं को नई गति देने के उद्देश्य से एकीकृत कोच फैक्ट्री (आईसीएफ), चेन्नई द्वारा विकसित किया गया है। वंदे भारत तकनीक पर आधारित यह रेक भविष्य में देशभर में ई-कॉमर्स, एक्सप्रेस पार्सल, कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स तथा समयबद्ध माल परिवहन की अवधारणा को नया आयाम प्रदान करेगी। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) द्वारा किए जा रहे इन परीक्षणों के लिए यह प्रोटोटाइप रेक आईसीएफ चेन्नई से कोटा मंडल पहुंची है। अब भारतीय रेलवे के सर्वाधिक उपयुक्त हाई-स्पीड परीक्षण कॉरिडोर में शामिल कोटा -नागदा-सवाई माधोपुर सेक्शन पर इसके विस्तृत तकनीकी परीक्षण किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ट्रायल श्रृंखला का औपचारिक संचालन आज 29 जुलाई 2026 से प्रारंभ हुआ। पहले दिन विशेष ट्रायल रेक प्रातः 6 बजे कोटा से महिदपुर रोड के लिए रवाना हुई। कोटा-महिदपुर रोड खंड में 120 किलोमीटर प्रति घंटा की गैर-रिकॉर्डेड गति, महिदपुर रोड -भवानी मंडी खंड में 120 एवं 135 किलोमीटर प्रति घंटा की रिकॉर्डेड गति से परीक्षण किए गए। इसके बाद महिदपुर रोड से कोटा वापसी के दौरान रेक ने 145 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम गति प्राप्त की, जो इस ट्रायल श्रृंखला के प्रथम दिन की सर्वोच्च गति रही। परीक्षण के दौरान स्टेशनों पर निर्बाध ग्रीन सिग्नल उपलब्ध कराकर ट्रायल को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। लगभग एक माह तक होंगे अत्याधुनिक परीक्षण श्री जैन ने बताया कि 29 जुलाई 2026 से लगभग एक माह तक नागदा-कोटा-सवाई माधोपुर रेलखंड पर विभिन्न चरणों में विस्तृत परीक्षण किए जाएंगे। इनमें प्रमुख रूप से— • लोडेड एवं इनफ्लेटेड स्थिति में 120, 130, 140 एवं 145 किमी प्रति घंटा की गति पर ऑसिलेशन ट्रायल • इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस (EBD) परीक्षण • कपलर फोर्स ट्रायल • कर्व परफॉर्मेंस परीक्षण • ट्रैक्शन, ब्रेकिंग एवं जर्क टेस्ट • रीजनरेटिव एनर्जी एवं पीएपीआईएस परीक्षण • सिग्नल एवं दूरसंचार इंटरफेरेंस परीक्षण • डोर ऑपरेशन एवं अन्य सुरक्षा परीक्षण • इंटीरियर सिस्टम, सीसीटीवी, लाइटिंग एवं शॉर्ट सर्किट संबंधी स्टेटिक परीक्षण संपन्न किए जाएंगे। ट्रायल के दौरान प्रतिदिन न्यूनतम दो फेरे संचालित किए जाएंगे। अधिकतम परीक्षण गति 145 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। *कोटा मंडल क्यों बना हाई-स्पीड फ्रेट ट्रायल का केंद्र* देश की अत्याधुनिक रेल परियोजनाओं के परीक्षण के लिए कोटा मंडल लगातार भारतीय रेलवे की पहली पसंद बनता जा रहा है। उत्कृष्ट ट्रैक गुणवत्ता, आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली, उच्च परिचालन दक्षता तथा सुरक्षित एवं लंबा हाई-स्पीड रेलखंड उपलब्ध होने के कारण यहां पहले भी अनेक अत्याधुनिक ट्रेनसेट एवं नई तकनीकों का सफल परीक्षण किया जा चुका है। अब देश की पहली वंदे भारत फ्रेट ईएमयू का ट्रायल भी इसी रेलखंड पर होना कोटा मंडल की तकनीकी विश्वसनीयता एवं परिचालन उत्कृष्टता का प्रमाण है। *ट्रायल दल* इस महत्वपूर्ण परीक्षण की समग्र निगरानी आरडीएसओ के निदेशक/टेस्टिंग श्री अनन्जय मिश्रा, अभ्यंकर कमल कुमार,संजीव कुमार रंजन कर रहे हैं। आईसीएफ चेन्नई से सहायक मंडल विद्युत इंजीनियर श्री सुधांशु कुमार ट्रायल दल के साथ उपस्थित हैं। कोटा मंडल की ओर से मुख्य लोको निरीक्षक श्री रामनिवास मीना, यातायात निरीक्षक श्री सुशील जेठवानी तथा ट्रेन मैनेजर श्री संजीव को इस विशेष रेक के संचालन हेतु तैनात किया गया है। रेक का संचालन लोको पायलट श्री अरविंद कुमार सिंह एवं श्री ओमप्रकाश राठौर द्वारा किया जा रहा है। *वंदे भारत तकनीक पर आधारित आधुनिक फ्रेट ईएमयू* यह