उप प्राचार्यों ने पदोन्नति विवाद में सरकार से एसएलपी दायर करने की मांग मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की जताई आशंका गंगापुर सिटी। राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद (उप प्राचार्य) एवं यथावत उप प्राचार्य संघर्ष समिति राजस्थान के पदाधिकारियों ने गुरुवार को मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर राजस्थान हाईकोर्ट के निर्णय के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर करने की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि हाईकोर्ट के निर्णय के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग की पदोन्नति एवं पदस्थापन प्रक्रिया पर व्यापक प्रभाव पड़ा है। इससे प्रदेश के करीब 11 हजार वरिष्ठ उप प्राचार्यों, व्याख्याताओं और बना कॉमर्स प्रवर अध्यापकों के सेवा हित प्रभावित हो रहे हैं।पदाधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में कार्यरत उप प्राचार्यों ने विभागीय नियमों के तहत पदोन्नति प्राप्त की है और यदि पदोन्नति निरस्त होती है तो हजारों कर्मचारियों के सेवा अधिकार, वरिष्ठता, पदस्थापन और प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होगी। ज्ञापन में सरकार से निर्णय के विरुद्ध शीघ्र एसएलपी दायर करने, अंतिम निर्णय तक यथास्थिति बनाए रखने, पदोन्नति प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों के सेवा अधिकार सुरक्षित रखने तथा विद्यालयों में चल रही व्यवस्थाओं को प्रभावित नहीं होने देने की मांग की गई। साथ ही कहा गया कि जिन विद्यालयों में उप प्राचार्य के पद रिक्त हैं, वहां नियमित पदस्थापन होने तक व्याख्याताओं को समायोजित कर शिक्षण व्यवस्था सुचारु रखी जाए। पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार समय रहते सकारात्मक निर्णय लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करे, ताकि कर्मचारियों के हितों की रक्षा के साथ प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक स्थिरता बनी रहे।
उप प्राचार्यों ने पदोन्नति विवाद में सरकार से एसएलपी दायर करने की मांग मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की जताई आशंका गंगापुर सिटी। राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद (उप प्राचार्य) एवं यथावत उप प्राचार्य संघर्ष समिति राजस्थान के पदाधिकारियों ने गुरुवार को मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर राजस्थान हाईकोर्ट के निर्णय के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर करने की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि हाईकोर्ट के निर्णय के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग की पदोन्नति एवं पदस्थापन प्रक्रिया पर व्यापक प्रभाव पड़ा है। इससे प्रदेश के करीब 11 हजार वरिष्ठ उप प्राचार्यों, व्याख्याताओं और बना कॉमर्स प्रवर अध्यापकों के सेवा हित प्रभावित हो रहे हैं।पदाधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में कार्यरत उप प्राचार्यों ने विभागीय नियमों के तहत पदोन्नति प्राप्त की है और यदि पदोन्नति निरस्त होती है तो हजारों कर्मचारियों के सेवा अधिकार, वरिष्ठता, पदस्थापन और प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होगी। ज्ञापन में सरकार से निर्णय के विरुद्ध शीघ्र एसएलपी दायर करने, अंतिम निर्णय तक यथास्थिति बनाए रखने, पदोन्नति प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों के सेवा अधिकार सुरक्षित रखने तथा विद्यालयों में चल रही व्यवस्थाओं को प्रभावित नहीं होने देने की मांग की गई। साथ ही कहा गया कि जिन विद्यालयों में उप प्राचार्य के पद रिक्त हैं, वहां नियमित पदस्थापन होने तक व्याख्याताओं को समायोजित कर शिक्षण व्यवस्था सुचारु रखी जाए। पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार समय रहते सकारात्मक निर्णय लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करे, ताकि कर्मचारियों के हितों की रक्षा के साथ प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक स्थिरता बनी रहे।
