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छतरपुर शहर की एक हीरो एजेंसी के कर्मचारी ने नौकरी छोड़ने के बाद बकाया वेतन न मिलने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि काम छोड़ने के बावजूद उसका ₹8500 का बकाया वेतन उसे नहीं दिया गया है। कई बार वेतन की मांग करने के बाद भी जब भुगतान नहीं हुआ, तो परेशान होकर पीड़ित सिटी कोतवाली पुलिस थाने पहुंचा। वहां उसने लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Bharat Junction News
छतरपुर शहर की एक हीरो एजेंसी के कर्मचारी ने नौकरी छोड़ने के बाद बकाया वेतन न मिलने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि काम छोड़ने के बावजूद उसका ₹8500 का बकाया वेतन उसे नहीं दिया गया है। कई बार वेतन की मांग करने के बाद भी जब भुगतान नहीं हुआ, तो परेशान होकर पीड़ित सिटी कोतवाली पुलिस थाने पहुंचा। वहां उसने लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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- छतरपुर जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के बरद्वाहा गांव की रहने वाली एक महिला ने एसपी कार्यालय पहुंचकर जमीन की रजिस्ट्री में कथित धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता का आरोप है कि उससे 0.171 हेक्टेयर जमीन की रजिस्ट्री कराने के नाम पर धोखे से करीब 3 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री करा ली गई। महिला का कहना है कि वह अनपढ़ है और आरोपियों ने इसी बात का फायदा उठाकर उसे पूरी तरह गुमराह किया। इस पूरे मामले का खुलासा रजिस्ट्री के लगभग 10 दिन बाद हुआ, जब पीड़िता को इस बड़ी धोखाधड़ी की जानकारी मिली। इसके तुरंत बाद वह न्याय की गुहार लेकर एसपी कार्यालय पहुंची और मामले की शिकायत करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- छतरपुर शहर की एक हीरो एजेंसी में काम करने वाले कर्मचारी ने वेतन न मिलने का आरोप लगाते हुए सिटी कोतवाली में लिखित आवेदन दिया है। पीड़ित कर्मचारी का कहना है कि उसने एजेंसी में काम किया था, लेकिन नौकरी छोड़ने के बाद भी उसका ₹8500 का वेतन अब तक नहीं दिया गया है। पीड़ित के अनुसार, उसने कई बार एजेंसी संचालक से अपने बकाया वेतन की मांग की, लेकिन हर बार बात को टाल दिया गया। परेशान होकर आखिरकार उसने सिटी कोतवाली में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है और अपना बकाया वेतन दिलाने की मांग की है। फिलहाल, पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की बात कही है।1
- छतरपुर के जिला पंचायत सभाकक्ष में आज 13 जुलाई को सुबह करीब 11:30 बजे कलेक्टर पार्थ जैसवाल की अध्यक्षता में 'मेरा युवा भारत' जिला सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के अधिक से अधिक युवाओं का पोर्टल पर पंजीयन कराने, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने और वार्षिक कार्ययोजना के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने स्तर पर युवाओं का पंजीयन सुनिश्चित करें। बैठक में जिला पंचायत के सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, अपर कलेक्टर विनय द्विवेदी, जिला युवा अधिकारी मयंक पाठक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।1
- छतरपुर के नौगांव में पुलिस ने अर्जुन पैलेस के समीप स्थित एक गल्ले की दुकान में चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरी कार्रवाई को नौगांव एसडीओपी अमित मेश्राम के मार्गदर्शन में नौगांव थाना प्रभारी संजय राय और उनकी पुलिस टीम द्वारा सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।1
- छतरपुर में प्रेम विवाह करने वाले एक युवक-युवती ने अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। दंपति का आरोप है कि उनके परिवार के लोग इस विवाह से नाराज हैं और उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी देने के साथ-साथ गाली-गलौज कर रहे हैं। आवेदन के मुताबिक, छतरपुर के सटई रोड स्थित लक्ष्मण कॉलोनी, वार्ड क्रमांक 33 के रहने वाले 22 वर्षीय नरेंद्र साहू और रोशिता उर्फ सविता कुशवाहा ने अपनी मर्जी से पहले महावीर मंदिर में विवाह किया और इसके बाद कोर्ट मैरिज भी की। दोनों का कहना है कि वे बालिग हैं और अपनी मर्जी से पति-पत्नी के रूप में एक साथ रह रहे हैं। दंपति ने पुलिस अधीक्षक को सौंपे आवेदन में आरोप लगाया है कि युवती के माता-पिता, भाई और अन्य परिजन इस शादी से नाखुश हैं, जिससे उन्हें अपनी जान-माल का खतरा सता रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि यदि भविष्य में परिजनों द्वारा पति के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।2
- छतरपुर जिले के नौगांव अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लुगासी में डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि इस केंद्र पर तैनात एमबीबीएस डॉक्टर अपनी ऑन-ड्यूटी के दौरान कभी भी अस्पताल में नहीं मिलते हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि रिकॉर्ड के अनुसार डॉक्टरों की ड्यूटी रजिस्टर में 'ऑन' दिखाई देती है, लेकिन धरातल पर उनकी कार्यशैली बिल्कुल इसके विपरीत बनी हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक, लुगासी का यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वैसे तो तमाम आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है, लेकिन डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण स्थानीय लोग इन सुविधाओं का लाभ उठाने से पूरी तरह वंचित हैं। इस अव्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने तीखा सवाल खड़ा किया है कि आखिर इस बदहाली का जिम्मेदार कौन है? उनका सीधा आरोप है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लुगासी में खुलेआम कलेक्टर महोदय के दिशा-निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।3
- दतिया विधानसभा में पूर्व गृहमंत्री के 'दुख' और उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों पर बेहद तीखा और व्यंग्यात्मक तंज कसा गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक रील का हवाला देते हुए कहा गया है कि दादा के आंसू थम नहीं रहे हैं और माननीय पूर्व गृहमंत्री जी का यह दुख अब उनसे देखा नहीं जा रहा है। क्षेत्र के विकास की हकीकत पर सीधा हमला बोलते हुए कहा गया है कि दतिया के गांवों का युवा भले ही घोर गरीबी में जिंदगी गुजार रहा हो और उसकी मां को दो किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता हो, लेकिन पूर्व गृहमंत्री जी ने उसे पिस्टल का लाइसेंस जरूर दे दिया है। व्यंग्य के लहजे में लिखा गया है कि इस पिस्टल से महज एक फायर करने से ही दबा-कुचला दलित और आदिवासी व्यक्ति खुद ही उनके घर पर पानी भरने लगता है। इस स्थिति पर गहरी निराशा और कटाक्ष करते हुए लेखक ने कहा है कि इस हकीकत को देखकर उनका दुख भी नहीं रुक रहा है और उनके आंसू भी लगातार बह रहे हैं।1
- छतरपुर शहर की एक हीरो एजेंसी के कर्मचारी ने नौकरी छोड़ने के बाद बकाया वेतन न मिलने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि काम छोड़ने के बावजूद उसका ₹8500 का बकाया वेतन उसे नहीं दिया गया है। कई बार वेतन की मांग करने के बाद भी जब भुगतान नहीं हुआ, तो परेशान होकर पीड़ित सिटी कोतवाली पुलिस थाने पहुंचा। वहां उसने लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।1