अत्याधुनिक फ्रेट ईएमयू 16 कोचों की रेक है, जिसमें 2 डीटीसी (रेफर वैन), 2 एनडीटीसी तथा 12 पार्सल कोच शामिल हैं। इसमें वंदे भारत बोगियां, 20.32 टन एक्सल लोड क्षमता तथा 397.02 टन की कुल पेलोड क्षमता उपलब्ध है। इसमें रेफ्रिजरेटेड पार्सल सुविधा, फोर्स्ड वेंटिलेशन, न्यूमेटिक रिट्रैक्टेबल रोलर फ्लोर, प्रति कोच चार स्वचालित चौड़े स्लाइडिंग द्वार, सीसीटीवी, एलईडी लाइटिंग, अग्नि पहचान प्रणाली, कंटेनर लॉकिंग व्यवस्था तथा वंदे भारत ट्रेनसेट जैसी अत्याधुनिक ब्रेक एवं प्रोपल्शन प्रणाली उपलब्ध है। सुरक्षा की दृष्टि से 5 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक गति पर सभी द्वार स्वतः लॉक हो जाते हैं तथा सभी द्वार बंद होने की पुष्टि के बिना रेक का संचालन संभव नहीं है। भारतीय रेलवे का मानना है कि इस फ्रेट ईएमयू की सफलता भविष्य में देश के हाई-स्पीड पार्सल कॉरिडोर, ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स, शीतित माल परिवहन तथा समयबद्ध फ्रेट सेवाओं को नई दिशा देगी। वाणिज्यिक संचालन प्रारंभ होने के बाद यह रेक माल परिवहन को पारंपरिक व्यवस्था से कहीं अधिक तेज, सुरक्षित एवं विश्वसनीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक / जन सम्पर्क अधिकारी पश्चिम मध्य रेलवे, कोटा मंडल
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    *कोटा भारतीय रेल की माल परिवहन क्रांति का नया अध्याय: देश की पहली वंदे भारत प्लेटफॉर्म आधारित फ्रेट ईएमयू का कोटा मंडल में ट्रायल प्रारंभ*

*कोटा मंडल बना देश की सबसे आधुनिक हाई-स्पीड फ्रेट तकनीक की परीक्षण प्रयोगशाला, पहले ही दिन 145 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हुआ सफल परीक्षण*

*लगभग एक माह तक कोटा-नागदा-सवाई माधोपुर खंड पर होंगे ऑसिलेशन, ईबीडी, कपलर फोर्स एवं अन्य उन्नत तकनीकी परीक्षण*

कोटा। भारतीय रेलवे के माल परिवहन क्षेत्र में एक नई तकनीकी क्रांति की शुरुआत पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल से हो रही है। देश की पहली वंदे भारत प्लेटफॉर्म आधारित फ्रेट ईएमयू (सुपरफास्ट पार्सल रेक) के व्यापक तकनीकी परीक्षणों का शुभारंभ आज 29 जुलाई 2026 को हो गया। लगभग एक माह तक चलने वाले इन परीक्षणों के दौरान यह अत्याधुनिक रेक कोटा-नागदा-सवाई माधोपुर रेलखंड पर विभिन्न गति एवं परिचालन परिस्थितियों में परखी जाएगी। यह उपलब्धि भारतीय रेलवे के भविष्य के हाई-स्पीड फ्रेट नेटवर्क की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

यह देश की पहली 16 कोच वाली वंदे भारत प्लेटफॉर्म आधारित फ्रेट ईएमयू प्रोटोटाइप रेक है, जिसे भारतीय रेलवे की तेज, समयबद्ध एवं आधुनिक पार्सल तथा लॉजिस्टिक्स सेवाओं को नई गति देने के उद्देश्य से एकीकृत कोच फैक्ट्री (आईसीएफ), चेन्नई द्वारा विकसित किया गया है। वंदे भारत तकनीक पर आधारित यह रेक भविष्य में देशभर में ई-कॉमर्स, एक्सप्रेस पार्सल, कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स तथा समयबद्ध माल परिवहन की अवधारणा को नया आयाम प्रदान करेगी।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) द्वारा किए जा रहे इन परीक्षणों के लिए यह प्रोटोटाइप रेक आईसीएफ चेन्नई से कोटा मंडल पहुंची है। अब भारतीय रेलवे के सर्वाधिक उपयुक्त हाई-स्पीड परीक्षण कॉरिडोर में शामिल कोटा -नागदा-सवाई माधोपुर सेक्शन पर इसके विस्तृत तकनीकी परीक्षण किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि ट्रायल श्रृंखला का औपचारिक संचालन आज 29 जुलाई 2026 से प्रारंभ हुआ। पहले दिन विशेष ट्रायल रेक प्रातः 6 बजे कोटा से महिदपुर रोड के लिए रवाना हुई। कोटा-महिदपुर रोड खंड में 120 किलोमीटर प्रति घंटा की गैर-रिकॉर्डेड गति, महिदपुर रोड -भवानी मंडी खंड में 120 एवं 135 किलोमीटर प्रति घंटा की रिकॉर्डेड गति  से परीक्षण किए गए। इसके बाद महिदपुर रोड से कोटा वापसी के दौरान रेक ने 145 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम गति प्राप्त की, जो इस ट्रायल श्रृंखला के प्रथम दिन की सर्वोच्च गति रही। परीक्षण के दौरान स्टेशनों पर निर्बाध ग्रीन सिग्नल उपलब्ध कराकर ट्रायल को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया।

