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मैहर में माँ जगत जननी राजराजेश्वरी माँ शारदा भवानी जी के आज शुक्रवार के प्रातः कालीन श्रृंगार के पावन दर्शन प्राप्त हुए हैं। इस खास अवसर पर देवी माँ का भव्य और आकर्षक प्रातः कालीन श्रृंगार किया गया है, जिसके दर्शन कर भक्तजन माँ शारदा का आशीर्वाद ले रहे हैं।
Satyanarayan tiwari
मैहर में माँ जगत जननी राजराजेश्वरी माँ शारदा भवानी जी के आज शुक्रवार के प्रातः कालीन श्रृंगार के पावन दर्शन प्राप्त हुए हैं। इस खास अवसर पर देवी माँ का भव्य और आकर्षक प्रातः कालीन श्रृंगार किया गया है, जिसके दर्शन कर भक्तजन माँ शारदा का आशीर्वाद ले रहे हैं।
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- मैहर में माँ जगत जननी राजराजेश्वरी माँ शारदा भवानी जी के आज शुक्रवार के प्रातः कालीन श्रृंगार के पावन दर्शन प्राप्त हुए हैं। इस खास अवसर पर देवी माँ का भव्य और आकर्षक प्रातः कालीन श्रृंगार किया गया है, जिसके दर्शन कर भक्तजन माँ शारदा का आशीर्वाद ले रहे हैं।2
- चित्रकूट धाम में रजौला से आरोग्यधाम तक लगाई गईं रोड लाइटें महज शो पीस बनकर रह गई हैं। यह स्ट्रीट लाइटें केवल तभी जगमगाती हैं जब किसी मंत्री का दौरा होता है, जबकि आम दिनों में सड़क पर चलने वाले राहगीरों, यात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए घुप अंधेरा कायम रहता है। सीसी सड़क के बीच में लगे धनुष-बाण के आकार वाली लाइटें दिन में तो दिखाई देती हैं, लेकिन रात के वक्त अंधेरे के कारण वे भी नजर नहीं आतीं। सड़कों पर पसरे इस अंधेरे के बीच, सीसी सड़क के बीचों-बीच बने सीवर लाइन के चैंबरों और गड्ढों के कारण स्थिति और भी जानलेवा बन चुकी है। इन गड्ढों और चैंबरों में गिरकर कई दोपहिया वाहन चालक घायल हो चुके हैं। इस गंभीर लापरवाही पर सवाल खड़ा हो रहा है कि हादसों का कारण बन रही इस अव्यवस्था के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है—बिजली विभाग या फिर नगर परिषद?1
- Post by BJMP जिला अध्यक्ष सतना भूपेंद्1
- मध्य प्रदेश के मैहर में जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में दिल्ली में छात्रों पर हुए बर्बरतापूर्ण बल प्रयोग और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष आदरणीय श्री राहुल गांधी जी के साथ किए गए बल प्रयोग के विरोध में एसडीएम महोदया को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया है। इसके अलावा बढ़ती महंगाई, युवाओं के रोजगार, लगातार हो रहे पेपर लीक, बदहाल शिक्षा व्यवस्था और किसानों के साथ हो रहे अन्याय को लेकर भी कांग्रेस ने पुरजोर विरोध दर्ज कराया है। ज्ञापन में कहा गया है कि दिल्ली में अपने अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा की मांग कर रहे छात्रों पर जिस तरह बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज और बल प्रयोग किया गया, वह लोकतंत्र की भावना के पूरी तरह विपरीत है। वहीं, छात्रों के समर्थन में पहुंचे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी के साथ किया गया बल प्रयोग भी अत्यंत निंदनीय है। आज देश का युवा रोजगार के गंभीर संकट से जूझ रहा है और प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार हो रहे पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। इसके साथ ही बदहाल शिक्षा व्यवस्था विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है, जबकि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। बढ़ती महंगाई ने आम जनता का जीवन कठिन बना दिया है और किसान अपनी उपज के उचित मूल्य, खाद-बीज, सिंचाई तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए आज भी संघर्ष कर रहे हैं। कांग्रेस ने एसडीएम से अनुरोध किया है कि इस ज्ञापन को राष्ट्रपति और भारत सरकार तक प्रेषित कर जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।1
- Post by खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़1
- मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में केसला ब्लॉक के सुखतवा क्षेत्र स्थित छींदापानी भीलट देव जंगल में अपनी गाय लेने गए 16 वर्षीय छात्र विकलेश कासदे पर झाड़ियों में छिपे भालू ने हमला कर दिया। गुरुवार शाम करीब 5 बजे 11वीं कक्षा का छात्र विकलेश जंगल गया था, तभी अचानक 4 से 5 फीट ऊंचा भालू उस पर झपट पड़ा। भालू ने छात्र को जमीन पर गिराकर करीब 4 से 5 मिनट तक पंजों और दांतों से नोचा, जिससे उसके पेट और पैर पर गहरे घाव हो गए। हमले के दौरान विकलेश के साथ मौजूद उसके पालतू कुत्ते ने अदम्य साहस दिखाते हुए भालू पर लगातार भौंकना और झपटना शुरू कर दिया। कुत्ते के आक्रामक रुख से घबराकर भालू छात्र को छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला। भालू के जाने के बाद घायल छात्र ने फोन करके अपने पिता को घटना की जानकारी दी। जंगल से घर 2 किलोमीटर दूर होने के कारण परिजन और ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और उसे इटारसी के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी शासकीय सिविल अस्पताल ले गए, जहां रात 10 बजे ड्यूटी डॉक्टर डॉ. अनिकेत सिंह ने छात्र के पेट व पैर के घावों पर 30 टांके लगाए। प्राथमिक उपचार के बाद छात्र की हालत स्थिर और खतरे से बाहर बताई जा रही है। घायल छात्र के पिता रमेश कासदे मजदूरी करके अपने 5 बच्चों के परिवार का पालन-पोषण करते हैं, जिनमें विकलेश चौथे नंबर का बेटा है। इस हादसे के बाद पीड़ित मजदूर परिवार ने वन विभाग से आर्थिक सहायता प्रदान करने और क्षेत्र में वन्यजीवों के बढ़ते आतंक से ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए पुख्ता कदम उठाने की मांग की है।1