- गंगापुर सिटी विश्व मंच पर गुंजा भारत का नाम राहुल शर्मा ने विश्व रिकॉर्ड के साथ जीता स्वर्ण पदक टीम स्पर्धा में दिलाया रजत पदक1
- भू-माफियाओं की दबंगई से मिर्जापुर में आक्रोश: स्कूल व श्मशान का रास्ता किया बंद, एएसपी को सौंपा ज्ञापन भू-माफियाओं की दबंगई से मिर्जापुर में आक्रोश: स्कूल व श्मशान का रास्ता किया बंद, एएसपी को सौंपा ज्ञापन रास्ता नहीं खुला तो उग्र आंदोलन और चक्का जाम की दी चेतावनी गंगापुर सिटी / सवाई माधोपुर गंगापुर सिटी तहसील के ग्राम मिर्जापुर (रेगर बस्ती, वार्ड नं. 5) में भू-माफियाओं के बढ़ते हौसलों और अवैध प्लॉटिंग के खेल ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है। सदियों पुराने कदीमी देवी-देवताओं के स्थान, सरकारी स्कूल और श्मशान घाट जाने वाले आम रास्ते को दबंगों द्वारा अवैध रूप से बंद किए जाने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (गंगापुर सिटी) को शिकायती पत्र सौंपकर कड़ा रुख अपनाया है। 100 साल पुराना रास्ता बंद, मासूमों का स्कूल जाना हुआ ठप ग्रामीणों का आरोप है कि भू-माफियाओं ने कदीमी धार्मिक स्थल की जमीन को मनमाने तरीके से आबादी क्षेत्र में दर्शाते हुए अवैध प्लॉटिंग का नक्शा पास करा लिया और रातों-रात मुख्य रास्ते को अवरुद्ध कर दिया। नौनिहालों पर आफत: रास्ता बंद होने से मासूम बच्चों का सरकारी स्कूल जाना लगभग बंद हो गया है। धार्मिक आस्था पर प्रहार: रेगर समाज के आस्था केंद्र और देवी-देवताओं के स्थान पर पूजा-अर्चना पूरी तरह बाधित हो गई है। अंतिम यात्रा भी दुश्वार: श्मशान घाट जाने का इकलौता मार्ग बंद होने से गांव में भारी आक्रोश व्याप्त है। 500 के स्टाम्प पर इकरारनामा, फिर भी किया धोखा! शिकायत पत्र के अनुसार, खसरा नंबर 502 व 503 के खातेदारों ने 27 दिसंबर 2024 को 500 रुपये के स्टाम्प पेपर पर लिखित में 1 बीघा जमीन रेगर समाज के उपयोग और रास्ते के लिए देने का इकरार किया था। लेकिन अब वादे से मुकरते हुए भू-माफिया जीतू उर्फ जितेन्द्र गुर्जर (मोतीपुरा), संजय गुप्ता (गंगापुर सिटी), लोकेश रेगर (मोतीपुरा) और नवल सिंह गुर्जर (मछिपुरा) द्वारा इकरारनामे की शर्तों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। झूठे मुकदमों की धमकी; ग्रामीणों का अल्टीमेटम: "रास्ता खोलो वरना करेंगे चक्का जाम!" हक की आवाज उठाने पर दबंगों द्वारा गांव के शिक्षित युवाओं को झूठे मुकदमों में फंसाकर उनका भविष्य बर्बाद करने की धमकियां दी जा रही हैं। दबंगई से परेशान ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है: "यदि प्रशासन ने तुरंत हस्तक्षेप कर रास्ता नहीं खुलवाया, तो पूरा गांव सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन और चक्का जाम करने को मजबूर होगा!" प्रशासन से त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग छाजू लाल, प्रेमचंद, हजारी लाल, नंदू, गोपाल, घनश्याम, रमेश, रामस्वरूप, केशव और नरेश सहित दर्जनों ग्रामीणों ने एएसपी से गुहार लगाई है कि थानाधिकारी सदर (गंगापुर सिटी) एवं उपखंड अधिकारी (SDM) को तुरंत मौके पर भेजकर निष्पक्ष कार्रवाई कराई जाए और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी शिकंजा कसा जाए।1