लगभग एक माह तक होंगे अत्याधुनिक परीक्षण
श्री जैन ने बताया कि 29 जुलाई 2026 से लगभग एक माह तक नागदा-कोटा-सवाई माधोपुर रेलखंड पर विभिन्न चरणों में विस्तृत परीक्षण किए जाएंगे। इनमें प्रमुख रूप से—
•	लोडेड एवं इनफ्लेटेड स्थिति में 120, 130, 140 एवं 145 किमी प्रति घंटा की गति पर ऑसिलेशन ट्रायल 
•	इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस (EBD) परीक्षण 
•	कपलर फोर्स ट्रायल 
•	कर्व परफॉर्मेंस परीक्षण 
•	ट्रैक्शन, ब्रेकिंग एवं जर्क टेस्ट 
•	रीजनरेटिव एनर्जी एवं पीएपीआईएस परीक्षण 
•	सिग्नल एवं दूरसंचार इंटरफेरेंस परीक्षण 
•	डोर ऑपरेशन एवं अन्य सुरक्षा परीक्षण 
•	इंटीरियर सिस्टम, सीसीटीवी, लाइटिंग एवं शॉर्ट सर्किट संबंधी स्टेटिक परीक्षण 
संपन्न किए जाएंगे। ट्रायल के दौरान प्रतिदिन न्यूनतम दो फेरे संचालित किए जाएंगे। अधिकतम परीक्षण गति 145 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है।

*कोटा मंडल क्यों बना हाई-स्पीड फ्रेट ट्रायल का केंद्र*
देश की अत्याधुनिक रेल परियोजनाओं के परीक्षण के लिए कोटा मंडल लगातार भारतीय रेलवे की पहली पसंद बनता जा रहा है। उत्कृष्ट ट्रैक गुणवत्ता, आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली, उच्च परिचालन दक्षता तथा सुरक्षित एवं लंबा हाई-स्पीड रेलखंड उपलब्ध होने के कारण यहां पहले भी अनेक अत्याधुनिक ट्रेनसेट एवं नई तकनीकों का सफल परीक्षण किया जा चुका है। अब देश की पहली वंदे भारत फ्रेट ईएमयू का ट्रायल भी इसी रेलखंड पर होना कोटा मंडल की तकनीकी विश्वसनीयता एवं परिचालन उत्कृष्टता का प्रमाण है।

*ट्रायल दल*
इस महत्वपूर्ण परीक्षण की समग्र निगरानी आरडीएसओ के निदेशक/टेस्टिंग श्री अनन्जय मिश्रा, अभ्यंकर कमल कुमार,संजीव कुमार रंजन कर रहे हैं। आईसीएफ चेन्नई से सहायक मंडल विद्युत इंजीनियर श्री सुधांशु कुमार ट्रायल दल के साथ उपस्थित हैं। कोटा मंडल की ओर से मुख्य लोको निरीक्षक श्री रामनिवास मीना, यातायात निरीक्षक श्री सुशील जेठवानी तथा ट्रेन मैनेजर श्री संजीव को इस विशेष रेक के संचालन हेतु तैनात किया गया है। रेक का संचालन लोको पायलट श्री अरविंद कुमार सिंह एवं श्री ओमप्रकाश राठौर द्वारा किया जा रहा है।

*वंदे भारत तकनीक पर आधारित आधुनिक फ्रेट ईएमयू*
यह अत्याधुनिक फ्रेट ईएमयू 16 कोचों की रेक है, जिसमें 2 डीटीसी (रेफर वैन), 2 एनडीटीसी तथा 12 पार्सल कोच शामिल हैं। इसमें वंदे भारत बोगियां, 20.32 टन एक्सल लोड क्षमता तथा 397.02 टन की कुल पेलोड क्षमता उपलब्ध है। 

इसमें रेफ्रिजरेटेड पार्सल सुविधा, फोर्स्ड वेंटिलेशन, न्यूमेटिक रिट्रैक्टेबल रोलर फ्लोर, प्रति कोच चार स्वचालित चौड़े स्लाइडिंग द्वार, सीसीटीवी, एलईडी लाइटिंग, अग्नि पहचान प्रणाली, कंटेनर लॉकिंग व्यवस्था तथा वंदे भारत ट्रेनसेट जैसी अत्याधुनिक ब्रेक एवं प्रोपल्शन प्रणाली उपलब्ध है। सुरक्षा की दृष्टि से 5 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक गति पर सभी द्वार स्वतः लॉक हो जाते हैं तथा सभी द्वार बंद होने की पुष्टि के बिना रेक का संचालन संभव नहीं है।

भारतीय रेलवे का मानना है कि इस फ्रेट ईएमयू की सफलता भविष्य में देश के हाई-स्पीड पार्सल कॉरिडोर, ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स, शीतित माल परिवहन तथा समयबद्ध फ्रेट सेवाओं को नई दिशा देगी। वाणिज्यिक संचालन प्रारंभ होने के बाद यह रेक माल परिवहन को पारंपरिक व्यवस्था से कहीं अधिक तेज, सुरक्षित एवं विश्वसनीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक / जन सम्पर्क अधिकारी
पश्चिम मध्य रेलवे, कोटा मंडल
    user_Anil Kumar journalist
    Anil Kumar journalist
    Rajasthan TV news buro chief Gangapur, Sawai Madhopur•
    19 hrs ago
  • मासलपुर में गुरु पूर्णिमा पर शिष्यों ने देखीं स्वामी हरेंद्रानंद ध्रुवघटा महाराज जी की गुफा मासलपुर में गुरु पूर्णिमा पर शिष्यों ने देखीं स्वामी हरेंद्रानंद ध्रुवघटा महाराज जी की गुफा
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    मासलपुर में गुरु पूर्णिमा पर शिष्यों ने देखीं स्वामी हरेंद्रानंद ध्रुवघटा महाराज जी की गुफा
मासलपुर में गुरु पूर्णिमा पर शिष्यों ने देखीं स्वामी हरेंद्रानंद ध्रुवघटा महाराज जी की गुफा
    user_मनोज तिवाड़ी
    मनोज तिवाड़ी
    Court reporter Hindaun, Karauli•
    19 hrs ago
  • nal nhi aa raha h nal nhi aa raha h or 500 rs liya h or yu kh ki kam chal raha h or kam khi nhi chal raha h
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    nal nhi aa raha h
nal nhi aa raha h or 500 rs liya h or yu kh ki kam chal raha h or kam khi nhi chal raha h
    user_Veersing Yogi
    Veersing Yogi
    हिंडौन, करौली, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • आंगई थाना पुलिस ने अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है आंगई थाना पुलिस ने अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है
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    आंगई थाना पुलिस ने अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है
आंगई थाना पुलिस ने अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है
    user_Bahid Khan
    Bahid Khan
    Local News Reporter सरमथुरा, धौलपुर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • कोटा मंडल की रेलकर्मी निधि रानी करेंगी कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय टीम में चयन रेलवे और देश का बढ़ाया मान
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    कोटा मंडल की रेलकर्मी निधि रानी करेंगी कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय टीम में चयन रेलवे और देश का बढ़ाया मान
    user_Anil Kumar journalist
    Anil Kumar journalist
    Rajasthan TV news buro chief Gangapur, Sawai Madhopur•
    20 hrs ago
  • सेपऊ आरी गांव की बदहाली पर भड़के युवा राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा धौलपुर जिले के आरी गांव में जर्जर स्कूल भवन,अध्यापकों की भारी कमी, ठप पड़ी पेयजल योजना और खस्ताहाल सड़कों को लेकर श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत संगठन पूरी तरह से आक्रामक रुख में आ गया है। ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत के धौलपुर जिलाध्यक्ष सुखवेन्द्र सिंह परमार के नेतृत्व में प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ जोरदार हुंकार भरी गई। श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत संगठन के जिलाध्यक्ष सुखवेन्द्र सिंह परमार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रशासनिक अधिकारियों उपखंड अधिकारी जिला शिक्षा अधिकारी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को सीधा स्कूल परिसर में ही तलब कर लिया। श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत जिलाध्यक्ष सुखवेन्द्र सिंह परमार ने दो टूक