- विश्व आदिवासी दिवस की तैयारियों को लेकर मंथन, वृक्षारोपण से दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश बामनवास, सवाईमाधोपुर : विश्व आदिवासी दिवस की तैयारियों को लेकर मंथन, वृक्षारोपण से दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश बामनवास :बरनाला के रामसिंहपुरा पुलिस चौकी परिसर में अट्ठाईस्या के पंच-पटेल, अधिकारी, कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधियों की बैठक हुई आयोजित। चौकी प्रभारी खुशीराम मीणा के नेतृत्व में विश्व आदिवासी दिवस की तैयारियों पर किया गया विचार-विमर्श तथा वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का भी दिया गया संदेश। बैठक में 9 अगस्त को ग्राम पंचायत नारोली चौड़ में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापना एवं विभिन्न कार्यक्रमों में भागीदारी की तय की गई रुपरेखा।साथ ही नहर परियोजना के विरोध और मोरेल बांध से आ रहे दूषित पानी पर भी कि गई चिंता व्यक्त। कार्यक्रम का संचालन शिवचरण मीणा (प्राचार्य) ने किया तथा अध्यक्षता हरिप्रसाद मीणा सुंदरी ने की। जानकारी डॉ. शंकरलाल मीणा ने दी।3
- बीजेपी ने अपनी मनमानी से संविधान में कुछ आरक्षण को कम करना चाहते हैं बीजेपी के लिए भीम आर्मी तैयार है जिसको भी संविधान को आरक्षण काम करना चाहते हैं तो भीम आर्मी से नहीं छूटेगा उसका लीडर है चंद्रशेखर रावण1
- वी विधान सभा स्टारीय समीक्षा बैठक गांव शेरपुर में बहुजन पार्टी का नारा लगाते हुए गांव वालों ने भी जोर शोर से नारे लगाकर हौसला बढ़ाया नाये सदास्य अभिषेक डागुर2
- आम रास्ता खोलने की मांग को लेकर रैगर बस्ती के लोगों का प्रदर्शन मिनी सचिवालय पहुंचकर की नारेबाजी, तहसीलदार को ज्ञापन सौंप कार्रवाई की मांग गंगापुर सिटी। नगर परिषद के वार्ड-5 स्थित मिर्जापुर रैगर बस्ती के महिला-पुरुषों और बच्चों ने गुरुवार को आम रास्ता बंद किए जाने के विरोध में मिनी सचिवालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने भू-माफियाओं पर वर्षों पुराने सार्वजनिक रास्ते को अवरुद्ध करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बस्ती में स्थित देवी देवताओं के पूजा स्थल तक जाने वाला वर्षों पुराना आम रास्ता कथित रूप से बंद कर दिया गया है। इससे ग्रामीणों को पूजा-अर्चना के साथ ही आवागमन में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप था कि इस संबंध में प्रशासन को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में आक्रोश है। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने प्रशासन पर मिलीभगत का भी आरोप लगाया। काफी देर तक नारेबाजी और हंगामे के बाद तहसीलदार मिनीसचिवालय पहंुचे और उन्हें ज्ञापन सौंपकर रास्ते से अतिक्रमण हटाने, भूमि पर किसी प्रकार का निर्माण नहीं होने देने तथा मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि विवादित भूमि को लेकर पूर्व में हुए इकरारनामे के बावजूद कुछ लोग कथित रूप से नियमों के विपरीत कार्य कर रहे हैं। ज्ञापन में प्रशासन से संबंधित प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई कर आम रास्ता बहाल कराने की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में छाजू लाल पुत्र रघुनाथ, भगवान पुत्र रघुनाथ, राजेंद्र पुत्र रामसहाय, नेनू पुत्र रघुनाथ, गोपाल पुत्र रामकिशन, बनवारीलाल पुत्र किशोरीलाल, रमेश पुत्र पुनीराम, रामस्वरूप पुत्र छाजू लाल, केशवराम पुत्र रघुनाथ तथा रतरेश (रतरेश/रतेश) पुत्र मोहन सहित अन्य बस्तीवासी शामिल रहे।2