लहजे में कहा कि बच्चों के भविष्य और ग्रामीणों के हक से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत के जिलाध्यक्ष सुखवेन्द्र सिंह परमार ने प्रशासन को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा, "यदि 15 दिन के भीतर आरी गांव के स्कूल की व्यवस्था सुधारने, पर्याप्त शिक्षकों की तैनाती और पेयजल व सड़कों का समाधान शुरू नहीं हुआ, तो श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत ग्रामीणों के साथ मिलकर 15 दिन बाद आरी गांव में ऐतिहासिक उग्र आंदोलन करेगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। सैपऊ *आरी गांव की बदहाली पर भड़के युवा राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता जिलाध्यक्ष सुखवेन्द्र सिंह परमार ने दी 15 दिन में उग्र आंदोलन की चेतावनी* धौलपुर जिले के आरी गांव में जर्जर स्कूल भवन,अध्यापकों की भारी कमी, ठप पड़ी पेयजल योजना और खस्ताहाल सड़कों को लेकर श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत संगठन पूरी तरह से आक्रामक रुख में आ गया है। ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत के धौलपुर जिलाध्यक्ष सुखवेन्द्र सिंह परमार के नेतृत्व में प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ जोरदार हुंकार भरी गई। श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत संगठन के जिलाध्यक्ष सुखवेन्द्र सिंह परमार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रशासनिक अधिकारियों उपखंड अधिकारी जिला शिक्षा अधिकारी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को सीधा स्कूल परिसर में ही तलब कर लिया। श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत जिलाध्यक्ष सुखवेन्द्र सिंह परमार ने दो टूक लहजे में कहा कि बच्चों के भविष्य और ग्रामीणों के हक से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत के जिलाध्यक्ष सुखवेन्द्र सिंह परमार ने प्रशासन को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा, "यदि 15 दिन के भीतर आरी गांव के स्कूल की व्यवस्था सुधारने, पर्याप्त शिक्षकों की तैनाती और पेयजल व सड़कों का समाधान शुरू नहीं हुआ, तो श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत ग्रामीणों के साथ मिलकर 15 दिन बाद आरी गांव में ऐतिहासिक उग्र आंदोलन करेगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
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    सेपऊ आरी गांव की बदहाली पर  भड़के युवा राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा

धौलपुर जिले के आरी गांव में जर्जर स्कूल भवन,अध्यापकों की भारी कमी, ठप पड़ी पेयजल योजना और खस्ताहाल सड़कों को लेकर श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत संगठन पूरी तरह से आक्रामक रुख में आ गया है। ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत के धौलपुर जिलाध्यक्ष सुखवेन्द्र सिंह परमार के नेतृत्व में प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ जोरदार हुंकार भरी गई। श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत संगठन के जिलाध्यक्ष सुखवेन्द्र सिंह परमार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रशासनिक अधिकारियों उपखंड अधिकारी जिला शिक्षा अधिकारी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को सीधा स्कूल परिसर में ही तलब कर लिया। श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत जिलाध्यक्ष सुखवेन्द्र सिंह परमार ने दो टूक लहजे में कहा कि बच्चों के भविष्य और ग्रामीणों के हक से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत के जिलाध्यक्ष सुखवेन्द्र सिंह परमार ने प्रशासन को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा, "यदि 15 दिन के भीतर आरी गांव के स्कूल की व्यवस्था सुधारने, पर्याप्त शिक्षकों की तैनाती और पेयजल व सड़कों का समाधान शुरू नहीं हुआ, तो श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत ग्रामीणों के साथ मिलकर 15 दिन बाद आरी गांव में ऐतिहासिक उग्र आंदोलन करेगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
सैपऊ
*आरी गांव की बदहाली पर  भड़के युवा राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता जिलाध्यक्ष सुखवेन्द्र सिंह परमार ने दी 15 दिन में उग्र आंदोलन की चेतावनी*
धौलपुर जिले के आरी गांव में जर्जर स्कूल भवन,अध्यापकों की भारी कमी, ठप पड़ी पेयजल योजना और खस्ताहाल सड़कों को लेकर श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत संगठन पूरी तरह से आक्रामक रुख में आ गया है। ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत के धौलपुर जिलाध्यक्ष सुखवेन्द्र सिंह परमार के नेतृत्व में प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ जोरदार हुंकार भरी गई। श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत संगठन के जिलाध्यक्ष सुखवेन्द्र सिंह परमार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रशासनिक अधिकारियों उपखंड अधिकारी जिला शिक्षा अधिकारी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को सीधा स्कूल परिसर में ही तलब कर लिया। श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत जिलाध्यक्ष सुखवेन्द्र सिंह परमार ने दो टूक लहजे में कहा कि बच्चों के भविष्य और ग्रामीणों के हक से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत के जिलाध्यक्ष सुखवेन्द्र सिंह परमार ने प्रशासन को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा, "यदि 15 दिन के भीतर आरी गांव के स्कूल की व्यवस्था सुधारने, पर्याप्त शिक्षकों की तैनाती और पेयजल व सड़कों का समाधान शुरू नहीं हुआ, तो श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत ग्रामीणों के साथ मिलकर 15 दिन बाद आरी गांव में ऐतिहासिक उग्र आंदोलन करेगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
    user_Bahid Khan
    Bahid Khan
    Local News Reporter सरमथुरा, धौलपुर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • बीजेपी ने अपनी मनमानी से संविधान में कुछ आरक्षण को कम करना चाहते हैं बीजेपी के लिए भीम आर्मी तैयार है जिसको भी संविधान को आरक्षण काम करना चाहते हैं तो भीम आर्मी से नहीं छूटेगा उसका लीडर है चंद्रशेखर रावण
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    बीजेपी ने अपनी मनमानी से संविधान में कुछ आरक्षण को कम करना चाहते हैं
बीजेपी के लिए भीम आर्मी तैयार है जिसको भी संविधान को आरक्षण काम करना चाहते हैं तो भीम आर्मी से नहीं छूटेगा उसका लीडर है चंद्रशेखर रावण
    user_कुंजेला की समस्या
    कुंजेला की समस्या
    Roofing Service नादोती, करौली, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • उप प्राचार्यों ने पदोन्नति विवाद में सरकार से एसएलपी दायर करने की मांग मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की जताई आशंका गंगापुर सिटी। राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद (उप प्राचार्य) एवं यथावत उप प्राचार्य संघर्ष समिति राजस्थान के पदाधिकारियों ने गुरुवार को मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर राजस्थान हाईकोर्ट के निर्णय के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर करने की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि हाईकोर्ट के निर्णय के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग की पदोन्नति एवं पदस्थापन प्रक्रिया पर व्यापक प्रभाव पड़ा है। इससे प्रदेश के करीब 11 हजार वरिष्ठ उप प्राचार्यों, व्याख्याताओं और बना कॉमर्स प्रवर अध्यापकों के सेवा हित प्रभावित हो रहे हैं।पदाधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में कार्यरत उप प्राचार्यों ने विभागीय नियमों के तहत पदोन्नति प्राप्त की है और यदि पदोन्नति निरस्त होती है तो हजारों कर्मचारियों के सेवा अधिकार, वरिष्ठता, पदस्थापन और प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होगी। ज्ञापन में सरकार से निर्णय के विरुद्ध शीघ्र एसएलपी दायर करने, अंतिम निर्णय तक यथास्थिति बनाए रखने, पदोन्नति प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों के सेवा अधिकार सुरक्षित रखने तथा विद्यालयों में चल रही व्यवस्थाओं को प्रभावित नहीं होने देने की मांग की गई। साथ ही कहा गया कि जिन विद्यालयों में उप प्राचार्य के पद रिक्त हैं, वहां नियमित पदस्थापन होने तक व्याख्याताओं को समायोजित कर शिक्षण व्यवस्था सुचारु रखी जाए। पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार समय रहते सकारात्मक निर्णय लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करे, ताकि कर्मचारियों के हितों की रक्षा के साथ प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक स्थिरता बनी रहे।
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    उप प्राचार्यों ने पदोन्नति विवाद में सरकार से एसएलपी दायर करने की मांग
मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की जताई आशंका
गंगापुर सिटी।
राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद (उप प्राचार्य) एवं यथावत उप प्राचार्य संघर्ष समिति राजस्थान के पदाधिकारियों ने गुरुवार को मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर राजस्थान हाईकोर्ट के निर्णय के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर करने की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि हाईकोर्ट के निर्णय के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग की पदोन्नति एवं पदस्थापन प्रक्रिया पर व्यापक प्रभाव पड़ा है। इससे प्रदेश के करीब 11 हजार वरिष्ठ उप प्राचार्यों, व्याख्याताओं और बना कॉमर्स प्रवर अध्यापकों के सेवा हित प्रभावित हो रहे हैं।पदाधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में कार्यरत उप प्राचार्यों ने विभागीय नियमों के तहत पदोन्नति प्राप्त की है और यदि पदोन्नति निरस्त होती है तो हजारों कर्मचारियों के सेवा अधिकार, वरिष्ठता, पदस्थापन और प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होगी। 
ज्ञापन में सरकार से निर्णय के विरुद्ध शीघ्र एसएलपी दायर करने, अंतिम निर्णय तक यथास्थिति बनाए रखने, पदोन्नति प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों के सेवा अधिकार सुरक्षित रखने तथा विद्यालयों में चल रही व्यवस्थाओं को प्रभावित नहीं होने देने की मांग की गई। साथ ही कहा गया कि जिन विद्यालयों में उप प्राचार्य के पद रिक्त हैं, वहां नियमित पदस्थापन होने तक व्याख्याताओं को समायोजित कर शिक्षण व्यवस्था सुचारु रखी जाए। पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार समय रहते सकारात्मक निर्णय लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करे, ताकि कर्मचारियों के हितों की रक्षा के साथ प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक स्थिरता बनी रहे।
    user_Uttam Kumar Meena
    Uttam Kumar Meena
    Media and information sciences faculty गंगापुर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
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